B2B SaaS स्टार्टअप Atomicwork ने सीरीज़ A राउंड में जुटाए $25 मिलियन,

Atomicwork

भारत के B2B SaaS स्टार्टअप Atomicwork ने अपनी सीरीज़ A फंडिंग राउंड में $25 मिलियन (लगभग ₹207 करोड़) जुटाए हैं। इस निवेश दौर का नेतृत्व सिलिकॉन वैली स्थित Khosla Ventures और Z47 (पूर्व में Matrix Partners India) ने किया

इस राउंड में Battery Ventures, Blume Ventures, और Peak XV Partners ने भी भाग लिया।


💰 Atomicwork अब तक की फंडिंग और निवेशकों का सहयोग

📌 सितंबर 2023 में, Atomicwork ने Blume Ventures और Matrix Partners India के नेतृत्व में अपने सीड राउंड में $11 मिलियन जुटाए थे।
📌 पिछले वर्ष, स्टार्टअप ने Abhinav Dhar (पूर्व CIO, TransUnion) और अन्य निवेशकों से $3 मिलियन अतिरिक्त जुटाए थे।
📌 अब तक Atomicwork की कुल फंडिंग $39 मिलियन (लगभग ₹323 करोड़) तक पहुंच चुकी है।


🚀 नए निवेश का उपयोग कैसे करेगा Atomicwork?

स्टार्टअप ने कहा कि वह इस फंडिंग का उपयोग मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में करेगा—

1️⃣ एंटरप्राइज़ AI एजेंट्स को विकसित करने और बेहतर कार्यान्वयन पर निवेश
2️⃣ मार्केट में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और ग्राहकों तक अधिक पहुँच बनाने
3️⃣ नए उत्पाद नवाचारों के जरिए कार्यक्षमता बढ़ाने


🔍 Atomicwork क्या करता है?

सितंबर 2022 में स्थापित, Atomicwork कंपनियों को IT, HR, फाइनेंस, और अन्य बिजनेस फ़ंक्शन्स के लिए वर्कफ़्लो ऑटोमेशन सॉफ़्टवेयर प्रदान करता है।

📌 स्टार्टअप की तकनीक कंपनी के भीतर मौजूद “ट्राइबल नॉलेज” (गोपनीय व सामूहिक जानकारी) को इकट्ठा करती है, जो आमतौर पर डॉक्यूमेंट्स, विकी पेज, ईमेल थ्रेड्स, चैट कन्वर्सेशन और सूचना प्रणाली में बिखरी रहती है।
📌 इसकी AI-ड्रिवन टेक्नोलॉजी इन जानकारियों को स्वचालित रूप से प्रोसेस और विश्लेषण करके टीमों को त्वरित समाधान प्रदान करती है।
📌 स्टार्टअप IT सर्विस मैनेजमेंट (ITSM), HR वर्कफ़्लोज़, और इंटरप्राइज़ ऑपरेशंस को तेज़ और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एजेंटिक सर्विस मैनेजमेंट पर काम कर रहा है।


🗣️ संस्थापकों का विज़न

Atomicwork के सीईओ विजय रायपति ने कहा—
“हम एजेंटिक सर्विस मैनेजमेंट में अग्रणी हैं और IT वर्कफ़्लोज़ और इंटरप्राइज़ सेवाओं को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह निवेश हमारे विज़न को एक महत्वपूर्ण मान्यता देता है—जहां स्मार्ट IT टीमें व्यवसाय की वृद्धि को संचालित करेंगी और कंपनियां प्रौद्योगिकी से सशक्त होंगी, न कि उससे जूझ रही होंगी।”


📊 मार्केट में Atomicwork की स्थिति

✔ Atomicwork वर्तमान में बड़े इंटरप्राइज़ ग्राहकों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है।
✔ इसके प्रमुख ग्राहक बैंकों, बीमा कंपनियों, फिनटेक कंपनियों और बड़े IT संगठनों में शामिल हैं।
✔ स्टार्टअप भारत, अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने विस्तार की योजना बना रहा है।
✔ AI और SaaS स्टार्टअप्स की बढ़ती मांग को देखते हुए, Atomicwork तेज़ी से उभरते हुए कंपनियों में से एक बन गया है।


📌 निष्कर्ष

Atomicwork ने अपने AI-संचालित बिजनेस प्रोसेस ऑटोमेशन समाधानों के लिए बाज़ार में अच्छी पकड़ बना ली है।
$25 मिलियन की इस ताजा फंडिंग से, कंपनी अपने एंटरप्राइज़ AI एजेंट्स को और मजबूत करेगी और अपने मार्केट विस्तार को तेज़ करेगी।

AI और SaaS सेक्टर में बढ़ते निवेश के बीच, Atomicwork जैसे स्टार्टअप्स इंडस्ट्री को अधिक स्मार्ट, कुशल और तेज़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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MapMyIndia ने Q3 FY25 में 24% की राजस्व वृद्धि दर्ज की

MapMyIndia

भारत की प्रमुख डिजिटल मैपिंग और लोकेशन-आधारित सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी MapmyIndia (CE Info Systems) ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) के लिए अपने आर्थिक नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने वर्ष-दर-वर्ष (YoY) 24% की राजस्व वृद्धि दर्ज की है, जो भारत में डिजिटल मैपिंग और IoT (Internet of Things) सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

MapmyIndia राजस्व में बढ़ोतरी

MapmyIndia का संचालन से प्राप्त राजस्व Q3 FY25 में बढ़कर ₹114.5 करोड़ हो गया, जबकि Q3 FY24 में यह ₹92 करोड़ था।

कंपनी के कुल राजस्व में 90% योगदान डिजिटल मैप डेटा, GPS नेविगेशन, लोकेशन-बेस्ड सेवाओं और IoT से आया, जो 32.5% बढ़कर ₹102.4 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, डिवाइस बिक्री से ₹12 करोड़ की आय हुई।


प्रमुख लागतें और मुनाफे में वृद्धि

कंपनी की लागतों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
IoT डिवाइस की लागत
कर्मचारियों को दिए जाने वाले लाभ
आउटसोर्स किए गए तकनीकी सेवाओं का खर्च

Q3 FY25 में MapMyIndia की कुल लागत ₹79.4 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹60.5 करोड़ थी। हालांकि, बढ़ते स्केल और मजबूत बाजार रणनीतियों के कारण, कंपनी ने 4.2% की शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की, जो ₹32.3 करोड़ तक पहुंच गई (Q3 FY24 में ₹31 करोड़ था)।


शेयर बाजार में स्थिति

MapMyIndia के शेयर की कीमत वर्तमान में ₹1,609 प्रति शेयर है और कंपनी का मार्केट कैप ₹8,753 करोड़ ($1 बिलियन) तक पहुंच गया है। यह भारत में डिजिटल मैपिंग और IoT क्षेत्र में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है


