Amazon Seller Services और Amazon Transport Services merger

Amazon

💡 भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर में Amazon का रणनीतिक कदम

ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon अपने भारतीय बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। कंपनी ने Amazon Seller Services और Amazon Transport Services को मर्ज करने (विलय) का फैसला लिया है। इस फैसले से Amazon का संचालन पहले से अधिक प्रभावी और संगठित होने की उम्मीद है।

👉 Amazon इस विलय के तहत:
Amazon Seller Services “ट्रांसफरी” (Transferee) के रूप में कार्य करेगा
Amazon Transport Services “ट्रांसफरर” (Transferor) होगा
PwC (PricewaterhouseCoopers) को शेयर एक्सचेंज अनुपात निर्धारित करने के लिए नियुक्त किया गया है

🛍️ Amazon Seller Services: भारत में कंपनी का ई-कॉमर्स बाजार

Amazon Seller Services को 2013 में लॉन्च किया गया था, जब Amazon ने भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में अपने विस्तार की योजना बनाई थी।

📌 Seller Services की मुख्य जिम्मेदारियां:
भारत में थर्ड-पार्टी सेलर्स को Amazon प्लेटफॉर्म पर अपने प्रोडक्ट्स लिस्ट और बेचने में सहायता करना
एक भरोसेमंद और मजबूत ऑनलाइन मार्केटप्लेस बनाना
लॉजिस्टिक्स और सेल्स सपोर्ट प्रदान करके व्यापार को आसान बनाना

🚚 Amazon Transport Services: डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सिस्टम का केंद्र

Amazon Transport Services (ATS) की स्थापना 2015 में हुई थी। यह Amazon की लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सर्विसेज का संचालन करता है।

📌 ATS की मुख्य जिम्मेदारियां:
Amazon ऑर्डर्स की तेज और सुचारू डिलीवरी सुनिश्चित करना
भारत में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाना
सप्लाई चेन को कुशल बनाकर ग्राहकों को बेहतर सेवा देना

अब तक, दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही थीं। लेकिन इस मर्जर के बाद Amazon के भारतीय परिचालन को एकीकृत रूप से चलाने में मदद मिलेगी।


🔄 विलय का कारण और प्रभाव

💡 यह विलय क्यों हो रहा है?

📌 Amazon इस विलय के जरिए अपने भारतीय संचालन को अधिक प्रभावी बनाना चाहता है।

🔹 बेहतर तालमेल: Seller Services और Transport Services के एक साथ काम करने से संचालन सुचारू होगा।
🔹 ऑपरेशन लागत में कटौती: दो स्वतंत्र कंपनियों के बजाय एकीकृत प्रणाली बनाना अधिक किफायती होगा।
🔹 डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स में सुधार: ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सेवा में तेजी और पारदर्शिता लाई जाएगी।

📊 संभावित प्रभाव:

ऑर्डर डिलीवरी की स्पीड और गुणवत्ता में सुधार होगा
थर्ड-पार्टी सेलर्स को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिलेगा
Amazon के ओवरऑल ऑपरेशंस में लागत की बचत होगी
ग्राहकों को अधिक तेज़ और बेहतर सेवा मिलने की संभावना है


📢 Amazon ने ‘Renewed’ प्लेटफॉर्म को बंद करने का फैसला किया

इस बीच, Amazon ने अपने ‘Renewed’ प्लेटफॉर्म को बंद करने का निर्णय लिया है।

👉 ‘Renewed’ प्लेटफॉर्म क्या था?
यह एक Refurbished (पुनर्निर्मित) प्रोडक्ट्स प्लेटफॉर्म था, जहां थर्ड-पार्टी सेलर्स पुरानी और रीफर्बिश्ड इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य प्रोडक्ट्स बेच सकते थे।

📌 Amazon का निर्णय:
‘Renewed’ प्लेटफॉर्म अब बाहरी सेलर्स (External Sellers) के लिए बंद कर दिया गया है
Amazon ने “बढ़ती चुनौतियों” का हवाला देते हुए इसे बंद किया
Entrackr ने सबसे पहले इस खबर को रिपोर्ट किया

🔹 क्या यह बदलाव Amazon के लॉन्ग-टर्म बिजनेस प्लान का हिस्सा हैं? यह देखने वाली बात होगी।


🤔 इस बदलाव से Amazon India को क्या फायदा होगा?

📌 Amazon की नई रणनीति:

Amazon का यह विलय कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और संचालन सुधारने के लिए किया जा रहा है।

📌 संभावित फायदे:
सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन अधिक संगठित और मजबूत होंगे
डिलीवरी टाइम और ग्राहक संतुष्टि में सुधार होगा
Amazon की ओवरऑल लागत में कमी आएगी और ऑपरेशन अधिक कुशल होगा

📢 Amazon ने अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी

Amazon को 11 मार्च को इस संबंध में प्रतिक्रिया देने के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

👉 क्या यह बदलाव भारतीय ई-कॉमर्स बाजार पर असर डालेगा? हमें आपके विचार कमेंट में बताएं! ⬇️

Read more :Ayana Renewable ने IL&FS Mutual Fund से ₹150 करोड़ की फंडिंग जुटाई

Ayana Renewable ने IL&FS Mutual Fund से ₹150 करोड़ की फंडिंग जुटाई

Ayana Renewable

रिन्युएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Ayana Renewable ने IL&FS Mutual Fund से ₹150 करोड़ (लगभग $17.4 मिलियन) की डेट फंडिंग हासिल की है। यह निवेश ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने हाल ही में ONGC-NTPC ज्वाइंट वेंचर के साथ एक शेयर खरीद समझौता (Share Purchase Agreement) साइन किया था।

💰 Ayana Renewable फंडिंग डिटेल्स

Ayana Renewable के बोर्ड ने 1,500 नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करने के लिए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया है। प्रत्येक डिबेंचर की कीमत ₹10,00,000 होगी, जिससे कुल ₹150 करोड़ जुटाए जाएंगे।

📌 प्रमुख बिंदु:
डेट रिफाइनेंसिंग और सब्सिडियरी सपोर्ट में फंड का उपयोग होगा
रिन्युएबल प्रोजेक्ट्स के लिए लोन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को पूरा करेगा
डिबेंचर्स की अवधि 3 साल होगी, जो पहले ड्रॉडाउन की तारीख से लागू होगी


🌿 Ayana Renewable का बिजनेस मॉडल और विस्तार

Ayana Renewable एक एसेट-हेवी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) के रूप में काम करता है, जो लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) के तहत सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित और प्रबंधित करता है।

प्रमुख क्षेत्रों में कार्य:
सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स
हाइब्रिड एनर्जी मॉडल
बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स
इक्विटी, डेट और बॉन्ड्स के माध्यम से ग्रोथ फंडिंग

👉 कंपनी अपने ऑपरेशंस को अधिक प्रभावी बनाने और एनर्जी स्टोरेज के नए अवसर तलाशने में लगी हुई है।


