भारत के B2B agritech सेक्टर से एक अहम अपडेट सामने आया है। Gurugram स्थित Bijak ने लगातार दूसरे साल अपने revenue में गिरावट दर्ज की है।
कंपनी के FY25 (मार्च 2025 तक) के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, इसका gross revenue (GMV) साल-दर-साल 25% घटकर ₹551 करोड़ रह गया। वहीं, घाटा (loss) भी बढ़कर ₹61 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 11% ज्यादा है।
📉 लगातार दूसरे साल गिरा revenue
Bijak की growth trajectory पिछले कुछ समय से दबाव में है।
📊 Revenue trend:
- FY23: ₹807 करोड़
- FY24: ₹732 करोड़
- FY25: ₹551 करोड़
👉 साफ है कि कंपनी का GMV लगातार गिर रहा है, जो demand slowdown या operational challenges की ओर इशारा करता है।
💸 कुल आय ₹557 करोड़ तक सीमित
FY25 में कंपनी की कुल आय (total income) ₹557 करोड़ रही।
📌 Breakdown:
- ₹548 करोड़: agri commodities की बिक्री
- ₹6 करोड़: interest income (deposits और investments से)
- बाकी: commission, logistics और अन्य income
👉 इसका मतलब है कि कंपनी का core business अभी भी commodity trading पर ही heavily dependent है।
🧠 Bijak क्या करता है?
Bijak की स्थापना 2019 में हुई थी।
🌾 Business model:
- B2B agri commodities marketplace
- किसानों, traders और buyers को जोड़ता है
- sourcing, logistics और working capital support प्रदान करता है
📱 इसके platforms:
- Bijak Mandi
- Vyapaar
- Global
- Just Fresh
👉 ये सभी apps मिलकर कंपनी के revenue का 99% से ज्यादा हिस्सा generate करते हैं।
📦 खर्च में भी आई गिरावट
Revenue के साथ-साथ कंपनी के खर्च (expenses) में भी कमी आई है।
📊 Key खर्च:
- procurement cost: कुल खर्च का 87%
- FY25 में यह घटकर ₹538 करोड़ रहा (25% गिरावट)
👨💼 Employee cost:
- ₹25 करोड़ (कुल खर्च का ~4%)
अन्य खर्च:
- advertising
- logistics
- brokerage
- payment gateway
- doubtful debts
👉 कुल खर्च FY25 में ₹618 करोड़ रहा, जो FY24 से 22% कम है।
⚠️ फिर भी क्यों बढ़ा घाटा?
यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि:
- revenue भी गिरा
- expenses भी घटे
फिर भी घाटा बढ़ गया।
🤔 कारण:
👉 cost cutting revenue की गिरावट को compensate नहीं कर पाई
📊 Loss:
- FY24: ₹55 करोड़
- FY25: ₹61 करोड़ (11% वृद्धि)
📉 Profitability metrics कमजोर
Bijak के financial ratios भी चिंता बढ़ाते हैं।
📊 Key metrics:
- ROCE: -285%
- EBITDA margin: -10.13%
👉 यह दिखाता है कि कंपनी profitability से अभी काफी दूर है।
💰 हर ₹1 कमाने में ₹1.12 खर्च
FY25 में कंपनी की unit economics भी दबाव में रही।
👉 Bijak को हर ₹1 कमाने के लिए ₹1.12 खर्च करने पड़े
👉 यह मॉडल long-term sustainability के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
🏦 Cash position में गिरावट
कंपनी की liquidity भी कमजोर हुई है।
📊 FY25 स्थिति:
- current assets: ₹47 करोड़
- cash & bank balance: ₹21 करोड़
👉 यह पिछले साल के मुकाबले तेज गिरावट दर्शाता है, जो future expansion को प्रभावित कर सकता है।
💼 Funding और investors
Bijak ने अब तक करीब $33 मिलियन की funding जुटाई है।
📌 प्रमुख निवेश:
- 2022 में $20 मिलियन Series B round
- valuation: लगभग $163 मिलियन
👥 प्रमुख investors:
- Peak XV Partners (Surge Ventures)
- Omidyar Network
- Bertelsmann
👉 Peak XV का Surge Ventures सबसे बड़ा external stakeholder है (~13.8% stake)।
🌾 Agritech सेक्टर की चुनौती
Bijak की गिरती performance broader agritech sector की चुनौतियों को भी दिखाती है:
⚠️ Key issues:
- commodity price volatility
- supply chain inefficiencies
- working capital constraints
- demand fluctuations
👉 B2B agri marketplace में margins traditionally कम होते हैं, जिससे profitability पाना मुश्किल होता है।
🔮 आगे की राह
Bijak के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं है।
🎯 संभावित रणनीतियां:
- cost optimization जारी रखना
- high-margin services (financing, logistics) बढ़ाना
- नए markets में expansion
- technology efficiency सुधारना
🧩 Expert नजरिया
Industry experts मानते हैं कि:
👉 Bijak का business model scalable है, लेकिन profitability के लिए execution सुधारना जरूरी है
👉 अगर कंपनी unit economics ठीक कर लेती है, तो long-term में growth की संभावना बनी रहेगी
🔚 निष्कर्ष
Bijak के FY25 के नतीजे mixed संकेत देते हैं।
एक तरफ revenue और खर्च दोनों में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर घाटा और cash pressure बढ़ा है।
अब कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—growth को revive करना और profitability हासिल करना।
अगर Bijak आने वाले समय में अपने business model को optimize कर पाता है, तो यह agritech sector में फिर से मजबूत वापसी कर सकता है। 🚀