📈 वित्तीय प्रदर्शन में मजबूती

👉 कुल राजस्व वृद्धि

📌 MapMyIndia का कुल ऑपरेशनल राजस्व Q3 FY25 में ₹114.5 करोड़ हो गया, जो Q3 FY24 में ₹92 करोड़ था।
📌 सर्विस-आधारित राजस्व (डिजिटल मैप, नेविगेशन, IoT और लोकेशन-आधारित सेवाएं) ₹102.4 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32.5% अधिक है।
📌 डिवाइसेज़ की बिक्री से ₹12 करोड़ की आय हुई।

👉 लागत और मुनाफे में इज़ाफा

📌 कुल लागतें ₹79.4 करोड़ तक पहुंच गईं, जो पिछले वर्ष (Q3 FY24) में ₹60.5 करोड़ थीं।
📌 IoT डिवाइसेज़ की लागत, कर्मचारियों के वेतन और तकनीकी सेवाओं पर खर्च मुख्य लागत फैक्टर रहे।
📌 शुद्ध लाभ 4.2% बढ़कर ₹32.3 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि Q3 FY24 में यह ₹31 करोड़ था।


📊 MapMyIndia का बाजार में प्रदर्शन और शेयर मूल्य

📌 वर्तमान में कंपनी के शेयर ₹1,609 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे हैं
📌 कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) ₹8,753 करोड़ ($1 बिलियन) तक पहुंच चुका है
📌 यह भारत में डिजिटल मैपिंग और IoT उद्योग में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है


🚀 MapMyIndia की रणनीति और भविष्य की योजनाएं

कंपनी का GPS और लोकेशन-आधारित सेवाओं में विस्तार, IoT टेक्नोलॉजी में निवेश, और बढ़ती मांग इसे भारत में एक मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की ओर ले जा रही है। आगामी तिमाहियों में, MapMyIndia अपनी सेवाओं में और अधिक तकनीकी सुधार कर सकता है, जिससे उसके राजस्व और लाभ में और वृद्धि की संभावना है।

कंपनी का फोकस डिजिटल मैपिंग, GPS नेविगेशन और IoT टेक्नोलॉजी में नवाचार और विस्तार पर रहेगा।

🔹 नए क्षेत्रों में विस्तार – कंपनी भारत के अधिक शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपने मैपिंग और IoT समाधानों का विस्तार कर रही है।
🔹 AI और डेटा एनालिटिक्स पर निवेश – MapMyIndia अपने मैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा एनालिटिक्स के जरिए और बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है।
🔹 नई B2B और B2G साझेदारियां – कंपनी इंटरप्राइज़ और सरकारी एजेंसियों के साथ रणनीतिक गठजोड़ कर रही है।


🏆 MapMyIndia क्यों बना भारतीय डिजिटल मैपिंग का लीडर?

Make in India ब्रांड – भारतीय बाजार को समझते हुए, यह कंपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार टेक्नोलॉजी को कस्टमाइज़ करती है
IoT और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में गहरी पैठ – कई ऑटो कंपनियों और स्मार्ट सिटीज़ प्रोजेक्ट्स के साथ काम कर रही है।
विस्तृत मैपिंग डेटा – Google Maps के मुकाबले अधिक विस्तृत और सटीक भारतीय मैपिंग डेटा उपलब्ध कराती है।
सरकार और प्राइवेट सेक्टर में मजबूत पकड़ – स्मार्ट सिटीज़, इमरजेंसी सर्विसेज़ और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में मजबूत उपस्थिति।


📌 निष्कर्ष

MapMyIndia ने Q3 FY25 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है और यह भारतीय डिजिटल मैपिंग और लोकेशन-आधारित सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत खिलाड़ी बना हुआ है। कंपनी की नवाचार-आधारित रणनीतियां, IoT टेक्नोलॉजी में निवेश, और नए भौगोलिक विस्तार इसे आगामी तिमाहियों में अधिक तेज़ी से बढ़ने में मदद करेंगे।

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Read more :Online rummy platform A23 ने FY24 में मुनाफे में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की

Online rummy platform A23 ने FY24 में मुनाफे में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की

A23 Rummy

ऑनलाइन रम्मी प्लेटफॉर्म A23 Rummy ने वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में राजस्व में स्थिरता के बावजूद मुनाफे में 24% की वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि मुख्य रूप से खर्चों पर नियंत्रण और गैर-संचालन आय (non-operating income) में वृद्धि के कारण संभव हुई।

A23 Rummy राजस्व और मुनाफा

A23 Rummy का शुद्ध राजस्व (net revenue) FY24 में 841 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष (FY23) के 839 करोड़ रुपये के करीब है। हालांकि, कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू FY24 में 31% बढ़कर 1,378 करोड़ रुपये हो गया, जो FY23 में 1,051 करोड़ रुपये था।

कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।


मुनाफे में वृद्धि

कंपनी ने अपने मुनाफे में 24% की बढ़ोतरी हासिल की।

  • खर्चों पर नियंत्रण: A23 ने FY24 में अपने संचालन खर्चों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया।
  • गैर-संचालन आय: कंपनी ने गैर-संचालन आय के जरिए अतिरिक्त लाभ अर्जित किया।

ग्रॉस रेवेन्यू में वृद्धि के पीछे मुख्य कारण

कंपनी के ग्रॉस रेवेन्यू में 31% की वृद्धि कई कारकों के कारण हुई:

  1. उपयोगकर्ता आधार में वृद्धि: A23 ने अधिक खिलाड़ियों को प्लेटफॉर्म से जोड़ा।
  2. बढ़ते गेमिंग ट्रेंड्स: FY24 में ऑनलाइन गेमिंग के प्रति उपयोगकर्ताओं की रुचि बढ़ी।
  3. नई सेवाओं का परिचय: A23 ने अपने प्लेटफॉर्म पर नई सुविधाएं और ऑफर्स जोड़े।

खर्चों का विश्लेषण

कंपनी ने FY24 में अपने खर्चों पर कड़ी नजर रखी:

  • विज्ञापन और मार्केटिंग खर्च: FY24 में इस मद में 15% की कमी दर्ज की गई।
  • ऑपरेशन और टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स: ऑपरेशनल खर्च को सीमित रखते हुए कंपनी ने तकनीकी अपग्रेड्स पर ध्यान केंद्रित किया।

गैर-संचालन आय का योगदान

गैर-संचालन आय, जैसे कि ब्याज आय और निवेश रिटर्न, ने कंपनी के मुनाफे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • यह आय मुख्य रूप से A23 के निवेश पोर्टफोलियो और परिसंपत्ति प्रबंधन से उत्पन्न हुई।

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग का प्रभाव

भारत में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग FY24 में तेजी से बढ़ा है:

  1. बाजार का विस्तार: ऑनलाइन गेमिंग उद्योग का मूल्य FY24 में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
  2. मोबाइल और इंटरनेट एक्सेस: सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच ने इस उद्योग को बढ़ावा दिया।
  3. रम्मी जैसे खेलों की लोकप्रियता: रम्मी, लूडो, और फ़ैंटेसी गेम्स जैसे खेलों में उपयोगकर्ताओं की रुचि बढ़ी।