⚡ ONGC-NTPC का बड़ा अधिग्रहण: $2.3 बिलियन की डील

पिछले महीने, NIIF, British International Investment (BII), और Eversource Capital ने ONGC NTPC Green Pvt. Ltd. (ONGPL) के साथ एक शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement) पर हस्ताक्षर किए थे।

📌 इस डील की प्रमुख बातें:
ONGPL, ONGC Green Ltd. (OGL) और NTPC Green Energy Ltd. (NGEL) का 50:50 जॉइंट वेंचर है
ONGC-NTPC JV, Ayana Renewable का 100% अधिग्रहण करेगा
यह अधिग्रहण $2.3 बिलियन के एंटरप्राइज वैल्यू पर हुआ है
डील को पिछले हफ्ते CCI (Competition Commission of India) से मंजूरी मिल गई

👉 इस अधिग्रहण के बाद, ONGC-NTPC JV, भारत के रिन्युएबल एनर्जी सेगमेंट में एक मजबूत उपस्थिति बना सकता है।


📊 Ayana Renewable की ग्रोथ और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

📈 FY24 में कंपनी का प्रदर्शन

राजस्व (Revenue) में मामूली 4% वृद्धि हुई, जो ₹823 करोड़ से बढ़कर ₹856 करोड़ हो गया
हालांकि, लाभ (Profit) में 42.3% की भारी गिरावट आई, जो ₹78 करोड़ से घटकर ₹45 करोड़ रह गया

📌 निवेश और विस्तार

🔹 Ayana Renewable की स्थापना 2018 में British International Investment (BII) द्वारा की गई थी
🔹 अब तक, कंपनी NIIF, BII और Eversource Capital से $700 मिलियन (₹5,800 करोड़) से अधिक की फंडिंग जुटा चुकी है।
🔹 यह नया ₹150 करोड़ का डेट फंड, कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रेंथ को बढ़ाने और रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

👉 कंपनी अब ONGC-NTPC JV के तहत काम करेगी, जिससे इसे दीर्घकालिक स्थिरता और बड़े पैमाने पर विकास के अवसर मिल सकते हैं।


🔎 भारत के रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर में Ayana की भूमिका

🌱 Ayana Renewable भारत के सोलर और विंड एनर्जी ट्रांजिशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

🚀 प्रमुख पहलें:

लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) के तहत बड़े प्रोजेक्ट्स का विकास
ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी स्टोरेज में निवेश
एनर्जी ग्रिड को अधिक टिकाऊ और विश्वसनीय बनाना
मौजूदा और नए प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग जुटाना

👉 भारत सरकार की 2070 तक नेट-जीरो एमिशन (Net-Zero Emission) की योजना के तहत, Ayana Renewable जैसी कंपनियां सस्टेनेबल एनर्जी में बड़ा योगदान दे सकती हैं।


💡 क्या यह फंडिंग और अधिग्रहण Ayana के लिए गेम-चेंजर साबित होगा?

Ayana Renewable का ₹150 करोड़ का नया डेट फंडिंग राउंड और ONGC-NTPC के साथ $2.3 बिलियन की डील भारतीय रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है।

📊 क्या ONGC और NTPC का समर्थन कंपनी को भारत में टॉप रिन्युएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल कर सकता है?
📊 क्या यह नया निवेश Ayana की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाएगा?

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Read more :Purple Style Labs ने $40 मिलियन की Series E फंडिंग जुटाई,

Purple Style Labs ने $40 मिलियन की Series E फंडिंग जुटाई,

Purple Style Labs

भारत के लग्ज़री फैशन रिटेल सेक्टर में तेजी से उभरते स्टार्टअप Purple Style Labs (PSL) ने हाल ही में Series E फंडिंग राउंड में लगभग $40 मिलियन (₹332 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व SageOne Flagship Growth OE Fund, Alchemy Long Term Ventures Fund, Bajaj Holdings & Investment, और Minerva Ventures Fund ने किया।

इस फंडिंग राउंड में प्राइमरी और सेकेंडरी इन्वेस्टमेंट दोनों शामिल रहे। PSL के इस निवेश दौर में कई प्रमुख फैमिली ऑफिस, निवेश फर्मों और सेलिब्रिटी इन्वेस्टर्स ने भाग लिया।


📌 Purple Style Labs किन निवेशकों ने किया फंडिंग में योगदान?

👉 प्रमुख नए निवेशक:
🔹 SageOne Flagship Growth OE Fund
🔹 Alchemy Long Term Ventures Fund
🔹 Bajaj Holdings & Investment
🔹 Minerva Ventures Fund

👉 अन्य प्रमुख निवेशक:
🔹 S Four Capital
🔹 Sopariwala Exports
🔹 Kemfin Family Office
🔹 Cordelia Family Trust
🔹 Weikfield Family Office
🔹 Salil Taneja Family Office
🔹 PKM Capital (Mehta Family Office)
🔹 Satyen Kanoria
🔹 Ritesh Kamani
🔹 अन्य डिजाइनर्स, सेलिब्रिटी और स्पोर्ट्स पर्सनालिटीज

👉 मौजूदा निवेशकों की भागीदारी:
🔹 Singularity Growth Opportunities Fund I
🔹 Pidilite Family Office
🔹 Signet Family Office
🔹 Rupa Family Office
🔹 Kiran Gems Family Office

💡 इस फंडिंग का उपयोग कहां किया जाएगा?

Purple Style Labs के संस्थापक अभिषेक अग्रवाल के अनुसार, इस पूंजी का उपयोग कंपनी के आक्रामक विस्तार (Expansion) और ओमनीचैनल क्षमताओं (Omnichannel Capabilities) को मजबूत करने में किया जाएगा।

👉 मुख्य फोकस क्षेत्र:
✅ भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड का विस्तार
✅ स्टोर्स और डिजिटल चैनलों का इंटीग्रेशन
✅ भारतीय फैशन को ग्लोबल मार्केट में मजबूत करना


🚀 Purple Style Labs की अब तक की ग्रोथ

Purple Style Labs ने 2018 में Pernia’s Pop-Up Shop का अधिग्रहण किया था। इसके बाद, 7 साल से भी कम समय में इसे 100 गुना स्केल किया है।

📍 PSL के प्रमुख अचीवमेंट्स:
15 से अधिक एक्सपीरियंस सेंटर्स स्थापित किए
महिला एवं पुरुष परिधान, ज्वेलरी और एक्सेसरीज़ का विस्तार किया
भारत के प्रमुख शहरों और लंदन में स्टोर्स खोले
FY21 से FY24 के बीच 100% CAGR ग्रोथ हासिल की
FY24 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹500 करोड़ पार कर गया

📌 प्रमुख शहर जहां PSL की मौजूदगी है:

📍 भारत: मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, अहमदाबाद, चेन्नई, सूरत, इंदौर
📍 अंतरराष्ट्रीय: Mayfair, London

👉 अब कंपनी अपने फिजिकल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को इंटीग्रेट कर रही है, ताकि ग्राहकों को बेहतर ओमनीचैनल शॉपिंग अनुभव मिल सके।


📈 2026 में IPO लाने की योजना

Purple Style Labs अब 2026 में अपना IPO (Initial Public Offering) लाने की तैयारी कर रहा है।

📊 कंपनी का लक्ष्य:
🔹 अगले वित्तीय वर्ष में $200 मिलियन (₹1,660 करोड़) की ग्रॉस सेल्स हासिल करना
🔹 IPO से पहले मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दर्ज करना
🔹 इंडियन लग्जरी फैशन सेगमेंट में अग्रणी ब्रांड बनना

💡 PSL का लॉन्ग-टर्म प्लान क्या है?

