PACT SWAP को मिला $5 मिलियन का निवेश,

PACT SWAP

Web3 और क्रिप्टो ट्रेडिंग की दुनिया में एक नया और क्रांतिकारी कदम देखने को मिला है। क्रॉस-चेन DEX (Decentralized Exchange) प्रदान करने वाली कंपनी PACT SWAP ने हाल ही में $5 मिलियन (लगभग ₹42 करोड़) की फंडिंग हासिल की है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व DNA Fund ने किया है।

यह फंडिंग PACT SWAP के लिए एक बड़ा माइलस्टोन मानी जा रही है, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म क्रिप्टो दुनिया की सबसे जटिल समस्याओं में से एक — इनकॉम्पैटिबल ब्लॉकचेन के बीच नेचुरल एसेट्स का सुरक्षित और आसान एक्सचेंज — को हल करने की दिशा में काम कर रहा है।


🏦 कौन है निवेशक और क्या होगा उनके सहयोग का दायरा?

इस फंडिंग राउंड में DNA Fund ने लीड इन्वेस्टर की भूमिका निभाई है। DNA Fund न केवल वित्तीय सहायता दे रहा है, बल्कि वह PACT SWAP को निम्नलिखित क्षेत्रों में भी सक्रिय सहयोग देगा:

  • 🌱 इकोसिस्टम डेवलपमेंट
  • 🤝 स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स
  • 🌍 ग्लोबल मार्केट में लॉन्च और विस्तार

👨‍💼 कौन चला रहा है PACT SWAP?

PACT SWAP को चलाने वाली टीम में कुछ प्रसिद्ध नाम शामिल हैं:

  • Stephen Morris – CEO
  • Brock Pierce – सह-संस्थापक (क्रिप्टो उद्योग के जाने-माने निवेशक और उद्यमी)
  • Scott Walker – सह-संस्थापक
  • Toby Gilbert – सह-संस्थापक

यह टीम Web3 टेक्नोलॉजी, निवेश और ग्लोबल ब्लॉकचेन नेटवर्किंग में वर्षों का अनुभव रखती है।


🔄 क्या है PACT SWAP और कैसे करता है काम?

PACT SWAP एक क्रॉस-चेन DEX (Decentralized Exchange) है जो यूज़र्स को अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क्स (जैसे Bitcoin और Tron) के बीच नेचुरल टोकन को ट्रेड करने की सुविधा देता है।

👉 मुख्य विशेषताएं:

  • न ब्रिज की जरूरत,
  • न रैप्ड टोकन,
  • न बाहरी वेलिडेटर्स

यह सिस्टम Coinweb के मॉड्यूलर एग्जीक्यूशन लेयर पर आधारित है, जिससे यह मौजूदा क्रॉस-चेन प्रोटोकॉल की तुलना में काफी कम फीस चार्ज करता है और बेहतर स्पीड और सिक्योरिटी प्रदान करता है।


⚙️ टेक्निकल फीचर्स जो इसे बनाते हैं खास

  • 🔐 Permissionless Token Listings: कोई भी प्रोजेक्ट या डेवलपर अपना टोकन बिना अनुमति के लिस्ट कर सकता है
  • 🧩 High Composability: अन्य ब्लॉकचेन एप्लिकेशन से आसानी से इंटीग्रेशन
  • Near-instant Finality: लगभग तुरंत ही ट्रांजैक्शन कन्फर्म हो जाती है

यह फीचर्स इसे एक डिवेलपर-फ्रेंडली और स्केलेबल DEX बनाते हैं।


🧪 अभी क्या स्टेज पर है प्रोजेक्ट?

