भारत के तेजी से बढ़ते EdTech सेक्टर में एक बड़ा कॉरपोरेट डेवलपमेंट सामने आया है। ऑनलाइन हायर एजुकेशन प्लेटफॉर्म upGrad ने लोकप्रिय एडटेक कंपनी Unacademy का अधिग्रहण करने के लिए एक टर्म शीट साइन कर ली है। यह डील ऑल-स्टॉक ट्रांजैक्शन के रूप में संरचित होगी, यानी इसमें नकद के बजाय शेयरों का आदान-प्रदान होगा।
दोनों कंपनियों ने फिलहाल इस डील की वैल्यूएशन सार्वजनिक नहीं की है। कंपनियों का कहना है कि डील के पूरी तरह बंद होने और औपचारिक फाइलिंग के बाद ही इसकी वैल्यू सामने आएगी। यह संभावित अधिग्रहण भारतीय एडटेक इंडस्ट्री में एक बड़ा कंसोलिडेशन साबित हो सकता है।
📑 पहले भी हुई थी बातचीत, लेकिन नहीं बनी थी बात
दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों कंपनियों के बीच अधिग्रहण को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी। लेकिन जनवरी में वैल्यूएशन को लेकर मतभेद के कारण बातचीत टूट गई थी।
अब एक बार फिर दोनों कंपनियों ने आगे बढ़ते हुए टर्म शीट साइन कर दी है, जिससे संकेत मिलता है कि वे इस डील को अंतिम रूप देने के लिए गंभीर हैं। अगर यह अधिग्रहण पूरा होता है तो यह भारतीय एडटेक सेक्टर की सबसे चर्चित डील्स में से एक हो सकता है।
🗣️ Ronnie Screwvala ने दी जानकारी
Ronnie Screwvala, जो upGrad के को-फाउंडर हैं, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस डील की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि यह ट्रांजैक्शन शेयर स्वैप मॉडल पर आधारित होगा। इसके अलावा, इस समझौते में ब्रेक फी क्लॉज भी शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि यदि किसी कारण से डील पूरी नहीं हो पाती, तो एक तयशुदा फीस लागू हो सकती है।
Ronnie Screwvala ने कहा:
“हमने Unacademy को ऑल-स्टॉक डील के जरिए अधिग्रहित करने के लिए टर्म शीट साइन की है। कंपनी के फाउंडर और CEO Gaurav Munjal Unacademy का नेतृत्व जारी रखेंगे और ऑनलाइन शिक्षा उत्पादों के विकास पर ध्यान देंगे।”
👨💼 Gaurav Munjal बने रहेंगे CEO
इस संभावित अधिग्रहण का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि Gaurav Munjal, जो Unacademy के सह-संस्थापक और CEO हैं, कंपनी का नेतृत्व जारी रखेंगे।
इसका मतलब है कि Unacademy अपनी ऑपरेशनल पहचान और प्रोडक्ट डेवलपमेंट रणनीति को बरकरार रखेगा। Munjal का मुख्य फोकस आगे भी ऑनलाइन लर्निंग प्रोडक्ट्स को मजबूत बनाने पर रहेगा।
Ronnie Screwvala के अनुसार, इस डील के बाद दोनों कंपनियों की ताकतें एक-दूसरे को पूरक बन सकती हैं।
🌐 upGrad के लर्निंग इकोसिस्टम को मिलेगा फायदा
upGrad का मानना है कि इस अधिग्रहण से उसका लर्निंग इकोसिस्टम और मजबूत हो सकता है।
कंपनी का प्लेटफॉर्म पहले से ही कई सेगमेंट्स को कवर करता है, जिनमें शामिल हैं:
- K12 एजुकेशन
- कॉलेज स्तर की पढ़ाई
- प्रोफेशनल अपस्किलिंग
- लाइफ-लॉन्ग लर्निंग
यदि Unacademy की प्रोडक्ट क्षमताएं और upGrad का बड़ा एजुकेशन नेटवर्क एक साथ आते हैं, तो इससे कंपनी की ग्रोथ को नया momentum मिल सकता है।
🔧 Unacademy ने पिछले साल किया बड़ा restructuring
Unacademy के CEO Gaurav Munjal ने भी इस संभावित डील की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने पिछले एक साल में अपने बिजनेस मॉडल में कई बदलाव किए हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने कंपनी-ऑपरेटेड सेंटर्स को फ्रेंचाइज़ पार्टनर्स के साथ कंसोलिडेट किया है, ताकि वह अपने मुख्य फोकस — यानी ऑनलाइन एजुकेशन प्रोडक्ट्स — पर ज्यादा ध्यान दे सके।
यह restructuring कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
💰 कर्मचारियों के लिए ESOP बायबैक
Munjal ने यह भी बताया कि कंपनी ने हाल ही में 50 करोड़ रुपये का ESOP बायबैक पूरा किया है।
इस बायबैक में लगभग 40% पूर्व कर्मचारियों ने भाग लिया। इससे कर्मचारियों को अपने शेयरों को नकद में बदलने का अवसर मिला।
इसके अलावा, Unacademy के पास फिलहाल 100 मिलियन डॉलर से अधिक का कैश रिजर्व भी मौजूद है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाता है।
📊 FY25 में घटा राजस्व लेकिन नुकसान कम हुआ
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Unacademy ने वित्त वर्ष FY25 में कुछ चुनौतियों का सामना किया।
- FY25 में कंपनी का राजस्व 16% घटकर 826.3 करोड़ रुपये रह गया
- FY24 में यह 988 करोड़ रुपये था
हालांकि, कंपनी ने लागत नियंत्रण पर ध्यान देकर अपने नुकसान में सुधार किया।
- EBITDA लॉस 38% घटकर 305 करोड़ रुपये हो गया
- नेट लॉस 31% घटकर 436 करोड़ रुपये रह गया
यह संकेत देता है कि कंपनी अपने ऑपरेशन को अधिक कुशल बनाने की दिशा में काम कर रही है।
📈 भारतीय EdTech सेक्टर में बढ़ेगा कंसोलिडेशन
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर upGrad और Unacademy के बीच यह अधिग्रहण पूरा हो जाता है, तो यह भारतीय EdTech इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन का बड़ा उदाहरण बन सकता है।
पिछले कुछ वर्षों में EdTech सेक्टर में तेजी से ग्रोथ हुई, लेकिन हाल के समय में कई कंपनियों ने लागत नियंत्रण, restructuring और strategic partnerships पर जोर दिया है।
ऐसे माहौल में यह डील दोनों कंपनियों के लिए लंबी अवधि की ग्रोथ और स्थिरता का रास्ता खोल सकती है।
✅ निष्कर्ष:
upGrad द्वारा Unacademy के संभावित अधिग्रहण की यह डील भारतीय EdTech सेक्टर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। यदि यह ट्रांजैक्शन सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है, तो दोनों कंपनियां अपनी तकनीकी क्षमता, प्रोडक्ट इनोवेशन और बड़े लर्निंग इकोसिस्टम के जरिए शिक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। 🚀
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