Purple Style Labs भारतीय डिजाइनर फैशन और लग्ज़री रिटेल सेक्टर में एक ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

डिजिटल और ऑफलाइन एक्सपीरियंस का मेल
अंतरराष्ट्रीय विस्तार
ब्रांड पोर्टफोलियो को मजबूत करना
इनोवेटिव कस्टमर एंगेजमेंट स्ट्रेटजीज़

👉 PSL का तेजी से बढ़ता रेवेन्यू और आक्रामक विस्तार इसे IPO के लिए तैयार कर रहा है।


🏆 क्या Purple Style Labs भारतीय फैशन इंडस्ट्री का अगला बड़ा ब्रांड बनेगा?

PSL की मौजूदा ग्रोथ और फंडिंग को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि कंपनी भारतीय फैशन रिटेल स्पेस में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की ओर बढ़ रही है।

📊 क्या यह IPO के बाद Nykaa और Tata Cliq Luxury जैसे दिग्गजों को टक्कर दे पाएगा?
📊 क्या PSL का ओमनीचैनल मॉडल भारत में लग्ज़री फैशन रिटेल को नया आकार देगा?

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Read more :Allo Health को Pre-Series A राउंड में ₹16 करोड़ की फंडिंग मिली

Allo Health को Pre-Series A राउंड में ₹16 करोड़ की फंडिंग मिली

Allo Health

भारत की पहली सेक्शुअल हेल्थ फोकस्ड हेल्थकेयर स्टार्टअप Allo Health ने अपने Pre-Series A फंडिंग राउंड में ₹16 करोड़ ($1.83 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Rainmatter ने किया, जिसमें मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया।

👉 इससे पहले, Allo Health ने Nexus Venture Partners के नेतृत्व में $4.4 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाई थी। इस फंडिंग राउंड में फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल, जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल, क्लाउडनाइन के रोहित एमए, और नेक्सस के संदीप सिंघल सहित अन्य प्रमुख इन्वेस्टर्स शामिल थे।


💰 Allo Health नई फंडिंग का उपयोग कहां होगा?

Allo Health इस फंडिंग का उपयोग तीन प्रमुख क्षेत्रों में करेगा:

1️⃣ फिजिकल क्लीनिक नेटवर्क का विस्तार (Clinic Densification)
2️⃣ टेक्नोलॉजी को और मजबूत बनाना (AI और हेल्थ डेटा इनोवेशन)
3️⃣ मरीजों की भागीदारी और केयर इंप्रूव करना (Patient Engagement)

👉 कंपनी अपने इलाज को और अधिक किफायती और व्यापक बनाने के लिए AI-संचालित तकनीकों और मेडिकल इनोवेशन पर निवेश करेगी।


🏥 Allo Health का बिजनेस मॉडल और सेवाएं

Allo Health भारत में सेक्शुअल हेल्थकेयर सेक्टर को रिवॉल्यूशनाइज़ कर रहा है। यह एक हाइब्रिड हेल्थकेयर इकोसिस्टम पर काम करता है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन मेडिकल सुविधाओं को जोड़ता है।

🩺 प्रमुख विशेषताएं:

फिजिकल क्लीनिक + डिजिटल हेल्थकेयर मॉडल
AI-पावर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल
प्रशिक्षित डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों का नेटवर्क
रिसर्च-बेस्ड इलाज और कस्टमाइज़्ड मेडिसिन

👉 कंपनी के डॉक्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम, AI-सपोर्टेड मेडिकल डिसीजन सिस्टम और क्लीनिकल डेटा एनालिसिस इसे बाकी हेल्थ स्टार्टअप्स से अलग बनाते हैं।


📊 अब तक की ग्रोथ और परफॉर्मेंस

📌 Allo Health की अब तक की उपलब्धियां:

अब तक 2 लाख+ मरीजों का इलाज कर चुका है।
कंपनी के अनुसार, 85% मरीजों को बेहतर परिणाम मिले हैं।
भारत के 7 बड़े शहरों में 35 से अधिक क्लीनिक ऑपरेट कर रहा है।

📍 मौजूदा शहरों में Allo Health के क्लीनिक:

🔹 बेंगलुरु
🔹 मुंबई
🔹 पुणे
🔹 हैदराबाद
🔹 चेन्नई
🔹 मैसूर
🔹 रांची

👉 कंपनी आगे और भी शहरों में अपने क्लीनिक खोलने की योजना बना रही है।


🌍 भारत में सेक्शुअल हेल्थ सेक्टर और Allo Health की भूमिका

भारत में सेक्शुअल हेल्थ को लेकर अभी भी बहुत से टैबूज और मिथ हैं। लोग इस विषय पर खुलकर बात नहीं कर पाते, जिससे सही इलाज मिलने में देरी होती है।

📌 Allo Health इस समस्या का समाधान करने के लिए डिजिटल और फिजिकल हेल्थकेयर सिस्टम को जोड़ रहा है।

गोपनीय (Confidential) ऑनलाइन और ऑफलाइन परामर्श सेवाएं।
AI-आधारित हेल्थ डाटा एनालिसिस से बेहतर उपचार।
शहरी और टियर-2/3 शहरों में सेक्शुअल हेल्थ अवेयरनेस बढ़ाने की पहल।

👉 भारत में सेक्शुअल हेल्थ इंडस्ट्री अभी भी शुरुआती चरण में है, और Allo Health इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।


🚀 फंडिंग के बाद आगे की रणनीति

📢 कंपनी की भविष्य की योजनाएं:

🔹 क्लीनिक नेटवर्क को 50+ शहरों तक ले जाना।
🔹 AI और टेलीमेडिसिन का और विस्तार करना।
🔹 पेशेंट एजुकेशन और अवेयरनेस कैंपेन बढ़ाना।
🔹 मेडिकल एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के लिए नए ट्रेनिंग प्रोग्राम लाना।

👉 Allo Health भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़ा नाम बनने की ओर बढ़ रहा है।


🏆 क्या Allo Health भारत में सेक्शुअल हेल्थकेयर सेक्टर में लीडर बन सकता है?

Allo Health की मौजूदा ग्रोथ और इनोवेटिव मॉडल को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि यह स्टार्टअप भारत में सेक्शुअल हेल्थकेयर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

टेक्नोलॉजी, फिजिकल क्लीनिक, और मेडिकल एक्सपर्ट्स का सही मिश्रण इसे बाकी हेल्थ स्टार्टअप्स से अलग बनाता है।
नई फंडिंग से कंपनी को अपने नेटवर्क और टेक्नोलॉजी में सुधार करने में मदद मिलेगी।

🔹 लेकिन क्या यह मॉडल लॉन्ग-टर्म में काम करेगा?
🔹 क्या भारतीय समाज इसे अपनाएगा?

