Neysa ने जनरेटिव AI स्टार्टअप के रूप में $30 मिलियन सीरीज A फंडिंग जुटाई

Neysa

जनरेटिव AI पर केंद्रित स्टार्टअप Neysa  ने हाल ही में $30 मिलियन की सीरीज A फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व NTTVC, Z47 (पहले Matrix Partners India), और Nexus Venture Partners ने किया। यह फंडिंग Neysa के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसने अप्रैल में ही $20 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाई थी। केवल छह महीने के अंदर दो बड़े फंडिंग राउंड को सफलतापूर्वक बंद करने वाले कुछ गिने-चुने स्टार्टअप्स में से Neysa एक है।

AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की योजना

कंपनी के प्रेस रिलीज़ के अनुसार, Neysa  इस नई पूंजी का उपयोग अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, शोध एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने, और अपने जनरेटिव AI एक्सेलेरेशन क्लाउड सर्विस की लॉन्चिंग की तैयारी में करेगी। कंपनी अपनी तकनीक को और बेहतर बनाने के साथ ही वैश्विक प्रणाली एकीकर्ताओं, क्लाउड सेवा प्रदाताओं और AI केंद्रित सॉफ़्टवेयर प्रदाताओं के साथ साझेदारी को मजबूत कर रही है।

फाउंडर्स और कंपनी की दृष्टि

Neysa की स्थापना शरद संघी और अनिंद्य दास ने की थी। यह स्टार्टअप अपने ग्राहकों को जनरेटिव AI प्रोजेक्ट्स की खोज, योजना, तैनाती और प्रबंधन में सहायता प्रदान करता है, वो भी किफायती और सुरक्षित तरीकों से। कंपनी का मॉडल कंजम्पशन-बेस्ड है, जो ग्राहकों को उनकी ज़रूरत के अनुसार सेवाएं प्रदान करता है और उनके AI वातावरण को क्लाउड और एज पर सुरक्षित रखता है।

Neysa Velocis प्लेटफ़ॉर्म की लॉन्चिंग

अपने सीड फंडिंग राउंड के बाद, Neysa ने जुलाई में अपना प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म Neysa Velocis लॉन्च किया। यह प्लेटफ़ॉर्म ग्राहकों को हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का ऑन-डिमांड एक्सेस प्रदान करता है, जो अब आम जनता के लिए उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार, इस प्लेटफ़ॉर्म ने AI, मीडिया, सेवाएं, सॉफ्टवेयर और सार्वजनिक क्षेत्र के ग्राहकों से ऑर्डर हासिल किए हैं।

भारत में AI बाजार की वृद्धि

Nasscom-BCG की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का AI बाजार 2027 तक $17-22 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है, जो 25-35% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) पर बढ़ रहा है। यह बढ़ती हुई मांग भारतीय बाजार में AI केंद्रित स्टार्टअप्स के लिए एक बड़े अवसर का संकेत देती है। Neysa जैसे स्टार्टअप इस तेज़ी से बढ़ते बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जो AI समाधानों के लिए उच्च मांग का सामना कर रहे हैं।

अन्य जनरेटिव AI स्टार्टअप्स में निवेश की बढ़ती रुचि

इस साल, कई जनरेटिव AI स्टार्टअप्स ने महत्वपूर्ण फंडिंग हासिल की है। TheKredible की रिपोर्ट के अनुसार, Sarvam AI ने $41 मिलियन सीरीज A में जुटाए, जबकि Ema ने $25 मिलियन की फंडिंग प्राप्त की और Neysa ने $20 मिलियन सीड फंडिंग जुटाई। अब सीरीज A के $30 मिलियन के साथ, Neysa जनरेटिव AI क्षेत्र में शीर्ष-फंडेड प्रारंभिक चरण का स्टार्टअप बन गया है।

अन्य प्रमुख स्टार्टअप्स में Vodex, KonProz, Dubpro.ai, PlanckDOT, Ayna, Simplismart, और Rabbit AI जैसे नाम भी शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में तेजी से उभर रहे हैं।

नए बाज़ारों में विस्तार की योजना

इस नई फंडिंग से Neysa न केवल अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करेगा, बल्कि अपनी सेवाओं को नए बाज़ारों तक पहुंचाने की योजना भी बना रहा है। कंपनी का इरादा है कि वह अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार पूर्वी और दक्षिणी यूरोप, साथ ही एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में करे। इससे कंपनी की वैश्विक पहुंच और भी बढ़ेगी, और यह एक अग्रणी जनरेटिव AI समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित हो सकेगी।

सिस्टम इंटीग्रेटर्स और क्लाउड प्रदाताओं के साथ साझेदारी

Neysa अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक प्रणाली इंटीग्रेटर्स, क्लाउड सेवा प्रदाताओं और AI-केंद्रित सॉफ़्टवेयर प्रदाताओं के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहा है। यह कदम कंपनी की क्षमताओं को बढ़ाने और उसे विभिन्न उद्योगों में अपनी सेवाओं को विस्तारित करने में मदद करेगा।

फंडिंग का प्रभाव और आगे की योजना

Neysa द्वारा जुटाई गई यह फंडिंग कंपनी के जनरेटिव AI समाधानों को और मजबूत करेगी और इसके विकास को तेज करेगी। Neysa की टीम अपने ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने और AI प्रोजेक्ट्स की योजना, तैनाती, और प्रबंधन को आसान और अधिक कुशल बनाने पर केंद्रित है। इसके साथ ही, कंपनी आने वाले समय में और भी नई तकनीकों और सेवाओं को पेश करने की योजना बना रही है, जिससे ग्राहकों को उनके AI परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित करने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

Neysa ने केवल छह महीनों में दो बड़े फंडिंग राउंड को बंद करके AI उद्योग में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। $30 मिलियन की सीरीज A फंडिंग के साथ, Neysa अब अपने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, नई सेवाओं की पेशकश करने और वैश्विक स्तर पर विस्तार करने की योजना बना रहा है।

भारतीय और वैश्विक AI बाजार में बढ़ती मांग के साथ, Neysa जैसे स्टार्टअप्स के पास अपनी सेवाओं और उत्पादों को और अधिक प्रभावी बनाने का मौका है। Neysa की तकनीकी क्षमताओं और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह स्टार्टअप AI क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने की ओर अग्रसर है।

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PhonePe ने 2023 में $1 बिलियन की फंडिंग जुटाई,

phonePe

डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफ़ॉर्म PhonePe ने 2023 में General Atlantic, Walmart, Tiger Global, और अन्य निवेशकों से लगभग $1 बिलियन (लगभग 83 अरब रुपये) की फंडिंग हासिल की। इस महत्वपूर्ण निवेश ने, साथ ही कंपनी की प्रभावी लागत प्रबंधन रणनीतियों ने, FY24 के दौरान कंपनी को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व तक पहुंचने और उसके नुकसान को कम करने में मदद की।

PhonePe के लिए वित्तीय वर्ष 2024 एक सफल वर्ष रहा, क्योंकि कंपनी की संचालन से आय में 73.8% की वृद्धि हुई और यह 5,064 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशित समेकित वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भुगतान सेवाओं से आय कंपनी के प्राथमिक राजस्व स्रोत के रूप में बनी रही। साथ ही, कंपनी ने $195 मिलियन की फंडिंग राउंड से 661 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज आय प्राप्त की, जो मुख्य रूप से जमा और निवेश से आई। इससे FY24 में PhonePe का कुल राजस्व बढ़कर 5,725 करोड़ रुपये हो गया, जबकि FY23 में यह 3,085 करोड़ रुपये था।

भुगतान सेवाएं और फंडिंग का मुख्य योगदान

PhonePe के लिए सबसे बड़ा राजस्व स्रोत उसकी भुगतान सेवाएं रहीं। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में उसकी मजबूती और निवेशकों का समर्थन कंपनी के विकास में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, कंपनी ने $195 मिलियन की फंडिंग राउंड से अतिरिक्त ब्याज आय भी अर्जित की, जिसने उसके राजस्व को और बढ़ावा दिया। इस प्रकार, FY24 में PhonePe के कुल राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई।

