PhonePe ने Account Aggregator बिज़नेस से किया एग्जिट

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भारत की डिजिटल पेमेंट दिग्गज PhonePe Group ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह Account Aggregator (AA) बिज़नेस से बाहर निकल रही है और अब इस सेगमेंट में अन्य अकाउंट एग्रीगेटर्स के साथ पार्टनरशिप करेगी।

कंपनी ने कहा कि वह अपना NBFC-AA लाइसेंस भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को सरेंडर करेगी और अपने AA ऑपरेशन्स को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है


📌 Account Aggregator बिज़नेस से बाहर क्यों हुआ PhonePe?

👉 2023 में मिला था RBI का लाइसेंस

PhonePe को जून 2023 में RBI से Account Aggregator (AA) ऑपरेट करने का फाइनल लाइसेंस मिला था। इससे पहले, उसे 2023 की शुरुआत में इन-प्रिंसिपल अप्रूवल भी मिल चुका था।

👉 5 करोड़ यूजर्स जुड़ने के बावजूद FIP नेटवर्क नहीं बढ़ा

PhonePe ने बताया कि उसने पिछले दो सालों में लगभग 5 करोड़ भारतीयों को अपने AA प्लेटफॉर्म से जोड़ा। लेकिन कंपनी की प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण, वह उतने Financial Information Providers (FIPs) को प्लेटफॉर्म पर नहीं जोड़ पाई, जितना उसने सोचा था।

👉 अन्य फिनटेक कंपनियों से होगी साझेदारी

अब कंपनी स्वयं इस बिज़नेस को ऑपरेट करने के बजाय अन्य Account Aggregators के साथ साझेदारी करेगी


🔍 क्या होता है Account Aggregator (AA) सिस्टम?

Account Aggregator एक फिनटेक सिस्टम है, जिसे RBI ने 2021 में लॉन्च किया था। इसके तहत, ग्राहक अपने बैंकिंग, निवेश और बीमा से जुड़े डेटा को सुरक्षित तरीके से शेयर कर सकते हैं।

📌 AA सिस्टम कैसे काम करता है?
1️⃣ यूज़र अपनी वित्तीय जानकारी को एक्सेस करने की अनुमति देता है।
2️⃣ AA प्लेटफॉर्म यह डेटा बैंकों और वित्तीय संस्थानों से इकट्ठा करता है।
3️⃣ फिनटेक कंपनियां, लोन प्रोवाइडर्स और अन्य संस्थान इसे यूज़र की सहमति से एक्सेस कर सकते हैं।

🚀 यह सिस्टम डिजिटल लोन, इन्वेस्टमेंट, और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज़ को तेज़ और आसान बनाता है।


📊 कौन हैं PhonePe के Payment Aggregator सेगमेंट के प्रतिस्पर्धी?

PhonePe का पेमेंट एग्रीगेटर बिज़नेस कई बड़ी कंपनियों से मुकाबला करता है, जिनमें शामिल हैं:

🔹 Paytm
🔹 Razorpay
🔹 PayU
🔹 CCAvenue
🔹 Cashfree

यह सभी कंपनियां पेमेंट प्रोसेसिंग, गेटवे सर्विसेज़ और बिज़नेस पेमेंट सॉल्यूशंस ऑफर करती हैं।


💡 PhonePe की अन्य हालिया रणनीतियां

1️⃣ Juspay से साझेदारी भी की खत्म

AA बिज़नेस से बाहर निकलने के कुछ ही दिनों बाद, PhonePe ने पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म Juspay के साथ अपनी साझेदारी को भी समाप्त कर दिया

अब कंपनी पेमेंट गेटवे सॉल्यूशंस को डायरेक्ट इंटीग्रेशन के माध्यम से ऑफर करेगी

2️⃣ बिज़नेस कोर पर फोकस

PhonePe अब अपने कोर बिज़नेस – UPI पेमेंट्स, डिजिटल बैंकिंग, और मर्चेंट पेमेंट सॉल्यूशंस पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है।


📈 PhonePe के लिए आगे क्या?