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Read more :Loom Solar ने FY24 में 3 गुना ग्रोथ दर्ज की, राजस्व ₹151.5 करोड़ तक पहुंचा

Loom Solar ने FY24 में 3 गुना ग्रोथ दर्ज की, राजस्व ₹151.5 करोड़ तक पहुंचा

Loom Solar

फरीदाबाद स्थित सोलर एनर्जी सॉल्यूशंस प्रदाता loom solar ने वित्त वर्ष 2024 (FY24) में तीन गुना राजस्व वृद्धि दर्ज की है। कंपनी की शुद्ध लाभ (Net Profit) में भी 3X वृद्धि हुई है, जिससे यह भारत में तेजी से बढ़ती सोलर एनर्जी कंपनियों में से एक बन गई है।


📈 FY24 में loom solar की जबरदस्त ग्रोथ

📌 प्रमुख वित्तीय प्रदर्शन:

वित्तीय वर्षराजस्व (₹ करोड़ में)लाभ (₹ करोड़ में)
FY23533
FY24151.59

🔹 FY24 में loom solar का कुल राजस्व ₹151.5 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (₹53 करोड़) की तुलना में 2.9 गुना अधिक है।
🔹 लाभ (Net Profit) भी 3X बढ़कर ₹9 करोड़ तक पहुंच गया।


⚡️ Loom Solar का बिजनेस मॉडल और उत्पाद

Loom Solar एक डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) सोलर एनर्जी फर्म है, जो सोलर पैनल, इनवर्टर, बैटरी और अन्य सोलर उत्पादों का निर्माण और बिक्री करती है।

🏭 कंपनी की प्रमुख उत्पाद श्रृंखला:

सोलर पैनल्स
सोलर इनवर्टर और बैटरी
रूफटॉप सोलर सिस्टम
ऑफ-ग्रिड और ऑन-ग्रिड सोलर सॉल्यूशंस

👉 कंपनी का संपूर्ण राजस्व FY24 में इन्हीं उत्पादों की बिक्री से आया है।


💰 लागत और खर्चों में बढ़ोतरी

Loom Solar की तेज ग्रोथ के साथ, इसकी लागत और कुल खर्च भी बढ़े हैं।

खर्च का प्रकारFY23 (₹ करोड़ में)FY24 (₹ करोड़ में)वृद्धि (%)
मटेरियल लागत42123192.9% 📈
कर्मचारी वेतन और लाभ25150% 📈
ट्रांसपोर्टेशन खर्च1.64.5181% 📈
अन्य परिचालन खर्च5.47.539% 📈
कुल खर्च511402.7X वृद्धि

🔹 Loom Solar का सबसे बड़ा खर्च मटेरियल कास्ट रहा, जो 192.9% बढ़कर ₹123 करोड़ हो गया।
🔹 कर्मचारी वेतन खर्च भी 150% बढ़कर ₹5 करोड़ तक पहुंच गया।
🔹 कुल मिलाकर, कंपनी के कुल खर्च FY24 में ₹140 करोड़ रहे, जो FY23 में ₹51 करोड़ थे।


📊 मुनाफे में भारी उछाल: लागत प्रबंधन ने निभाई अहम भूमिका

👉 बढ़ती लागत के बावजूद, Loom Solar ने कुशल लागत प्रबंधन और राजस्व विस्तार पर फोकस रखा।
👉 इस वजह से, FY24 में कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) 3X बढ़कर ₹9 करोड़ तक पहुंच गया।
👉 कंपनी का ROCE (Return on Capital Employed) 37% और EBITDA मार्जिन 9.31% रहा।

💡 लागत प्रबंधन में सुधार:

✅ कंपनी ने प्रोडक्शन एफिशिएंसी में सुधार किया।
मार्केटिंग और सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन के जरिए खर्च घटाया।
क्वालिटी इंप्रूवमेंट के साथ ऑपरेशन को स्केलेबल बनाया।

📌 प्रति यूनिट लागत के हिसाब से, Loom Solar ने ₹1 कमाने के लिए ₹0.92 खर्च किए।


🏦 वित्तीय स्थिति और परिसंपत्तियां

📌 FY24 में Loom Solar की कुल परिसंपत्तियां (Assets) ₹49 करोड़ तक पहुंच गईं, जिसमें से ₹16 करोड़ नकद और बैंक बैलेंस में थे।
📌 यह इंगित करता है कि कंपनी की कैश फ्लो स्थिति मजबूत है और यह भविष्य में विस्तार के लिए तैयार है।


🌞 भारतीय सोलर मार्केट में Loom Solar की स्थिति

भारत में सोलर एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, और सरकार भी रिन्युएबल एनर्जी अपनाने को बढ़ावा दे रही है।

📌 Loom Solar का सीधा मुकाबला प्रमुख सोलर कंपनियों से है, जिनमें शामिल हैं:
Tata Power Solar
Waaree Energies
Adani Solar
Vikram Solar

👉 हालांकि, Loom Solar का D2C मॉडल और डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।


🔮 आगे की रणनीति और संभावनाएं

कंपनी नई टेक्नोलॉजी पर निवेश कर सकती है, जैसे कि एडवांस्ड बैटरियों और सोलर स्टोरेज सिस्टम्स।
भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार करना प्रमुख लक्ष्य रहेगा।
सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं (PLI स्कीम) का फायदा उठाकर उत्पादन बढ़ा सकती है।


📌 निष्कर्ष: क्या Loom Solar भारतीय सोलर इंडस्ट्री में बड़ा खिलाड़ी बन सकता है?

Loom Solar की FY24 में जबरदस्त ग्रोथ यह दिखाती है कि कंपनी भारत में सोलर एनर्जी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रही है।
राजस्व में 3 गुना वृद्धि और नेट प्रॉफिट के तिगुना होने से यह साफ है कि कंपनी ने सही रणनीति अपनाई है।

➡️ लेकिन क्या Loom Solar अगले कुछ वर्षों में Tata और Adani जैसी बड़ी कंपनियों को चुनौती दे पाएगा?
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Read more :Purple Style Labs ने 102 करोड़ रुपये जुटाए,

Purple Style Labs ने 102 करोड़ रुपये जुटाए,

Purple Style Labs

Purple Style Labs (PSL), जो Pernia’s Pop-Up Shop (PPUS) की पैरेंट कंपनी है, ने 102 करोड़ रुपये (लगभग $12 मिलियन) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड में Sachin Tendulkar, Salman Khan, Surya Kumar Yadav, और Shraddha Kapoor सहित 80 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया है।


📌 Purple Style Labs फंडिंग डिटेल्स: 80+ निवेशकों ने PSL में किया निवेश

Purple Style Labs के बोर्ड ने एक स्पेशल प्रस्ताव पारित करके 2,040 प्रेफरेंस शेयर्स जारी किए हैं। प्रत्येक शेयर की कीमत ₹5,00,000 रखी गई, जिससे कुल ₹102 करोड़ ($12 मिलियन) जुटाए गए।