कर्मचारी लाभ और ESOP खर्च

FY24 में PhonePe के कुल खर्चों में से 46.45% केवल कर्मचारियों के लाभों पर खर्च हुए। कर्मचारियों के लाभों पर किए गए खर्चों में 16.4% की वृद्धि हुई और यह FY24 में 3,603 करोड़ रुपये हो गया, जबकि FY23 में यह 3,096 करोड़ रुपये था। इसमें 1,876 करोड़ रुपये की ESOP (कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजना) खर्च शामिल है, जिसमें से केवल 288 करोड़ रुपये नकद में निपटाए गए, जबकि शेष खर्च गैर-नकद था।

PhonePe की ESOP योजनाएं कंपनी के कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए पुरस्कृत करने और उन्हें कंपनी के विकास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण तरीका हैं। यह रणनीति कंपनी की विकास दर को बढ़ाने और उसे ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करती है।

भुगतान प्रसंस्करण और अन्य व्यय

PhonePe के विकास के साथ-साथ भुगतान प्रसंस्करण शुल्कों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। FY24 में यह 74.8% बढ़कर 1,166 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, विज्ञापन, सूचना प्रौद्योगिकी, लाइसेंस, कानूनी खर्च और अन्य ओवरहेड्स ने भी कंपनी के कुल खर्च को बढ़ाया। FY24 में कुल खर्च 31.3% बढ़कर 7,756 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह कम था।

ये खर्च कंपनी की सेवा विस्तार योजनाओं और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में उसकी स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए हैं। PhonePe ने अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने और नए ग्राहकों तक पहुंचने के लिए विज्ञापन और सूचना प्रौद्योगिकी पर भारी निवेश किया।

नुकसान में कमी और ऑपरेशनल मुनाफा

इन लागतों के बावजूद, PhonePe ने FY24 में अपने शुद्ध नुकसान को 28.6% तक कम कर दिया। FY23 में 2,795 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले, FY24 में कंपनी का शुद्ध नुकसान घटकर 1,996 करोड़ रुपये रह गया। यह कमी मुख्य रूप से नियंत्रित लागत और 74% की वृद्धि के कारण संभव हो सकी।

हालांकि कंपनी अभी भी नुकसान में है, लेकिन उसके संचालन के अन्य पक्ष जैसे कि ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) और EBITDA मार्जिन को मापा जाए, तो -18.25% और -14.74% पर खड़े हैं। इसका मतलब यह है कि प्रत्येक कमाए गए रुपये के लिए PhonePe ने 1.53 रुपये खर्च किए। लेकिन ऑपरेशन की कुशलता के बावजूद, कंपनी अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों की ओर बढ़ रही है।

वित्तीय वर्ष 2024 का व्यापक दृष्टिकोण

PhonePe की इस साल की वित्तीय रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि कंपनी ने न केवल अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि अपने नुकसान को भी काफी हद तक कम किया है। इसका मुख्य कारण कंपनी द्वारा अपनाए गए कुशल लागत प्रबंधन और निवेशकों का निरंतर समर्थन है। FY24 में कंपनी ने अपने विस्तार के लिए कई क्षेत्रों में निवेश किया, जैसे कि तकनीकी उन्नति, कर्मचारियों के लाभ, और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना।

भविष्य की योजना

PhonePe ने FY24 में जो प्रगति की है, वह उसे भविष्य के विकास के लिए तैयार करती है। कंपनी ने तकनीकी उन्नति पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे उसकी सेवाओं की गुणवत्ता और ग्राहकों के अनुभव में सुधार हुआ है। साथ ही, कंपनी ने अपने कर्मचारियों को प्रेरित और संलग्न रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

PhonePe की भविष्य की योजना में और अधिक विस्तार और नए उत्पादों की पेशकश शामिल है। कंपनी का लक्ष्य न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी बनना है।

निष्कर्ष

PhonePe ने FY24 में अपने राजस्व और विकास के मामले में एक उल्लेखनीय प्रगति की है। कंपनी ने न केवल अपने राजस्व में वृद्धि की, बल्कि अपने नुकसान को भी नियंत्रित किया। इसके साथ ही, कंपनी ने तकनीकी विकास और कर्मचारी लाभों पर ध्यान केंद्रित करके भविष्य की संभावनाओं को मजबूत किया है।

इस फंडिंग और प्रभावी संचालन रणनीतियों के माध्यम से PhonePe ने खुद को डिजिटल भुगतान क्षेत्र में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है और अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।

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Groww की जबरदस्त वृद्धि: FY24 में 2.2X स्केल की वृद्धि के साथ ऑपरेशनल प्रॉफिट

Groww

फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफार्म Groww ने वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में 2.2 गुना वृद्धि दर्ज की है। इस तेज़ विस्तार के बावजूद, Tiger Global द्वारा समर्थित यह कंपनी ऑपरेशनल स्तर पर लाभ में रही, और इस अवधि के दौरान 16.8% की बढ़त के साथ मुनाफा दर्ज किया।

Groww के संचालन से होने वाली आय FY24 में ₹3,145 करोड़ हो गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष FY23 में ₹1,435 करोड़ थी। इस उल्लेखनीय वृद्धि का मुख्य स्रोत सब्सक्रिप्शन शुल्क और कमीशन थे, जबकि कंपनी की तकनीकी प्लेटफार्म और सपोर्ट चार्जेस से अन्य आय सेगमेंट में भी योगदान मिला।

वित्तीय वर्ष 2024 के अंत तक, Groww ने ऑपरेशनल लाभ में वृद्धि दर्ज की, जिसमें FY23 के ₹458 करोड़ की तुलना में FY24 में ₹535 करोड़ का मुनाफा हुआ। हालांकि, कंपनी ने कुल ₹805 करोड़ का शुद्ध घाटा रिपोर्ट किया, जो कि ₹1,340 करोड़ के एक बार के टैक्स भुगतान के कारण हुआ। यह टैक्स भुगतान कंपनी के मुख्यालय को भारत में स्थानांतरित करने के लिए किया गया था।

स्टॉक ब्रोकिंग यूनिट में भी बढ़त

Groww ने अपने स्टॉक ब्रोकिंग यूनिट के लिए वार्षिक रिपोर्ट भी दाखिल की, जिसमें संचालन से होने वाली आय FY24 में ₹2,900 करोड़ हो गई, जो कि FY23 में ₹1,295 करोड़ थी। स्टॉक ब्रोकिंग में इस जबरदस्त वृद्धि के साथ, Groww भारत का पहला स्टॉक ब्रोकर बन गया जिसने 1 करोड़ सक्रिय निवेशकों का आंकड़ा पार कर लिया। अक्टूबर 2024 तक कंपनी के पास 1.2 करोड़ सक्रिय स्टॉक निवेशक थे।

प्रतिद्वंद्वियों के साथ प्रतिस्पर्धा

Groww की मुख्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां जैसे Zerodha और Angel One ने भी वित्तीय वर्ष 2023-24 में अच्छा प्रदर्शन किया। Zerodha ने ₹8,370 करोड़ की आय दर्ज की, जबकि Angel One की आय ₹4,272 करोड़ रही। वित्तीय वर्ष 2025 की पहली तिमाही (Q1 FY25) में, Angel One ने ₹1,405 करोड़ की आय और ₹293 करोड़ का मुनाफा रिपोर्ट किया। Groww के अन्य प्रतिद्वंद्वी Upstox ने FY23 में ₹1,000 करोड़ से अधिक की आय और ₹25 करोड़ का टैक्स के बाद मुनाफा दर्ज किया, लेकिन FY24 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट अब तक दाखिल नहीं की है।

Groww की मजबूत रणनीति और आगे की राह

Groww की मजबूत वृद्धि और मुनाफे का श्रेय उसकी रणनीतिक योजनाओं और वित्तीय सेवाओं के डिजिटलीकरण में निवेश को जाता है। कंपनी ने विशेष रूप से रिटेल निवेशकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की है, जो अब भारत के विभिन्न शहरों और कस्बों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, Groww ने डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से निवेश और वित्तीय योजना को सरल और अधिक पहुंच योग्य बनाने का प्रयास किया है, जो विशेष रूप से युवा निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

