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Simplilearn

अपस्किलिंग-केंद्रित एडटेक प्लेटफ़ॉर्म Simplilearn (Simplilearn) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 (FY24) में अपने घाटे को 56% से अधिक घटा लिया। हालाँकि, कंपनी का परिचालन पैमाना (operating scale) केवल एकल-अंकीय (single-digit) वृद्धि दर्ज कर सका और लगभग स्थिर रहा।

आइए कंपनी की आय, खर्च, और घाटे को कम करने के पीछे की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा करें।


Simplilearn आय में वृद्धि के प्रमुख स्तंभ

कुल राजस्व में 9.6% की वृद्धि

Simplilearn की परिचालन आय FY23 के ₹683.98 करोड़ से बढ़कर FY24 में ₹749.77 करोड़ हो गई, जो 9.6% की वृद्धि को दर्शाती है।

  • ऑनलाइन सेल्फ-लर्निंग प्रोग्राम्स ने राजस्व में बड़ा योगदान दिया, जिसमें 7.8X वृद्धि दर्ज कर ₹451.45 करोड़ की कमाई हुई।
  • लाइव वर्चुअल क्लासेस से होने वाली आय में 51.97% की गिरावट आई और यह ₹341.50 करोड़ रही।
  • इसके अतिरिक्त, ₹43.17 करोड़ की छूट (discounts) दी गई, जो कंपनी की बिक्री रणनीति का हिस्सा रही।

कुल आय

कंपनी ने ₹23 करोड़ की अतिरिक्त आय ब्याज (interest income) से अर्जित की, जिससे कुल आय ₹773 करोड़ तक पहुँच गई।

प्रशिक्षण क्षेत्र में विविधता

सिम्पलीलर्न डिजिटल अपस्किलिंग में विशेषज्ञता रखती है और यह साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करती है।

  • पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम्स, मास्टर्स प्रोग्राम्स, और सर्टिफिकेशन कोर्सेज इसके प्रमुख उत्पाद हैं।

खर्च में कमी: घाटे को नियंत्रित करने की कुंजी

FY24 में सिम्पलीलर्न ने अपने खर्चों को कई प्रमुख श्रेणियों में नियंत्रित किया, जिससे घाटे को 56% से अधिक कम करने में मदद मिली।

शैक्षणिक सामग्री और शिक्षक शुल्क

  • कॉस्ट ऑफ मटेरियल्स में 13.27% की कमी हुई, जो ₹183 करोड़ तक सीमित रही।
  • यह शिक्षकों और शिक्षण सामग्री पर खर्च को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने का परिणाम था।

विज्ञापन खर्च में बड़ी कटौती

  • FY23 में ₹301.6 करोड़ की तुलना में FY24 में विज्ञापन पर केवल ₹204.79 करोड़ खर्च हुए, जो 32.08% की कमी को दर्शाता है।
  • यह कंपनी की लक्षित विज्ञापन रणनीति और मार्केटिंग लागत को पुनर्गठित करने का संकेत है।

कर्मचारियों पर बढ़ा खर्च

  • कर्मचारियों के लाभ और वेतन (employee benefit costs) में 12.66% की वृद्धि हुई, जो ₹325.17 करोड़ तक पहुँच गई।
  • कंपनी ने कुशल कर्मचारियों को बनाए रखने और नए टैलेंट को जोड़ने में निवेश किया।

अमूर्त खर्चों में वृद्धि

  • डिप्रिसिएशन खर्च लगभग दोगुना हो गया और ₹69.63 करोड़ तक पहुँच गया।
  • यह तकनीकी बुनियादी ढाँचे और संपत्तियों पर किए गए नए निवेशों को दर्शाता है।

अन्य खर्च

  • अन्य खर्च ₹96.91 करोड़ रहे, जिसमें विभिन्न परिचालन गतिविधियाँ शामिल थीं।

लाइव वर्चुअल क्लासेस में गिरावट: चिंता का विषय?

लाइव वर्चुअल क्लासेस से होने वाली आय में 51.97% की गिरावट ने कंपनी की आय के इस स्रोत पर सवाल खड़े किए।

  • यह गिरावट संभवतः महामारी के बाद ऑनलाइन क्लासेस की मांग में कमी और प्रतिस्पर्धा के बढ़ते दबाव के कारण हुई।
  • हालांकि, सेल्फ-लर्निंग प्रोग्राम्स की सफलता ने इस गिरावट की भरपाई कर दी।

सिम्पलीलर्न का भविष्य और रणनीति

नवाचार और पाठ्यक्रम का विस्तार

कंपनी का ध्यान उभरते क्षेत्रों में पाठ्यक्रम जोड़ने और उद्योग-अनुकूल सर्टिफिकेशन कोर्सेज प्रदान करने पर है।

  • साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे हाई-डिमांड क्षेत्रों में निवेश जारी रहेगा।

तकनीकी उन्नति

सिम्पलीलर्न का लक्ष्य उन्नत तकनीकों का उपयोग करना है, जैसे कि एआई-आधारित लर्निंग और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव।

लागत प्रबंधन

कंपनी अपनी परिचालन लागत को नियंत्रित करने और अधिक लाभकारी क्षेत्रों में निवेश करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।


निष्कर्ष: सिम्पलीलर्न की प्रगति की राह

FY24 में सिम्पलीलर्न ने घाटे को 56% तक कम करके अपनी दक्षता साबित की है।

  • हालांकि, आय में केवल 9.6% की वृद्धि यह दिखाती है कि कंपनी को अधिक आक्रामक विकास रणनीतियों की आवश्यकता है।
  • खर्चों में कटौती और सेल्फ-लर्निंग प्रोग्राम्स की सफलता ने इसे स्थिरता की ओर बढ़ाया है।

आगे बढ़ते हुए, सिम्पलीलर्न को अपने लाइव वर्चुअल क्लासेस सेगमेंट को पुनर्जीवित करना होगा और अधिक विविधता लाने के लिए नए पाठ्यक्रम विकसित करने होंगे।
भारतीय एडटेक स्पेस में प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, नवाचार और लागत प्रबंधन कंपनी के लिए सफलता की कुंजी साबित होंगे।

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