PACT SWAP फिलहाल लाइव प्रोडक्शन रोलआउट के चरण में है। इसका मतलब है कि इसका कोर ट्रेडिंग फीचर अब आंशिक रूप से सक्रिय हो चुका है।

🚀 लॉन्च हो चुकी सुविधाएं:

  • ✅ BTC (Bitcoin)
  • ✅ TRX (Tron)
  • ✅ BNB (Binance Smart Chain)
  • ✅ ETH (Ethereum)
  • ✅ USDT (TRC20, BEP20, ERC20)

हालांकि, फिलहाल के लिए ट्रेडिंग कैप को $20,000 पर सीमित किया गया है, ताकि सिस्टम की स्टेबिलिटी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


🤝 इंटीग्रेशन और पब्लिक लॉन्च

PACT SWAP टीम ने यह भी जानकारी दी है कि वे पहले से ही कुछ प्रमुख इकोसिस्टम पार्टनर्स के साथ इंटीग्रेशन पर काम कर रहे हैं। इससे आने वाले महीनों में इसका फुल पब्लिक लॉन्च संभव होगा।

यह लॉन्च पूरी दुनिया के यूज़र्स को क्रिप्टो ट्रेडिंग के एक नए युग में ले जाएगा, जहां ब्लॉकचेन नेटवर्क की सीमाएं बाधा नहीं रहेंगी।


🔮 भविष्य की संभावनाएं

इस फंडिंग और टेक्नोलॉजी के बलबूते, PACT SWAP का लक्ष्य है:

  • 🌐 ग्लोबल यूज़र्स को जोड़ना
  • 📉 ट्रेडिंग कॉस्ट को और कम करना
  • 🔁 ट्रू क्रॉस-चेन इंटरऑपरेबिलिटी को अपनाना
  • 💡 डेवलपर्स के लिए ओपन और फ्लेक्सिबल प्लेटफॉर्म बनना

अगर यह प्लेटफॉर्म अपने वादों पर खरा उतरता है, तो यह Web3 और DeFi की दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।


📝 निष्कर्ष: एक नई डिजिटल ट्रेडिंग क्रांति की शुरुआत

क्रिप्टो ट्रेडिंग में क्रॉस-चेन ट्रांजैक्शन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। PACT SWAP जैसे प्लेटफॉर्म उस चुनौती को सीधे और सरल तरीके से हल करने का प्रयास कर रहे हैं।

$5 मिलियन की इस नई फंडिंग से PACT SWAP को तकनीकी रूप से और मजबूत बनने, अपनी सेवाओं का विस्तार करने और क्रिप्टो बाजार में एक भरोसेमंद नाम बनने में मदद मिलेगी।


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Read more :🛋️ Pepperfry को मिला ₹43.3 करोड़ का नया फंड,

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Pepperfry

भारत की प्रमुख ओमनीचैनल फर्नीचर ब्रांड Pepperfry ने एक बार फिर अपने मौजूदा निवेशकों से ₹43.3 करोड़ (लगभग $5.1 मिलियन) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व General Electric Pension Fund ने किया है, जबकि Norwest Venture Partners, Goldman Sachs, और Panthera Growth Partners सहित अन्य निवेशकों ने भी भाग लिया।

इससे पहले सितंबर 2023 में भी Pepperfry ने इन्हीं निवेशकों से $23 मिलियन जुटाए थे।


📄 क्या कहती है नियामकीय फाइलिंग?

Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, Pepperfry के बोर्ड ने 5,59,463 कम्पल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) को ₹775 प्रति शेयर की कीमत पर जारी करने का प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के जरिए कंपनी ने ₹43.3 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है।


💰 किसने कितना निवेश किया?

इस फंडिंग राउंड में अलग-अलग निवेशकों का योगदान इस प्रकार रहा:

  • 🏢 General Electric Pension Fund: ₹21.5 करोड़ (लगभग $2.5 मिलियन)
  • 🌱 Norwest Venture Partners: ₹8.52 करोड़
  • 🦁 Panthera Growth Partners: ₹6.45 करोड़
  • 🏦 Goldman Sachs, Erste WV Gutersloh GmbH, और Growth Equity Opportunity Fund Cayman Holdings Ltd ने शेष राशि का योगदान दिया है।

🚀 फंड का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस फंड का उपयोग मुख्यतः इन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा:

  • 📈 बिजनेस ग्रोथ और स्केलिंग
  • 🏬 ऑफलाइन स्टूडियो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का विस्तार
  • 💼 जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए वर्किंग कैपिटल

📊 फंडिंग के बाद वैल्यूएशन

Entrackr के अनुमान के अनुसार, इस लेटेस्ट फंडिंग राउंड के बाद Pepperfry की वैल्यूएशन ₹3,120 करोड़ (लगभग $367 मिलियन) हो गई है।


🏢 Pepperfry का बिजनेस मॉडल क्या है?

