भारत के ऑनलाइन फ्रेश प्रोड्यूस मार्केट में एक और बड़ा फंडिंग अपडेट सामने आया है। बिज़नेस-टू-कंज़्यूमर (B2C) फ्रेश फूड प्लेटफॉर्म Pluckk अब अपने मौजूदा निवेशक Euro Gulf Investment से ₹100 करोड़ (लगभग 11 मिलियन डॉलर) जुटाने की तैयारी में है।
यह राउंड पिछले साल मार्च में मिले 10 मिलियन डॉलर के निवेश के बाद आ रहा है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस फंडिंग की सार्वजनिक घोषणा नहीं की है, लेकिन कंपनी के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल दस्तावेज़ों से इस डील की जानकारी सामने आई है।
📑 बोर्ड से मंजूरी, Series C में होगा निवेश
RoC फाइलिंग के अनुसार, Pluckk के बोर्ड ने एक विशेष प्रस्ताव पारित किया है जिसके तहत कंपनी 3,471 Series C CCPS (Compulsorily Convertible Preference Shares) जारी करेगी। प्रति शेयर इश्यू प्राइस ₹2,88,112 तय किया गया है, जिसके जरिए कुल ₹100 करोड़ जुटाए जाएंगे।
Entrackr की रिपोर्ट के मुताबिक, इस राउंड के बाद कंपनी की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन लगभग 58 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
यह संकेत देता है कि निवेशक कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी और बाजार में उसकी पोजिशनिंग को लेकर आश्वस्त हैं।
💰 फंड का उपयोग कहां होगा?
कंपनी द्वारा दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, इस नए निवेश का उपयोग तीन प्रमुख उद्देश्यों के लिए किया जाएगा:
- आक्रामक ग्रोथ (Aggressive Growth)
- डिबेंचर्स पर ब्याज भुगतान
- अन्य कॉर्पोरेट जरूरतें
इसका मतलब साफ है कि Pluckk आने वाले समय में अपने ऑपरेशन को और विस्तार देने की तैयारी में है, साथ ही बैलेंस शीट को भी मजबूत करना चाहती है।
🌱 Farm-to-Fork मॉडल पर फोकस
साल 2021 में Pratik Gupta द्वारा स्थापित Pluckk एक farm-to-fork प्लेटफॉर्म है। यह उपभोक्ताओं तक सीधे ताजा फल और सब्जियां पहुंचाने का काम करता है।
लेकिन Pluckk खुद को सिर्फ एक ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म के रूप में पेश नहीं करता। कंपनी लाइफस्टाइल-केंद्रित फूड प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध कराती है, जिनमें शामिल हैं:
- Vegan प्रोडक्ट्स
- Low-carb विकल्प
- Gut health और immunity पर आधारित आइटम
यानी कंपनी हेल्थ-कॉन्शियस शहरी उपभोक्ताओं को टारगेट कर रही है, जो ट्रेंडिंग और न्यूट्रिशन-फोकस्ड फूड को प्राथमिकता देते हैं।
🛒 अधिग्रहण के जरिए विस्तार
Pluckk ने अपनी ग्रोथ को तेज करने के लिए अधिग्रहण (Acquisitions) का रास्ता भी अपनाया है।
- कंपनी ने DIY मील किट प्लेटफॉर्म KOOK को 1.3 मिलियन डॉलर में खरीदा।
- इसके बाद न्यूट्रिशन ब्रांड Upnourish का 1.4 मिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया।
इन अधिग्रहणों के जरिए कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत किया और हेल्थ-केंद्रित ब्रांडिंग को और गहराई दी।
📊 राजस्व दोगुना, लेकिन घाटा भी बढ़ा
मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष (FY25) में मुंबई स्थित इस कंपनी का राजस्व दोगुना होकर ₹85 करोड़ तक पहुंच गया।
हालांकि, बढ़ते स्केल के साथ कंपनी का घाटा भी बढ़ा है। FY24 में जहां नुकसान ₹41 करोड़ था, वहीं FY25 में यह बढ़कर ₹55 करोड़ हो गया।
यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी आक्रामक विस्तार रणनीति अपना रही है, जिसमें ग्रोथ को प्राथमिकता दी जा रही है, भले ही शॉर्ट टर्म में घाटा बढ़ रहा हो।
⚔️ प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
ऑनलाइन फ्रेश प्रोड्यूस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी तीव्र है। Pluckk का मुकाबला Gourmet Garden और Kisankonnect जैसे खिलाड़ियों से है।
हालांकि, इस सेगमेंट में कई फंडेड स्टार्टअप्स को संघर्ष का सामना करना पड़ा है।
- Otipy
- Deep Rooted
- Fraazo
इन कंपनियों ने भारी निवेश जुटाने के बावजूद अपने ऑपरेशन बंद कर दिए। इससे यह स्पष्ट होता है कि फ्रेश प्रोड्यूस कैटेगरी में स्केल बनाना और यूनिट इकॉनॉमिक्स को पॉजिटिव रखना आसान नहीं है।
📌 आगे का रास्ता
Pluckk का नया ₹100 करोड़ का फंडिंग राउंड यह संकेत देता है कि कंपनी अभी भी निवेशकों के भरोसे पर खरी उतर रही है।
Farm-to-fork मॉडल, हेल्थ-केंद्रित प्रोडक्ट्स और अधिग्रहण के जरिए विस्तार — ये तीनों रणनीतियां कंपनी को भीड़ से अलग खड़ा करती हैं।
हालांकि, लगातार बढ़ता घाटा एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Pluckk अपने राजस्व को तेजी से बढ़ाते हुए नुकसान को नियंत्रित कर पाती है या नहीं।
अगर कंपनी यूनिट इकॉनॉमिक्स सुधारने में सफल रहती है, तो $58 मिलियन की संभावित वैल्यूएशन के बाद यह भारतीय फ्रेश फूड ई-कॉमर्स सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बन सकती है।
फिलहाल, निवेशकों का भरोसा बरकरार है — और बाजार की नजरें Pluckk की अगली चाल पर टिकी हुई हैं।
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