देश की प्रमुख कोचिंग कंपनी Aakash Educational Services Ltd (AESL) ने वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में 2,443 करोड़ रुपये का बड़ा शुद्ध घाटा दर्ज किया है। यह नुकसान मुख्य रूप से इसकी पैरेंट कंपनी Think & Learn Private Limited (Byju’s) से जुड़े exceptional items के कारण हुआ है।
कंपनी के कंसोलिडेटेड वित्तीय दस्तावेज, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) से प्राप्त हुए हैं, बताते हैं कि भारी वित्तीय लागत, लोन डिफॉल्ट, पुनर्भुगतान और संबंधित पक्ष को दिए गए ऋण की राइट-ऑफ इस घाटे की प्रमुख वजह रहे।
📊 रेवेन्यू लगभग स्थिर, लेकिन मुनाफा गायब
FY24 में Aakash का ऑपरेशनल रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा।
- FY24 में रेवेन्यू: 2,438 करोड़ रुपये
- FY23 में रेवेन्यू: 2,399 करोड़ रुपये
यानी सालाना आधार पर मामूली बढ़त देखने को मिली।
Aakash मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं जैसे NEET, IIT-JEE, Olympiads और NTSE के लिए क्लासरूम और डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम चलाती है।
कंपनी की कुल आय का 96% हिस्सा छात्रों से मिलने वाली फीस से आता है, जो FY24 में 2% बढ़कर 2,341 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं फ्रेंचाइज़ी मॉडल से होने वाली आय 8.5% घटकर 97 करोड़ रुपये रह गई।
💰 नॉन-ऑपरेशनल आय से सहारा
FY24 में कंपनी ने 433 करोड़ रुपये की नॉन-ऑपरेशनल आय भी दर्ज की। इसमें मुख्य रूप से ब्याज आय, मैनपावर सेवाएं और सिक्योरिटी डिपॉजिट पर डिस्काउंट के अनवाइंडिंग शामिल रहे।
इससे कंपनी की कुल आय 2,471 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
लेकिन बढ़ते खर्चों और एकमुश्त प्रावधानों ने पूरे वित्तीय संतुलन को बिगाड़ दिया।
📈 खर्चों में 14% की बढ़ोतरी
Aakash के लिए सबसे बड़ा खर्च कर्मचारी वेतन और फैकल्टी से जुड़ा रहा, जो कुल खर्च का 56% था।
- कर्मचारी लाभ व्यय FY24 में 14% बढ़कर 1,411 करोड़ रुपये हो गया (FY23: 1,239 करोड़ रुपये)।
- डिप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन खर्च 28% बढ़कर 259 करोड़ रुपये पहुंच गया।
इसके अलावा विज्ञापन, प्रमोशन, स्टडी मैटेरियल, लीगल और प्रोफेशनल फीस, IT खर्च और फ्रेंचाइज़ी फीस जैसी लागतों ने कुल खर्च को 14% बढ़ाकर 2,532 करोड़ रुपये कर दिया (FY23: 2,225 करोड़ रुपये)।
⚠️ 2,720 करोड़ रुपये के ‘Exceptional Items’ ने बिगाड़ी तस्वीर
सबसे बड़ा झटका 2,720 करोड़ रुपये के exceptional items से आया, जो मुख्य रूप से पैरेंट कंपनी Think & Learn (Byju’s) से जुड़े थे।
इनमें शामिल हैं:
- 1,363 करोड़ रुपये ब्याज और लोन दायित्वों के लिए प्रावधान
- 780 करोड़ रुपये के संबंधित पक्ष को दिए गए ऋण की राइट-ऑफ
- 100 करोड़ रुपये का वन-टाइम टर्मिनेशन शुल्क (6 मई 2023 को Think & Learn के साथ सर्विस एग्रीमेंट खत्म होने के बाद)
- 102 करोड़ रुपये की goodwill impairment
- 300 करोड़ रुपये की intangible assets की write-down
इन भारी एकमुश्त खर्चों के कारण कंपनी को 2,443 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा उठाना पड़ा।
Entrackr द्वारा पूछे गए सवालों पर कंपनी ने इन exceptional items को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की।
📌 ऑपरेशनल स्तर पर फिर भी EBITDA पॉजिटिव
हालांकि शुद्ध घाटा भारी रहा, लेकिन ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी EBITDA पॉजिटिव रही।
- FY24 में EBITDA: 307 करोड़ रुपये
- EBITDA मार्जिन घटकर 12.57% रह गया
- ROCE गिरकर 6.76% पर आ गया
अगर exceptional items और डिफर्ड टैक्स को हटा दिया जाए, तो कंपनी का घाटा सिर्फ 61 करोड़ रुपये था, जबकि FY23 में 153 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
इससे साफ है कि मूल बिजनेस अभी भी पूरी तरह ढहा नहीं है, लेकिन पैरेंट कंपनी से जुड़ी वित्तीय उलझनों ने तस्वीर बिगाड़ दी।
📉 हर 1 रुपये कमाने में 1.04 रुपये खर्च
यूनिट इकॉनॉमिक्स की बात करें तो FY24 में कंपनी ने 1 रुपये कमाने के लिए 1.04 रुपये खर्च किए।
मार्च 2024 तक कंपनी के पास 315 करोड़ रुपये की करेंट एसेट्स थीं, जिनमें कैश और बैंक बैलेंस भी शामिल था।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा विवाद
हाल ही में Think & Learn (Byju’s) ने Aakash के 240 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसने NCLAT द्वारा फंडरेज को मंजूरी देने के फैसले को चुनौती दी।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और Aakash को इश्यू जारी रखने की अनुमति दे दी। साथ ही Think & Learn को अपनी शेयरहोल्डिंग के अनुपात में सब्सक्राइब करने का अधिकार दिया गया।
यह कानूनी लड़ाई Aakash के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
🏫 मजबूत ब्रांड, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा
Aakash की स्थापना JC Chaudhry और उनकी टीम ने की थी, जिन्होंने इसे देश के सबसे भरोसेमंद कोचिंग ब्रांड्स में से एक बनाया। बाद में Byju’s ने लगभग 1 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर इसे अधिग्रहित किया।
आज जबकि Byju’s खुद वित्तीय संकट में है, Aakash उसके सबसे मूल्यवान एसेट्स में से एक माना जाता है।
हालांकि FY24 तक कंपनी ने अपनी मार्केट हिस्सेदारी को काफी हद तक बनाए रखा, लेकिन अब उसे PhysicsWallah जैसे उभरते प्रतिस्पर्धियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।
FY25 के नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि Aakash ने बाजार में अपनी पकड़ कितनी बरकरार रखी है।
🔮 आगे की राह आसान नहीं
डिजिटल क्लासरूम बंद करने जैसे कठिन फैसले पहले ही लिए जा चुके हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कंपनी कानूनी और वित्तीय उलझनों से बाहर निकलकर एक साफ शुरुआत कर पाए।
मौजूदा बड़े निवेशक Ranjan Pai के सामने कंपनी को फिर से पटरी पर लाने की जिम्मेदारी है।
ब्रांड फिलहाल दबाव में जरूर है, लेकिन Aakash ने अब तक कई मुश्किल दौर देखे हैं। सही रणनीति और स्थिर नेतृत्व के साथ यह फिर से मजबूती से वापसी कर सकता है।
फिलहाल FY24 के आंकड़े बताते हैं कि ऑपरेशनल बिजनेस में दम है, लेकिन पैरेंट कंपनी की समस्याओं का असर भारी पड़ा है। आने वाले वित्तीय वर्ष Aakash के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
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