Pepperfry एक मार्केटप्लेस मॉडल पर काम करता है जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों के ज़रिए ग्राहकों को फर्नीचर और होम डेकोर प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराता है।

  • 🛒 इसके कैटलॉग में 10,000 से अधिक प्रोडक्ट्स हैं।
  • 🤝 यह प्लेटफॉर्म Godrej, Springfit, और Spacewood जैसी प्रमुख ब्रांड्स से ग्राहकों को जोड़ता है।
  • 🏬 देशभर में इसके 200 से अधिक स्टूडियोज हैं जो 100+ शहरों में फैले हुए हैं।

📉 FY24 में राजस्व गिरा, लेकिन घाटे में कमी आई

मार्च 2024 को समाप्त वित्तीय वर्ष (FY24) में कंपनी ने:

  • 📉 ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 30% की गिरावट, जो अब ₹189 करोड़ रह गया
  • 💸 लेकिन घाटे में 37% की कमी, जो अब ₹117.5 करोड़ हो गया

इसका मतलब है कि कंपनी ने खर्चों पर नियंत्रण करते हुए घाटे को काफी हद तक कम किया है, जो एक सकारात्मक संकेत है, खासकर मौजूदा बाजार की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए।


💼 अब तक कितना निवेश मिला है?

Startup डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म TheKredible के अनुसार, मुंबई आधारित Pepperfry ने अब तक $270 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई है। इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • Norwest Venture Partners
  • General Electric
  • Broad Street Investment
  • Pidilite Industries
  • और अन्य कई संस्थागत निवेशक

🪑 प्रतियोगिता किससे है?

Pepperfry का मुकाबला भारत में कई मजबूत और फंडेड फर्नीचर ब्रांड्स से है, जिनमें प्रमुख हैं:

  • 🏠 Urban Ladder: जिसे Reliance Retail ने अधिग्रहित किया है। इसने $100 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई थी।
  • 🪵 Wooden Street: जिसने हाल ही में $77 मिलियन जुटाए हैं।

इन कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में बने रहना Pepperfry के लिए आसान नहीं है, लेकिन इसका ऑमनीचैनल मॉडल, ब्रांडेड प्रोडक्ट्स, और रिटेल स्टूडियो नेटवर्क इसे बाज़ार में मज़बूत बनाए हुए हैं।


📝 निष्कर्ष: Pepperfry की राह में नई ऊर्जा

Pepperfry की यह ताज़ा फंडिंग कंपनी को आने वाले समय में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है। जहां एक ओर रेवेन्यू में गिरावट चिंता का विषय है, वहीं घाटे में आई कमी और मौजूदा निवेशकों का दोबारा भरोसा दिखाना कंपनी की लंबी दौड़ के संकेत हैं।

2025 में कंपनी के सामने कुछ प्रमुख चुनौतियां होंगी:

  • 🧾 मुनाफा कमाना
  • 🏙️ छोटे शहरों में विस्तार
  • 🧑‍💻 टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स को और बेहतर बनाना

यदि Pepperfry इन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह आने वाले वर्षों में भारत का सर्वश्रेष्ठ फर्नीचर ब्रांड बन सकता है।


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Udaan ने $114 मिलियन में सीरीज़ G राउंड किया पूरा,

Udaan

भारत के सबसे बड़े B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स में से एक Udaan ने अपने सीरीज़ G फंडिंग राउंड को $114 मिलियन (लगभग ₹950 करोड़) के साथ सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस राउंड का नेतृत्व M&G Investments और Lightspeed ने किया, जबकि इसमें कुछ नए और मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया।

