📌 परिचय:
B2B ई-कॉमर्स यूनिकॉर्न Zetwerk ने ₹75 करोड़ (लगभग $8.8 मिलियन) का डेब्ट फंडिंग राउंड पूरा किया है। यह फंडिंग JM Financial से मिली है — वही फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन जिसे कंपनी ने अपने प्रस्तावित IPO (Initial Public Offering) के लिए नियुक्त किया है।
यह कदम Zetwerk के उस विज़न को दर्शाता है जिसमें वह आने वाले 12 से 24 महीनों में $5 बिलियन के वैल्यूएशन पर $500 मिलियन जुटाने की तैयारी कर रही है।
💼 फंडिंग डिटेल्स:
कंपनी ने Registrar of Companies (RoC) के जरिए दायर रेगुलेटरी फाइलिंग्स में बताया कि Zetwerk ने कुल 7,500 नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स जारी किए, जिनकी फेस वैल्यू ₹1,00,000 प्रति यूनिट है। इसी माध्यम से कंपनी ने ₹75 करोड़ जुटाए।
🔧 Zetwerk क्या करता है?
Zetwerk एक B2B मैन्युफैक्चरिंग सर्विस प्लेटफॉर्म है जो खरीदारों (buyers) को सप्लायर्स (suppliers) से जोड़ता है। यह विशेष रूप से फैब्रिकेशन, मशीनिंग, कास्टिंग, फोर्जिंग और गैल्वनाइजिंग जैसे मैन्युफैक्चरिंग कामों में माहिर वेंडर्स से पार्टनरशिप करता है।
ऑपरेशन लोकेशंस:
- 🇮🇳 भारत
- 🇺🇸 अमेरिका
- 🇦🇪 मिडिल ईस्ट
- 🌏 साउथईस्ट एशिया
📈 अब तक की कुल फंडिंग:
TheKredible डेटा के मुताबिक, Zetwerk ने अब तक कुल $850 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई है (डेब्ट सहित)। इसमें शामिल है:
- $67 मिलियन की Series F फंडिंग — लीड किया Khosla Ventures ने
- कंपनी की वैल्यूएशन इस राउंड में पहुंची $3 बिलियन
📊 वित्तीय प्रदर्शन (FY23 बनाम FY24):
Zetwerk ने अपने रेवेन्यू और घाटे दोनों में बड़ा बदलाव देखा है।
| वित्तीय वर्ष | रेवेन्यू (₹ करोड़) | घाटा (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| FY23 | ₹11,448.66 | ₹102 (अनुमानित) |
| FY24 | ₹14,435.72 | ₹919 (9 गुना बढ़ा) |
FY24 में घाटे की बड़ी वजहों में शामिल हैं:
- Exceptional Items: ₹371.7 करोड़ की अतिरिक्त लागत
📅 IPO की योजना:
Zetwerk अब IPO की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
- IPO साइज: कम से कम $500 मिलियन
- टाइमलाइन: अगले 12–24 महीनों में
- Target Valuation: लगभग $5 बिलियन
- बैंकिंग पार्टनर: JM Financial के अलावा कुछ और भी फाइनेंशियल पार्टनर्स हो सकते हैं
🤝 कॉम्पटीशन का मैदान:
B2B ई-कॉमर्स में Zetwerk को कड़ी टक्कर देने वाले प्रमुख खिलाड़ी हैं:
- Infra.Market – हाल ही में $150 मिलियन का डेब्ट राउंड किया पूरा
- OfBusiness – IPO की तैयारी में, ₹100 करोड़ का फंडिंग रीसेंटली
- Moglix – एक और यूनिकॉर्न जो मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन पर केंद्रित है
📌 रणनीतिक फोकस एरिया:
Zetwerk इस फंडिंग के ज़रिए अपनी कुछ प्रमुख रणनीतियों पर फोकस कर सकता है:
- IPO से पहले बैलेंस शीट मजबूत करना
- डेब्ट की मदद से वर्किंग कैपिटल और स्केलिंग को सपोर्ट देना
- नए इंटरनेशनल मार्केट्स में विस्तार
- टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को और मज़बूत बनाना
👥 फाउंडिंग टीम:
Zetwerk की स्थापना 2018 में निम्नलिखित संस्थापकों ने की थी:
- अमृत आचार्य (Amrit Acharya)
- श्रीनाथ रमाकृष्णन (Srinath Ramakkrushnan)
- राहुल शर्मा (Rahul Sharma)
- विशाल चौधरी (Vishal Chaudhary)
📍 निष्कर्ष:
Zetwerk की हालिया डेब्ट फंडिंग से साफ है कि कंपनी IPO की ओर एक ठोस कदम बढ़ा चुकी है। कंपनी ने तेज़ी से ग्रोथ तो पाई है, लेकिन बढ़ते घाटे को देखते हुए निवेशकों की निगाहें इसकी लाभप्रदता रणनीतियों पर होंगी।
अगर Zetwerk अपनी लागतों को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाती है और मैन्युफैक्चरिंग डिलीवरी को स्केलेबल बनाए रखती है, तो यह IPO से पहले निवेशकों के लिए एक आकर्षक प्रस्ताव बन सकती है।
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