वित्तीय सेवा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। Groww, Zerodha, Angel One, और Upstox जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी हैं और निवेशकों को अधिक आकर्षक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में काम कर रही हैं। Groww की सफलता का एक बड़ा कारण उसका यूजर-फ्रेंडली प्लेटफार्म है, जो निवेशकों को बिना किसी जटिलता के स्टॉक्स, म्यूचुअल फंड, और अन्य वित्तीय उत्पादों में निवेश करने में मदद करता है।

तकनीकी प्लेटफार्म का प्रभाव

Groww ने अपने प्लेटफार्म को निरंतर अपग्रेड किया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को नई तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिल सके। यह प्लेटफार्म न केवल निवेश को आसान बनाता है, बल्कि इसमें यूजर्स को वित्तीय शिक्षा और सलाहकार सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। कंपनी के ग्राहकों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि Groww का तकनीकी प्लेटफार्म बाजार में प्रभावी साबित हो रहा है।

वित्तीय प्रबंधन में सुधार

Groww ने फाइनेंशियल मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ, कंपनी ने अपने वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन किया है, जिससे कंपनी ऑपरेशनल स्तर पर लाभ में रही है। Groww का लक्ष्य अपने ग्राहकों को वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करना है, जिससे वे अपने वित्तीय लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर सकें।

भविष्य की संभावनाएं

वित्तीय वर्ष 2024 की सफलता के बाद, Groww ने भारतीय फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। कंपनी के पास भविष्य में और अधिक विस्तार की संभावना है, और इसके प्लेटफार्म पर लगातार नई सेवाएं और सुविधाएं जुड़ने की उम्मीद है। Groww का लक्ष्य भारतीय निवेशकों को बेहतर अनुभव और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करना है, जिससे कंपनी आने वाले वर्षों में और भी बड़ी सफलता प्राप्त कर सके।

निष्कर्ष

Groww की FY24 में शानदार वृद्धि और ऑपरेशनल मुनाफे ने उसे भारतीय फाइनेंशियल मार्केट में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। कंपनी ने अपने उपयोगकर्ताओं को सरल और प्रभावी वित्तीय सेवाएं प्रदान करने में सफलता हासिल की है, जिससे उसके प्लेटफार्म की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में Groww की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कंपनी सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अपने ग्राहकों के लिए उत्कृष्ट वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रही है।

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Honasa Consumer ने Kaustav Guha को VP, R&D नियुक्त किया

Honasa Consumer

Honasa Consumer, जो Mamaearth, The Dream Co., Aqualogica, Bblunt, और Dr. Sheth जैसे ब्रांड्स का संचालन करती है, ने Kaustav Guha को रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है। गुड़गांव स्थित यह कंपनी अपने ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स के पोर्टफोलियो में निरंतर नवाचार और प्राकृतिक उत्पादों के विकास के लिए जानी जाती है।

Kaustav Guha का अनुभव और Honasa में उनकी भूमिका

Kaustav Guha को सौंदर्य और पर्सनल केयर उद्योग में एक दशक से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने L’Oréal और Marico जैसी वैश्विक और भारतीय ब्रांड्स में उत्पाद विकास का नेतृत्व किया है। Honasa ने उन्हें अपने R&D विभाग का नेतृत्व करने के लिए चुना है ताकि कंपनी के उत्पादों और फॉर्मूलेशन को और बेहतर बनाया जा सके। Guha का उद्देश्य नई तकनीकों का विकास करना होगा, जो कंपनी के विभिन्न ब्रांड्स के उत्पादों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बढ़ाएगी।

प्राकृतिक और टिकाऊ फॉर्मूलेशन की पेशकश में वृद्धि

Honasa Consumer का मुख्य उद्देश्य अपने ग्राहकों को सुरक्षित, प्रभावी और टिकाऊ ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स प्रदान करना है। Kaustav Guha की नियुक्ति के साथ, कंपनी इस दिशा में और अधिक मजबूती से कदम बढ़ाने की तैयारी में है। Guha के मार्गदर्शन में, Honasa प्राकृतिक और स्थायी फॉर्मूलेशन पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद मिल सकें।

ब्यूटी और पर्सनल केयर उद्योग में नवाचार

Honasa ने यह स्पष्ट किया है कि Kaustav Guha की नियुक्ति कंपनी के अनुसंधान और विकास (R&D) को और आगे बढ़ाएगी, जिससे भारतीय ब्यूटी और वेलनेस उद्योग में नए मानक स्थापित किए जा सकें। कंपनी का मानना है कि Guha के नेतृत्व में, Honasa भारतीय सौंदर्य बाजार में नई श्रेणियों का अन्वेषण कर सकेगी, जिससे ग्राहकों को बेहतरीन उत्पाद उपलब्ध होंगे।

CosmoGenesis Labs का अधिग्रहण: R&D में विस्तार

इस साल मई में, Honasa ने CosmoGenesis Labs का अधिग्रहण किया था, जो एक कॉस्मेटिक फॉर्मूलेशन और डेवलपमेंट कंपनी है, जो प्रीमियम स्किनकेयर समाधानों में विशेषज्ञता रखती है। इस अधिग्रहण से Honasa की R&D क्षमताओं में और वृद्धि हुई है। कंपनी का कहना है कि इससे उसे नए उप-श्रेणियों का अन्वेषण करने और ग्राहकों को बेहतर मूल्य प्रदान करने का अवसर मिला है। यह कदम Honasa के नवाचार-आधारित दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करता है।

FMCG रिटेल और ओमनी-चैनल वितरण नेटवर्क की ताकत

Honasa Consumer ने अपने वितरण नेटवर्क को काफी व्यापक बना लिया है। कंपनी के उत्पाद अब भारत के 100,000 से अधिक FMCG खुदरा स्थानों पर उपलब्ध हैं और यह 18,000 से अधिक पिन कोड्स को कवर करता है। इस व्यापक वितरण नेटवर्क के जरिए Honasa के उत्पाद अब भारत के 700 से अधिक जिलों में आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उपभोक्ताओं को देश के हर हिस्से में कंपनी के उत्पाद मिल सकें।

नई तकनीकों का विकास और Honasa की रणनीति

Honasa Consumer के लिए यह नियुक्ति और अधिग्रहण न केवल उनके मौजूदा उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने का अवसर है, बल्कि यह कंपनी को नई तकनीकों और उत्पादों के विकास में भी सहायता करेगा। Kaustav Guha के नेतृत्व में, कंपनी नई तकनीकों को अपनाकर उपभोक्ताओं को बेहतर और प्रभावी ब्यूटी प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।

ग्राहकों के लिए स्थायी और प्राकृतिक उत्पाद

आजकल उपभोक्ताओं के बीच प्राकृतिक और टिकाऊ उत्पादों की मांग बढ़ रही है। इस बदलते ट्रेंड को देखते हुए, Honasa ने अपने उत्पादों को प्राकृतिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया है। Kaustav Guha की विशेषज्ञता के साथ, कंपनी अपने उत्पादों में और सुधार करने और उन्हें और भी सुरक्षित, प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने का प्रयास करेगी।

उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाना

Kaustav Guha की नियुक्ति Honasa को अपने उपभोक्ताओं के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करने का अवसर देगी। कंपनी अब अपने उत्पादों में और भी नवाचार कर सकती है, जिससे ग्राहकों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज किए गए उत्पाद मिल सकें। इससे न केवल ग्राहक संतुष्टि में वृद्धि होगी, बल्कि कंपनी की ब्रांड वफादारी भी मजबूत होगी।

निष्कर्ष

Kaustav Guha की नियुक्ति और CosmoGenesis Labs का अधिग्रहण Honasa Consumer के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कंपनी को भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद करेगा। Honasa के व्यापक वितरण नेटवर्क और नवाचार-आधारित दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित होता है कि उपभोक्ताओं को बेहतरीन गुणवत्ता और टिकाऊ उत्पाद मिलते रहें। Honasa का लक्ष्य न केवल भारतीय बाजार में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाना है, और इस नई रणनीति के साथ, वह अपने लक्ष्यों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