यह डील Udaan के लिए ना सिर्फ वित्तीय मजबूती लाती है, बल्कि इसे IPO (Initial Public Offering) की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ने में मदद करेगी।


💰 फरवरी में मिला था $75 मिलियन, अब कुल सीरीज़ G पहुंची $114 मिलियन

बेंगलुरु-स्थित Udaan ने फरवरी 2025 में $75 मिलियन की पहली किश्त हासिल की थी, जो अब इस ताज़ा निवेश के साथ कुल $114 मिलियन हो गई है। यह फंडिंग फ्लैट वैल्यूएशन पर हुई, यानी पिछली वैल्यूएशन के आसपास ही कंपनी ने फंडिंग जुटाई है।

Entrackr के अनुसार, Udaan की पिछली फंडिंग राउंड के दौरान कंपनी का वैल्यूएशन लगभग $1.8 बिलियन (₹15,000 करोड़) था।


📦 ताज़ा फंडिंग का इस्तेमाल किन कामों में होगा?

Udaan ने प्रेस रिलीज़ में बताया कि यह ताज़ा पूंजी कई महत्वपूर्ण बिज़नेस पहलुओं को मजबूत करने में खर्च की जाएगी:

  • 🛍️ FMCG (Fast Moving Consumer Goods) कैटेगरी में विस्तार
  • 🍽️ HoReCa (Hotel, Restaurant, Catering) कस्टमर सेगमेंट पर फोकस
  • 🏷️ अपने प्राइवेट लेबल ब्रांड्स को मुख्य रूप से “स्टेपल्स” कैटेगरी में तेज़ी से बढ़ाना
  • 💹 बैलेंस शीट को और मजबूत बनाना ताकि भविष्य में IPO के लिए बेहतर वित्तीय स्थिति बनाई जा सके

🧾 कंपनी का कहना है: EBITDA पर फोकस, घाटा घटा 40%

Udaan के को-फाउंडर और CEO वैभव गुप्ता ने कहा:

“पिछले तीन वर्षों में हमने अपने बिज़नेस मॉडल को पूरी तरह से री-इंजीनियर किया है। हमने ‘कॉस्ट को कैपेबिलिटी’ और ‘कम्पिटिटिव एडवांटेज’ बना लिया है। पिछले तीन सालों में हमारा EBITDA बर्न हर साल 40% कम हुआ है और हम अगले 18 महीनों में पूरे ग्रुप के लिए EBITDA प्रोफिटेबिलिटी हासिल करने के ट्रैक पर हैं।”


📊 ग्रोथ और घाटा दोनों पर कंट्रोल

Udaan ने 2024 के कैलेंडर वर्ष में 60% सालाना ग्रोथ (YoY) दर्ज की है। साथ ही, कंपनी ने अपना कॉंट्रिब्यूशन मार्जिन 300 बेसिस पॉइंट्स तक सुधारा है।

2024 में:

  • 📉 फिक्स्ड कॉस्ट्स में 20% की कटौती
  • 💸 EBITDA बर्न में 40% की गिरावट
  • 📉 2025 की शुरुआत में अब तक EBITDA बर्न में और 20% की कमी

💹 फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: FY24 में मामूली रेवेन्यू ग्रोथ, लेकिन घाटे में बड़ी कमी

Udaan ने अभी तक FY25 के आंकड़े साझा नहीं किए हैं, लेकिन FY24 (मार्च 2024 समाप्त वर्ष) के मुताबिक:

  • 📈 GMV (Gross Revenue): ₹5,706.6 करोड़ (FY23 में ₹5,609.3 करोड़) → सिर्फ 1.7% की ग्रोथ
  • 💸 Net Loss: ₹1,674.1 करोड़ → FY23 की तुलना में 19.4% की कमी

हालांकि रेवेन्यू में बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन खर्चों पर कंट्रोल कर कंपनी ने घाटे को काफी हद तक कम किया है।


🌐 क्या है Udaan का बिज़नेस मॉडल?