PhonePe की रणनीति अब Account Aggregator बिज़नेस को छोड़कर अन्य डिजिटल फिनटेक सर्विसेज़ को मजबूत करने की है

🚀 संभावित फोकस एरिया:
UPI और पेमेंट सॉल्यूशंस को और विकसित करना।
मर्चेंट पेमेंट्स को और अधिक स्केलेबल बनाना।
इंश्योरेंस और क्रेडिट सेवाओं में विस्तार करना।
AI-आधारित फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस पर काम करना।


🔚 निष्कर्ष

PhonePe का Account Aggregator बिज़नेस से बाहर निकलना एक बड़ा निर्णय है, जो कंपनी की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

💡 हालांकि, PhonePe अभी भी भारत के सबसे बड़े डिजिटल फिनटेक ब्रांड्स में से एक बना रहेगा और अन्य क्षेत्रों में अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश करेगा। 🚀

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PhonePe के co-founders ने $1 मिलियन का अनुदान देने की घोषणा की

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मुंबई स्थित सारदार पटेल प्रौद्योगिकी संस्थान (SPIT) ने 21 दिसंबर 2024 को अपने वार्षिक एलुमनी पुनर्मिलन का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर PhonePe के सह-संस्थापक समीर निगम और राहुल चारी ने अपने पूर्व संस्थान के लिए $1 मिलियन (लगभग ₹8.3 करोड़) के अनुदान की घोषणा की।

यह कार्यक्रम SP जैन ऑडिटोरियम, भवन्स कैंपस में आयोजित हुआ, जिसमें 1999 के स्नातक बैच की 25वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस पुनर्मिलन में 300 से अधिक पूर्व छात्र शामिल हुए, जिनमें टेक और बिजनेस जगत की प्रमुख हस्तियां भी मौजूद थीं।


PhonePe अनुदान का उद्देश्य

PhonePe के सीईओ समीर निगम और सीटीओ राहुल चारी द्वारा घोषित यह अनुदान SPIT की इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने, और छात्रों में उद्यमशीलता की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया गया है।
इस अनुदान का उपयोग छात्रों को प्रभावशाली और व्यावहारिक समाधान विकसित करने में सक्षम बनाने के लिए किया जाएगा।


सम्मान और उपलब्धियां

इस पुनर्मिलन में समीर निगम और राहुल चारी को डिस्टिंग्विश्ड एलुमनी अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारत के फिनटेक क्षेत्र और समाज में उनके योगदान के लिए दिया गया।
PhonePe के नेतृत्व में:

  • कंपनी ने $12 बिलियन के मूल्यांकन को पार किया।
  • वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में ₹5,000 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।

SP-Changemakers Awards

कार्यक्रम के दौरान SP-Changemakers Awards भी प्रदान किए गए, जिसमें पूर्व छात्रों को उनके उल्लेखनीय योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार SPIT से जुड़े व्यक्तियों की सफलता की कहानियों को पहचानने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया है।


पुनर्मिलन की विशेषताएं

  • 25वीं वर्षगांठ का उत्सव:
    1999 बैच के स्नातकों ने अपनी 25वीं वर्षगांठ मनाई, जिसमें संस्थान के इतिहास और छात्रों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई।
  • 300+ पूर्व छात्रों की भागीदारी:
    इस आयोजन में शामिल हुए पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और नई पीढ़ी को प्रेरित किया।
  • नेटवर्किंग अवसर:
    कार्यक्रम ने उद्योग के प्रमुख व्यक्तियों को छात्रों और अन्य पूर्व छात्रों के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

PhonePe और SPIT का गहरा नाता

समीर निगम और राहुल चारी के लिए SPIT केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह उनके करियर की नींव भी है।

  • समीर निगम:
    उन्होंने SPIT से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय फिनटेक उद्योग में PhonePe के माध्यम से एक क्रांति लाई।
  • राहुल चारी:
    राहुल ने SPIT से प्राप्त तकनीकी ज्ञान का उपयोग करके PhonePe को तकनीकी दृष्टि से मजबूत बनाया।

SPIT के लिए भविष्य की संभावनाएं

PhonePe द्वारा दिए गए अनुदान से SPIT में कई पहलें शुरू की जाएंगी:

  1. आधुनिक लैब्स और रिसर्च सेंटर:
    छात्रों को अत्याधुनिक संसाधनों के साथ काम करने का मौका मिलेगा।
  2. स्टार्टअप और इनोवेशन हब:
    नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संस्थान एक हब स्थापित करेगा।
  3. छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण कार्यक्रम:
    छात्रों को नए कौशल सीखने और उनके सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी।

समाज पर प्रभाव

PhonePe के सह-संस्थापकों द्वारा SPIT को दिया गया यह अनुदान न केवल संस्थान के छात्रों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। यह पहल:

  • छात्रों को बेहतर शिक्षा और संसाधन प्रदान करेगी।
  • भारतीय फिनटेक और टेक्नोलॉजी उद्योग में नए नेतृत्व को जन्म देगी।
  • देश में उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देगी।