➡️ PSL की यह फंडिंग पिछले 3 महीनों में पूरी हुई और RoC (Registrar of Companies) फाइलिंग में इसका उल्लेख किया गया है।

🤑 प्रमुख निवेशक और उनकी हिस्सेदारी:

निवेशक का नामनिवेश राशि (₹ करोड़ में)
Minerva Ventures Fund10
Cordelia Family Trust5
S Four Capital6
Sopariwala Exports5
Sachin Tendulkar, Salman Khan, Surya Kumar Yadav, Shraddha Kapoor, Sailesh Gupta, Pravesh Dhandhania, Fahim Sultan Ali और अन्य 73 निवेशकशेष राशि

➡️ PSL इस फंडिंग का उपयोग जनरल कॉर्पोरेट खर्चों और वर्किंग कैपिटल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करेगा।


💰 PSL की कुल वैल्यूएशन होगी $400 मिलियन

Entrackr के अनुमान के मुताबिक, इस फंडिंग के बाद Purple Style Labs की वैल्यूएशन लगभग $400 मिलियन (₹3,300 करोड़) हो जाएगी।


📈 Purple Style Labs का सफर और विस्तार

2015 में Abhishek Agarwal द्वारा स्थापित Purple Style Labs एक लक्जरी फैशन प्लेटफॉर्म है, जो Pernia’s Pop-Up Shop और The Stylist को ऑपरेट करता है।

📌 प्रमुख घटनाएं:
2018 में PSL ने Pernia’s Pop-Up Shop का अधिग्रहण किया।
भारत और लंदन में 15 एक्सपीरियंस सेंटर्स खोले।
टॉप बॉलीवुड और क्रिकेट सितारों के बीच लोकप्रिय हुआ।


📊 FY24 में PSL का प्रदर्शन: 36% ग्रोथ लेकिन घाटे में 20% वृद्धि

Purple Style Labs ने वित्त वर्ष 2024 में 36% की ग्रोथ दर्ज की।

वित्तीय वर्षराजस्व (₹ करोड़ में)घाटा (₹ करोड़ में)
FY2337238
FY2450845.6

🔹 FY24 में PSL का कुल राजस्व ₹508 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष (₹372 करोड़) से 36% अधिक है।
🔹 हालांकि, इसके घाटे में भी 20% की वृद्धि हुई और यह ₹45.6 करोड़ तक पहुंच गया।

➡️ यह डेटा बताता है कि PSL का विस्तार हो रहा है, लेकिन इसकी लागत भी बढ़ रही है।


🛍️ PSL का बिजनेस मॉडल: लक्जरी फैशन और एक्सक्लूसिव डिजाइन्स पर फोकस

Purple Style Labs का बिजनेस मॉडल लक्जरी फैशन और हाई-एंड डिजाइनर वियर पर केंद्रित है।

➡️ कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर इन-क्लास डिज़ाइनर कलेक्शन पेश करती है, जिसमें हाई-प्रोफाइल ब्रांड्स और डिजाइनर्स के परिधानों की बिक्री होती है।

PSL की Pernia’s Pop-Up Shop को बड़े शहरों और NRI ग्राहकों के बीच भारी डिमांड मिल रही है।


⚔️ प्रतिस्पर्धा: Purple Style Labs की चुनौती कौन?

लक्जरी फैशन मार्केट में PSL का मुकाबला Tata CLiQ Luxury, Ajio Luxe, और Nykaa Fashion जैसी कंपनियों से है।

➡️ लेकिन PSL की ताकत यह है कि यह अपने डिज़ाइनर एक्सपीरियंस सेंटर्स और कस्टमाइज़्ड लक्जरी कलेक्शन के कारण अलग पहचान बना रहा है।


📌 Purple Style Labs के लिए आगे की राह

नई फंडिंग से PSL को अपनी कार्यशील पूंजी मजबूत करने और ब्रांड विस्तार में मदद मिलेगी।
लक्जरी फैशन में बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी भविष्य में और नए स्टोर्स खोल सकती है।
कंपनी को घाटे को कम करने की दिशा में काम करने की जरूरत होगी।


🔎 निष्कर्ष: क्या PSL भारतीय लक्जरी फैशन का नया लीडर बनेगा?

Purple Style Labs तेजी से भारत का सबसे बड़ा लक्जरी फैशन प्लेटफॉर्म बनने की ओर बढ़ रहा है।

इसकी नई फंडिंग, बढ़ती सेल्स और सेलेब्रिटी निवेशकों की मौजूदगी इसे एक मजबूत ब्रांड बना रही है। हालांकि, लॉस कंट्रोल और बेहतर कैश फ्लो पर फोकस करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।

➡️ क्या PSL भारतीय लक्जरी फैशन मार्केट का लीडर बन पाएगा? अपनी राय नीचे कमेंट करें! ⬇️

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CityMall ने Trifecta और Alteria Capital से ₹55 करोड़ का कर्ज जुटाया

CityMall

ग्रोसरी-फोकस्ड सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म CityMall ने अपने विस्तार और ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए Trifecta Venture Debt Fund और Alteria Capital Fund से ₹55 करोड़ ($6.3 मिलियन) का कर्ज जुटाया है।


📌 फंडिंग डिटेल्स: CityMall ने कैसे जुटाई पूंजी?

CityMall के बोर्ड ने 400 सीरीज X NCDs (Non-Convertible Debentures) को Trifecta Venture और 1,500 सीरीज X1 NCDs को Alteria Capital Fund को जारी करने का प्रस्ताव पारित किया। इनका फेस वैल्यू ₹10 लाख और ₹1 लाख क्रमशः तय किया गया, जिससे कुल ₹55 करोड़ की राशि जुटाई गई।

➡️ कंपनी इस कर्ज का इस्तेमाल अपने व्यापार के विस्तार और विकास में करेगी।


📊 ESOP पूल में बढ़ोतरी

CityMall ने अपने ESOP (Employee Stock Ownership Plan) पूल को भी बड़ा किया है

🔹 कंपनी ने 1,03,300 नए ESOP ऑप्शंस जोड़े हैं, जिनकी कुल कीमत ₹47 करोड़ है।
🔹 इससे CityMall का कुल ESOP पूल बढ़कर 3,73,200 ऑप्शंस हो गया, जिसका मूल्य ₹171 करोड़ आंका गया है।
🔹 हर 100 ESOP ऑप्शंस को 1 इक्विटी शेयर में बदला जाएगा।

➡️ यह कदम टॉप टैलेंट को रिटेन करने और कर्मचारियों को कंपनी के साथ जोड़ने की दिशा में उठाया गया है।


🛒 CityMall का बिजनेस मॉडल और विस्तार योजना

CityMall टियर II और III शहरों में ग्रोसरी, लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स और अन्य आवश्यक वस्तुएं बेचने के लिए एक समुदाय-आधारित सेलिंग नेटवर्क का उपयोग करता है।

📢 भविष्य की योजनाएं:
✅ कंपनी ब्यूटी प्रोडक्ट्स जैसी नई कैटेगरी जोड़ने की योजना बना रही है।
✅ इसके लिए कम्युनिटी रिसेलर्स के नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।

