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M2P Fintech

फिनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर स्टार्टअप M2P Fintech को FY24 में ग्रोथ हासिल करने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि FY23 में कंपनी का स्केल दोगुना से अधिक बढ़ा था। वित्त वर्ष 2024 (अप्रैल 2023-मार्च 2024) के दौरान कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 13.4% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि घाटा लगभग समान स्तर पर बना रहा।


📉M2P Fintech रेवेन्यू में गिरावट, घाटा बरकरार

M2P Fintech का ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY24 में घटकर ₹382 करोड़ रह गया, जो कि FY23 में ₹441 करोड़ था।

कंपनी API इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करती है, जिससे बिज़नेस अपने खुद के ब्रांडेड फाइनेंशियल सर्विसेज ऑफर कर सकते हैं। यह फिनटेक कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रेगुलेटरी कंप्लायंस सुनिश्चित करता है।

🚀 M2P Fintech का संचालन 30 से अधिक देशों में फैला है, जिसमें एशिया पैसिफिक, MENA (मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका), और ओशिनिया क्षेत्र शामिल हैं।

📊 घटता निर्यात, API आधारित मॉडल से आय

हालांकि कंपनी का संचालन 30 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैला है, लेकिन इसका निर्यात से होने वाला राजस्व मात्र ₹4.6 करोड़ रहा, जो कि FY23 में ₹19.3 करोड़ था।
⚠️ इसमें 76.2% की भारी गिरावट आई है।

M2P Fintech विभिन्न स्रोतों से रेवेन्यू उत्पन्न करता है, जिनमें शामिल हैं:
✔️ API उपयोग शुल्क
✔️ कार्ड इश्यू और मैनेजमेंट फीस
✔️ प्लेटफॉर्म सब्सक्रिप्शन फीस
✔️ बैंकिंग पार्टनरशिप से कमीशन
✔️ क्रॉस-बॉर्डर फॉरेक्स सेवाएं


💸 खर्च में कटौती के बावजूद घाटा बरकरार

1️⃣ सबसे बड़ा खर्च: कर्मचारी लाभ (47.5% कुल खर्च का हिस्सा)

FY24 में M2P Fintech का सबसे बड़ा खर्च कर्मचारी लाभ रहा, जो कि ₹251 करोड़ था, FY23 की तुलना में 33.5% अधिक।
👉 इसमें ₹36 करोड़ का नॉन-कैश ESOP खर्च शामिल था।

2️⃣ टेक्नोलॉजी और क्लाउड सर्विस पर खर्च घटाया

FY24 में कंपनी ने टेक्नोलॉजी, क्लाउड सर्विसेज और को-ब्रांडिंग पर खर्च में 56.4% की कटौती की, जिससे यह ₹160 करोड़ रह गया।

3️⃣ अन्य खर्चों में कमी

कंपनी ने कानूनी, विज्ञापन, यात्रा और अन्य खर्चों में कटौती की, जिससे कुल व्यय ₹528 करोड़ हुआ, जो कि FY23 की तुलना में 15.2% कम था।


📉 यूनिट इकोनॉमिक्स और घाटे का आकलन

FY24 में, कंपनी ने हर ₹1 कमाने के लिए ₹1.38 खर्च किया, जो कि स्टार्टअप के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

💰 कंपनी का कुल घाटा ₹134 करोड़ रहा, जो कि FY23 के बराबर ही था।
💡 हालांकि, खर्चों में कटौती से कंपनी को बड़ा घाटा झेलने से बचने में मदद मिली।


🚀 भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां

✅ ग्रोथ के लिए नई रणनीतियां ज़रूरी

1️⃣ बाजारों का विस्तार: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वृद्धि की रणनीति को मजबूत करना आवश्यक होगा।
2️⃣ नए रेवेन्यू स्रोत: API सेवाओं के अलावा, SaaS आधारित नए इनोवेटिव प्रोडक्ट्स पर फोकस करना होगा।
3️⃣ खर्चों को और नियंत्रित करना: ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाकर लागत घटाने की जरूरत होगी।

⚠️ M2P के लिए मुख्य चुनौतियां

✔️ बढ़ती प्रतिस्पर्धा: Razorpay, Juspay, और Zeta जैसे खिलाड़ियों से मुकाबला करना होगा।
✔️ नियमों का पालन: फिनटेक सेक्टर में बढ़ती रेगुलेटरी सख्ती के कारण नया निवेश और ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
✔️ लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी: कंपनी को अपने घाटे को कम करके प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ना होगा।


📌 निष्कर्ष: क्या M2P Fintech की स्थिति सुधरेगी?

M2P Fintech भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक मजबूत फिनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता बना हुआ है।
API-बेस्ड बिजनेस मॉडल से इसे स्थिर आय मिलती है, लेकिन FY24 में इसकी ग्रोथ में गिरावट आई।
हालांकि, कंपनी ने लागत को नियंत्रण में रखकर घाटे को स्थिर किया है।

👉 अगर M2P Fintech अपनी ग्रोथ रणनीति को सही दिशा में आगे बढ़ाता है और नई तकनीकों को अपनाता है, तो यह फिनटेक सेक्टर में अपनी मजबूती बनाए रख सकता है। 🚀

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