Udaan एक B2B प्लेटफॉर्म है जो:

  • 🛒 किराना दुकानों,
  • 🧼 FMCG रिटेलर्स,
  • 🍴 होटल और रेस्तरां बिज़नेस

को सीधे मैन्युफैक्चरर्स और ब्रांड्स से जोड़ता है। यह सप्लाई चेन को सरल बनाकर छोटे और मझौले व्यापारियों को सस्ता, तेज़ और भरोसेमंद सामान उपलब्ध कराता है।

Udaan का नेटवर्क भारत के 700 से ज़्यादा शहरों और कस्बों में फैला है, और कंपनी का दावा है कि इसके प्लेटफॉर्म पर लाखों SMBs (Small and Medium Businesses) सक्रिय हैं।


📈 IPO की तैयारी में जुटी है कंपनी

Udaan की रणनीति अब IPO की ओर स्पष्ट रूप से बढ़ रही है। EBITDA बर्न में कटौती, फिक्स्ड कॉस्ट में कमी और ऑपरेशनल मार्जिन में सुधार — यह सब संकेत हैं कि कंपनी अपनी बैलेंस शीट को IPO रेडी बनाने में जुटी हुई है।

यदि Udaan अगले 18 महीनों में EBITDA पॉज़िटिव हो जाती है, तो यह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बड़ी कामयाबी मानी जाएगी, खासतौर पर B2B ई-कॉमर्स जैसे चुनौतीपूर्ण सेगमेंट में।


📝 निष्कर्ष: Udaan की नई उड़ान, IPO की ओर बढ़ता आत्मविश्वास

Udaan का लेटेस्ट $114 मिलियन का फंडरेज़ यह दर्शाता है कि निवेशकों को कंपनी के विज़न और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर भरोसा है। जहां रेवेन्यू ग्रोथ धीमी रही, वहीं घाटा कम करने और मार्जिन सुधारने के कदमों ने कंपनी को फाइनेंशियल रूप से मजबूत बनाया है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि अगले एक से डेढ़ साल में Udaan पब्लिक मार्केट्स में एंट्री लेती है या नहीं।

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⚡Ola Electric इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में TVS का जलवा,

ola electric

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। मई 2025 मे Ola Electric इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया, जहां कुल 1,00,266 यूनिट्स की रिटेल बिक्री दर्ज की गई। यह साल 2025 में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है — मार्च 2025 के रिकॉर्ड 1,31,364 यूनिट्स के बाद।

यह आंकड़े Vahan पोर्टल द्वारा जारी किए गए हैं, जो देशभर में वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर आधारित होते हैं। बढ़ते ईवी अपनाने के साथ, यह डेटा भारत में EV मार्केट के लगातार विस्तार को दर्शाता है।


🏍️ TVS Motor बनी नंबर 1, 24% मार्केट शेयर के साथ टॉप पर

TVS Motor ने एक बार फिर बाज़ी मारी है। कंपनी ने मई 2025 में 24,560 यूनिट्स की बिक्री की, जो कि 107% सालाना ग्रोथ (YoY) को दर्शाता है। यह प्रदर्शन कंपनी के नए मॉडल्स, डीलर नेटवर्क विस्तार और आक्रामक मार्केटिंग रणनीति का नतीजा है।

TVS ने अब मई में 24% मार्केट शेयर हासिल कर लिया है, जिससे वह EV सेगमेंट में सबसे आगे है।


🏁 Bajaj Auto ने दिखाई रफ्तार, Ola को पीछे छोड़ा

Bajaj Auto ने मई में 21,770 यूनिट्स की बिक्री की, जिसमें 135% की YoY ग्रोथ दर्ज की गई। इसके साथ ही, Bajaj ने अब 22% का मार्केट शेयर अपने नाम किया है और यह TVS के बेहद करीब पहुंच गया है।

पिछले कुछ महीनों तक Bajaj और Ola Electric लगभग बराबरी पर चल रहे थे, लेकिन अब Bajaj ने तेज़ी दिखाई है और Ola को पीछे छोड़ दिया है।