➡️ यह कदम छोटे शहरों में सोशल ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने में मदद करेगा।


📉 3 साल बाद उठाया कर्ज, पिछली फंडिंग 2022 में हुई थी

CityMall ने पिछले 3 वर्षों में किसी भी प्रकार की बाहरी फंडिंग (डेट या इक्विटी) नहीं उठाई थी।

💰 पिछली फंडिंग:
✅ मार्च 2022 में Norwest Venture Partners की अगुवाई में कंपनी ने $75 मिलियन जुटाए थे
✅ उस समय कंपनी का मूल्यांकन $320 मिलियन था।
सबसे बड़े निवेशक: Elevation Capital, Accel, और Jungle Ventures हैं।

➡️ हाल की कर्ज जुटाने की प्रक्रिया बताती है कि CityMall अपने विस्तार और ऑपरेशनल खर्चों को सपोर्ट करने के लिए नए संसाधनों की तलाश में है।


📈 वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में 23% की ग्रोथ

CityMall ने वित्त वर्ष 2024 में ₹427 करोड़ का ग्रॉस रेवेन्यू (GMV) दर्ज किया, जो FY23 के ₹346 करोड़ से 23% ज्यादा है

📌 लेकिन घाटा भी बढ़ा:

FY24 में कंपनी को ₹159 करोड़ का नुकसान हुआ।
यह दर्शाता है कि CityMall अभी भी प्रॉफिटेबल बनने के लिए संघर्ष कर रहा है।

➡️ हालांकि, 23% की ग्रोथ बताती है कि कंपनी की सेल्स बढ़ रही हैं, लेकिन घाटे को कंट्रोल करना अभी भी चुनौती बना हुआ है।


⚔️ मुकाबला: DealShare ने बदला बिजनेस मॉडल, लेकिन राजस्व में गिरावट

CityMall के एक प्रमुख प्रतिद्वंदी DealShare ने 2023 में अपने कम्युनिटी ग्रुप-बायिंग मॉडल से हाइब्रिड मॉडल में शिफ्ट किया।

लेकिन,
FY24 में DealShare का राजस्व 75% तक गिर गया।
❌ Tiger Global द्वारा समर्थित यह कंपनी अब अपनी रणनीति को नए सिरे से देख रही है।

➡️ CityMall का फोकस अभी भी सोशल ई-कॉमर्स मॉडल पर है, जो इसे छोटे शहरों में ग्रोथ करने का मौका दे सकता है।


📌 CityMall के लिए आगे की राह?

कर्ज से मिली पूंजी कंपनी के विस्तार और लॉजिस्टिक्स सुधारने में मदद करेगी।
नई कैटेगरी (ब्यूटी प्रोडक्ट्स) जोड़कर मार्केट शेयर बढ़ाने की योजना।
ESOP एक्सपेंशन से कर्मचारियों को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
DealShare जैसे प्रतिद्वंद्वियों की चुनौतियों को देखते हुए, CityMall को अपनी रणनीति बेहतर बनानी होगी।

📢 आपकी राय?

क्या CityMall आने वाले वर्षों में लाभदायक बन पाएगा? क्या सोशल ई-कॉमर्स मॉडल भारत में लंबी अवधि तक टिक पाएगा? हमें कमेंट में बताएं! ⬇️

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भारतीय stock market में सुस्ती, broking ऐप्स के यूजर बेस में गिरावट

stock market

भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में सुस्ती देखने को मिली है, जिसका असर stock market ब्रोकिंग ऐप्स के यूजर बेस पर भी पड़ा है। पिछले एक साल में पहली बार इन प्लेटफॉर्म्स के कुल रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या घटी है। फरवरी 2025 में यह संख्या 1.37% घटकर 48.97 मिलियन हो गई, जबकि जनवरी 2025 में यह 49.64 मिलियन थी।


📉 बड़े ब्रोकर्स के यूजर बेस में गिरावट

1️⃣ Groww : नंबर 1 पर बरकरार, लेकिन गिरावट जारी

मार्केट शेयर: 26.57%
फरवरी 2025: 13.01 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 13.23 मिलियन यूजर्स
गिरावट: 1.68%

NSE (National Stock Exchange) के आंकड़ों के अनुसार, Groww  ने अपनी नंबर 1 की स्थिति बनाए रखी, लेकिन इसके यूजर बेस में गिरावट आई। जनवरी के 13.23 मिलियन यूजर्स की तुलना में फरवरी में 13.01 मिलियन यूजर्स ही एक्टिव रहे।


2️⃣ Zerodha: दूसरे स्थान पर, लेकिन 1.55% गिरावट

मार्केट शेयर: 16.25%
फरवरी 2025: 7.96 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 8.08 मिलियन यूजर्स
गिरावट: 1.55%

देश की दूसरी सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म Zerodha ने भी गिरावट दर्ज की। इसका एक्टिव यूजर बेस 8.08 मिलियन से घटकर 7.96 मिलियन रह गया।


3️⃣ Angel One: 1.53% की गिरावट के साथ तीसरे स्थान पर

मार्केट शेयर: 15.62%
फरवरी 2025: 7.65 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 7.77 मिलियन यूजर्स
गिरावट: 1.53%

Angel One, जो कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म है, ने भी यूजर बेस में गिरावट दर्ज की और इसका यूजर बेस 7.77 मिलियन से घटकर 7.65 मिलियन रह गया।


📉 अन्य प्रमुख ब्रोकर्स भी प्रभावित

Upstox और ICICIdirect, जो चौथे और पांचवें स्थान पर हैं, ने भी अपने एक्टिव यूजर बेस में गिरावट दर्ज की।

4️⃣ Upstox: 2.42% की गिरावट

मार्केट शेयर: 5.70%
फरवरी 2025: 2.79 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 2.86 मिलियन यूजर्स
गिरावट: 2.42%

रतन टाटा द्वारा समर्थित Upstox का यूजर बेस 2.86 मिलियन से घटकर 2.79 मिलियन रह गया।


5️⃣ ICICIdirect: हल्की गिरावट

मार्केट शेयर: 3.96%
फरवरी 2025: 1.94 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 1.95 मिलियन यूजर्स
गिरावट: 0.57%

ICICIdirect का यूजर बेस हल्की गिरावट के साथ 1.95 मिलियन से 1.94 मिलियन रह गया।


📈 पारंपरिक ब्रोकर्स का प्रदर्शन

जहां प्रमुख ऑनलाइन स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स में गिरावट देखी गई, वहीं कुछ पारंपरिक ब्रोकरेज फर्म्स ने बेहतर प्रदर्शन किया।

✔️ HDFC Securities ने 1.97% की ग्रोथ दर्ज की

फरवरी 2025: 1.56 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 1.53 मिलियन यूजर्स
वृद्धि: 1.97%

HDFC Securities ने बाकी ब्रोकर्स के विपरीत 1.97% की बढ़त दर्ज की

❌ Kotak Securities में 0.93% की गिरावट

फरवरी 2025: 1.49 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 1.51 मिलियन यूजर्स
गिरावट: 0.93%

