OYO की पैरेंट कंपनी PRISM ने अपने बोर्ड में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व SEBI चेयरमैन Ajay Tyagi को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब कंपनी IPO की तैयारी में जुटी हुई है और अपने कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। बाजार विशेषज्ञ इस कदम को पब्लिक लिस्टिंग से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
👨⚖️ कौन हैं अजय त्यागी?
अजय त्यागी 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और भारत सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं।
उन्होंने 2017 से 2022 तक Securities and Exchange Board of India (SEBI) के चेयरमैन के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के पूंजी बाजार, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, निवेशक सुरक्षा और प्राइमरी व सेकेंडरी मार्केट की निगरानी की जिम्मेदारी संभाली।
उनके नेतृत्व में SEBI ने IPO नियमों, लिस्टिंग डिस्क्लोजर और कॉर्पोरेट गवर्नेंस मानकों को और सख्त बनाया।
SEBI से पहले त्यागी वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (Department of Economic Affairs) में अतिरिक्त सचिव (Additional Secretary) रह चुके हैं। वहां उन्होंने कैपिटल मार्केट, निवेश नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग और दिवालिया कानून (Bankruptcy Law) जैसे अहम क्षेत्रों को संभाला।
वर्तमान में वह कई कंपनियों के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में भी कार्यरत हैं।
🏢 PRISM के बोर्ड में कौन-कौन?
PRISM के बोर्ड में पहले से कई अनुभवी सदस्य शामिल हैं, जिनमें:
- William Steve Albrecht
- Troy Matthew Alstead
- Deepa Malik
- Bejul Somaia
- Sumer Juneja
- Aditya Ghosh
जैसे नाम शामिल हैं।
अजय त्यागी के जुड़ने से बोर्ड में रेगुलेटरी और गवर्नेंस एक्सपर्टीज और मजबूत होगी।
🌍 35+ देशों में मौजूदगी
PRISM, OYO ब्रांड के तहत दुनिया भर में होटल और होम स्टे ऑपरेशंस चलाती है।
कंपनी के पास:
- 22,000 से अधिक होटल स्टोरफ्रंट्स
- 1,23,000 से अधिक होम स्टोरफ्रंट्स
- 35 से अधिक देशों में ऑपरेशन
यह वैश्विक उपस्थिति कंपनी को हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक बड़ा खिलाड़ी बनाती है।
📄 IPO की तैयारी
PRISM ने पिछले साल दिसंबर में SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट IPO पेपर्स दाखिल किए थे।
अब, पूर्व SEBI चेयरमैन को बोर्ड में शामिल करना इस दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
IPO से पहले कंपनियां आमतौर पर अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों और अनुभवी पेशेवरों को शामिल करती हैं ताकि पारदर्शिता और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया जा सके।
📊 Q1 FY26 में शानदार प्रदर्शन
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन दिखाया है।
जून 2025 को समाप्त तिमाही (Q1 FY26) में PRISM ने:
- 2,019 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया
- 200 करोड़ रुपये से अधिक का नेट प्रॉफिट कमाया
यह आंकड़े संकेत देते हैं कि कंपनी अब प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर आगे बढ़ रही है, जो IPO से पहले एक सकारात्मक संकेत है।
🔎 क्यों अहम है यह नियुक्ति?
अजय त्यागी जैसे अनुभवी रेगुलेटर का बोर्ड में शामिल होना कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
1️⃣ IPO प्रक्रिया में रेगुलेटरी मार्गदर्शन
2️⃣ निवेशकों का भरोसा मजबूत करना
3️⃣ कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाना
4️⃣ जोखिम प्रबंधन और अनुपालन (Compliance) को मजबूत करना
विशेषज्ञों का मानना है कि पब्लिक मार्केट में एंट्री से पहले यह कदम कंपनी की छवि को मजबूत करेगा।
🏨 OYO की वापसी की कहानी
पिछले कुछ वर्षों में OYO ने कई चुनौतियों का सामना किया — खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान।
लेकिन अब कंपनी ने लागत नियंत्रण, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और बेहतर ऑपरेशनल स्ट्रक्चर के जरिए अपने बिजनेस मॉडल को फिर से मजबूत किया है।
Q1 FY26 में दर्ज मुनाफा इस बदलाव का संकेत देता है।
📝 निष्कर्ष
PRISM द्वारा अजय त्यागी को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाना सिर्फ एक बोर्ड नियुक्ति नहीं, बल्कि IPO से पहले गवर्नेंस को मजबूत करने की रणनीतिक पहल है।
35 से अधिक देशों में मौजूदगी और हालिया मुनाफे के साथ कंपनी पब्लिक मार्केट में एंट्री के लिए खुद को तैयार कर रही है।
अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि PRISM कब औपचारिक रूप से अपना IPO लॉन्च करती है और निवेशकों से कितना रिस्पॉन्स मिलता है।
फिलहाल, यह नियुक्ति संकेत देती है कि कंपनी पारदर्शिता और नियामकीय मजबूती के साथ अपने अगले बड़े कदम की ओर बढ़ रही है। 🚀
Read more :📈 Wint Wealth की FY25 में 2.6X ग्रोथ,