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Automoto ने जुटाए 100 करोड़ रुपये की फंडिंग

Automoto

भारतीय ऑटोमोटिव सेवा क्षेत्र में तेजी से उभर रही कंपनी Automoto ने अपने ताज़ा फंडिंग राउंड में 100 करोड़ रुपये ($12 मिलियन) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Venture Bridge ने किया, जिसमें एंजल निवेशकों और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) की भी भागीदारी रही।

इस फंडिंग का मुख्य उद्देश्य Automoto का पहला अनुभव केंद्र (experience center) शुरू करना है, जो कंपनी के डिजिटल उत्पादों के लिए एक इंटीग्रेशन हब के रूप में काम करेगा। कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह केंद्र उपभोक्ताओं को एक ही जगह पर कई सेवाएं प्रदान करेगा और ऑटोमोटिव सेवाओं के क्षेत्र में उनकी यात्रा को सरल बनाएगा।

Automoto: एक नज़र में

2018 में श्रीराज द्वारा स्थापित Automoto का फोकस तेज सेवा (quick service) और ऑटोमोटिव देखभाल पर है, जो टू-व्हीलर्स से लेकर कमर्शियल ट्रकों तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी का मध्यम और दीर्घकालिक रणनीति में बीमा सेवाओं, IoT इंटीग्रेशन, कनेक्टेड व्हीकल्स, एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस, और ऑटोमोटिव एनालिटिक्स जैसी मूल्यवर्धित सेवाओं को शामिल करने की योजना है।

Automoto की इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा अनुभव केंद्र को स्थापित करने में निवेश किया जाएगा। यह केंद्र कंपनी के डिजिटल उत्पादों को एकीकृत करेगा और रीयल-टाइम में ग्राहकों को उनकी व्यावहारिकता और उपयोगिता को दिखाने का माध्यम बनेगा।

अनुभव केंद्र: एक नई शुरुआत

Automoto का आगामी अनुभव केंद्र मुम्बई में स्थित होगा, जो कंपनी के B2B2C (बिजनेस टू बिजनेस टू कस्टमर) एंटरप्राइज़ मैनेजमेंट सिस्टम का केंद्र बनेगा। इस सिस्टम का उद्देश्य भारत में वाहन स्वामित्व की यात्रा को बेहतर बनाना है। अनुभव केंद्र उपभोक्ताओं को ऑटोमोटिव सेवाओं का एकीकृत अनुभव देगा, जहां वे डिजिटल सेवाओं और अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ उठा सकेंगे।

यह केंद्र न केवल ग्राहकों के लिए सेवाओं का प्रदर्शन करेगा, बल्कि Automoto की टीम को अपने डिजिटल उत्पादों की व्यावहारिकता और उनकी दक्षता का परीक्षण करने का भी मौका देगा। यह मॉडल कंपनी को भारतीय ऑटोमोटिव सेवा क्षेत्र में एक मजबूत स्थिति प्रदान कर सकता है, जहां लोग अपने वाहनों की देखभाल और मेंटेनेंस के लिए तेजी से डिजिटल समाधानों की ओर रुख कर रहे हैं।

Automoto की सेवाओं का विस्तार

Automoto का उद्देश्य न केवल त्वरित सेवा और वाहन देखभाल प्रदान करना है, बल्कि यह वाहन स्वामित्व की पूरी यात्रा को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है। कंपनी वर्तमान में बीमा, IoT इंटीग्रेशन, कनेक्टेड व्हीकल्स, और एनालिटिक्स जैसी मूल्यवर्धित सेवाएं जोड़ने पर काम कर रही है। इसका लक्ष्य वाहनों के मालिकों को न केवल नियमित सेवाओं की सुविधा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें एक संपूर्ण डिजिटल अनुभव देना है जो उनकी वाहन संबंधी जरूरतों को पूरा कर सके।

B2B2C मॉडल की शक्ति

Automoto का B2B2C मॉडल इसे बाज़ार में एक विशिष्ट स्थिति प्रदान करता है। यह मॉडल कंपनी को व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए समाधान प्रदान करने में सक्षम बनाता है। इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य उन व्यवसायों और सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी करना है, जो अपने ग्राहकों को तेज और भरोसेमंद ऑटोमोटिव सेवाएं प्रदान करना चाहते हैं। साथ ही, यह उपभोक्ताओं को भी एक सुविधाजनक और डिजिटल सेवा अनुभव प्रदान करता है, जिससे उनके वाहन की देखभाल के लिए सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो जाती हैं।

IoT और कनेक्टेड वाहनों का भविष्य

Automoto का भविष्य-दृष्टि IoT इंटीग्रेशन और कनेक्टेड वाहनों पर आधारित है। IoT के माध्यम से कंपनी वाहनों की वास्तविक समय की निगरानी कर सकेगी, जिससे उन्हें तेजी से और सटीक सेवा प्रदान की जा सकेगी। इसके अलावा, कनेक्टेड वाहनों के जरिए ग्राहकों को उनके वाहन की स्थिति और देखभाल के बारे में लगातार अपडेट मिलता रहेगा।

यह सेवाएं न केवल ग्राहकों को समय पर सेवाएं प्राप्त करने में मदद करेंगी, बल्कि ऑटोमोटिव सेवा प्रदाताओं के लिए भी उनकी सेवाओं को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करना आसान बनाएंगी।

फंडिंग और वित्तीय स्थिति

Automoto की नवीनतम फंडिंग राउंड ने कंपनी को वित्तीय रूप से एक स्थिर स्थिति प्रदान की है। 100 करोड़ रुपये की फंडिंग के साथ, Automoto अब अपनी सेवाओं को बड़े पैमाने पर विस्तार कर सकेगी। इस फंडिंग का अधिकांश हिस्सा नए अनुभव केंद्र के निर्माण और कंपनी की डिजिटल सेवाओं के विस्तार में निवेश किया जाएगा।

इसके अलावा, कंपनी अपनी मूल्यवर्धित सेवाओं को भी विस्तार दे रही है, जो ग्राहकों को बीमा, IoT, और एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगी। यह सेवाएं कंपनी को भारत के ऑटोमोटिव सेवा बाजार में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेंगी।

स्थापना और विकास की यात्रा

2018 में श्रीराज द्वारा स्थापित Automoto ने शुरुआत से ही अपनी सेवाओं को तेजी से विकसित किया है। कंपनी ने टू-व्हीलर्स से लेकर ट्रकों तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए सेवा प्रदान करने के साथ-साथ अपने डिजिटल प्लेटफार्म को भी लगातार अपडेट किया है। Automoto का ध्यान अपने ग्राहकों को तेज, सटीक और भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करने पर है, जिससे वह इस प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी अलग पहचान बना सके।

भविष्य की योजनाएं

Automoto आने वाले समय में अपने अनुभव केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह भारत के प्रमुख शहरों में इस प्रकार के केंद्र स्थापित करे, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्राप्त हो सकें। इसके साथ ही, कंपनी IoT और कनेक्टेड वाहनों के माध्यम से अपनी सेवाओं को और अधिक तकनीकी रूप से उन्नत करने की योजना बना रही है।

निष्कर्ष

Automoto का नवीनतम फंडिंग राउंड और आगामी अनुभव केंद्र कंपनी के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल कंपनी के डिजिटल सेवाओं के विस्तार में मदद करेगा, बल्कि इसे भारतीय ऑटोमोटिव सेवा बाजार में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा।

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Zomato के सह-संस्थापक Deepinder Goyal ने शुरू की नई कंपनी ‘Continue’

Zomato

Zomato के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपिंदर गोयल ने एक नई वेंचर ‘Continue’ की स्थापना की है, जो स्वास्थ्य ट्रैकिंग और मानसिक वेलनेस पर ध्यान केंद्रित करेगी। हालांकि, यह नया वेंचर पूरी तरह से व्यक्तिगत है और इसका Zomato से कोई संबंध नहीं है।

