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Fibe

कंज्यूमर लेंडिंग प्लेटफॉर्म Fibe (पूर्व में EarlySalary) ने FY25 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। हाल ही में International Finance Corporation (IFC) के नेतृत्व में 35 मिलियन डॉलर की Series F फंडिंग जुटाने वाली इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में लगभग 50% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।

हालांकि इस नई फंडिंग का पूरा असर FY26 में दिखेगा, लेकिन FY25 के आंकड़े ही यह संकेत दे रहे हैं कि Fibe लगातार स्केल और मुनाफे दोनों में आगे बढ़ रही है।

Registrar of Companies (RoC) में दाखिल वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, Fibe का ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY25 में 49% बढ़कर 1,228 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो FY24 में 824 करोड़ रुपये था।


📊 1,000 करोड़ पार सिर्फ ब्याज से कमाई

Fibe की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत रहा — लोन पर मिलने वाला ब्याज।

  • कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 80% से ज्यादा हिस्सा
  • FY25 में ब्याज आय 46% बढ़ी
  • 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार

कंपनी पर्सनल लोन, लॉन्ग-टर्म लोन, म्यूचुअल फंड के खिलाफ लोन और हेल्थकेयर, एजुकेशन व सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन के लिए फाइनेंसिंग उपलब्ध कराती है।

2015 में अक्षय मेहरोत्रा और आशीष गोयल द्वारा स्थापित Fibe अब तक 90 लाख से ज्यादा लोन डिस्बर्स कर चुकी है। कंपनी का दावा है कि 8,500 से अधिक लेंडर्स के जरिए 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कुल डिस्बर्समेंट किया गया है।


🤝 बैंक और NBFC पार्टनरशिप से मजबूती

Fibe ने कई बैंकों और NBFCs के साथ साझेदारी की है, जिनमें Northern Arc Capital, InCred Finance और Tata Capital शामिल हैं।

कंपनी लेंडिंग पार्टनर्स की ओर से लोन कलेक्शन और एडमिनिस्ट्रेशन संभालती है, जिससे उसे सर्विसिंग फीस इनकम भी मिलती है।

इसके अलावा, गारंटी प्रीमियम से हुई कमाई — यानी डिफॉल्ट प्रोटेक्शन के लिए वसूली गई फीस — FY25 में 83% बढ़कर 104 करोड़ रुपये रही।

बाकी आय मार्केटिंग इनकम, कमीशन और अन्य ऑपरेटिंग स्रोतों से आई।


💸 कुल आय 1,269 करोड़ रुपये

ऑपरेटिंग रेवेन्यू के अलावा, Fibe ने 41 करोड़ रुपये नॉन-ऑपरेटिंग स्रोतों (जैसे ब्याज आय और निवेश बिक्री से लाभ) से भी कमाए।

इस तरह FY25 में कंपनी की कुल आय 1,269 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।


📉 खर्च में भी तेज बढ़ोतरी

जहां रेवेन्यू बढ़ा, वहीं खर्च भी तेजी से बढ़े।

सबसे बड़ा खर्च रहा — फाइनेंस कॉस्ट।

  • FY25 में फाइनेंस कॉस्ट: 691 करोड़ रुपये
  • कुल खर्च का 62% से अधिक हिस्सा
  • FY24 में 373 करोड़ से बढ़कर 85% की वृद्धि

इसमें 257 करोड़ रुपये लोन राइट-ऑफ और 207 करोड़ रुपये गारंटी लॉस शामिल थे।

यह दर्शाता है कि लेंडिंग बिजनेस में रिस्क फैक्टर अभी भी अहम भूमिका निभाता है।


📢 मार्केटिंग और कर्मचारियों पर खर्च

विज्ञापन और प्रमोशन पर कंपनी ने 128 करोड़ रुपये खर्च किए।

कर्मचारी लाभ खर्च 34% बढ़कर 111 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें 9.2 करोड़ रुपये ESOP खर्च शामिल थे।

कमीशन, लीगल, प्रोफेशनल फीस, ट्रैवल और अन्य खर्चों को मिलाकर कुल व्यय FY25 में 1,112 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो FY24 में 706 करोड़ रुपये था।


🎉 मुनाफा 13% बढ़कर 114 करोड़

तेजी से बढ़ते खर्चों के बावजूद Fibe ने मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की।

FY25 में कंपनी का शुद्ध लाभ 13% बढ़कर 114 करोड़ रुपये हो गया।

FY24 में यह आंकड़ा 101 करोड़ रुपये के आसपास था।

नॉन-ऑपरेटिंग इनकम में वृद्धि (18 करोड़ से बढ़कर 41 करोड़) ने मुनाफा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।


📈 यूनिट इकॉनॉमिक्स क्या कहती है?

FY25 में Fibe ने 1 रुपये का ऑपरेटिंग रेवेन्यू कमाने के लिए 0.91 रुपये खर्च किए।

यह संकेत देता है कि कंपनी की यूनिट इकॉनॉमिक्स सकारात्मक दिशा में है।

मार्च 2025 तक कंपनी की कुल करंट एसेट्स 3,135 करोड़ रुपये थीं।

इसमें 259 करोड़ रुपये कैश और बैंक बैलेंस शामिल हैं — जो मजबूत लिक्विडिटी पोजिशन को दर्शाता है।


💵 अब तक 265 मिलियन डॉलर जुटाए

Fibe अब तक 265 मिलियन डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटा चुकी है।

  • 90 मिलियन डॉलर की Series E (TR Capital, Trifecta Capital, Amara Partners के नेतृत्व में)
  • 35 मिलियन डॉलर की हालिया Series F (IFC के नेतृत्व में)
  • अगस्त में 250 करोड़ रुपये का डेट फंडिंग

यह पूंजी कंपनी को FY26 में और आक्रामक विस्तार की ताकत दे सकती है।


🔍 FundingRaised Insight: क्या Fibe बन रही है अगली फिनटेक दिग्गज?

Fibe की FY25 रिपोर्ट एक दिलचस्प कहानी बताती है —

✔ मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ
✔ ब्याज आय में स्थिरता
✔ बढ़ती पार्टनरशिप
✔ डबल डिजिट प्रॉफिट

हालांकि फाइनेंस कॉस्ट और लोन राइट-ऑफ अभी भी बड़ा जोखिम हैं, लेकिन 114 करोड़ का मुनाफा यह दिखाता है कि कंपनी जोखिम और ग्रोथ के बीच संतुलन बना रही है।

IFC की एंट्री से Fibe की विश्वसनीयता और बढ़ी है।

अगर कंपनी डिफॉल्ट रेट को नियंत्रित रखते हुए लेंडिंग पोर्टफोलियो का विस्तार करती है, तो आने वाले वर्षों में यह भारत के डिजिटल लेंडिंग सेक्टर की अग्रणी कंपनियों में शामिल हो सकती है।


🚀 निष्कर्ष

FY25 Fibe के लिए ग्रोथ और स्थिरता दोनों का साल रहा।

1,200 करोड़ से ज्यादा ऑपरेटिंग रेवेन्यू, 114 करोड़ का मुनाफा और 35 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग — ये संकेत हैं कि कंपनी मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है।

अब नजर FY26 पर रहेगी, जहां IFC की फंडिंग का असली असर दिखेगा।

Indian fintech ecosystem में Fibe की यह रफ्तार आने वाले समय में और बड़ी कहानी लिख सकती है। 💰📈

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