निष्कर्ष

सारदार पटेल प्रौद्योगिकी संस्थान का वार्षिक एलुमनी पुनर्मिलन और PhonePe द्वारा $1 मिलियन का अनुदान भारतीय शिक्षा प्रणाली और स्टार्टअप्स के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। यह कदम न केवल SPIT के छात्रों को सशक्त करेगा, बल्कि भारत के तकनीकी और फिनटेक परिदृश्य को भी मजबूत करेगा।

समीर निगम और राहुल चारी जैसे पूर्व छात्रों की सफलता SPIT के शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है और यह दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और संसाधनों से क्या संभव हो सकता है।

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PhonePe ने Juspay के साथ साझेदारी तोड़ी, अब सीधे मर्चेंट्स से करेगा डील

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डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म PhonePe ने पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म जस्पे के साथ अपनी साझेदारी खत्म करने का फैसला किया है। यह निर्णय फोनपे के उस कदम का हिस्सा है जिसमें कंपनी मर्चेंट्स के साथ सीधे और व्यापक संबंध स्थापित करना चाहती है।

PhonePe सीधे इंटीग्रेशन की ओर कदम

PhonePe अब मर्चेंट्स को अपने पेमेंट गेटवे सॉल्यूशंस सीधे इंटीग्रेशन के जरिए उपलब्ध कराएगा। एक सूत्र ने कहा,

“इस कदम का उद्देश्य किसी भी तीसरे पक्ष के प्लेटफॉर्म, जैसे जस्पे, पर निर्भर होने के बजाय मर्चेंट्स के साथ सीधा संबंध स्थापित करना है।”

PhonePe ने अपने ग्राहकों को भेजे गए एक ईमेल में लिखा:

“हमने निर्णय लिया है कि अब हम अपने पेमेंट गेटवे सॉल्यूशंस सीधे इंटीग्रेशन के माध्यम से ही प्रदान करेंगे। भारत की अग्रणी डिजिटल पेमेंट कंपनी होने के नाते, फोनपे अपने मर्चेंट्स को इनोवेटिव प्रोडक्ट्स तेजी से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें विश्वास है कि सीधे इंटीग्रेशन से हम इस कार्य को और प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।”

जस्पे का महत्व और बाजार हिस्सेदारी

जस्पे एक प्रमुख पेमेंट प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है, जो जस्पे सेफ, हाइपरएसडीके, एक्सप्रेस चेकआउट, और यूपीआई इन ए बॉक्स जैसे प्रोडक्ट्स के जरिए ऑफलाइन पेमेंट्स को सपोर्ट करता है।

जानकारी के मुताबिक, फोनपे के पेमेंट गेटवे वॉल्यूम का लगभग 15% हिस्सा वर्तमान में जस्पे के माध्यम से प्रोसेस होता है। हालांकि, इस साझेदारी को खत्म करने का निर्णय फोनपे के लिए एक बड़ा बदलाव हो सकता है।

जस्पे के अन्य प्रतिस्पर्धी

जस्पे को रेजरपे और कैशफ्री जैसे अन्य पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म से मुकाबला करना पड़ता है। हालांकि, जस्पे का प्लेटफॉर्म इन कंपनियों की तुलना में बड़ा और अधिक प्रभावी माना जाता है।

फोनपे का लक्ष्य

फोनपे का यह निर्णय कंपनी की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है। फोनपे अब मर्चेंट्स को सीधे जोड़कर न केवल अपनी सेवाओं में सुधार करना चाहती है, बल्कि अपनी पकड़ भी मजबूत बनाना चाहती है।

फोनपे ने पिछले कुछ सालों में डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका निभाई है। अपने उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने और मर्चेंट्स के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराने के लिए कंपनी लगातार नए कदम उठा रही है।

क्या है अगला कदम?

