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1. परिचय:
भारत के स्टार्टअप जगत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। Zomato के CEO, दीपिंदर गोयल ने शनिवार को घोषणा की कि वह ‘शार्क टैंक इंडिया’ के चौथे सीजन में जज के रूप में वापसी नहीं करेंगे। यह फैसला पिछले सीजन में उनकी अहम भूमिका से बिल्कुल अलग है, जहाँ उन्होंने उभरते हुए उद्यमियों को मार्गदर्शन दिया था। गोयल का यह निर्णय Zomato के मुख्य प्रतिद्वंदी Swiggy के आगामी सीजन के प्रायोजक बनने से जुड़ा हुआ है।

2. Swiggy के प्रायोजन का प्रभाव:
एक रिपोर्ट के अनुसार, दीपिंदर गोयल का यह फैसला Swiggy के साथ किए गए एक रणनीतिक समझौते से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत Swiggy ने ‘शार्क टैंक इंडिया’ के नए सीजन का प्रायोजन लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, Swiggy ने लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च कर इस सीजन को प्रायोजित करने का निर्णय लिया है। Swiggy और Zomato दोनों ही भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट के मुख्य खिलाड़ी हैं, और इस प्रायोजन ने गोयल की शो से विदाई का मार्ग प्रशस्त किया है।

3. दीपिंदर गोयल का बयान:
ET Startup Awards 2024 के दौरान दीपिंदर गोयल ने कहा, “मैं वापस नहीं जा सकता क्योंकि Swiggy ने इस बार ‘शार्क टैंक’ को प्रायोजित किया और मुझे बाहर कर दिया।” गोयल के इस बयान ने शो के प्रशंसकों के बीच हलचल मचा दी है, जिन्होंने पिछले सीजन में उन्हें एक अहम जज के रूप में देखा था। उनका यह फैसला शो के आगामी सीजन के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

4. Zomato और Swiggy की प्रतिस्पर्धा:
Zomato और Swiggy भारतीय फूड डिलीवरी बाजार में दो प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं। दोनों कंपनियाँ नवाचारी रणनीतियों और तकनीकी समाधानों के माध्यम से अपनी सेवाओं को बेहतर करने में लगी हुई हैं। Swiggy का ‘शार्क टैंक इंडिया’ को प्रायोजित करना न केवल एक मार्केटिंग कदम है, बल्कि यह एक ब्रांड जागरूकता बढ़ाने की कोशिश भी है, क्योंकि कंपनी जल्द ही स्टॉक एक्सचेंज में अपनी शुरुआत करने जा रही है।

5. Swiggy का IPO और ब्रांड निवेश:
Swiggy ने हाल ही में अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में उल्लेख किया है कि कंपनी ब्रांड मार्केटिंग और जागरूकता के लिए लगभग 930 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। Swiggy के इस कदम से यह स्पष्ट है कि कंपनी अपनी सार्वजनिक लिस्टिंग से पहले अपने ब्रांड की पहुंच को बढ़ाना चाहती है। ‘शार्क टैंक इंडिया’ के नए सीजन का प्रायोजन भी इसी रणनीति का एक हिस्सा है।

6. शो पर गोयल का प्रभाव:
दीपिंदर गोयल की ‘शार्क टैंक इंडिया’ से विदाई शो के प्रशंसकों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। पिछले सीजन में, गोयल ने युवा और उभरते उद्यमियों को गाइड किया और उनकी विचारशील प्रतिक्रिया और सलाह से उन्हें प्रोत्साहन दिया। उनके अनुभव और स्टार्टअप जगत में उनकी गहरी जानकारी ने उन्हें शो में एक प्रमुख भूमिका में स्थापित किया था। अब उनके न होने से शो का नया स्वरूप देखने लायक होगा।

7. Zomato और Swiggy के भविष्य के कदम:
Zomato और Swiggy के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। जहाँ Swiggy अपने IPO की तैयारी में है, वहीं Zomato भी विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार करने के प्रयास में लगा हुआ है। Zomato ने हाल ही में नए उत्पाद और सेवाएँ लॉन्च की हैं, और कंपनी अपनी मौजूदा स्थिति को बनाए रखने और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। दूसरी ओर, Swiggy का ध्यान ब्रांड प्रमोशन और जागरूकता बढ़ाने पर है, जिससे उसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ सके।

8. कंपनियों के फाइनेंशियल्स:
Swiggy और Zomato दोनों ही तेजी से बढ़ती हुई फूड डिलीवरी कंपनियाँ हैं। Swiggy ने IPO फाइल किया है और ब्रांड प्रमोशन में भारी निवेश कर रही है, जबकि Zomato ने भी अपने ब्रांड और मार्केटिंग गतिविधियों को मजबूत किया है। इन कंपनियों का फाइनेंशियल ग्रोथ और प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण इन्हें भारतीय स्टार्टअप और ई-कॉमर्स परिदृश्य में महत्वपूर्ण बनाता है।

9. निष्कर्ष:
दीपिंदर गोयल का ‘शार्क टैंक इंडिया’ से हटना और Swiggy का नए सीजन का प्रायोजन भारतीय स्टार्टअप जगत में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह घटनाक्रम दोनों कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उनके भविष्य के कदमों को दर्शाता है। जहाँ एक ओर Swiggy IPO की ओर बढ़ रहा है, वहीं Zomato भी अपने विभिन्न व्यापारिक कदमों से बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है।

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