भारत के तेजी से बढ़ते wealthtech सेक्टर में एक और बड़ी फंडिंग देखने को मिली है। बेंगलुरु आधारित फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Stable Money ने प्री-सीरीज़ C राउंड में $25 मिलियन (लगभग ₹208 करोड़) की नई फंडिंग जुटाई है। इस राउंड में कंपनी की वैल्यूएशन $175 मिलियन आंकी गई है, जो इसके बढ़ते बिज़नेस और निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
इस निवेश राउंड का नेतृत्व Peak XV Partners ने किया, जबकि इसमें Z47, RTP Global और Fundamentum Partnership जैसे निवेशकों ने भी भाग लिया।
📊 पहले भी जुटा चुकी है $40 मिलियन
यह Stable Money के लिए पहली बड़ी फंडिंग नहीं है। इससे पहले कंपनी करीब $40 मिलियन जुटा चुकी है, जिसमें Fundamentum Partnership Fund, Matrix Partners (अब Z47), RTP Global और Lightspeed India जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया था। लगातार निवेश मिलना इस बात का संकेत है कि कंपनी का बिज़नेस मॉडल निवेशकों को मजबूत और भरोसेमंद लग रहा है।
🚀 फंडिंग का उपयोग कहां होगा?
कंपनी के अनुसार, इस नई पूंजी का उपयोग तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:
- कोर टेक प्लेटफॉर्म को मजबूत करना
- सेविंग्स और फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाना
- टीम का विस्तार करना
Stable Money अपने प्लेटफॉर्म को और ज्यादा यूज़र-फ्रेंडली और स्केलेबल बनाना चाहती है। इसके साथ ही, कंपनी बैंक और NBFC पार्टनरशिप्स को मजबूत कर ग्राहकों को बेहतर रेट और ज्यादा विकल्प देने की योजना बना रही है।
🏦 क्या करता है Stable Money?
2022 में सौरभ जैन और हरीश रेड्डी द्वारा स्थापित Stable Money एक डिजिटल फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है। यह यूज़र्स को फिक्स्ड डिपॉजिट, Stable Bonds और अन्य लो-रिस्क इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने की सुविधा देता है।
प्लेटफॉर्म की खास बात यह है कि यहां यूज़र अलग-अलग बैंकों द्वारा ऑफर किए जा रहे फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना कर सकते हैं और एक ही जगह से निवेश व मैनेजमेंट कर सकते हैं। यानी पारंपरिक बैंकिंग के झंझट से बाहर निकलकर डिजिटल तरीके से सुरक्षित रिटर्न कमाने का विकल्प।
🗣 फाउंडर्स का क्या कहना है?
कंपनी के को-फाउंडर्स सौरभ जैन और हरीश रेड्डी का कहना है:
“पिछले कुछ वर्षों में हमें सबसे ज्यादा खुशी इस बात से मिली है कि लाखों भारतीय परिवार बिना किसी समझौते के डिजिटल तरीके से अपनी सेविंग्स मैनेज कर रहे हैं। हम अपने निवेशकों के आभारी हैं, जिनका हमारे विजन पर लगातार भरोसा बना हुआ है। यह फंडिंग इस मिशन में दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाती है कि हम भारत के लिए एक भरोसेमंद और आधुनिक सेविंग्स प्लेटफॉर्म बना सकें।”
🌍 बैंक और NBFC के साथ गहरी साझेदारी
Stable Money का अगला फोकस बैंकों और NBFCs के साथ डायरेक्ट पार्टनरशिप को मजबूत करना है। कंपनी स्थापित और उभरते दोनों प्रकार के वित्तीय संस्थानों के साथ काम कर रही है ताकि:
- ग्राहकों को बेहतर ब्याज दरें मिल सकें
- रेट डिस्कवरी ज्यादा स्मार्ट हो
- नए इनोवेटिव प्रोडक्ट लॉन्च किए जा सकें
इसके अलावा कंपनी भारत के प्रमुख शहरों में अपनी ऑन-ग्राउंड उपस्थिति भी बढ़ा रही है ताकि ग्राहकों के साथ फेस-टू-फेस रिलेशनशिप बनाई जा सके।
📈 40 लाख यूज़र्स और ₹5,000 करोड़ से अधिक निवेश
Stable Money का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर 40 लाख से अधिक यूज़र्स जुड़ चुके हैं। इन यूज़र्स ने अब तक ₹5,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश फिक्स्ड डिपॉजिट, Stable Bonds और अन्य सुरक्षित इंस्ट्रूमेंट्स में किया है।
यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निवेशक अब पारंपरिक बैंक ब्रांच के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने लगे हैं, खासकर जब बात सुरक्षित और स्थिर रिटर्न की हो।
💹 वित्तीय प्रदर्शन: रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल
मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में Stable Money ने ₹104 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया। यह FY24 के ₹1.3 करोड़ की तुलना में कई गुना अधिक है — यानी कंपनी ने एक साल में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है।
हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का घाटा भी बढ़ा है। FY25 में कंपनी का लॉस ₹44.8 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹12.8 करोड़ से अधिक है। यह दर्शाता है कि कंपनी फिलहाल ग्रोथ और एक्सपेंशन पर ज्यादा खर्च कर रही है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में यह आम बात है कि शुरुआती चरण में कंपनियां तेज ग्रोथ के लिए निवेश करती हैं और मुनाफा बाद के चरण में लक्ष्य बनता है।
🔎 क्या कहता है यह निवेश?
Stable Money की यह फंडिंग कई संकेत देती है:
- भारत में फिक्स्ड इनकम और सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत है
- डिजिटल सेविंग्स प्लेटफॉर्म तेजी से अपनाए जा रहे हैं
- निवेशक wealthtech सेक्टर में लंबी अवधि का अवसर देख रहे हैं
बढ़ती महंगाई और बाजार की अस्थिरता के बीच, ऐसे प्लेटफॉर्म जो सुरक्षित और स्थिर रिटर्न का वादा करते हैं, निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों के लिए आकर्षक बन रहे हैं।
🏁 निष्कर्ष
Stable Money का $25 मिलियन का यह प्री-सीरीज़ C राउंड न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे भारतीय wealthtech सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। तेज रेवेन्यू ग्रोथ, लाखों यूज़र्स और मजबूत निवेशकों का समर्थन इस स्टार्टअप को आने वाले वर्षों में एक बड़ा खिलाड़ी बना सकता है।
अब देखना होगा कि कंपनी अपने बढ़ते घाटे को कैसे संतुलित करती है और क्या वह भारत के सेविंग्स मार्केट में एक भरोसेमंद डिजिटल ब्रांड के रूप में खुद को स्थापित कर पाती है या नहीं।











