भारत की प्रमुख लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कंपनी Delhivery ने शनिवार को अपने Q3 FY26 के वित्तीय नतीजों की घोषणा की। नतीजे साफ संकेत देते हैं कि कंपनी न सिर्फ रेवेन्यू के मोर्चे पर मजबूत हो रही है, बल्कि मुनाफे में भी लगातार सुधार कर रही है। इस तिमाही में Delhivery ने 18% साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, वहीं कंपनी का मुनाफा 59% बढ़कर ₹40 करोड़ तक पहुंच गया। 💰
📊 रेवेन्यू में मजबूत उछाल
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दाखिल वित्तीय विवरणों के अनुसार, Delhivery का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q3 FY26 में ₹2,805 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही (Q3 FY25) में ₹2,378 करोड़ था। यह बढ़ोतरी भारत में ई-कॉमर्स, डी2सी ब्रांड्स और ओम्नी-चैनल रिटेल की बढ़ती मांग को दर्शाती है।
कंपनी ने सिर्फ ऑपरेशंस से ही नहीं, बल्कि नॉन-ऑपरेटिंग गतिविधियों से भी ₹77 करोड़ की कमाई की। इस तरह Delhivery का कुल रेवेन्यू ₹2,882 करोड़ तक पहुंच गया। 💼
🚛 लॉजिस्टिक्स सेवाएं बनीं कमाई की रीढ़
Delhivery की आय का बड़ा हिस्सा उसकी कोर लॉजिस्टिक्स सेवाओं से आता है, जिनमें शामिल हैं:
- वेयरहाउसिंग 🏬
- लास्ट-माइल डिलीवरी 🚚
- लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट सिस्टम्स का डिजाइन और संचालन
इन सेवाओं की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, खासकर ऑनलाइन शॉपिंग, क्विक कॉमर्स और बी2बी सप्लाई चेन के विस्तार के चलते।
💸 खर्चों पर कंट्रोल बनी सफलता की कुंजी
रेवेन्यू बढ़ने के साथ-साथ Delhivery ने खर्चों पर भी सख्त नियंत्रण रखा, जिसका सीधा फायदा मुनाफे में देखने को मिला।
- फ्रेट हैंडलिंग और सर्विसिंग कॉस्ट कुल खर्च का लगभग 70% रही और इसमें 7.4% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹1,980 करोड़ तक पहुंच गई।
- एम्प्लॉयी बेनिफिट खर्च में हल्की गिरावट आई और यह 4% घटकर ₹410 करोड़ रह गया।
- डिप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन का खर्च ₹187 करोड़ रहा।
- लीगल, फाइनेंस और अन्य ओवरहेड्स मिलाकर खर्च ₹243 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 4% की बढ़ोतरी है।
📉 खर्चों को संतुलित रखने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने की वजह से कंपनी ने बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की।
📈 मुनाफे में 59% की जबरदस्त बढ़त
18% की रेवेन्यू ग्रोथ और नियंत्रित खर्चों का नतीजा यह रहा कि Delhivery का मुनाफा Q3 FY26 में ₹40 करोड़ हो गया, जबकि Q3 FY25 में यह ₹25 करोड़ था।
खास बात यह है कि पिछली तिमाही में कंपनी को ₹50 करोड़ का नुकसान हुआ था, ऐसे में यह तिमाही Delhivery के लिए एक बड़ा टर्नअराउंड मानी जा रही है। 🔄
🗓️ पूरे वित्त वर्ष की झलक
अगर पूरे वित्त वर्ष FY26 के पहले नौ महीनों की बात करें, तो:
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू 13% से ज्यादा बढ़कर ₹7,658 करोड़ रहा
- कुल मुनाफा ₹88 करोड़ दर्ज किया गया
यह दिखाता है कि कंपनी सिर्फ तिमाही आधार पर नहीं, बल्कि सालाना स्तर पर भी अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत कर रही है।
👩💼 कर्मचारियों के लिए ESOPs
Delhivery ने अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए 70,900 ESOPs (Employee Stock Options) भी जारी किए हैं, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹3 करोड़ बताई गई है। यह कदम कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ में कर्मचारियों को भागीदार बनाने की रणनीति को दर्शाता है। 🤝
📉 शेयर प्राइस और मार्केट कैप
पिछले ट्रेडिंग सेशन के अंत में Delhivery का शेयर ₹426.35 पर बंद हुआ। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप ₹31,903 करोड़ (लगभग $3.54 बिलियन) हो गया। 📊
🔮 आगे की राह
Delhivery के Q3 FY26 नतीजे यह संकेत देते हैं कि कंपनी अब ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच बेहतर संतुलन बना रही है। ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और सप्लाई चेन डिजिटाइजेशन के बढ़ते ट्रेंड के बीच Delhivery आने वाले समय में भारत की लॉजिस्टिक्स रीढ़ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
📌 निवेशकों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए यह एक अहम संकेत है कि सही रणनीति, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और खर्चों पर नियंत्रण के साथ लॉजिस्टिक्स जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में भी मुनाफा संभव है।
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