Kotak Securities ने हल्की गिरावट दर्ज की और 1.49 मिलियन यूजर्स पर सिमट गया।


📊 अन्य प्रमुख ब्रोकर्स की स्थिति

ब्रोकरेज फर्मफरवरी 2025 (मिलियन)जनवरी 2025 (मिलियन)बदलाव (%)
Motilal Oswal1.021.04🔻 1.92%
SBI Securities0.980.99🔻 1.01%

Motilal Oswal और SBI Securities ने अपनी क्रमशः 8वीं और 9वीं स्थिति बनाए रखी, लेकिन उनके यूजर बेस में गिरावट आई।


🚀 नए ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स में तेजी

जहां पुराने ब्रोकर्स गिरावट का सामना कर रहे हैं, वहीं नए और उभरते ब्रोकर्स ने मजबूत प्रदर्शन किया।

📌 PhonePe’s Share.Market ने सबसे ज्यादा ग्रोथ दर्ज की

फरवरी 2025: 0.35 मिलियन यूजर्स
जनवरी 2025: 0.34 मिलियन यूजर्स
वृद्धि: 2.58%

PhonePe का स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Share.Market ने 2.58% की वृद्धि दर्ज की, जो इस महीने की सबसे अधिक ग्रोथ थी।

📌 Dhan और INDmoney में भी बढ़त

Dhan: 0.70% की वृद्धि
INDmoney: 1.12% की वृद्धि


📉 शेयर बाजार में सुस्ती की वजह?

🔸 बाजार में उतार-चढ़ाव: हाल के महीनों में भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता रही है, जिससे नए निवेशकों का इंटरेस्ट घटा है।
🔸 लाभ बुकिंग: कई निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपने पोर्टफोलियो से पैसा निकाला।
🔸 ब्याज दरों में बढ़ोतरी: RBI की नीतियों और महंगाई की वजह से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।


🔮 आगे का रास्ता

शेयर बाजार में स्थिरता आने के बाद नए निवेशकों की वापसी संभव है।
उभरते ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे PhonePe Share.Market और INDmoney निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं।
ब्रोकर्स को नए फीचर्स, आकर्षक डिस्काउंट और बेहतर सर्विसेज के जरिए ग्राहकों को बनाए रखना होगा।


📢 आपकी राय?

क्या आप भी स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं? क्या यह सही समय है नए निवेशकों के लिए एंट्री लेने का? हमें कमेंट में बताएं! ⬇️

Read more :Lahori Zeera beverage brand FY24 में 312 करोड़ रुपये का राजस्व

Lahori Zeera beverage brand FY24 में 312 करोड़ रुपये का राजस्व

Lahori Zeera

भारत के पारंपरिक स्वाद को एक नई पहचान देने वाला LAHORI ZEERA बीते एक दशक में देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले स्वतंत्र बेवरेज ब्रांड्स में से एक बन चुका है। पंजाब के रूपनगर स्थित इस कंपनी ने FY24 (अप्रैल 2023 – मार्च 2024) में 312 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की, जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 47.2% की वृद्धि को दर्शाता है।

📊 LAHORI ZEERA 47% की ग्रोथ, 3 गुना मुनाफा

LAHORI ZEERA की ग्रोथ केवल रेवेन्यू तक सीमित नहीं रही, बल्कि कंपनी का शुद्ध लाभ (Profit) भी FY23 के 7.6 करोड़ रुपये से बढ़कर FY24 में 22.5 करोड़ रुपये हो गया। यानी सिर्फ एक साल में 3 गुना की बढ़ोतरी


📌 Lahori Zeera की ग्रोथ के पीछे की वजहें

1️⃣ मजबूत प्रोडक्ट लाइनअप

कंपनी की ग्रोथ में इसकी लोकप्रिय ड्रिंक्स का बड़ा योगदान है:

Lahori Zeera – पारंपरिक भारतीय ज़ीरा ड्रिंक
Lahori Nimboo – नींबू-आधारित रिफ्रेशिंग ड्रिंक
Lahori Shikanji – देशी शिकंजी फ्लेवर

Lahori Zeera के साथ-साथ स्क्रैप सेल्स और अन्य गैर-ऑपरेटिंग आय (जैसे कि निवेश से हुए लाभ) ने भी कुल राजस्व को 313.5 करोड़ रुपये तक पहुंचाने में मदद की।


📊 Lahori Zeera के FY24 के वित्तीय आंकड़े

➡️ ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Revenue from Operations):

FY24 – ₹312 करोड़
FY23 – ₹212 करोड़
वृद्धि: 47.2%

➡️ कुल राजस्व (Total Revenue):

FY24 – ₹313.5 करोड़

➡️ लागत में वृद्धि (Expenses Growth)

किसी भी FMCG ब्रांड के लिए कच्चे माल और उत्पादन लागत सबसे बड़ा खर्च होता है। FY24 में Lahori Zeera की सबसे बड़ी लागतें इस प्रकार थीं:

कच्चे माल की खरीद (Procurement Cost): ₹184 करोड़ (FY23: ₹136 करोड़) – 35.3% की वृद्धि
कर्मचारियों के वेतन (Employee Benefit Expenses): ₹27 करोड़ – 68.8% की वृद्धि
अन्य परिचालन लागत (Rent, Freight, Legal Fees, Overheads): ₹278 करोड़ (FY23: ₹203 करोड़) – 36.9% की वृद्धि

➡️ मुनाफा (Profit After Tax – PAT):

FY24: ₹22.5 करोड़
FY23: ₹7.6 करोड़
वृद्धि: 3X (तीन गुना)

➡️ प्रति रुपये की लागत (Cost Per Rupee Earned):

₹0.89 खर्च करने पर कंपनी को ₹1 की कमाई हुई।

➡️ EBITDA और ROCE मार्जिन:

EBITDA मार्जिन: 13.65%
ROCE (Return on Capital Employed): 15.36%

➡️ कुल मौजूदा संपत्ति (Total Current Assets – FY24):

✅ ₹76 करोड़
✅ जिसमें से ₹38 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस के रूप में जमा हैं।


🚀 Lahori Zeera की सफलता के पीछे की रणनीति

✅ 1. भारत के पारंपरिक स्वाद को बढ़ावा

Lahori Zeera की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह भारतीय स्वाद और पारंपरिक ड्रिंक्स को मॉडर्न पैकेजिंग और टेक्नोलॉजी के साथ प्रस्तुत करता है। ज़ीरा, शिकंजी और नींबू जैसे फ्लेवर भारतीय उपभोक्ताओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं।

✅ 2. छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में पकड़ मजबूत

Lahori Zeera ने मेट्रो सिटीज़ के अलावा टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी अपनी बिक्री को बढ़ाया है। भारत के छोटे शहरों में हेल्दी और देसी बेवरेज की मांग बढ़ रही है, और Lahori Zeera इसी सेगमेंट पर फोकस कर रहा है।

✅ 3. किफायती मूल्य और क्वालिटी प्रोडक्ट्स

✅ ₹10-₹30 की किफायती रेंज में उपलब्ध Lahori Zeera की ड्रिंक्स सभी वर्गों के ग्राहकों के लिए सुलभ हैं।
FMCG मार्केट में प्रतिस्पर्धी प्राइसिंग से यह Coca-Cola और Pepsi जैसी कंपनियों को भी टक्कर दे रहा है।

