Indian Startup
💳 Cashfree Payments का बड़ा ESOP Buyback 400+ कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
बेंगलुरु‑आधारित फिनटेक कंपनी Cashfree Payments ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए ESOP (Employee Stock Ownership Plan) Buyback प्रोग्राम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत कंपनी ने 400 से अधिक कर्मचारियों को शामिल किया है, जिनमें 175 पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। यह फैसला मौजूदा और पूर्व टीम सदस्यों को उनकी मेहनत का प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। 👥 कर्मचारियों को मिली लिक्विडिटी इस ESOP buyback का मुख्य उद्देश्य उन कर्मचारियों को लिक्विडिटी प्रदान करना है, जिनके पास पहले से वेस्टेड (vested) स्टॉक ऑप्शंस मौजूद हैं। यानी जिन कर्मचारियों ने कंपनी में काम करते हुए शेयर
💳📊 Pine Labs Setu के ज़रिये Agya Technologies में 100%
फिनटेक यूनिकॉर्न Pine Labs 🦄 ने अपने बिज़नेस विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब RBI‑लाइसेंस प्राप्त अकाउंट एग्रीगेटर Agya Technologies में पूरी यानी 100% हिस्सेदारी लेने की तैयारी कर रही है। यह अधिग्रहण Pine Labs की फिनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट Setu के माध्यम से किया जाएगा। 🏦 RBI से मिली मंज़ूरी नियामकीय फाइलिंग के मुताबिक, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने Setu (BrokenTusk Technologies Pvt Ltd) को Agya Technologies में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 100% करने की मंज़ूरी दे दी है। अभी तक Agya, Setu की एक सहयोगी (associate) कंपनी के रूप में काम कर रही थी। 📈 मौजूदा हिस्सेदारी और आगे की योजना वर्तमान में Pine Labs के
🚀 Rapido की तेज़ रफ्तार ग्रोथ बढ़ती कमाई,
मोबिलिटी प्लेटफॉर्म Rapido बीते एक साल से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है 📰। शुरुआती निवेशकों जैसे TVS, Swiggy, Prosus और Accel को शानदार रिटर्न मिलने के बाद रैपिडो को उस वक्त और ज्यादा पहचान मिली, जब Uber के CEO दारा खोसरोशाही ने इसे सार्वजनिक रूप से एक बड़ा प्रतिद्वंद्वी बताया 👀।वित्त वर्ष 2025 (FY25) में कंपनी ने तेज़ रेवेन्यू ग्रोथ के साथ‑साथ अपने घाटे को भी काफ़ी हद तक कम किया है 💪। 📊 Rapido 44% की रेवेन्यू ग्रोथ Registrar of Companies (RoC) में दाखिल आंकड़ों के मुताबिक, FY25 में रैपिडो का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर 934 करोड़ रुपये हो गया 💰, जो FY24 में 648 करोड़
📘 FY25 में Simplilearn की चुनौतियाँ राजस्व में गिरावट,
अपस्किलिंग पर केंद्रित एडटेक प्लेटफॉर्म Simplilearn के लिए वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) चुनौतीपूर्ण रहा। जहां एक ओर कंपनी के परिचालन राजस्व (Operating Revenue) में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर खर्चों में कटौती और बेहतर लागत प्रबंधन के चलते कंपनी अपने घाटे को काफी हद तक कम करने में सफल रही। यह जानकारी कंपनी के समेकित वित्तीय विवरणों से सामने आई है, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (RoC) के पास दाखिल किए गए हैं। 📉 राजस्व में 26% की गिरावट FY25 में Simplilearn का परिचालन राजस्व घटकर 556 करोड़ रुपये रह गया, जो FY24 में 750 करोड़ रुपये था। यानी साल-दर-साल आधार पर कंपनी के
🍺🎶33&Brew Raises ₹20 Crore in Series A Funding
भारत के तेजी से बढ़ते क्राफ्ट बीयर सेक्टर में एक अनोखी पहचान बना चुकी विनाइल‑थीम्ड माइक्रोब्रुअरी 33&Brew ने अपने सीरीज़‑A फंडिंग राउंड में 20 करोड़ रुपये (लगभग 2.2 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं 💰। इस निवेश राउंड का नेतृत्व Optimistic Capital ने किया है, जो खास तौर पर माइक्रोब्रुअरी और क्राफ्ट बीयर उद्योग पर केंद्रित एक वेंचर कैपिटल फर्म है। 🍻 क्राफ्ट बीयर सेक्टर पर Optimistic Capital का फोकसOptimistic Capital ने पहले ही 200 करोड़ रुपये का बीयर‑फोकस्ड फंड लॉन्च करने की घोषणा की थी। अब तक इस फंड से 30 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है, जबकि शेष 170 करोड़ रुपये अगले तीन वर्षों में निवेश किए जाएंगे 📈। यह पूंजी बोतलिंग, केगिंग
🌾 Samunnati की FY25 में धीमी ग्रोथ,
चेन्नई स्थित एग्री-वैल्यू चेन प्लेटफॉर्म Samunnati ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में सीमित वृद्धि दर्ज की है 📊। कंपनी की समेकित वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, उसका सकल राजस्व FY24 में ₹2,404 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹2,434 करोड़ हो गया 💰। हालांकि यह बढ़ोतरी मामूली रही, लेकिन कंपनी प्री-टैक्स स्तर पर लाभ में बनी रही। 🚜 कृषि इकोसिस्टम को मजबूत करने पर फोकस 2014 में स्थापित Samunnati एक विशेषीकृत एग्री इकोसिस्टम प्लेटफॉर्म है 🌱। यह कंपनी कृषि क्षेत्र में वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों तरह की सेवाएं प्रदान करती है। Samunnati मुख्य रूप से Farmer Producer Organisations (FPOs), एग्री-SMEs और एग्रीटेक स्टार्टअप्स के साथ काम करती