अप्रैल 2024 में लॉन्च की गई इस नई कंपनी का कानूनी नाम Upslove Advisors Private Limited है। इस कंपनी के शेयरधारकों में दीपिंदर गोयल (99.9%) और आशीष गोताल (0.1%) शामिल हैं। दोनों ने मिलकर शुरुआती पूंजी के रूप में 50 लाख रुपये का योगदान दिया है, जैसा कि कंपनी के रेगुलेटरी फाइलिंग से पता चला है।

वेबसाइट और स्वास्थ्य ट्रैकर

Continue.com डोमेन, जिसे “The Ultimate Health Tracker” के रूप में मार्केट किया जा रहा है, वर्तमान में कोई अतिरिक्त विवरण प्रदान नहीं करता है। यह डोमेन नई इकाई Upslove Advisors Private Limited के तहत पंजीकृत है।

कंपनी के निदेशक मंडल

रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, दीपिंदर गोयल सक्रिय निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि सिमरनदीप सिंह और अकृति मेहता को Upslove Advisors Private Limited के अतिरिक्त निदेशकों के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, सिंह और मेहता पिछले 5 और 7 वर्षों से Zomato के साथ जुड़े हुए हैं।

कंपनी की स्थापना की पृष्ठभूमि

दीपिंदर गोयल ने हमेशा से स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में रुचि दिखाई है। ‘Continue’ का उद्देश्य लोगों को उनकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करना है। गोयल का मानना है कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य ट्रैकिंग और मानसिक वेलनेस बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं, और इसी दिशा में ‘Continue’ काम करेगी।

स्वास्थ्य और मानसिक वेलनेस पर ध्यान

‘Continue’ का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके स्वास्थ्य और मानसिक वेलनेस को ट्रैक करने में मदद करना है। आज के तेजी से भागते जीवन में, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। ‘Continue’ के जरिए, उपयोगकर्ता अपने स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं को ट्रैक कर सकेंगे और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे।

दीपिंदर गोयल की दृष्टि

दीपिंदर गोयल ने Zomato के माध्यम से खाद्य वितरण उद्योग में क्रांति ला दी है। अब, ‘Continue’ के माध्यम से, वह स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में एक नई शुरुआत करना चाहते हैं। उनकी दृष्टि है कि लोग न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त हों।

स्वास्थ्य ट्रैकिंग की आवश्यकता

स्वास्थ्य ट्रैकिंग आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। कई लोग अपने व्यस्त जीवन में अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाते हैं। ‘Continue’ जैसे प्लेटफार्म के माध्यम से, लोग अपने स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं को समझ सकेंगे और समय पर सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे।

मानसिक वेलनेस की भूमिका

मानसिक वेलनेस भी स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। तनाव, चिंता, और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अन्य मुद्दों का समय पर समाधान करना बेहद आवश्यक है। ‘Continue’ का उद्देश्य लोगों को मानसिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें उनकी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।

‘Continue’ क्या है?

‘Continue’ एक हेल्थ और मेंटल फिटनेस प्लेटफार्म है जो लोगों को फिटनेस, स्वास्थ्य और मानसिक सशक्तिकरण से जुड़ी सेवाएं और सुझाव प्रदान करेगा। इसके माध्यम से, लोग अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर पाएंगे, जिसमें योग, मेडिटेशन, फिटनेस ट्रेनिंग, न्यूट्रिशन प्लानिंग और मानसिक स्वास्थ्य के लिए टूल्स और तकनीकों की सुविधा दी जाएगी।

निष्कर्ष

‘Continue’ के माध्यम से दीपिंदर गोयल का उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य और वेलनेस पर ध्यान केंद्रित करना है। यह प्लेटफार्म उपयोगकर्ताओं को उनके स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं को समझने और सुधारात्मक कदम उठाने में मदद करेगा। गोयल का यह नया प्रयास समाज में स्वास्थ्य और वेलनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा।

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Stellapps Technologies ने सीरीज C फंडिंग राउंड में जुटाए $26 मिलियन

Stellapps Technologies

Stellapps Technologies ने अपने सीरीज C फंडिंग राउंड में $26 मिलियन (लगभग 215 करोड़ रुपये) जुटाए हैं, जिसमें इक्विटी और डेट फाइनेंसिंग दोनों शामिल थे। इस राउंड में मौजूदा निवेशकों जैसे Blume Ventures, Omnivore, और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ-साथ नए निवेशक Miledeep Capital ने भी योगदान दिया। इसके अतिरिक्त, यू.एस. इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) ने डेट फाइनेंसिंग प्रदान की।

Stellapps Technologies तीन साल के बाद वापसी

बेंगलुरु स्थित Stellapps ने तीन साल के अंतराल के बाद इस नई फंडिंग राउंड को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इससे पहले, कंपनी ने अक्टूबर 2021 में Nutreco से प्री-सीरीज C राउंड में $18 मिलियन जुटाए थे। अब तक, Stellapps ने कुल मिलाकर लगभग $50 मिलियन (लगभग 400 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है।

कंपनी की विस्तार योजनाएँ

Stellapps के संस्थापक और सीईओ रंजीत मुकुंदन ने कहा कि इस फंडिंग से कंपनी को पूरे भारत में ग्राहकों के लिए अपनी मूल्य-वर्धित डेयरी उत्पादों की पेशकश को टिकाऊ तरीके से विस्तार करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह कंपनी के निर्यात क्षेत्र को भी मजबूत करेगा। mooMark ब्रांड के तहत Stellapps का यह वर्टिकल कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और प्राइवेट लेबल डेयरी उत्पादों पर केंद्रित है, जिसमें गुणवत्ता, स्थिरता और ट्रैसेबिलिटी को प्रमुखता दी जाती है।

Stellapps की शुरुआत और विकास

Stellapps की शुरुआत एक Dairy IoT सॉल्यूशन प्रोवाइडर के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ यह कंपनी विकसित होकर मूल्य-वर्धित डेयरी उत्पादों की कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और प्राइवेट लेबलिंग में एक प्रमुख खिलाड़ी बन गई है। mooMark ब्रांड के तहत, कंपनी भारतीय और वैश्विक ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद प्रदान करती है। Stellapps की खास बात यह है कि यह एक लो-कैपेक्स और टेक-चालित दृष्टिकोण का उपयोग करती है, जिससे यह तकनीकी रूप से सक्षम और कम लागत पर उत्पाद वितरण करने में सक्षम होती है।

Stellapps का महत्व और भारतीय डेयरी उद्योग में योगदान

Stellapps का विकास भारतीय डेयरी उद्योग के डिजिटलीकरण और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में डेयरी उद्योग बहुत बड़ा है और Stellapps ने इस क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के माध्यम से एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके IoT सॉल्यूशंस ने डेयरी फार्मों के लिए स्मार्ट ट्रैकिंग, मानीटरिंग और डेटा विश्लेषण को सक्षम किया है, जिससे डेयरी किसानों को अपनी उत्पादन दक्षता बढ़ाने में मदद मिली है।

इसके साथ ही, कंपनी का कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और प्राइवेट लेबलिंग सेगमेंट mooMark ब्रांड के तहत ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले, टिकाऊ, और ट्रैसेबल डेयरी उत्पाद प्रदान करता है। Stellapps का ध्यान न केवल घरेलू बाजार पर है, बल्कि इसका उद्देश्य वैश्विक बाजारों में भी अपने उत्पादों का निर्यात करना है, जिससे भारतीय डेयरी उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।

फंडिंग का उपयोग और भविष्य की योजनाएँ

रंजीत मुकुंदन ने बताया कि नई फंडिंग से Stellapps अपनी तकनीकी क्षमताओं को और बढ़ाएगी और अपनी प्रोडक्ट लाइनों को और अधिक मजबूत करेगी। इस फंडिंग का उपयोग कंपनी के मौजूदा और नए प्रोडक्ट्स को भारत के विभिन्न हिस्सों में विस्तार देने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, Stellapps का उद्देश्य भारतीय किसानों और डेयरी उद्योग के लिए टिकाऊ समाधान प्रदान करना है, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके।

कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि वह अपने निर्यात क्षेत्र को और मजबूत करेगी, जिससे mooMark के डेयरी उत्पाद वैश्विक बाजारों में और अधिक लोकप्रिय हो सकें। Stellapps की यह रणनीति न केवल भारतीय बाजार पर आधारित है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में है।

Stellapps का टेक्नोलॉजी-चालित दृष्टिकोण

Stellapps का टेक्नोलॉजी-चालित दृष्टिकोण इसे अन्य पारंपरिक डेयरी कंपनियों से अलग बनाता है। कंपनी का IoT आधारित ट्रैकिंग और मानीटरिंग सिस्टम किसानों को उनकी डेयरी उत्पादन प्रक्रिया पर पूरी तरह से नजर रखने की सुविधा प्रदान करता है। इसके साथ ही, यह तकनीक उत्पादन की गुणवत्ता को बनाए रखने और बढ़ाने में भी मदद करती है।

Stellapps का यह लो-कैपेक्स मॉडल उसे कम लागत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान करने में सक्षम बनाता है, जिससे कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार में पकड़ मजबूत होती है।

डेयरी उद्योग के लिए Stellapps की भूमिका

भारत में डेयरी उद्योग एक विशाल और तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है। Stellapps जैसी कंपनियां इस उद्योग में आधुनिक तकनीक और नवाचारों को लागू करके न केवल उत्पादकता बढ़ा रही हैं, बल्कि किसानों की आय और जीवन स्तर में भी सुधार कर रही हैं।

Stellapps के mooMark ब्रांड के तहत कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और प्राइवेट लेबलिंग सेगमेंट भारतीय डेयरी उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक है। इसके उत्पादों की गुणवत्ता, टिकाऊपन और ट्रैसेबिलिटी इसे भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।

निष्कर्ष

Stellapps Technologies का $26 मिलियन की फंडिंग जुटाना भारतीय डेयरी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। कंपनी का तकनीकी दृष्टिकोण, टिकाऊ उत्पाद और वैश्विक विस्तार की योजना इसे भविष्य में और अधिक सफल बनाएगी। Stellapps न केवल भारत में डेयरी किसानों की मदद कर रही है, बल्कि भारतीय डेयरी उत्पादों को वैश्विक स्तर पर भी स्थापित कर रही है।

इस फंडिंग से Stellapps को अपनी प्रोडक्ट लाइन का विस्तार करने, नई तकनीकें विकसित करने और भारतीय डेयरी उद्योग में स्थायी और स्मार्ट समाधान प्रदान करने में मदद मिलेगी।

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Titan Capital Winners फंड ने जुटाए 333 करोड़ रुपये

Titan Capital Winners

titan capital Winners Fund, जिसे स्नैपडील के सह-संस्थापक कुनाल बहल और रोहित बंसल का समर्थन प्राप्त है, ने अपने अंतिम समापन पर 333 करोड़ रुपये (लगभग $40 मिलियन) जुटाए हैं।

इससे पहले, अगस्त 2024 में, फंड ने अपने प्रारंभिक लक्ष्य 200 करोड़ रुपये को प्राप्त कर लिया था और अब ग्रीन-शू विकल्प का उपयोग करके अतिरिक्त प्रतिबद्धताओं को स्वीकार करने का निर्णय लिया है। यह राशि कंपनी के मौजूदा पोर्टफोलियो कंपनियों में बाद के चरणों में निवेश की जाएगी, कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा।

2011 से अब तक 250 से अधिक कंपनियों का समर्थन

2011 से, titan capital Winners Fund,ने 250 से अधिक कंपनियों का समर्थन किया है। कुछ प्रमुख सीड निवेशों में अर्बन कंपनी, मामा अर्थ, ऑफ़बिजनेस, रेजरपे, यूनिकॉमर्स, और ओला कैब्स शामिल हैं।

अगस्त में 200 करोड़ रुपये का लक्ष्य प्राप्त किया

अगस्त में, टाइटन कैपिटल के विनर्स फंड ने 200 करोड़ रुपये का लक्ष्य प्राप्त किया था। इस फंड के माध्यम से, कंपनी ने अर्बन कंपनी, मामा अर्थ, ओला, और क्रेडजेनिक्स जैसी कंपनियों से महत्वपूर्ण निकास किए।

टाइटन कैपिटल का अर्बन कंपनी में शुरुआती 57 लाख रुपये का निवेश 111 करोड़ रुपये के पूर्ण निकास में परिणत हुआ। ओला में, प्रारंभिक $60,000 का निवेश काफी बढ़ गया, और दोनों ने 2021 में कंपनी के $7.3 बिलियन के उच्चतम मूल्यांकन पर पूरी तरह से निकास किया।

इंदिकॉर्न्स: नए और लाभकारी स्टार्टअप्स की सूची

हाल ही में, टाइटन कैपिटल ने इंदिकॉर्न्स नामक एक नया सूचकांक लॉन्च किया, जो 100 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व वाले लाभकारी स्टार्टअप्स को उजागर करता है। इस सूची में शामिल स्टार्टअप्स में ग्रो, इन्फ्रा.मार्केट, इंडिफी, कंफर्मटीकेटी, कैशई, फाइबे, एवरेस्ट फ्लीट, फाइंड, इंडीक्यूब, करजा, लेंडिंगकार्ट, ऑक्सिजो, और नोडविन शामिल हैं।

titan capital Winners Fund, और भविष्य की योजनाएं

टाइटन कैपिटल की निवेश रणनीति ने उसे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। कंपनी न केवल शुरुआती चरण के निवेशों पर ध्यान केंद्रित करती है, बल्कि अपने पोर्टफोलियो में बाद के चरणों में भी निवेश करना जारी रखती है। यह दृष्टिकोण कंपनी को अपने पोर्टफोलियो कंपनियों के विकास को समर्थन देने और उनके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है।

टाइटन कैपिटल का यह कदम न केवल भारतीय स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारतीय निवेशक अब जोखिम लेने के लिए अधिक तैयार हैं और वे संभावित उच्च रिटर्न की तलाश में हैं।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश

टाइटन कैपिटल का यह नया फंड निवेशकों को एक महत्वपूर्ण संदेश देता है: भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश के लिए अब एक बेहतर समय है। कंपनी का इंदिकॉर्न्स सूचकांक यह भी दर्शाता है कि भारत में कई स्टार्टअप्स अब लाभकारी हो रहे हैं और बड़े पैमाने पर राजस्व उत्पन्न कर रहे हैं।

निष्कर्ष

टाइटन कैपिटल विनर्स फंड का 333 करोड़ रुपये जुटाना न केवल कंपनी के लिए बल्कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटना है। यह दिखाता है कि भारतीय स्टार्टअप्स में अब भी बड़ी संभावनाएं हैं और वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। कुनाल बहल और रोहित बंसल की दृष्टि और उनके निवेश के अनुभव ने टाइटन कैपिटल को एक प्रमुख निवेशक के रूप में स्थापित किया है, जो भविष्य में भी नए और उभरते हुए स्टार्टअप्स को समर्थन देता रहेगा।

भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यह समय अत्यधिक महत्वपूर्ण है, और टाइटन कैपिटल का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है।

भविष्य की संभावनाएं

आने वाले समय में, टाइटन कैपिटल के निवेश और उनके द्वारा समर्थित स्टार्टअप्स पर नजर रखना दिलचस्प होगा। कंपनी की रणनीति और उनकी सफलताएं निश्चित रूप से अन्य निवेशकों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

इस प्रकार, टाइटन कैपिटल का यह नया फंड न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है।