A23 का उपयोगकर्ता आधार और प्रतिस्पर्धा

A23 का उपयोगकर्ता आधार FY24 में और अधिक मजबूत हुआ।

  • प्रमुख खिलाड़ी: A23 भारत के सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन रम्मी प्लेटफॉर्म में से एक है।
  • प्रतिस्पर्धा: Dream11, MPL, और Junglee Rummy जैसे प्लेटफॉर्म्स से प्रतिस्पर्धा के बावजूद, A23 ने अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी।

भविष्य की योजनाएं

A23 FY25 में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकती है:

  1. टेक्नोलॉजी अपग्रेड: उपयोगकर्ता अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग।
  2. विस्तार: भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार की योजना।
  3. नए खेलों का लॉन्च: रम्मी के साथ अन्य गेमिंग ऑप्शंस को प्लेटफॉर्म पर जोड़ना।

A23 की चुनौतियां

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में कई चुनौतियां भी हैं:

  1. नियम और नियमन: गेमिंग उद्योग में कड़े नियमों और टैक्स नीतियों का प्रभाव पड़ सकता है।
  2. प्रतिस्पर्धा: नए प्लेटफॉर्म्स के आगमन से प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
  3. उपयोगकर्ताओं की प्राथमिकताएं: उपयोगकर्ताओं की बदलती पसंद को समझने और उन्हें बनाए रखने का दबाव।

निष्कर्ष

A23 ने FY24 में स्थिर राजस्व के बावजूद मुनाफे में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है।

  • कंपनी ने खर्चों पर नियंत्रण और गैर-संचालन आय का कुशलतापूर्वक उपयोग करते हुए अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया है।
  • FY25 में, A23 अपनी रणनीतिक पहलों के माध्यम से और अधिक विस्तार करने और ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास करेगा।

A23 की कहानी यह दर्शाती है कि कैसे रणनीतिक प्रबंधन और नवाचार एक प्रतिस्पर्धी उद्योग में सफलता दिला सकते हैं।

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Innov8 ने 110 करोड़ रुपये जुटाए,at Rs 1,000 Cr valuation

Innov8

भारत की प्रमुख कोवर्किंग फर्म Innov8 ने 110 करोड़ रुपये (13 मिलियन डॉलर) का फंडिंग राउंड पूरा किया है। इस प्राइमरी फंडिंग राउंड का नेतृत्व मैनकाइंड फार्मा, गौरी खान, रूपा ग्रुप, और जागृति डालमिया जैसे प्रतिष्ठित फैमिली ऑफिस ने किया।

प्रमुख बातें:

  1. इन निवेशकों ने कुल जुटाई गई राशि का 55% योगदान दिया।
  2. इस फंडिंग के लिए कंपनी ने अपनी 10% हिस्सेदारी का डाइल्यूशन किया।
  3. फंडिंग का इश्यू 2.7 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ और इसे इनक्रेड द्वारा संचालित किया गया।
  4. फंडिंग के समय इन्वो8 का मूल्यांकन 1,000 करोड़ रुपये (लगभग 120 मिलियन डॉलर) आंका गया।

Innov8 2025 तक कोवर्किंग सेंटर्स को दोगुना करने की योजना

Innov8 ने हाल ही में घोषणा की है कि वह भारत में अपने कोवर्किंग सेंटर्स की संख्या 2025 तक 100 तक बढ़ाने की योजना बना रही है।

  • जुटाई गई ताजा पूंजी का उपयोग रणनीतिक और इनोर्गेनिक ग्रोथ के लिए किया जाएगा, जिसमें अधिग्रहण, तकनीकी उन्नयन, साझेदारियां और निच सेगमेंट्स में विस्तार शामिल हैं।

इन्वो8 का परिचय और उपलब्धियां

इन्वो8 की स्थापना 2015 में रितेश मलिक ने की थी। वर्तमान में यह कंपनी 10 शहरों में काम कर रही है, जिसमें शामिल हैं:

  • दिल्ली, गुड़गांव, मुंबई, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, और इंदौर।
  • इन्वो8 के पास वर्तमान में 45 से अधिक कोवर्किंग सेंटर्स हैं, जिनमें 17,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
  • इनके प्रमुख क्लाइंट्स में स्विगी, इंडसइंड बैंक, जियो सावन, फोनपे, और टाटा डिजिटल जैसी कंपनियां शामिल हैं।

नए सेंटर्स की शुरुआत

हाल ही में इन्वो8 ने मुंबई में दो नए सेंटर्स लॉन्च किए हैं:

  1. नवी मुंबई
  2. अंधेरी
  • दोनों सेंटर्स का क्षेत्रफल 1 लाख वर्ग फुट से अधिक है।
  • इन सेंटर्स में कुल 3,000 सीटों की क्षमता है।
  • ये इन्वो8 के अब तक के सबसे बड़े फसिलिटीज में से हैं।

आर्थिक प्रदर्शन में सुधार

इन्वो8 का वित्तीय प्रदर्शन भी तेजी से सुधर रहा है:

  • वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में कंपनी ने 62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
  • पिछले वित्तीय वर्ष (FY23) में यह लाभ केवल 2.5 करोड़ रुपये था।
  • यह सुधार कंपनी की सशक्त बिजनेस रणनीति और बढ़ते क्लाइंट बेस को दर्शाता है।

ओयो के अधिग्रहण के बाद इन्वो8 का सफर

इन्वो8 को मार्च 2019 में ओयो द्वारा अधिग्रहित किया गया था।

  • अधिग्रहण के बावजूद, इन्वो8 ने एक स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करना जारी रखा है।
  • ओयो के समर्थन ने इन्वो8 को प्रमुख बाजार हिस्सेदारी और तेजी से विकास हासिल करने में मदद की है।

फंडिंग के बाद की योजनाएं

ताजा फंडिंग से इन्वो8 निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश करने की योजना बना रही है:

  1. अधिग्रहण और विस्तार:
    • नए सेंटर्स की स्थापना और रणनीतिक अधिग्रहण पर ध्यान केंद्रित।
  2. तकनीकी उन्नयन:
    • कोवर्किंग स्पेस के प्रबंधन और उपयोगकर्ता अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग।
  3. साझेदारियां और निच सेगमेंट्स में विस्तार:
    • उन क्षेत्रों में प्रवेश करना, जहां कोवर्किंग स्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है।

कोवर्किंग इंडस्ट्री में इन्वो8 का स्थान

भारतीय कोवर्किंग मार्केट में इन्वो8 की मजबूत उपस्थिति है।

  • इन्वो8 ने कोवर्किंग स्पेस को सस्ती और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
  • कंपनी के मॉडल ने स्टार्टअप्स, SMEs, और बड़ी कंपनियों को लचीलापन और दक्षता प्रदान की है।