✅ 4. डिजिटल और ऑफलाइन डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क

Lahori Zeera ने मजबूत ऑफलाइन डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart, Jiomart) पर भी अपनी पकड़ बना ली है। इससे कंपनी की पहुंच और सेल्स में बड़ा इज़ाफा हुआ है।


📈 भविष्य की योजनाएं

Lahori Zeera की तेज़ी से बढ़ती ग्रोथ यह संकेत देती है कि कंपनी आने वाले वर्षों में और अधिक विस्तार करने वाली है।

📌 नई कैटेगरी में एंट्री:
➡️ कंपनी जल्द ही नई बेवरेज कैटेगरी (जैसे एनर्जी ड्रिंक्स, हर्बल ड्रिंक्स, डेयरी-आधारित प्रोडक्ट्स) में कदम रख सकती है।

📌 डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार:
➡️ मेट्रो शहरों के अलावा ग्लोबल मार्केट में भी विस्तार किया जाएगा।

📌 कैपेसिटी और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना:
➡️ बढ़ती डिमांड को देखते हुए नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाई जा सकती हैं।

📌 ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर अधिक निवेश:
➡️ कोला ब्रांड्स से मुकाबला करने के लिए कंपनी टीवी, डिजिटल और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग पर ज़ोर दे सकती है।


🔮 निष्कर्ष: Lahori Zeera बना देसी FMCG ब्रांड का सितारा

FY24 में ₹312 करोड़ का राजस्व, 47% की ग्रोथ
मुनाफा 3 गुना बढ़कर ₹22.5 करोड़
भारतीय स्वाद और किफायती कीमतों के कारण ग्रामीण और छोटे शहरों में मजबूत पकड़
नए कैटेगरी और ग्लोबल विस्तार की योजना

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Elevation Capital के प्रिंसिपल अमित अग्रवाल ने दिया इस्तीफा,

Elevation Capital

स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल (VC) इकोसिस्टम में एक और बड़ी हलचल देखने को मिली है। प्रमुख VC फर्म Elevation Capital के प्रिंसिपल अमित अग्रवाल ने चार साल की सेवा के बाद कंपनी छोड़ने का फैसला किया है।

यह Elevation Capital के लिए हाल ही में दूसरा बड़ा इस्तीफा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी में लीडरशिप स्तर पर बड़े बदलाव हो रहे हैं।


📌 Elevation Capital अमित अग्रवाल के इस्तीफे की बड़ी बातें

➡️ चार साल तक Elevation Capital में निवेश की रणनीति तैयार करने के बाद इस्तीफा।
➡️ सोशल मीडिया, कंटेंट और B2C कॉमर्स स्टार्टअप्स में निवेश पर था उनका फोकस।
➡️ Facebook (Meta) और Hero Group जैसी कंपनियों में काम कर चुके हैं।
➡️ VC सेक्टर में बने रहेंगे या खुद का स्टार्टअप शुरू करेंगे? अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं।
➡️ Elevation Capital की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।


🚀 अमित अग्रवाल की निवेश यात्रा

🔹 Elevation Capital में योगदान

अमित अग्रवाल Elevation Capital में अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स में निवेश की रणनीति का नेतृत्व कर रहे थे। उनके कार्यकाल में कई उभरते हुए भारतीय स्टार्टअप्स को ग्रोथ में मदद मिली।

🔹 Elevation से पहले के अनुभव

📌 Facebook (Meta) – फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के भारत में विकास के लिए रणनीति तैयार की।
📌 Hero Group – Qubo – कंज्यूमर IoT वेंचर “Qubo” के डेवलपमेंट को लीड किया।


📊 Elevation Capital में हाल ही में हुए बदलाव

अमित अग्रवाल के इस्तीफे से पहले, Elevation Capital के COO और पार्टनर विवेक माथुर ने भी कंपनी छोड़ दी थी।

➡️ विवेक माथुर ने 14 साल तक Elevation Capital में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
➡️ अब वे एडवाइजरी और मेंटरशिप रोल्स में फोकस करेंगे।
➡️ दिसंबर 2024 में कृष्णा मेहरा Elevation Capital में शामिल हुए, जो AI और SaaS निवेश का नेतृत्व कर रहे हैं।
➡️ कंपनी ने अप्रैल 2022 में $670 मिलियन का “Fund VIII” लॉन्च किया था।


💰 Elevation Capital और अन्य VC फर्म्स में इस्तीफों की लहर?

🔹 Peak XV Partners (पहले Sequoia Capital India)

📌 2025 में तीन बड़े एग्जीक्यूटिव्स ने इस्तीफा दिया:

  • शैलेश लखानी
  • अभीक आनंद
  • श्रेयांश ठाकुर

📌 ये सभी एक दशक से ज्यादा समय तक Peak XV में कार्यरत थे।

🔹 अन्य प्रमुख बदलाव

Accel, Lightspeed, और Nexus Venture Partners जैसी VC फर्म्स में भी हाल ही में टॉप मैनेजमेंट में बदलाव हुए हैं।
✅ यह संकेत करता है कि भारत के वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम में नेतृत्व स्तर पर बड़े बदलाव हो रहे हैं।


📈 Elevation Capital की भविष्य की रणनीति?

अमित अग्रवाल और विवेक माथुर के जाने के बाद, Elevation Capital को नई रणनीति अपनानी होगी।

📌 AI, SaaS और फिनटेक स्टार्टअप्स पर फोकस बढ़ सकता है।
📌 Silicon Valley और भारत में निवेश को और मजबूत करने की योजना।
📌 नए पार्टनर और निवेश लीडरशिप की जल्द घोषणा हो सकती है।
📌 सीड-स्टेज और अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स के लिए नए फंड लॉन्च होने की संभावना।


🔮 क्या करेंगे अमित अग्रवाल?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमित अग्रवाल अपनी अगली पारी कहां खेलेंगे?

➡️ क्या वे किसी अन्य VC फर्म से जुड़ेंगे?
➡️ क्या वे खुद का स्टार्टअप शुरू करेंगे?
➡️ या फिर किसी बड़ी टेक कंपनी में लीडरशिप रोल लेंगे?

फिलहाल, उन्होंने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।


📢 निष्कर्ष: Elevation Capital में बड़े बदलाव का संकेत

Elevation Capital से अमित अग्रवाल का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
VC सेक्टर में हाल के महीनों में कई बड़े नामों ने अपनी भूमिका छोड़ी है।
भारतीय और वैश्विक स्तर पर निवेश रणनीति में बदलाव हो सकता है।
Elevation Capital को अब नए निवेश नेतृत्व की जरूरत होगी।

💬 आपकी राय?

क्या अमित अग्रवाल किसी नए स्टार्टअप की शुरुआत करेंगे या किसी अन्य इन्वेस्टमेंट फर्म से जुड़ेंगे? हमें कमेंट में बताएं! ⬇️

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