इस बदलाव के बाद फोनपे अपनी तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करेगा। सीधे मर्चेंट्स से जुड़ने से कंपनी को:

  • अपने उत्पादों की बेहतर निगरानी और सुधार करने में मदद मिलेगी।
  • बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने का मौका मिलेगा।
  • थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम होगी।

पेमेंट इंडस्ट्री के लिए इसका मतलब

फोनपे और जस्पे के अलगाव का असर केवल इन दोनों कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। यह कदम भारतीय डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

  • मर्चेंट्स का फायदा: सीधे इंटीग्रेशन से मर्चेंट्स को तेज और किफायती समाधान मिलेंगे।
  • प्रतिक्रिया: अन्य कंपनियां, जैसे रेजरपे और कैशफ्री, इस अवसर का उपयोग अपने प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए कर सकती हैं।
  • प्रतिस्पर्धा: डिजिटल पेमेंट स्पेस में प्रतिस्पर्धा और अधिक तीव्र हो सकती है।

फोनपे की नई रणनीति: मर्चेंट्स से सीधे जुड़ने का महत्व

फोनपे ने अपने प्लेटफॉर्म पर पेमेंट गेटवे सेवाओं को सीधे मर्चेंट्स से जोड़ने का फैसला किया है। यह निर्णय कंपनी की ‘थर्ड-पार्टी पर निर्भरता कम करने’ की सोच का हिस्सा है।

कंपनी का मानना है कि मर्चेंट्स के साथ सीधे और मजबूत संबंध होने से:

  1. तेजी से इनोवेशन: उत्पाद और सेवाओं को तेजी से बाजार में लाना संभव होगा।
  2. बेहतर सेवा: फोनपे को ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार अपने सॉल्यूशंस को कस्टमाइज़ करने में आसानी होगी।
  3. डेटा सुरक्षा: डेटा का नियंत्रण कंपनी के पास रहेगा, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा बढ़ेगी।

जस्पे के लिए क्या होगा असर?

जस्पे को भारत के पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन क्षेत्र में एक अग्रणी खिलाड़ी माना जाता है। लेकिन फोनपे के इस निर्णय के बाद, जस्पे को:

  1. ग्राहक आधार में कमी: फोनपे के वॉल्यूम का 15% हिस्सा खोने से कंपनी के राजस्व पर असर पड़ेगा।
  2. नई रणनीति की आवश्यकता: जस्पे को अब अन्य ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने और अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने पर ध्यान देना होगा।

जस्पे की सेवाएं, जैसे हाइपरएसडीके और यूपीआई इन ए बॉक्स, अभी भी कई मर्चेंट्स के लिए उपयोगी हैं। यह देखना होगा कि जस्पे इस झटके से कैसे उबरती है और बाजार में अपनी स्थिति बनाए रखती है।

निष्कर्ष

फोनपे का यह निर्णय कंपनी के लंबे समय के विकास और डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीधे मर्चेंट्स से जुड़ने की रणनीति न केवल ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि फोनपे को अपनी सेवाओं को तेज और प्रभावी तरीके से डिलीवर करने में भी मदद करेगी।

हालांकि, जस्पे जैसे प्लेटफॉर्म के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र में नवाचार और सुधार के नए रास्ते भी खोल सकता है।

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PhonePe ने 2023 में $1 बिलियन की फंडिंग जुटाई,

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डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफ़ॉर्म PhonePe ने 2023 में General Atlantic, Walmart, Tiger Global, और अन्य निवेशकों से लगभग $1 बिलियन (लगभग 83 अरब रुपये) की फंडिंग हासिल की। इस महत्वपूर्ण निवेश ने, साथ ही कंपनी की प्रभावी लागत प्रबंधन रणनीतियों ने, FY24 के दौरान कंपनी को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व तक पहुंचने और उसके नुकसान को कम करने में मदद की।

PhonePe के लिए वित्तीय वर्ष 2024 एक सफल वर्ष रहा, क्योंकि कंपनी की संचालन से आय में 73.8% की वृद्धि हुई और यह 5,064 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशित समेकित वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भुगतान सेवाओं से आय कंपनी के प्राथमिक राजस्व स्रोत के रूप में बनी रही। साथ ही, कंपनी ने $195 मिलियन की फंडिंग राउंड से 661 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज आय प्राप्त की, जो मुख्य रूप से जमा और निवेश से आई। इससे FY24 में PhonePe का कुल राजस्व बढ़कर 5,725 करोड़ रुपये हो गया, जबकि FY23 में यह 3,085 करोड़ रुपये था।

भुगतान सेवाएं और फंडिंग का मुख्य योगदान

PhonePe के लिए सबसे बड़ा राजस्व स्रोत उसकी भुगतान सेवाएं रहीं। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में उसकी मजबूती और निवेशकों का समर्थन कंपनी के विकास में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, कंपनी ने $195 मिलियन की फंडिंग राउंड से अतिरिक्त ब्याज आय भी अर्जित की, जिसने उसके राजस्व को और बढ़ावा दिया। इस प्रकार, FY24 में PhonePe के कुल राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई।