फंडिंग में फैमिली ऑफिस की भूमिका

इस फंडिंग राउंड में मैनकाइंड फार्मा, गौरी खान, रूपा ग्रुप, और जागृति डालमिया जैसे प्रमुख फैमिली ऑफिस ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

  • फैमिली ऑफिस द्वारा किया गया निवेश इन्वो8 के भविष्य के विकास और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
  • इन्वो8 के नेतृत्व और दृष्टिकोण ने इन निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है।

निष्कर्ष

इन्वो8 ने अपनी अग्रणी रणनीतियों और सशक्त नेतृत्व के जरिए कोवर्किंग इंडस्ट्री में खुद को एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।

  • ताजा फंडिंग न केवल कंपनी के विस्तार और विकास को गति देगी, बल्कि इसे भारत के कोवर्किंग सेक्टर में अग्रणी ब्रांड बनने की दिशा में एक कदम और करीब ले जाएगी।
  • इन्वो8 की कहानी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम और कोवर्किंग इंडस्ट्री के लिए प्रेरणा है।

आने वाले वर्षों में इन्वो8 का प्रदर्शन देखने लायक होगा, क्योंकि यह तेजी से बढ़ते कोवर्किंग बाजार में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

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Data Sutram जल्द जुटाएगी $10-12 मिलियन की फंडिंग,

Data Sutram

B2B SaaS स्टार्टअप Data Sutram नए फंडिंग राउंड में $10-12 मिलियन जुटाने की प्रक्रिया के उन्नत चरण में है। मुंबई स्थित इस स्टार्टअप के लिए यह नया फंडिंग राउंड पिछले 15 महीनों में दूसरा बड़ा राउंड होगा।

नए राउंड का नेतृत्व और भागीदारी

सूत्रों के अनुसार, इस राउंड का नेतृत्व लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स और बी कैपिटल कर रहे हैं।

  • मौजूदा निवेशक भी इस राउंड में भाग लेंगे।
  • यह डील जल्द ही बंद होने की उम्मीद है।

Data Sutram: एक परिचय

2018 में रजित भट्टाचार्य, ऐसिक पॉल, और अंकित दास द्वारा स्थापित, डेटा सुतराम एक B2B SaaS कंपनी है जो AI और ML आधारित Data Sutram का उपयोग करती है।

  • इसका इंजन सैटेलाइट, मोबाइल फोन, POS मशीनों और अन्य स्रोतों से कच्चे और असंरचित डेटा को स्वचालित रूप से उपयोगी और संरचित डेटा में बदलता है।
  • कंपनी का प्रोडक्ट सूट—Find, Authenticate, और Grow—दुनियाभर के प्रमुख बैंकों, NBFCs और फिनटेक कंपनियों में अच्छा traction प्राप्त कर चुका है।

डेटा सुतराम के प्रोडक्ट्स की प्रमुख विशेषताएं

  1. Find (खोज):
    • बाजार की रणनीति को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाने में मदद करता है।
  2. Authenticate (प्रमाणिकता):
    • धोखाधड़ी को कम करने और वित्तीय जोखिम प्रबंधन को मजबूत करता है।
  3. Grow (वृद्धि):
    • बिक्री में 3X तक बढ़ोतरी, धोखाधड़ी के मामलों में 45% की कमी, और ग्राहक जीवनकाल मूल्य (CLTV) को 1.5X तक बढ़ाता है।

पिछले फंडिंग राउंड

डेटा सुतराम ने पिछले कुछ वर्षों में कई सफल फंडिंग राउंड पूरे किए हैं:

  • सितंबर 2023:
    • कंपनी ने $3 मिलियन जुटाए थे।
    • इस राउंड का नेतृत्व सिंगुलैरिटी ग्रोथ फंड और अन्य निवेशकों ने किया था।
  • फरवरी 2022:
    • डेटा सुतराम ने $2.07 मिलियन जुटाए थे।
    • इस राउंड का नेतृत्व वरैनियम कैपिटल और यात्रा एंजेल नेटवर्क ने किया था।

नवीनतम फंडिंग और संभावित वैल्यूएशन

सूत्रों के अनुसार, डेटा सुतराम का लक्ष्य $60-70 मिलियन (पोस्ट-मनी) का वैल्यूएशन हासिल करना है।

  • यह वैल्यूएशन कंपनी की मजबूत तकनीकी क्षमताओं और तेजी से बढ़ते ग्राहक आधार को दर्शाता है।
  • नई फंडिंग से कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स को और बेहतर बनाने और नए बाजारों में विस्तार करने में मदद मिलेगी।

डेटा सुतराम की सफलता के कारक

  1. AI और ML का उपयोग:
    • कंपनी की प्रोप्राइटरी तकनीक कच्चे डेटा को स्वचालित रूप से संरचित और उपयोगी जानकारी में बदल देती है।
    • यह डेटा बैंकों, NBFCs, और फिनटेक कंपनियों के लिए बेहतर निर्णय लेने और जोखिम कम करने में मदद करता है।
  2. बाजार की मजबूत पकड़:
    • डेटा सुतराम के प्रोडक्ट्स ने वैश्विक स्तर पर फिनटेक और BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्रों में अपनी उपयोगिता साबित की है।
  3. मजबूत निवेशक आधार:
    • लाइटस्पीड, बी कैपिटल, सिंगुलैरिटी ग्रोथ फंड, और वरैनियम कैपिटल जैसे निवेशकों का साथ डेटा सुतराम के लिए विश्वसनीयता और विकास के अवसर लेकर आया है।

कंपनी की भविष्य की योजनाएं

डेटा सुतराम इस फंडिंग का उपयोग अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को और उन्नत करने, नए तकनीकी इनोवेशन को अपनाने, और वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए करेगी।

  • कंपनी ने अपने AI-ड्रिवन समाधान के माध्यम से फिनटेक और BFSI सेक्टर में असाधारण परिणाम देने का लक्ष्य रखा है।
  • नए फंड से कंपनी अपने Find, Authenticate, और Grow सूट को और बेहतर बनाएगी।

भारतीय SaaS और फिनटेक उद्योग में डेटा सुतराम की भूमिका

  • डेटा सुतराम जैसे स्टार्टअप्स ने भारतीय SaaS (Software as a Service) उद्योग को नई दिशा दी है।
  • फिनटेक क्षेत्र में, कंपनी की तकनीकी समाधान धोखाधड़ी को कम करने और ग्राहकों की जीवनकाल मूल्य में वृद्धि करने में मददगार साबित हुए हैं।
  • भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे बाजार में, डेटा सुतराम की तकनीक छोटे और बड़े वित्तीय संस्थानों के लिए खेल बदलने वाला साबित हो सकती है।

निष्कर्ष

डेटा सुतराम ने अपनी AI- और ML-आधारित तकनीक से भारतीय और वैश्विक बाजार में प्रभावशाली जगह बनाई है।