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UK startups
UK

UK To Startups

  1. Beckley Psytech
    साइकेडेलिक थैरेपी के जरिए मानसिक स्वास्थ्य का इलाज करने वाली कंपनी।
    संस्थापक: लेडी अमांडा फील्डिंग, कॉस्मो फील्डिंग मेलन
    वैल्यूएशन: £229 मिलियन
    फंडिंग: £110 मिलियन
  2. Bloom & Wild
    फ्लॉवर डिलीवरी के क्षेत्र में डिजिटल सेवाएं देने वाला स्टार्टअप।
    संस्थापक: आरोन गेलबर्ड
    वैल्यूएशन: £416 मिलियन
    फंडिंग: £131.72 मिलियन
  3. Checkout.com
    ऑनलाइन पेमेंट प्रोसेसिंग की सुविधा देने वाला प्लेटफार्म।
    संस्थापक: गिलियम पाउसेज
    वैल्यूएशन: £8.6 बिलियन
    फंडिंग: £1.8 बिलियन
  4. Unitary.ai
    एआई की मदद से इमेज और वीडियो मॉडरेशन में विशेषज्ञता।
    संस्थापक: सैश हाको, जेम्स थेवलिस
    वैल्यूएशन: £40 मिलियन
    फंडिंग: £20 मिलियन
  5. Lottie
    केयर होम और रिटायरमेंट लिविंग खोजने की सुविधा।
    संस्थापक: विल डॉनेली, क्रिस डॉनेली
    वैल्यूएशन: £80 मिलियन
    फंडिंग: £25.5 मिलियन
  6. Gymshark
    फिटनेस वियर का उत्पादन करने वाला स्टार्टअप।
    संस्थापक: बेन फ्रांसिस
    वैल्यूएशन: £1 बिलियन
    फंडिंग: £220 मिलियन
  7. OakNorth Bank
    छोटे व्यवसायों को वित्तीय सेवाएं देने वाला ऑनलाइन बैंक।
    संस्थापक: ऋषि खोसला
    वैल्यूएशन: £3.9 बिलियन
    फंडिंग: £759 मिलियन
  8. Bloom
    ई-कॉमर्स व्यवसायों के लिए शॉर्ट-टर्म फाइनेंसिंग समाधान।
    संस्थापक: नीना मोहंती, जेसी लीमग्रुबर
    वैल्यूएशन: £1.5-1.9 बिलियन
    फंडिंग: £312 मिलियन
  9. Sano Genetics
    व्यक्तिगत चिकित्सा अनुसंधान को आसान बनाने वाला प्लेटफार्म।
    संस्थापक: चार्लोट गुज्जो, पैट्रिक शॉर्ट, विलियम जोन्स
    वैल्यूएशन: £47 मिलियन
    फंडिंग: £21 मिलियन
  10. Hyperexponential
    बीमा क्षेत्र के लिए प्राइसिंग सॉफ्टवेयर।
    संस्थापक: अमृत संथिरसेनन
    वैल्यूएशन: £300-380 मिलियन
    फंडिंग: £61 मिलियन
  11. Tide
    छोटे व्यवसायों के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाएं।
    संस्थापक: टॉम ब्लॉमफील्ड
    वैल्यूएशन: £650 मिलियन
    फंडिंग: £79 मिलियन
  12. Birdie
    बुजुर्गों के लिए पर्सनलाइज्ड होम केयर सेवाएं।
    संस्थापक: अबीद मोहम्मद, मैक्स पर्मेंटियर
    वैल्यूएशन: £200 मिलियन
    फंडिंग: £40 मिलियन
  13. Zopa
    पीयर-टू-पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म।
    संस्थापक: गिल्स एंड्रयूज, जेम्स एलेक्जेंडर
    वैल्यूएशन: £700 मिलियन
    फंडिंग: £600 मिलियन
  14. Conigital
    एआई-ड्रिवन ड्राइवरलेस वाहन तकनीक।
    संस्थापक: डॉन-पॉल धालीवाल, मोनिका सेठ
    वैल्यूएशन: £2 बिलियन
    फंडिंग: £400 मिलियन
  15. Graphcore
    एआई और मशीन लर्निंग के लिए प्रोसेसर बनाने वाली कंपनी।
    संस्थापक: निगेल टून, साइमन नोलेस
    वैल्यूएशन: £1.8 बिलियन
    फंडिंग: £500 मिलियन
  16. SuperAwesome
    बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल मीडिया अनुभव देने वाला प्लेटफार्म।
    संस्थापक: डिलन कॉलिन्स
    वैल्यूएशन: £79 मिलियन
    फंडिंग: £40 मिलियन
  17. Monzo Bank
    डिजिटल बैंकिंग सेवा में अग्रणी।
    संस्थापक: टिम बॉमफील्ड
    वैल्यूएशन: £3.4 बिलियन
    फंडिंग: £1 बिलियन
  18. Starling Bank
    ऐप-आधारित बैंकिंग स्टार्टअप।
    संस्थापक: ऐनी बोडेन
    वैल्यूएशन: £2.6 बिलियन
    फंडिंग: £800 मिलियन
  19. Darktrace
    साइबर सुरक्षा के लिए एआई पर आधारित स्टार्टअप।
    संस्थापक: पोपी गुस्ताफसन, डेव पामर
    वैल्यूएशन: £2.3 बिलियन
    फंडिंग: £182 मिलियन
  20. Wise (TransferWise)
    अंतर्राष्ट्रीय मनी ट्रांसफर सेवा।
    संस्थापक: क्रिस्टो क्यारमन, टावेट हिनरिकस
    वैल्यूएशन: £4.7 बिलियन
    फंडिंग: £312 मिलियन
  21. Cazana
    यूज़्ड कार मार्केट में क्रांति लाने वाली कंपनी।
    संस्थापक: टॉम वुड
    वैल्यूएशन: £26 मिलियन
    फंडिंग: £2.5 मिलियन
  22. Deliveroo
    फूड डिलीवरी सेवा।
    संस्थापक: विलियम शु
    वैल्यूएशन: £1.1 बिलियन
    फंडिंग: £1.3 बिलियन
  23. Improbable
    गेमिंग और सिमुलेशन तकनीक में अग्रणी।
    संस्थापक: हरमन नरुला, रॉब व्हाइटहेड
    वैल्यूएशन: £2.7 बिलियन
    फंडिंग: £650 मिलियन
  24. Revolut
    डिजिटल बैंकिंग में क्रांति लाने वाला प्लेटफार्म।
    संस्थापक: निकोलाई स्टोरोंस्की, व्लाद यत्सेंको
    वैल्यूएशन: £14 बिलियन
    फंडिंग: £1.3 बिलियन
  25. Ometria
    ई-कॉमर्स मार्केटिंग ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर।
    संस्थापक: इवान मज़ोर
    वैल्यूएशन: £130 मिलियन
    फंडिंग: £49 मिलियन
  26. Fever
    एक्टिविटी और इवेंट्स खोजने में मदद करने वाला ऐप।
    संस्थापक: पेप गोमेज़
    वैल्यूएशन: £1.4 बिलियन
    फंडिंग: £345 मिलियन
  27. SumUp
    छोटे व्यवसायों के लिए पेमेंट सॉल्यूशंस।
    संस्थापक: डैनियल क्लाइन, मार्क-एलेक्सेंडर क्रिस्ट
    वैल्यूएशन: £6.7 बिलियन
    फंडिंग: £550 मिलियन

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Last Week Indian startups ने 449.33 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई

Last Week Indian startups

Last Week Indian startups फंडिंग के मामले में बेहद शानदार रहा। 39 भारतीय स्टार्टअप्स ने लगभग 449.33 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई। इनमें से 12 ग्रोथ-स्टेज डील्स और 16 अर्ली-स्टेज डील्स शामिल थीं, जबकि 11 स्टार्टअप्स ने अपने ट्रांजैक्शन विवरण को गोपनीय रखा। पिछले सप्ताह, 32 अर्ली और ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स ने कुल मिलाकर 134 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई थी।

Last Week Indian startups ग्रोथ-स्टेज डील्स

ग्रोथ-स्टेज डील्स के तहत, 12 स्टार्टअप्स ने इस सप्ताह 389.62 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई। एडटेक स्टार्टअप एरुडिटस ने 150 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ नेतृत्व किया। ओमनीचैनल ब्यूटी प्लेटफॉर्म पर्पल ने 60 मिलियन डॉलर जुटाए, जबकि क्लाउड-आधारित सर्विस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म न्यूरॉन7.एआई, डी2सी ज्वैलरी स्टार्टअप गीवा, और सास प्लेटफॉर्म एवरस्टेज ने क्रमशः 44 मिलियन डॉलर, 30.3 मिलियन डॉलर, और 30 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की।

