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Rapido

भारत की प्रमुख माइक्रो-मोबिलिटी फर्म Rapido ने सीरीज E फंडिंग राउंड में ₹250 करोड़ (~$29.7 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड में Prosus मुख्य निवेशक के रूप में शामिल हुआ है। यह निवेश उस फंडिंग के सिर्फ 7 महीने बाद आया है, जब Rapido ने WestBridge के नेतृत्व में $120 मिलियन जुटाए थे

फंडिंग ब्रेकअप: Rapido कैसे जुटाए गए ₹250 करोड़?

Rapido के बोर्ड ने एक विशेष प्रस्ताव पारित किया है, जिसके तहत 47,743 सीरीज E प्रेफरेंस शेयर्स को ₹52,467 प्रति शेयर की कीमत पर जारी किया गया है। इस राउंड में कुल ₹250 करोड़ ($29.7 मिलियन) जुटाए गए हैं।

👉 सीरीज E राउंड में कुल निवेश – $200 मिलियन
👉 Rapido की मौजूदा वैल्यूएशन – $1.1 बिलियन (~₹8,726 करोड़)

Prosus की Rapido में हिस्सेदारी

इस नए निवेश के बाद Prosus की Rapido में हिस्सेदारी लगभग 2.9% हो जाएगी। इसके साथ ही, कंपनी की कुल वैल्यूएशन ₹8,726 करोड़ (~$1.1 बिलियन) तक पहुंच गई है, जो इसे यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की सूची में बनाए रखता है

Rapido की ग्रोथ: मजबूत राजस्व और घाटे में कमी

Rapido ने वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में 46.3% सालाना ग्रोथ दर्ज की और कंपनी का राजस्व ₹648 करोड़ तक पहुंच गया।

👉 राजस्व (FY24) – ₹648 करोड़
👉 घाटा (FY24) – ₹371 करोड़ (45% की कमी)

कंपनी ने अपने घाटे को 45% तक कम किया, जो पहले की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है। यह दर्शाता है कि Rapido अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को मजबूत कर रहा है और प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ रहा है

Rapido: भारत की अग्रणी बाइक टैक्सी सर्विस

Rapido एक राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जो मुख्य रूप से बाइक टैक्सी, ऑटो रिक्शा और डिलीवरी सेवाएं प्रदान करता है। यह भारत के 100+ शहरों में काम कर रहा है और तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।

Rapido की सफलता के पीछे की रणनीति

  1. बाइक टैक्सियों की लोकप्रियता – बड़े शहरों में ट्रैफिक की समस्या के कारण, बाइक टैक्सियों की डिमांड बढ़ रही है।
  2. कम लागत, ज्यादा सुविधा – Rapido की सेवाएं अन्य राइड-हेलिंग कंपनियों की तुलना में सस्ती हैं, जिससे यह आम लोगों के लिए किफायती विकल्प बनता है।
  3. डिजिटल पेमेंट और ऑफर्स – कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर डिजिटल वॉलेट और डिस्काउंट ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।
  4. ऑटो और डिलीवरी सेगमेंट में विस्तार – Rapido सिर्फ बाइक टैक्सियों तक सीमित नहीं है; अब यह ऑटो राइड्स और डिलीवरी सर्विसेज में भी अपनी पकड़ बना रहा है।

Rapido की भविष्य की योजनाएं

👉 अधिक शहरों में विस्तार – कंपनी आने वाले समय में नए भारतीय शहरों में अपनी सेवाएं लॉन्च कर सकती है।
👉 ऑटो और डिलीवरी सेगमेंट को मजबूत करना – बाइक टैक्सियों के अलावा, Rapido ऑटो सेवाओं और हाइपरलोकल डिलीवरी पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।
👉 प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस – घाटे को और कम करने और कंपनी को प्रॉफिटेबल बनाने के लिए नए बिजनेस मॉडल अपनाए जाएंगे।

निष्कर्ष

Rapido की ₹250 करोड़ (~$29.7 मिलियन) की ताजा फंडिंग से यह साफ है कि भारत में माइक्रो-मोबिलिटी और बाइक टैक्सी सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। Prosus जैसे बड़े निवेशकों की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि Rapido का भविष्य उज्ज्वल है।

अगर कंपनी अपनी मौजूदा ग्रोथ को बनाए रखती है, तो यह आने वाले वर्षों में भारत की सबसे बड़ी राइड-हेलिंग कंपनियों में शामिल हो सकती है। 🚀

Read more :The Whole Truth ने सीरीज C फंडिंग राउंड में ₹133.3 करोड़ जुटाए,

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