  • कंपनी के प्रोडक्ट्स ने फिनटेक और BFSI सेक्टर में नवाचार और दक्षता को बढ़ावा दिया है।
  • आगामी फंडिंग राउंड डेटा सुतराम के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और उत्पाद विकास में मदद करेगा।

डेटा सुतराम की कहानी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक प्रेरणा है, और यह दर्शाता है कि कैसे एक मजबूत तकनीकी दृष्टिकोण किसी भी कंपनी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

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Veloce Fintech ने लॉन्च किया SEBI-registered कैटेगरी-II

Veloce

VELOCE फिनटेक, जो कि लेमन ग्रुप का हिस्सा है, ने अपना SEBI-पंजीकृत कैटेगरी-II वैकल्पिक निवेश फंड (AIF), VELOCE Alternative Investment Fund लॉन्च किया है।

कंपनी ने जानकारी दी है कि इस फंड ने 140 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिबद्धताएं प्राप्त की हैं, जिसमें 40 करोड़ रुपये का ग्रीन शू विकल्प भी शामिल है। इस फंड का कुल लक्ष्य 200 करोड़ रुपये का है, जिसे अगले कुछ महीनों में बंद करने की योजना है।

140 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताओं में से, फंड ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को तैनात और आवंटित किया है।


VELOCE ऑपर्च्युनिटीज फंड का फोकस

यह फंड मुख्य रूप से MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को वेंचर डेट और प्री-IPO फंडिंग प्रदान करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य MSMEs के विकास पूंजी आवश्यकताओं और संरचित निवेश अवसरों के बीच की खाई को पाटना है।


VELOCE फिनटेक: एक परिचय

वेलोस फिनटेक की स्थापना लेमन ग्रुप द्वारा की गई है और इसका नेतृत्व निरव जोगानी कर रहे हैं।

  • यह कंपनी ARCs (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों), रियल एस्टेट डेवलपर्स, MSMEs, और स्टार्टअप्स को संस्थागत उधारदाताओं और निवेशकों से जोड़ने में विशेषज्ञता रखती है।
  • फंड का प्रबंधन एक अनुभवी विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया जाता है, जो अपनी व्यापक अनुभव और उद्योग के ज्ञान का उपयोग करके पोर्टफोलियो कंपनियों के दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देते हैं।
  • साथ ही, यह फंड अपने निवेशकों के लिए उच्च और स्थिर रिटर्न प्रदान करने का प्रयास करता है।

फंड के लक्ष्यों और उपलब्धियों पर एक नजर

  1. फंड की प्रतिबद्धताएं और लक्ष्य:
    • अब तक फंड को 140 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं मिल चुकी हैं।
    • इसमें से 100 करोड़ रुपये की राशि को तैनात किया जा चुका है।
    • कुल लक्ष्य 200 करोड़ रुपये का है, जिसे ग्रीन शू विकल्प के साथ अगले कुछ महीनों में बंद करने की योजना है।
  2. वेंचर डेट और प्री-IPO फंडिंग:
    • वेलोस ऑपर्च्युनिटीज फंड का उद्देश्य MSMEs के लिए पूंजी की उपलब्धता को आसान बनाना है।
    • यह MSMEs को प्री-IPO फंडिंग के जरिए अपने विस्तार और विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
  3. संरचित निवेश मॉडल:
    • फंड ने एक संरचित मॉडल अपनाया है, जो निवेशकों को लंबी अवधि में उच्च रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
    • यह फंड MSMEs के साथ-साथ स्टार्टअप्स और रियल एस्टेट डेवलपर्स को भी फंडिंग प्रदान करेगा।

निवेशकों के लिए अवसर

वेलोस ऑपर्च्युनिटीज फंड उन निवेशकों को आकर्षित करता है जो स्थिर और सुरक्षित रिटर्न की तलाश में हैं।

  • वेलोस फिनटेक ने यह सुनिश्चित किया है कि फंड में निवेश किए गए प्रत्येक रुपये का उपयोग प्रभावशाली और टिकाऊ परियोजनाओं के लिए किया जाए।
  • यह फंड विभिन्न उद्योगों में विविधता प्रदान करता है, जिससे निवेशकों को जोखिम कम और रिटर्न अधिक मिलता है।

लेमन ग्रुप की भूमिका

लेमन ग्रुप का वित्तीय सेवाओं में एक मजबूत अनुभव है।

  • इस ग्रुप ने फंड के प्रबंधन और संरचना में अपनी गहरी विशेषज्ञता का योगदान दिया है।
  • वेलोस फिनटेक और लेमन ग्रुप का सहयोग भारतीय MSMEs और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखता है।

भारतीय MSMEs के लिए संभावनाएं

भारत में MSMEs अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।

  • MSMEs को अक्सर विकास के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्हें उपयुक्त वित्तीय संसाधन प्राप्त करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
  • वेलोस ऑपर्च्युनिटीज फंड जैसे प्लेटफॉर्म्स इन MSMEs को वेंचर डेट और प्री-IPO फंडिंग के माध्यम से उनके व्यवसाय को बढ़ाने और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करते हैं।

वित्तीय क्षेत्र में नवाचार और भविष्य की दिशा

  • वेलोस फिनटेक का यह कदम फिनटेक इंडस्ट्री में नवाचार को बढ़ावा देता है।
  • यह फंड न केवल MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए बल्कि निवेशकों के लिए भी एक प्रभावी समाधान प्रदान करता है।
  • आने वाले समय में, यह फंड नए अवसरों को उजागर करेगा और भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

निष्कर्ष

वेलोस ऑपर्च्युनिटीज फंड भारतीय MSMEs और निवेशकों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

  • यह फंड MSMEs के लिए वित्तीय चुनौतियों को कम करने और उनके विकास को गति देने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।
  • साथ ही, यह निवेशकों को स्थिर और आकर्षक रिटर्न प्रदान करके उनके भरोसे को मजबूत करेगा।

भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में वेलोस फिनटेक का यह कदम एक नई दिशा की ओर इशारा करता है और भविष्य में इसकी सफलता से जुड़े कई नए अवसरों की संभावना को जन्म देता है।

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Paytm पेमेंट्स के एमडी और सीईओ नकुल जैन ने दिया इस्तीफा

Paytm

Paytm की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Paytm Payments Services Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नकुल जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

नकुल जैन ने Paytm से पहले स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम किया था, जहां वे प्राइवेट बैंकिंग, प्रायोरिटी बैंकिंग, डिपॉजिट्स और ब्रांच बैंकिंग के प्रभारी थे। उन्होंने अप्रैल 2022 में Paytm ज्वाइन किया था।

Paytm ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि नकुल जैन ने अपना इस्तीफा एक उद्यमशीलता (Entrepreneurial Venture) को आगे बढ़ाने के लिए दिया है।


Paytm के लिए नया नेतृत्व तलाशने की प्रक्रिया जारी

Paytm ने अपने बयान में कहा है कि वह नकुल जैन के स्थान पर एक नया उम्मीदवार तलाशने की प्रक्रिया में है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह अपने विकास और व्यवसायिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखेगी।

कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि उसकी सहायक इकाई को भारत सरकार से डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट के लिए मंजूरी मिल गई है और वह ऑनलाइन मर्चेंट्स को पेमेंट एग्रीगेशन सर्विसेज उपलब्ध कराने का काम जारी रखेगी।


पिछले साल Paytm में हुए बड़े बदलाव

Paytm ने पिछले साल कुछ महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन देखे:

  • 8 अप्रैल 2024 को सुरिंदर चावला ने Paytm Payments Bank के एमडी और सीईओ के पद से इस्तीफा दिया।
  • Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने पार्ट-टाइम नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और बोर्ड सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया।
  • अक्टूबर 2024 में, सिद्धार्थ शकधर ने ओला मोबिलिटी में अपने मुख्य व्यवसाय अधिकारी (CBO) पद को छोड़कर Paytm में बिजनेस हेड के रूप में शामिल हुए।

Paytm का वित्तीय प्रदर्शन

Paytm ने चालू वित्तीय वर्ष (FY25) की तीसरी तिमाही (Q3) के लिए अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए।

  • इस तिमाही में कंपनी ने 1,828 करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) दर्ज किया।
  • हालांकि, कंपनी को 208 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ।

यह राजस्व और घाटा Paytm के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय की ओर संकेत करते हैं, लेकिन कंपनी ने अपने भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखने की बात कही है।


Paytm की भविष्य की योजनाएं

Paytm का फोकस अभी भी डिजिटल पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज में अपनी पकड़ मजबूत करने पर है।

  • कंपनी अपने पेमेंट एग्रीगेशन सर्विसेज को और अधिक ऑनलाइन व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • Paytm ने डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अपनी सेवाओं के विस्तार की योजना बनाई है।
  • कंपनी के बयान के अनुसार, वह अपने नेतृत्व में नए परिवर्तन के साथ सुदृढ़ विकास और नवाचार की दिशा में काम करना जारी रखेगी।

नकुल जैन की उद्यमशीलता की यात्रा की शुरुआत

Paytm से इस्तीफा देने के बाद, नकुल जैन अपनी नई उद्यमशीलता यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। उनके इस फैसले ने संकेत दिया है कि वे फिनटेक और पेमेंट्स इंडस्ट्री में अपने अनुभव का उपयोग करके कुछ नया और प्रभावशाली करना चाहते हैं।


Paytm और भारतीय डिजिटल पेमेंट्स इंडस्ट्री

Paytm भारत में डिजिटल पेमेंट्स क्रांति का नेतृत्व करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है।

  • कंपनी ने अपने QR कोड आधारित पेमेंट्स, वॉलेट, और फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के माध्यम से ग्राहकों का विश्वास जीता है।
  • हालांकि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वित्तीय घाटे ने कंपनी के लिए चुनौतियां भी खड़ी की हैं।

निष्कर्ष

Paytm Payments Services Limited में नेतृत्व परिवर्तन कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। नकुल जैन का इस्तीफा और उनकी उद्यमशीलता यात्रा की शुरुआत Paytm और पूरे फिनटेक सेक्टर के लिए एक नई दिशा तय कर सकती है।

Paytm का ध्यान अब अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार, नेतृत्व की स्थिरता, और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित होगा। आगामी समय यह बताएगा कि Paytm इन चुनौतियों का सामना कैसे करता है और अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।

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Whizzo ने सीड फंडिंग में जुटाए $4.2 मिलियन,

Whizzo

मैटेरियल साइंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Whizzo ने अपनी सीड फंडिंग राउंड में $4.2 मिलियन (लगभग 35 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Lightspeed ने किया, जबकि इसमें BEENEXT ने भी भाग लिया।

यह फंड कंपनी के मैटेरियल साइंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने, फैशन-इंजीनियर्ड टेक्सटाइल के लिए डिज़ाइन लैब स्थापित करने और भारत, वियतनाम, चीन, बांग्लादेश, और इंडोनेशिया में अपनी सप्लाई चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए उपयोग किया जाएगा।


Whizzo की स्थापना और उद्देश्‍य

Whizzo की स्थापना 2024 में श्रेष्ठा कुकरेजा द्वारा की गई, जो पहले Zetwerk में कार्यरत थीं। Whizzo विशेष टेक्सटाइल मिश्रण (proprietary textile blends) बनाती है, जिनमें सेलूलोसिक और पॉलिमर-आधारित फाइबर शामिल हैं। ये उत्पाद विभिन्न उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं और उत्पादन के समय (time-to-market) को काफी कम कर देते हैं।

कंपनी का कहना है कि वह क्रॉस-बॉर्डर कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) मॉडल का उपयोग कर इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देना चाहती है।

श्रेष्ठा कुकरेजा ने कहा,
“हम अपने विशेष टेक्सटाइल मिश्रण और CDMO मॉडल के माध्यम से टेक्सटाइल इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की योजना बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, और ग्लोबल कनेक्टिविटी के जरिए इंडस्ट्री की प्रमुख समस्याओं को हल करना है।”


Whizzo का विस्तार और सप्लाई चेन

Whizzo भारत समेत वियतनाम, चीन, बांग्लादेश और इंडोनेशिया में अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ये सभी देश वैश्विक टेक्सटाइल इंडस्ट्री के प्रमुख केंद्र हैं, जहां Whizzo अपने उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना बना रही है।

कंपनी का फोकस सस्टेनेबल मटेरियल्स और टेक्नोलॉजी का उपयोग करके ऐसे उत्पाद बनाने पर है, जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हों, बल्कि ग्राहकों के लिए लागत और समय की दृष्टि से भी किफायती हों।


टेक्सटाइल इंडस्ट्री में इनोवेशन

Whizzo के उत्पादों का प्रमुख आकर्षण उनकी प्रोप्राइटरी टेक्सटाइल ब्लेंड्स हैं। ये ब्लेंड्स:

  • सेलूलोसिक फाइबर (जो प्राकृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ होते हैं)।
  • पॉलिमर-आधारित फाइबर (जो मजबूत और टिकाऊ होते हैं)।

इन सामग्रियों का उपयोग फैशन, औद्योगिक उपयोग, और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में किया जाएगा।

कंपनी का उद्देश्य इनोवेशन के माध्यम से टेक्सटाइल इंडस्ट्री में बदलाव लाना है, ताकि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिल सके।


संबंधित डेवेलपमेंट

हाल ही में, Sanlayan Technologies नामक एक स्टार्टअप, जिसकी स्थापना पूर्व Zetwerk कर्मचारियों द्वारा की गई थी, ने Dexcel Electronics में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की है। यह कदम भी इंडस्ट्री में नए इनोवेशन और सहयोग को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है।