कर्मचारी लाभ और ESOP खर्च

FY24 में PhonePe के कुल खर्चों में से 46.45% केवल कर्मचारियों के लाभों पर खर्च हुए। कर्मचारियों के लाभों पर किए गए खर्चों में 16.4% की वृद्धि हुई और यह FY24 में 3,603 करोड़ रुपये हो गया, जबकि FY23 में यह 3,096 करोड़ रुपये था। इसमें 1,876 करोड़ रुपये की ESOP (कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजना) खर्च शामिल है, जिसमें से केवल 288 करोड़ रुपये नकद में निपटाए गए, जबकि शेष खर्च गैर-नकद था।

PhonePe की ESOP योजनाएं कंपनी के कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए पुरस्कृत करने और उन्हें कंपनी के विकास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण तरीका हैं। यह रणनीति कंपनी की विकास दर को बढ़ाने और उसे ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करती है।

भुगतान प्रसंस्करण और अन्य व्यय

PhonePe के विकास के साथ-साथ भुगतान प्रसंस्करण शुल्कों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। FY24 में यह 74.8% बढ़कर 1,166 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, विज्ञापन, सूचना प्रौद्योगिकी, लाइसेंस, कानूनी खर्च और अन्य ओवरहेड्स ने भी कंपनी के कुल खर्च को बढ़ाया। FY24 में कुल खर्च 31.3% बढ़कर 7,756 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह कम था।

ये खर्च कंपनी की सेवा विस्तार योजनाओं और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में उसकी स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए हैं। PhonePe ने अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने और नए ग्राहकों तक पहुंचने के लिए विज्ञापन और सूचना प्रौद्योगिकी पर भारी निवेश किया।

नुकसान में कमी और ऑपरेशनल मुनाफा

इन लागतों के बावजूद, PhonePe ने FY24 में अपने शुद्ध नुकसान को 28.6% तक कम कर दिया। FY23 में 2,795 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले, FY24 में कंपनी का शुद्ध नुकसान घटकर 1,996 करोड़ रुपये रह गया। यह कमी मुख्य रूप से नियंत्रित लागत और 74% की वृद्धि के कारण संभव हो सकी।

हालांकि कंपनी अभी भी नुकसान में है, लेकिन उसके संचालन के अन्य पक्ष जैसे कि ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) और EBITDA मार्जिन को मापा जाए, तो -18.25% और -14.74% पर खड़े हैं। इसका मतलब यह है कि प्रत्येक कमाए गए रुपये के लिए PhonePe ने 1.53 रुपये खर्च किए। लेकिन ऑपरेशन की कुशलता के बावजूद, कंपनी अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों की ओर बढ़ रही है।

वित्तीय वर्ष 2024 का व्यापक दृष्टिकोण

PhonePe की इस साल की वित्तीय रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि कंपनी ने न केवल अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि अपने नुकसान को भी काफी हद तक कम किया है। इसका मुख्य कारण कंपनी द्वारा अपनाए गए कुशल लागत प्रबंधन और निवेशकों का निरंतर समर्थन है। FY24 में कंपनी ने अपने विस्तार के लिए कई क्षेत्रों में निवेश किया, जैसे कि तकनीकी उन्नति, कर्मचारियों के लाभ, और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना।

भविष्य की योजना

PhonePe ने FY24 में जो प्रगति की है, वह उसे भविष्य के विकास के लिए तैयार करती है। कंपनी ने तकनीकी उन्नति पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे उसकी सेवाओं की गुणवत्ता और ग्राहकों के अनुभव में सुधार हुआ है। साथ ही, कंपनी ने अपने कर्मचारियों को प्रेरित और संलग्न रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

PhonePe की भविष्य की योजना में और अधिक विस्तार और नए उत्पादों की पेशकश शामिल है। कंपनी का लक्ष्य न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी बनना है।

निष्कर्ष

PhonePe ने FY24 में अपने राजस्व और विकास के मामले में एक उल्लेखनीय प्रगति की है। कंपनी ने न केवल अपने राजस्व में वृद्धि की, बल्कि अपने नुकसान को भी नियंत्रित किया। इसके साथ ही, कंपनी ने तकनीकी विकास और कर्मचारी लाभों पर ध्यान केंद्रित करके भविष्य की संभावनाओं को मजबूत किया है।

इस फंडिंग और प्रभावी संचालन रणनीतियों के माध्यम से PhonePe ने खुद को डिजिटल भुगतान क्षेत्र में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है और अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।

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