अर्ली-स्टेज डील्स

अर्ली-स्टेज डील्स के तहत, 16 स्टार्टअप्स ने इस सप्ताह 59.71 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई। एल्डर केयर स्टार्टअप प्रिमस सीनियर लिविंग ने सूची में अग्रणी स्थान प्राप्त किया, इसके बाद क्लाउड-आधारित एमएलऑप्स वर्कफ़्लो ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म सिम्पलीस्मार्ट, टीचर वर्कफोर्स डेवलपमेंट और ग्लोबल टीचर मोबिलिटी के लिए प्लेटफॉर्म सुरासा, एआई स्टार्टअप बडी.बॉट, और गैलियम नाइट्राइड (GaN) स्टार्टअप एग्निट सेमीकंडक्टर्स जैसे स्टार्टअप्स शामिल थे।

गोपनीय डील्स

इस दौरान, ट्राक्वो, ब्राउन लिविंग, सुपरयूएस, इवनफ्लो, एनी, हीलस्पैन, मैग्नस फार्म फ्रेश, स्पोर्टस्किल, पेटस्ट्रॉन्ग, किंगडम ऑफ व्हाइट, और मेडप्राइम टेक्नोलॉजीज ने भी फंडिंग जुटाई, लेकिन उन्होंने अपने ट्रांजैक्शन विवरण को गोपनीय रखा।

शहर और सेगमेंट-वार डील्स

शहर-वार फंडिंग डील्स के मामले में, बेंगलुरु आधारित स्टार्टअप्स ने 16 डील्स के साथ नेतृत्व किया, इसके बाद मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, आदि का स्थान रहा। सेगमेंट-वार, ई-कॉमर्स स्टार्टअप्स 12 डील्स के साथ शीर्ष पर रहे। फिनटेक, एआई, एडटेक, हेल्थटेक, लॉजिस्टिक्स, और बायोटेक स्टार्टअप्स भी सूची में शामिल थे।

सीरीज-वार डील्स

इस सप्ताह, सीड फंडिंग डील्स 15 डील्स के साथ शीर्ष पर रही, इसके बाद सीरीज बी, प्री-सीड, प्री-सीरीज ए, डेट, और सीरीज ए डील्स का स्थान रहा।

सप्ताह-दर-सप्ताह फंडिंग ट्रेंड

साप्ताहिक आधार पर, स्टार्टअप फंडिंग 234.27% बढ़कर 449.33 मिलियन डॉलर हो गई, जबकि पिछले सप्ताह लगभग 134.42 मिलियन डॉलर जुटाए गए थे। पिछले आठ सप्ताह में औसत फंडिंग लगभग 353.43 मिलियन डॉलर रही, जिसमें प्रति सप्ताह 30 डील्स हुईं।

फंड लॉन्च

अनिकट ने अपने प्राइवेट क्रेडिट फंड 3 के लिए गिफ्ट सिटी स्ट्रक्चर के माध्यम से 11 मिलियन डॉलर जुटाए। एसबीआई फाउंडेशन और विल्ग्रो ने एग्रीटेक स्टार्टअप्स के लिए “इनोवेटर्स फॉर भारत” नामक फंड लॉन्च किया। टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस ने शुरुआती-स्टेज छात्र उद्यमियों में निवेश के लिए 10 मिलियन डॉलर का फंड लॉन्च किया। इसके अतिरिक्त, सुंदरम अल्टरनेट्स ने अपने पीसीओएफ – सीरीज I फंड को लॉन्च किया।

प्रमुख नियुक्तियां और इस्तीफे

स्टार्टअप इकोसिस्टम ने इस सप्ताह 6 प्रमुख नियुक्तियों का गवाह बना। ऑथब्रिज ने नवीन गोयल को चीफ ऑफ टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स के रूप में शामिल किया। इन्वेस्ट4एडु ने मनीष साहिजवानी को चीफ बिजनेस ऑफिसर के रूप में स्वागत किया, और डीएमआई फाइनेंस ने नीरज खंडेलवाल और रचित गुप्ता को विभिन्न भूमिकाओं में नियुक्त किया।

इस दौरान, मामा अर्थ के चीफ प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी ऑफिसर जयंत चौहान, अपग्रेड के सह-संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर मयंक कुमार, और कृत्रिम के बिजनेस हेड रवि जैन ने इस्तीफा दिया।

विलय और अधिग्रहण

इस सप्ताह, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में चार प्रमुख अधिग्रहण हुए। लिसियस ने माय चिकन एंड मोर का अधिग्रहण किया, आईबीएम ने प्रेसिंटो का अधिग्रहण किया, इंडियम ने एक्स्पेरिओन को खरीदा, और जेटापल्ट ने यूएमएक्स स्टूडियो का अधिग्रहण किया।

संभावित डील्स

  • ओयो यूएस विस्तार रणनीति के लिए 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग की तलाश में
  • टेमासेक का फुलर्टन लेंडिंगकार्ट में नियंत्रण ले सकता है
  • जेप्टो मोटिलाल ओसवाल और फैमिली ऑफिसेस से 100 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाने की योजना में

इस सप्ताह के वित्तीय परिणाम

  • क्योर.एआई का राजस्व 83% बढ़कर FY24 में 141 करोड़ रुपये हुआ, घाटे में कमी
  • लिसियस ने FY24 में 685 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया; घाटे में 44% की कमी
  • भारतपे का राजस्व FY24 में 1,426 करोड़ रुपये तक पहुंचा, घाटे में 50% की कमी
  • ट्रैक्टर जंक्शन का राजस्व FY24 में 2.3X बढ़ा; घाटे में 51% की कमी
  • अको का राजस्व FY24 में 2,000 करोड़ रुपये की सीमा पार किया, घाटे में कमी
  • रेंटोमोजो ने FY24 में 193 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया; मुनाफा 3.6X बढ़ा

Top Headlines : Last Week Indian startups Industry News

  • आरबीआई ने नावी, डीएमआई फाइनेंस और अन्य को ऋण स्वीकृति और वितरण से रोका
  • नावी ने सितंबर में शीर्ष 5 यूपीआई ऐप्स में जगह बनाई, जबकि फोनपे ने बढ़त बनाए रखी
  • 8i वेंचर्स ने M2P फिनटेक से पूर्ण निकासी पर 12X रिटर्न हासिल किया
  • मामा अर्थ भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्किनकेयर ब्रांड बना: यूरोमॉनिटर
  • जोमैटो ने QIP के माध्यम से 1 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बनाई
  • टेमासेक ने रेबल फूड्स में निवेश के लिए सीसीआई को नोटिस दिया
  • क्लेवर्टैप और मेंसा ब्रांड्स आईपीओ के लिए भारत लौटने की योजना बना रहे हैं
  • ब्लूस्टोन ने Q2 2025 तक 2,100 करोड़ रुपये के आईपीओ की योजना बनाई
  • पययू ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए आईपीओ योजना स्थगित की
  • ओला इलेक्ट्रिक ने सेवा चुनौतियों को दूर करने के लिए EY को नियुक्त किया
  • ज़ेरोधा ने ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने के लिए फंड लॉन्च किया
  • सरकार गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा नीति पेश करेगी
  • कर्नाटक ऑनलाइन एग्रीगेटर्स पर लेनदेन शुल्क लगाएगा
  • स्विगी के संस्थापक और निवेशकों ने आईपीओ से पहले 670 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

OverAll

दो सप्ताह के धीमे फंडिंग प्रवाह के बाद, साप्ताहिक फंडिंग में तेजी आई और इस सप्ताह 39 स्टार्टअप्स ने 449.33 मिलियन डॉलर जुटाए। सप्ताह ने चार स्टार्टअप-केंद्रित फंड लॉन्च किए, जिनमें अनिकट कैपिटल, इनोवेटर्स फॉर भारत, टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस, और सुंदरम अल्टरनेट्स शामिल थे।

ओला इलेक्ट्रिक ने अपनी बिक्री के बाद की सेवा संचालन में सुधार के लिए परामर्श फर्म EY इंडिया को नियुक्त किया है, जबकि ज़ेरोधा ने ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु एक नया फंड लॉन्च किया है।

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