भारत में सस्टेनेबल और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री विकसित करने वाली IP-आधारित बायोपॉलिमर कंपनी UKHI ने सीड फंडिंग राउंड में ₹10.5 करोड़ जुटाए हैं। इस निवेश राउंड का नेतृत्व Venture Catalysts ने किया, जबकि इसमें 100 Unicorns, 888 VC और कंपनी के रणनीतिक औद्योगिक साझेदार DCG Pack ने भी भागीदारी की।
कंपनी ने प्रेस रिलीज में बताया कि जुटाई गई पूंजी का उपयोग उसके प्रमुख उत्पाद EcoGran के उत्पादन को बढ़ाने, फॉर्मुलेशन और प्रोसेस से जुड़ी बौद्धिक संपदा (IP) को मजबूत करने और पैकेजिंग वैल्यू चेन में साझेदारियों को गहरा करने के लिए किया जाएगा।
🏭 2019 में हुई स्थापना, लक्ष्य—सर्कुलर इकोनॉमी
UKHI की स्थापना 2019 में विशाल विवेक, प्रियंका चौहान और संदीप कुमार त्यागी ने मिलकर की थी। यह एक बायोमैटेरियल स्टार्टअप है, जो पारंपरिक प्लास्टिक के स्थान पर सस्टेनेबल और कम्पोस्टेबल विकल्प विकसित करने पर काम कर रही है।
कंपनी का उद्देश्य एक सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) की दिशा में बदलाव को तेज करना है। इसके लिए UKHI कृषि अवशेष (Agricultural Residues) और लिग्नोसेलुलोसिक बायोमास (Lignocellulosic Biomass) का उपयोग कर उच्च-प्रदर्शन वाले बायो-आधारित पैकेजिंग मैटेरियल तैयार करती है।
🧪 पेटेंट-पेंडिंग टेक्नोलॉजी
UKHI का दावा है कि उसकी तकनीक पेटेंट-पेंडिंग है और इसे बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस टेक्नोलॉजी की खासियतें हैं:
- स्केलेबल (बड़े स्तर पर उत्पादन योग्य)
- लागत-प्रभावी
- पर्यावरण के अनुकूल
- पारंपरिक प्लास्टिक जितनी मजबूत और कार्यक्षम
कंपनी का कहना है कि उसकी बायोपॉलिमर सामग्री ब्रांड्स को पेट्रोलियम-आधारित प्लास्टिक पर निर्भरता कम करने में मदद करती है, बिना गुणवत्ता या मजबूती से समझौता किए।
🚀 छह महीनों में व्यावसायिक सफलता
UKHI के अनुसार, पिछले छह महीनों में उसने:
- एक व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य (Commercially Viable) बायोपॉलिमर प्लेटफॉर्म तैयार किया
- अपनी खुद की मटेरियल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विकसित की
- भारत के पैकेजिंग इकोसिस्टम में बाजार अपनापन (Market Adoption) शुरू किया
कंपनी ऐसे बायोडिग्रेडेबल और कम्पोस्टेबल मैटेरियल पर काम कर रही है, जो पारंपरिक प्लास्टिक का विकल्प बन सके और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भी संगत रहे।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि नई तकनीक अपनाने में अक्सर कंपनियों को मशीनरी बदलनी पड़ती है, जिससे लागत बढ़ जाती है। UKHI का समाधान इस चुनौती को कम करने की दिशा में काम करता है।
📦 EcoGran: कंपनी का प्रमुख उत्पाद
UKHI का फ्लैगशिप प्रोडक्ट लाइन EcoGran है।
EcoGran एक उच्च-प्रदर्शन बायोपॉलिमर है, जिसे पैकेजिंग उद्योग में पारंपरिक प्लास्टिक के स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
जुटाए गए ₹10.5 करोड़ में से बड़ी राशि EcoGran के उत्पादन को स्केल करने में खर्च की जाएगी, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
📊 शुरुआती ग्राहकों से मजबूत प्रतिक्रिया
कंपनी ने दावा किया है कि उसने कुछ ही महीनों में व्यावसायिक राजस्व हासिल कर लिया है।
- शुरुआती एंकर क्लाइंट्स के साथ काम शुरू किया
- अब तक दो लाख किलोग्राम से अधिक बायोपॉलिमर सामग्री बेची
- ग्राहक पायलट प्रोजेक्ट्स में 90% से अधिक ट्रायल-टू-कमर्शियल कन्वर्जन दर्ज किया
यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का उत्पाद बाजार की जरूरतों के अनुरूप है और ग्राहकों के बीच इसकी स्वीकार्यता बढ़ रही है।
🌍 अगले 12 महीनों की योजना
UKHI का लक्ष्य अगले 12 महीनों में:
- 24 लाख किलोग्राम सिंगल-यूज प्लास्टिक को रिप्लेस करना
- उत्पादन क्षमता का विस्तार करना
- पैकेजिंग वैल्यू चेन में मजबूत साझेदारियां बनाना
अगर कंपनी अपने इस लक्ष्य को हासिल कर लेती है, तो यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
♻️ क्यों महत्वपूर्ण है बायोपॉलिमर?
भारत समेत पूरी दुनिया में सिंगल-यूज प्लास्टिक एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या बन चुका है।
- प्लास्टिक कचरा समुद्रों और भूमि को प्रदूषित कर रहा है
- रिसाइक्लिंग की सीमाएं हैं
- पारंपरिक प्लास्टिक को नष्ट होने में सैकड़ों साल लगते हैं
ऐसे में बायोपॉलिमर और कम्पोस्टेबल मैटेरियल भविष्य का समाधान माने जा रहे हैं।
सरकारें भी प्लास्टिक पर प्रतिबंध और सस्टेनेबल विकल्पों को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स के लिए अवसर बढ़ रहे हैं।
💰 निवेशकों का भरोसा
Venture Catalysts, 100 Unicorns, 888 VC और DCG Pack जैसे निवेशकों की भागीदारी यह दिखाती है कि बाजार को UKHI की तकनीक और विजन पर भरोसा है।
DCG Pack का रणनीतिक औद्योगिक साझेदार के रूप में जुड़ना कंपनी के लिए अतिरिक्त मजबूती प्रदान करता है, क्योंकि इससे इंडस्ट्रियल स्केल और सप्लाई चेन सपोर्ट मिल सकता है।
🔮 आगे की संभावनाएं
अगर UKHI अपनी तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने में सफल होती है, तो वह भारत के पैकेजिंग उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
- FMCG कंपनियां
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म
- फूड डिलीवरी कंपनियां
सभी सस्टेनेबल पैकेजिंग की तलाश में हैं। UKHI के समाधान इस मांग को पूरा कर सकते हैं।
📌 निष्कर्ष
UKHI का ₹10.5 करोड़ का सीड फंडिंग राउंड न सिर्फ एक स्टार्टअप की फंडिंग खबर है, बल्कि यह भारत में सस्टेनेबल इनोवेशन की बढ़ती दिशा का संकेत भी है।
EcoGran जैसे उत्पाद और पेटेंट-पेंडिंग टेक्नोलॉजी के साथ UKHI प्लास्टिक के पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
अगर कंपनी अपने उत्पादन और बाजार विस्तार की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो आने वाले वर्षों में यह भारत के बायोमैटेरियल सेक्टर में एक प्रमुख नाम बन सकती है।
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