भारत की लोकप्रिय होम और स्लीप सॉल्यूशन कंपनी Wakefit अब स्टॉक मार्केट में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। 30 नवंबर 2025 को कंपनी ने अपना Red Herring Prospectus (RHP) फाइल किया और 5 दिसंबर से पब्लिक इश्यू खोलने की घोषणा कर दी।
Wakefit के IPO ने निवेशकों में जोरदार उत्साह पैदा किया है, क्योंकि यह D2C (डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर) ब्रांड पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है और भारतीय मैट्रेस व फ़र्नीचर मार्केट में बड़ी पहचान बना चुका है।
📌 IPO के मुख्य पॉइंट्स एक नज़र में
- 🗓️ IPO खुलने की तारीख: 5 दिसंबर 2025
- 🗓️ बंद होने की तारीख: 8 दिसंबर 2025
- 💰 फ्रेश इश्यू: ₹377.2 करोड़
- 📦 OFS (Offer for Sale): 4.68 करोड़ equity shares
- ⭐ बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स: Axis Capital, IIFL Capital, Nomura
- 📝 रजिस्ट्रार: MUFG Intime
🚀 Wakefit ने IPO साइज़ घटाया — क्यों?
कंपनी के पहले DRHP में फ्रेश इश्यू ₹468 करोड़ का था और OFS 5.84 करोड़ शेयरों का।
लेकिन फाइनल RHP में कंपनी ने साइज़ कम कर दिया:
- 👉 फ्रेश इश्यू: ₹468 करोड़ ➝ ₹377.2 करोड़
- 👉 OFS: 5.84 करोड़ shares ➝ 4.68 करोड़ shares
मार्केट कंडीशन्स और कैपिटल रिक्वायरमेंट के हिसाब से यह रणनीतिक फैसला लिया गया, ताकि इश्यू मॉडरेट और इन्वेस्टर्स के लिए एट्रैक्टिव बना रहे।
👥 कौन बेच रहे हैं शेयर? (OFS ब्रेकअप)
सबसे ज्यादा हिस्सेदारी बेचने वाले निवेशक:
- 🟣 Peak XV Partners (पूर्व में Sequoia India): 2 करोड़ shares
- 🔵 Verlinvest: 1 करोड़ shares
- 🟡 Paramark Ventures: 25.54 लाख shares
- 🔴 Redwood Trust
- 🟢 SAI Global
- 🔵 कुछ अन्य मौजूदा निवेशक
साथ ही कंपनी के को-फाउंडर्स भी अपनी थोड़ी हिस्सेदारी बेच रहे हैं:
- Ankit Garg + Chaitanya Ramalingegowda = 1.21 करोड़ शेयर OFS में
💼 कंपनी में किसकी कितनी हिस्सेदारी है?
RHP के अनुसार:
🔹 सबसे बड़े निवेशक:
- Peak XV: 22.47%
- Verlinvest: 9.79%
- Investcorp: 9.29%
- SAI Global: 5.35%
- Elevation Capital: 4.68%
🔸 प्रमोटर्स:
- Ankit Garg: 33.03%
- Chaitanya Ramalingegowda: 9.98%
Wakefit में प्रमोटर्स की मजबूत हिस्सेदारी निवेशकों के लिए एक पॉज़िटिव संकेत माना जाता है।
💡 IPO से जुटाए गए पैसे कहाँ खर्च होंगे?
Wakefit अपनी ग्रोथ को और तेज़ करने की तैयारी में है। कंपनी ने फंड का इस्तेमाल इस तरह प्लान किया है:
🏬 1. स्टोर्स के लिए किराया, सब-लीज़िंग, लाइसेंस फ़ीस — ₹161.5 करोड़
देशभर में Wakefit के अनुभवात्मक स्टोर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
📣 2. मार्केटिंग और विज्ञापन खर्च — ₹108.4 करोड़
डिजिटल और ऑफ़लाइन मार्केटिंग से ब्रांड की पहचान और मज़बूत होगी।
🏪 3. नए 117 COCO स्टोर्स खोलने और विस्तार — ₹30.8 करोड़
COCO: Company-Owned, Company-Operated
Wakefit का उद्देश्य ब्रांड की रीच सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाना है।
⚙️ 4. उपकरण व मशीनरी खरीद — ₹15.4 करोड़
🧾 5. जनरल कॉर्पोरेट उपयोग
कंपनी के ऑपरेशन्स को मजबूत करने में खर्च।
📊 Wakefit की वित्तीय स्थिति: बढ़ती बिक्री, नियंत्रित घाटा
Wakefit ने पिछले कुछ वर्षों में दमदार प्रदर्शन किया है।
📅 H1 FY26 (पहली छमाही):
- 📈 Revenue: ₹724 करोड़
- 💵 Net Profit: ₹35.57 करोड़
यानी कंपनी मुनाफे की तरफ बढ़ चुकी है।
📅 FY25:
- 📈 Revenue: ₹986 करोड़ ➝ ₹1,274 करोड़ (30% YoY growth)
- ❗ Net Loss: ₹35 करोड़
FY25 में लॉस के बावजूद FY26 में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार दिख रहा है, जो IPO निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
🛍️ Wakefit की सफलता की कहानी: मैट्रेस से लेकर होम फर्निशिंग तक
Wakefit ने मैट्रेस श्रेणी से शुरुआत की थी, लेकिन अब यह एक फुल-स्केल होम सॉल्यूशन ब्रांड बन चुका है:
- ✔️ मैट्रेस
- ✔️ बेड
- ✔️ सोफा
- ✔️ फ़र्नीचर
- ✔️ होम सॉल्यूशंस
D2C मॉडल के कारण कंपनी की कीमतें प्रतिस्पर्धी रहती हैं, और इसका बड़ा ग्राहक आधार है।
🌟 IPO क्यों है खास?
- 🇮🇳 भारत में होम सॉल्यूशंस बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है
- 🛍️ D2C ब्रांड होने से मार्जिन बेहतर
- 🧱 मजबूत ऑफलाइन-स्टोर नेटवर्क
- 💸 FY26 में कंपनी फिर से मुनाफे में
- 🌐 ऑनलाइन + ऑफलाइन हाइब्रिड रणनीति सफल
🔚 निष्कर्ष: क्या Wakefit का IPO निवेशकों के लिए फायदेमंद होगा?
Wakefit का IPO भारतीय उपभोक्ता ब्रांड्स में एक मजबूत अवसर के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी तेज़ी से बढ़ रही है, स्टोर नेटवर्क विस्तार कर रही है और प्रॉफिटेबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।
IPO से जुटाई गई राशि मार्केटिंग, स्टोर विस्तार और ओपनिंग में उपयोग होगी — जिससे Wakefit आने वाले वर्षों में और भी मजबूत बनेगा।
होम और फ़र्नीचर मार्केट में Wakefit की पकड़, D2C मॉडल और लगातार बढ़ती राजस्व रेखा इसे एक आकर्षक लिस्टिंग बना सकती है।
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