Whizzo की फंडिंग का महत्व

Whizzo का $4.2 मिलियन का यह फंड न केवल कंपनी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय स्टार्टअप्स के लिए भी एक प्रेरणा है। यह दिखाता है कि सही तकनीकी दृष्टिकोण और इनोवेशन से कैसे वैश्विक स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।


आगे की योजनाएं

  • डिज़ाइन लैब का निर्माण: Whizzo फैशन-इंजीनियर्ड टेक्सटाइल के लिए एक अत्याधुनिक डिज़ाइन लैब स्थापित करेगा।
  • सप्लाई चेन विस्तार: भारत समेत अन्य एशियाई देशों में सप्लाई चेन को मजबूत करने की योजना।
  • सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान: पर्यावरण-अनुकूल टेक्नोलॉजी और सामग्रियों का उपयोग।
  • ग्लोबल कनेक्टिविटी: Whizzo के उत्पादों को वैश्विक बाजार में उपलब्ध कराना।

निष्कर्ष

Whizzo का यह कदम भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। Lightspeed और BEENEXT जैसे प्रमुख निवेशकों का समर्थन Whizzo की महत्वाकांक्षी योजनाओं और इनोवेशन पर उनके विश्वास को दर्शाता है।

इस फंडिंग के साथ, Whizzo न केवल भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगा।

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VoltUp battery-swapping startup ने जुटाए ₹67 करोड़

VoltUp

भारतीय मोबिलिटी-एज़-ए-सर्विस (MaaS) और बैटरी-स्वैपिंग प्लेटफॉर्म वोल्टअप (VoltUp) ने अपने सीड फंडिंग राउंड में ₹67 करोड़ ($8 मिलियन) जुटाए हैं। इस फंडिंग का नेतृत्व EM Impact Capital ने किया।


VoltUp फंडिंग का सफर

  • VoltUp ने इससे पहले प्री-सीड फंडिंग राउंड में ₹83 करोड़ ($10 मिलियन) जुटाए थे।
  • अब तक वोल्टअप की कुल फंडिंग ₹150 करोड़ ($18 मिलियन) हो चुकी है।
  • फंडिंग में प्रमुख भागीदार:
    • HDFC बैंक
    • cKers
    • Grip Invest
    • GetVantage
    • अन्य फैमिली ऑफिस।

वोल्टअप की स्थापना और सफर

स्थापना:

2019 में सिद्धार्थ काबरा द्वारा स्थापित, वोल्टअप एक बैटरी-स्वैपिंग प्लेटफॉर्म है, जो मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स और 3-व्हीलर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है।

संचालन:

  • 14 शहरों में संचालन कर रही यह कंपनी AI और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके बैटरी-स्वैपिंग को आसान और सुरक्षित बनाती है।
  • इसका टेक्नोलॉजी-फर्स्ट अप्रोच स्टेशनों की लोकेशन ऑप्टिमाइज़ करता है, बैटरी परफॉर्मेंस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करता है, और यूजर की डिमांड का अनुमान लगाता है।

मुख्य विशेषताएं

SHE मॉडल:

  • सेफ्टी (Safety): बैटरी स्वैपिंग को सुरक्षित बनाने पर फोकस।
  • हेल्थ (Health): पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त करना।
  • एफिशिएंसी (Efficiency): समय और संसाधनों की बचत।

MaaS नेटवर्क:

वोल्टअप का मोबिलिटी-एज़-ए-सर्विस (MaaS) नेटवर्क डिलीवरी एजेंट्स, गिग वर्कर्स, और छोटे व्यवसायों के लिए भरोसेमंद इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स और बैटरी स्वैपिंग समाधान प्रदान करता है।

टेक्नोलॉजी का उपयोग:

  • बैटरी प्रदर्शन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग।
  • स्टेशनों की लोकेशन और यूजर डिमांड का AI आधारित अनुमान।
  • सुरक्षित और समय की बचत करने वाला चार्जिंग विकल्प।

कंपनी की उपलब्धियां

  • राजस्व में 4 गुना वृद्धि: वोल्टअप ने पिछले 12 महीनों में अपने राजस्व में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज की है।
  • शहरों में विस्तार: कंपनी ने 1,000 नए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है, जो 20 शहरी केंद्रों में काम करेंगे।
  • इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में वृद्धि: यह प्लेटफॉर्म EV अपनाने को बढ़ावा देता है और यूजर्स को रेंज की चिंता से मुक्त करता है।

भविष्य की योजनाएं

विस्तार:

वोल्टअप ने इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर और 3-व्हीलर प्लेटफॉर्म्स के साथ इंटीग्रेशन करने और अपने MaaS ऑफरिंग को तेज़ी से बढ़ाने की योजना बनाई है।

बैटरी-स्वैपिंग नेटवर्क:

कंपनी का लक्ष्य है:

  1. नए बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करना।
  2. शहरी केंद्रों में EV उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान करना।

पर्यावरणीय योगदान:

  • इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देकर कार्बन उत्सर्जन में कमी।
  • बैटरी स्वैपिंग से पारंपरिक चार्जिंग की तुलना में ऊर्जा की बचत।

EV उद्योग में वोल्टअप की भूमिका

भारत में EV बाजार का महत्व:

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, और बैटरी-स्वैपिंग प्लेटफॉर्म इस विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

वोल्टअप का योगदान:

  • डिलीवरी और गिग वर्कर्स को विश्वसनीय सेवाएं।
  • छोटे व्यवसायों के लिए लागत प्रभावी समाधान।
  • EV उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित और कुशल चार्जिंग विकल्प।

बाजार में स्थिति:

वोल्टअप का AI-आधारित बैटरी-स्वैपिंग मॉडल इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।


निष्कर्ष

वोल्टअप ने भारतीय EV बाजार में अपनी खास पहचान बनाई है। ₹67 करोड़ की फंडिंग से कंपनी अपनी सेवाओं और नेटवर्क को और भी मजबूत बनाने के लिए तैयार है।

कंपनी का उद्देश्य:

वोल्टअप का लक्ष्य है EV अपनाने को आसान और सुलभ बनाना, और भारतीय शहरों को स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाना।

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Emiza ने ₹100 करोड़ सीरीज C फंडिंग जुटाई

Emiza

Supply chain and warehousing startup Emiza (Emiza) ने ₹100 करोड़ (लगभग $12 मिलियन) की सीरीज C फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व इवोल्वेंस इंडिया (Evolvence India) और मिराबिलिस इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (Mirabilis Investment Trust) ने किया।

यह फंडिंग राउंड ₹400 करोड़ (लगभग $50 मिलियन) के मूल्यांकन पर हुआ, जिसमें प्राइमरी और सेकेंडरी निवेश का मिश्रण शामिल था। इस निवेश ने कुछ शुरुआती निवेशकों को एग्ज़िट का अवसर भी प्रदान किया।


Emiza निवेश का उपयोग

Emiza ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस फंडिंग का उपयोग निम्न क्षेत्रों में किया जाएगा:

  1. नवाचार को बढ़ावा देना
  2. वेयरहाउस टेक्नोलॉजी में सुधार करना
  3. ऑटोमेशन को उन्नत बनाना
  4. नए वेयरहाउस सुविधाओं के साथ विस्तार करना

फंडिंग के पिछले चरण

मुंबई स्थित इस स्टार्टअप ने इससे पहले मेफील्ड (Mayfield) और अन्य निवेशकों से $12.5 मिलियन जुटाए थे।


इमिज़ा का परिचय

इमिज़ा की स्थापना 2015 में अजय राव और जितेंद्र कुमार ने की थी। यह स्टार्टअप ई-कॉमर्स व्यवसायों के लिए लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्रदान करता है।

मुख्य सेवाएं:

  1. वेयरहाउसिंग और फुलफिलमेंट सॉल्यूशंस:
    • इन्वेंटरी स्टोरेज और मैनेजमेंट।
    • मल्टीचैनल ऑर्डर सिंक।
    • ऑर्डर प्रोसेसिंग और कस्टम पैकेजिंग।
  2. लॉजिस्टिक्स समाधान:
    • लास्ट माइल लॉजिस्टिक डिस्ट्रीब्यूशन।
    • रिवर्स लॉजिस्टिक्स।
    • शिपिंग और क्वालिटी चेक।

तकनीकी और प्रक्रिया:

इमिज़ा तकनीक और प्रक्रियाओं का उपयोग करके इन्वेंटरी स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन को ऑप्टिमाइज़ करता है। इसका उद्देश्य ग्राहकों के लिए ऑपरेशनल एक्सीलेंस और बेहतर अनुभव प्रदान करना है।


इमिज़ा का महत्व

ई-कॉमर्स सेक्टर में सप्लाई चेन और वेयरहाउसिंग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इमिज़ा ने इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है और कस्टमाइज़्ड वेयरहाउसिंग और फुलफिलमेंट सॉल्यूशंस के माध्यम से अपने ग्राहकों को उन्नत सेवाएं प्रदान की हैं।

कंपनी की खासियत:

  • सेंट्रलाइज़्ड इन्वेंटरी कंट्रोल: सभी चैनलों पर इन्वेंटरी का एकीकृत नियंत्रण।
  • ऑपरेशनल एक्सीलेंस: प्रक्रियाओं में सुधार और दक्षता में वृद्धि।
  • ग्राहक अनुभव: ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर सेवाएं प्रदान करना।

इमिज़ा का सफर और सेवाएं

स्थापना:

2015 में अजय राव और जितेंद्र कुमार द्वारा स्थापित, इमिज़ा ने अपनी तकनीक-आधारित सेवाओं से ई-कॉमर्स व्यवसायों की जरूरतों को पूरा किया है।

प्रमुख सेवाएं:

  1. वेयरहाउसिंग सॉल्यूशंस:
    • इन्वेंटरी स्टोरेज और मैनेजमेंट।
    • मल्टीचैनल ऑर्डर सिंक।
    • ऑर्डर प्रोसेसिंग और कस्टम पैकेजिंग।
  2. डिलीवरी सॉल्यूशंस:
    • शिपिंग, क्वालिटी चेक और लास्ट माइल डिलीवरी।
    • रिवर्स लॉजिस्टिक्स।
  3. कस्टमाइज्ड सेवाएं:
    • हर ग्राहक की जरूरत के हिसाब से सॉल्यूशंस।

तकनीकी योगदान:

इमिज़ा तकनीक और प्रक्रियाओं का उपयोग करके लॉजिस्टिक्स को न केवल कुशल बनाता है बल्कि ग्राहकों के लिए लागत और समय की बचत भी करता है।


क्यों खास है इमिज़ा?

ग्राहक-केंद्रित अप्रोच:

इमिज़ा ने अपने ग्राहकों के लिए सटीक और समय पर सेवाएं देने पर ध्यान केंद्रित किया है।

तकनीकी दक्षता:

ऑटोमेशन और उन्नत प्रक्रियाओं के माध्यम से कार्य को तेज़ और प्रभावी बनाया गया है।

भरोसेमंद साझेदार:

कंपनी ने ई-कॉमर्स ब्रांड्स के साथ मजबूत साझेदारी विकसित की है, जिससे यह इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नाम बन गया है।


ई-कॉमर्स में लॉजिस्टिक्स का महत्व

भारतीय बाजार में बढ़ती मांग:

ई-कॉमर्स उद्योग में तेजी से बढ़ोतरी के साथ ही, सप्लाई चेन और वेयरहाउसिंग की मांग भी बढ़ी है।

इमिज़ा की भूमिका:

इमिज़ा ने अपनी सेवाओं के जरिए ई-कॉमर्स व्यवसायों को बेहतर लॉजिस्टिक्स और फुलफिलमेंट समाधान उपलब्ध कराए हैं।

प्रमुख योगदान:

  1. लागत में कमी: ऑटोमेशन के जरिए।
  2. समय पर डिलीवरी: कुशल नेटवर्किंग और प्रक्रियाओं से।
  3. व्यापक पहुंच: देशभर में अपनी सेवाओं का विस्तार।

फंडिंग से क्या होगा बदलाव?

वेयरहाउसिंग में उन्नति:

नई फंडिंग इमिज़ा को अपनी वेयरहाउस सुविधाओं को अत्याधुनिक बनाने में मदद करेगी।

टेक्नोलॉजी का विकास:

नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके ग्राहक अनुभव को और बेहतर बनाया जाएगा।

विस्तार योजनाएं:

इमिज़ा अपनी भौगोलिक पहुंच बढ़ाने और नए बाजारों में प्रवेश करने की योजना बना रहा है।


भारतीय लॉजिस्टिक्स उद्योग में इमिज़ा की जगह

तेजी से बढ़ता क्षेत्र:

भारतीय लॉजिस्टिक्स बाजार, विशेष रूप से ई-कॉमर्स सप्लाई चेन, दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है।

इमिज़ा की भूमिका:

इमिज़ा ने इस बाजार में अपनी तकनीक, सेवाओं, और नवाचार से एक मजबूत स्थिति बनाई है।

भविष्य की योजनाएं:

  1. नए बाजारों में प्रवेश: छोटे और मंझोले व्यवसायों को सेवाएं देना।
  2. ग्राहक अनुभव में सुधार: कस्टमाइज्ड सॉल्यूशंस और तेज़ सेवाएं।
  3. स्थायी विकास: पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रियाओं को अपनाना।

निष्कर्ष

इमिज़ा ने सप्लाई चेन और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाई है। ₹100 करोड़ की फंडिंग से न केवल इसकी सेवाओं और तकनीकों में सुधार होगा, बल्कि यह भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग में और अधिक महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।

कंपनी का विजन:

इमिज़ा का लक्ष्य है ग्राहकों के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करना, और भारतीय लॉजिस्टिक्स बाजार में एक अग्रणी भूमिका निभाना।

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