Skip to content
ola electric

लगातार घटती बाजार हिस्सेदारी के बाद, बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता Ola Electric ने अक्टूबर में एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत की है। फेस्टिवल सीजन के दौरान कंपनी की बिक्री में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे बाजार में उसकी स्थिति में सुधार हुआ है।

वहान डेटा के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक ने अक्टूबर में 41,605 यूनिट्स की बिक्री की, जो सितंबर की लगभग 24,726 यूनिट्स की बिक्री से 68% अधिक है। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर अक्टूबर में 30% हो गई, जबकि पिछले महीने यह 27% थी।

हालांकि, यह आंकड़ा पिछले कुछ महीनों की तुलना में अब भी कम है, जब ओला की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में 32%, जुलाई में 39%, और जून में 49% थी। इस गिरावट के बावजूद, कंपनी ने फेस्टिवल सीजन का लाभ उठाते हुए अक्टूबर में अपनी स्थिति को सुधारने में सफलता पाई है।

Ola Electric दोपहिया बाजार में अक्टूबर की बिक्री

अक्टूबर 2024 में भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में कुल 1,39,031 यूनिट्स की बिक्री हुई। ओला इलेक्ट्रिक ने 29,890 यूनिट्स के साथ बाजार में अपनी बढ़त बनाए रखी, जिसके बाद टीवीएस मोटर्स ने 28,188 यूनिट्स की बिक्री की। इसके बाद बजाज ऑटो 15,984 यूनिट्स के साथ, एथर एनर्जी 7,309 यूनिट्स के साथ, और हीरो मोटोकॉर्प 7,137 यूनिट्स के साथ शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल रहे।

इस आंकड़े से स्पष्ट होता है कि ओला इलेक्ट्रिक ने अक्टूबर में बाजार में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाए रखी है। फेस्टिव सीजन के दौरान बढ़ी हुई बिक्री से संकेत मिलता है कि ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।

ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ सीसीपीए द्वारा कार्रवाई

हाल के समय में, ओला इलेक्ट्रिक कई विवादों का सामना कर रही है। इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कंपनी को उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार प्रथाओं से संबंधित आरोपों पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

हालांकि, ओला इलेक्ट्रिक ने सीसीपीए के साथ दर्ज की गई लगभग सभी बाद-सेवा शिकायतों का समाधान कर लिया है, जैसा कि हालिया स्पष्टीकरण में बताया गया है। फिर भी, उपभोक्ता मामलों का विभाग इन शिकायतों के समाधान की पुष्टि के लिए जांच कर रहा है। कंपनी का कहना है कि वह उपभोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन इन विवादों के कारण ओला इलेक्ट्रिक को सार्वजनिक रूप से काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है।

ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ और सोशल मीडिया विवाद

ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल की एक सोशल मीडिया पर हुई बातचीत भी हाल ही में चर्चा का विषय बनी। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कॉमेडियन कुनाल कामरा ने ओला इलेक्ट्रिक के उत्पादों और सेवा गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इस पर भाविश अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जिससे सोशल मीडिया पर कंपनी की काफी चर्चा हुई।

ग्राहकों की शिकायतों और इस सोशल मीडिया विवाद ने कंपनी को मीडिया और जनता के बीच सुर्खियों में बनाए रखा है। ओला इलेक्ट्रिक ने अपने ग्राहकों की चिंताओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में कंपनी इन मुद्दों से कैसे निपटती है।

वित्तीय प्रदर्शन और कंपनी के स्टॉक में गिरावट

ओला इलेक्ट्रिक ने वित्तीय वर्ष 2025 की पहली तिमाही (Q1 FY25) में अपने राजस्व में 2.8% की मामूली वृद्धि दर्ज की, जो कि Q4 FY24 में 1,598 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,644 करोड़ रुपये हो गया। साथ ही, कंपनी के घाटे में भी 16.6% की कमी आई और यह घटकर 347 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, कंपनी का स्टॉक अभी 80 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जो कि अगस्त के मध्य में अपने उच्चतम स्तर 157.53 रुपये से लगभग 50% कम है।

बाजार फिलहाल Q2 के परिणामों का इंतजार कर रहा है, और निवेशकों को उम्मीद है कि ओला इलेक्ट्रिक की वित्तीय स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। ओला इलेक्ट्रिक की वित्तीय स्थिति में लगातार सुधार इसे भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद कर सकता है।

ओला इलेक्ट्रिक की चुनौतियाँ और भविष्य की रणनीति

ओला इलेक्ट्रिक के सामने कई चुनौतियाँ हैं, जिनमें ग्राहक सेवा में सुधार, उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखना और वित्तीय प्रदर्शन को सुधारना शामिल है। कंपनी को उपभोक्ता अधिकारों और सेवा गुणवत्ता के मामले में अपने ब्रांड को मजबूत करने की आवश्यकता है।

इसके अलावा, कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके उत्पाद और सेवाएँ ग्राहकों की अपेक्षाओं पर खरे उतरें। इसके लिए ओला इलेक्ट्रिक को अपने ग्राहक सेवा और उत्पाद गुणवत्ता में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिससे ग्राहकों का विश्वास फिर से जीता जा सके।

निष्कर्ष

अक्टूबर 2024 में ओला इलेक्ट्रिक ने फेस्टिवल सीजन के दौरान अपनी बिक्री और बाजार हिस्सेदारी में सुधार दर्ज किया है, लेकिन अभी भी इसे कई चुनौतियों का सामना करना है। भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने के लिए कंपनी को उपभोक्ता संतुष्टि और सेवा गुणवत्ता पर और ध्यान देने की आवश्यकता है।

बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि ओला इलेक्ट्रिक अपनी स्थिति को कैसे बनाए रखती है। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और स्टॉक मूल्य में सुधार की संभावना से निवेशक उत्साहित हैं, लेकिन कंपनी को उपभोक्ताओं का विश्वास जीतने और अपने ब्रांड की छवि को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।

Read more : UPI में अक्टूबर 2024 में वृद्धि, 16.58 बिलियन लेनदेन दर्ज

Latest News

Read More

McCain

McCain India 1,214 करोड़ के साथ भारत के फ्राइड स्नैक्स मार्केट में बना लीडर

भारत में स्नैक्स और फास्ट फूड की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, और इस क्षेत्र में McCain एक
Scapia

Scapia ने Series B फंडिंग में जुटाए $40 मिलियन,

ट्रैवल फिनटेक स्टार्टअप Scapia ने Series B फंडिंग राउंड में $40 मिलियन (₹289 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड
Attero

Attero ने FY24 में 54% ग्रोथ के साथ ₹446 करोड़ का राजस्व दर्ज किया,

इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट रीसाइक्लिंग स्टार्टअप Attero ने वित्त वर्ष 2024 (FY24) में 54% सालाना वृद्धि दर्ज करते हुए अपना