Omnichannel भुगतान समाधान देने वाली फिनटेक कंपनी का शानदार वित्तीय प्रदर्शन
भारत की प्रमुख SaaS-आधारित ओमnichannel पेमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर Phi Commerce ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में बेहद मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी ने न सिर्फ अपनी राजस्व वृद्धि को 28% तक बढ़ाया, बल्कि घाटा 45% तक कम करने में भी सफलता हासिल की है।
कंपनी के RoC में दाखिल कंसॉलिडेटेड वित्तीय दस्तावेज बताते हैं कि Phi Commerce की ऑपरेटिंग आय FY24 के ₹81.3 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹103.9 करोड़ पहुंच गई, जो कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
💳 Phi Commerce क्या करती है?
Phi Commerce एक डिजिटल पेमेंट्स टेक्नोलॉजी कंपनी है जो ओमnichannel भुगतान समाधान उपलब्ध कराती है, जिसमें शामिल हैं:
- ऑनलाइन पेमेंट्स
- इन-स्टोर पेमेंट्स (POS)
- ऑन-द-गो पेमेंट्स (QR, लिंक आधारित भुगतान)
कंपनी एक RBI-लाइसेंस प्राप्त पेमेंट एग्रीगेटर (PA) है, जो B2B और B2C दोनों तरह के ग्राहकों को एकीकृत पेमेंट और लेंडिंग सॉल्यूशन प्रदान करती है।
इसकी टेक्नोलॉजी विभिन्न पेमेंट प्रोवाइडर्स, बैंकों और बड़े उद्यमों को लचीला, सुरक्षित और स्केलेबल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराती है।
📈 FY25 में राजस्व की मजबूती: GMV से आया 87% हिस्सा
कंपनी की आय का सबसे बड़ा हिस्सा GMV सेटलमेंट्स से मिलने वाले कमीशन से आता है।
🔹 राजस्व का विभाजन (FY25):
- GMV कमीशन: ₹90.82 करोड़ (87% हिस्सा)
- टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज: ₹7.36 करोड़
- वैल्यू-ऐडेड पेमेंट एग्रीगेशन सर्विसेज: ₹5.73 करोड़
- इंटरेस्ट इनकम (FDs व निवेश): ₹3.9 करोड़
कुल मिलाकर, कंपनी का कुल राजस्व FY25 में ₹107.8 करोड़ पहुंच गया।
💼 खर्चों में नियंत्रण, घाटा 45% तक कम
Phi Commerce के कुल खर्च FY24 के ₹117 करोड़ की तुलना में FY25 में बढ़कर ₹133 करोड़ हुए। हालांकि खर्च बढ़ा, पर राजस्व में हुई वृद्धि ने घाटे को काफी कम किया।
🔹 मुख्य खर्चे (FY25):
- पेमेंट प्रोसेसिंग चार्जेज: ₹76.37 करोड़ (कुल खर्च का 57%)
- कर्मचारियों पर खर्च: ₹32.7 करोड़ (18% वृद्धि)
- अन्य खर्च (प्लेटफॉर्म सपोर्ट, लीगल, कंसल्टिंग, आदि): ₹23.9 करोड़
🔹 घाटा 45% कम
FY24 में ₹29.24 करोड़ के घाटे के मुकाबले FY25 में Phi Commerce ने घाटा घटाकर ₹16.16 करोड़ कर लिया।
यह सुधार मुख्यतः बढ़ते कमीशन और फ्लैट प्रोसेसिंग चार्जेज की वजह से आया।
📊 यूनिट इकोनॉमिक्स में सुधार
FY25 में कंपनी ने ₹1 कमाने के लिए ₹1.28 खर्च किए।
हालांकि यह अभी भी सुधार की गुंजाइश दिखाता है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है।
📉 EBITDA और ROCE
FY25 में कंपनी की लाभप्रदता से जुड़े प्रमुख अनुपात पड़े रहे:
- EBITDA मार्जिन: -24.9%
- ROCE: -43.74%
हालांकि ये नकारात्मक स्तर पर हैं, लेकिन घाटे में आई भारी गिरावट संकेत देती है कि कंपनी आने वाले वर्षों में लाभप्रदता की दिशा में तेजी से बढ़ सकती है।
💰 कैश और एसेट्स की स्थिति
FY25 के अंत तक कंपनी के पास:
- कुल करंट एसेट्स: ₹70.9 करोड़
- कैश और बैंक बैलेंस: ₹26.3 करोड़
मजबूत बैलेंस शीट कंपनी की वित्तीय स्थिरता और विकास योजनाओं का समर्थन करती है।
🌍 फंडिंग और निवेशक
TheKredible के अनुसार, Pune-based Phi Commerce ने अब तक $25 मिलियन जुटाए हैं।
- इसका हालिया Series B राउंड (दो ट्रांज के माध्यम से) BEENEXT के नेतृत्व में पूरा हुआ था।
कंपनी भारत और वैश्विक बाजार में अपनी पेमेंट टेक्नोलॉजी पहुंच को लगातार बढ़ा रही है।
🧭 आगे का रास्ता: मजबूत ग्रोथ और स्केलेबल मॉडल
FY25 के प्रदर्शन से साफ है कि Phi Commerce:
- लगातार राजस्व बढ़ा रही है,
- खर्चों पर नियंत्रण रख रही है,
- और घाटे को तेजी से कम कर रही है।
भारत में ओमnichannel पेमेंट्स की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए, इसका SaaS-आधारित मॉडल आने वाले वर्षों में और अधिक स्केल हासिल कर सकता है।
📝 निष्कर्ष
Phi Commerce का FY25 प्रदर्शन फिनटेक सेक्टर में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
राजस्व में 28% वृद्धि, 45% घाटा कमी, और GMV कमीशन में भारी उछाल इस बात का संकेत हैं कि कंपनी स्थिर और टिकाऊ विकास की राह पर तेजी से बढ़ रही है।
डिजिटल पेमेंट्स के तेजी से विस्तार होते भारतीय बाजार में Phi Commerce आने वाले वर्षों में और मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की क्षमता रखती है।
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