📉 Ola Electric की बिक्री में गिरावट, मार्केट शेयर घटकर 18%

एक समय पर EV मार्केट की अगुवाई करने वाली Ola Electric को मई 2025 में झटका लगा। कंपनी की बिक्री 18,499 यूनिट्स पर आकर रुक गई, जो कि पिछले साल की तुलना में 51% कम है। इसके साथ ही Ola का मार्केट शेयर भी घटकर 18% रह गया है।

अप्रैल में Ola और Bajaj कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे, लेकिन Ola की बिक्री में गिरावट के चलते कंपनी अब तीसरे स्थान पर खिसक गई है।


⚙️ Ather Energy की तेज़ी बनी रही, पहली बार Ola को राजस्व में पछाड़ा

Ather Energy, जिसे हाल ही में स्टॉक मार्केट में लिस्ट किया गया है, ने 12,840 यूनिट्स की बिक्री की। यह आंकड़ा 109% YoY ग्रोथ को दर्शाता है। कंपनी ने मई में 13% का मार्केट शेयर प्राप्त किया।

Ather अब सिर्फ बिक्री में ही नहीं, बल्कि राजस्व (Revenue) के लिहाज से भी Ola से आगे निकल गया है। FY25 की चौथी तिमाही (Q4 FY25) में Ather का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹676 करोड़ रहा, जबकि Ola Electric का रेवेन्यू 60% गिरकर ₹611 करोड़ रह गया।

यह उपलब्धि Tarun Mehta के नेतृत्व वाली Ather के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, खासकर जब इसे Bhavish Aggarwal की Ola Electric से तुलना में देखा जाए।


🛵 Hero MotoCorp की वापसी, 191% की ग्रोथ

भारत की पारंपरिक ऑटो इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी Hero MotoCorp ने भी EV सेगमेंट में ज़ोरदार वापसी की है। कंपनी ने मई 2025 में 7,164 यूनिट्स की बिक्री की, जो कि पिछले साल की तुलना में 191% ज्यादा है।

Hero की वापसी से EV मार्केट में प्रतिस्पर्धा और तेज़ हुई है, और यह आने वाले महीनों में बाजार में बड़ा असर डाल सकती है।


🔟 टॉप 10 E2W कंपनियों की सूची

मई 2025 में भारत में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचने वाली कंपनियों की सूची इस प्रकार है:

रैंककंपनीबिक्री (यूनिट्स)YoY ग्रोथमार्केट शेयर
1️⃣TVS Motor24,560107%24%
2️⃣Bajaj Auto21,770135%22%
3️⃣Ola Electric18,499-51%18%
4️⃣Ather Energy12,840109%13%
5️⃣Hero MotoCorp7,164191%7%
6️⃣Greaves Electricआंकड़े उपलब्ध नहीं
7️⃣Pur Energy (PURE EV)
8️⃣BGauss Auto
9️⃣Kinetic Green
🔟River Mobility

(कुछ कंपनियों के सटीक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।)


🔋 EV सेक्टर की ग्रोथ के पीछे क्या हैं मुख्य वजहें?

  1. सरकार की सब्सिडी और FAME स्कीम्स – इनसे ग्राहकों को आर्थिक लाभ मिलता है।
  2. 🌱 ईंधन की बढ़ती कीमतें – लोग पेट्रोल के विकल्प तलाश रहे हैं।
  3. बैटरी तकनीक में सुधार – रेंज और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है।
  4. 🏭 मेड इन इंडिया निर्माण – लोकल प्रोडक्शन से लागत में कमी आई है।

🚀 EV मार्केट का भविष्य

मई 2025 के आंकड़े यह दिखाते हैं कि भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट अब स्थिर नहीं रहा, बल्कि यह अगली ऑटो क्रांति बनता जा रहा है। TVS और Bajaj जैसी पारंपरिक कंपनियां अब Ola और Ather जैसे स्टार्टअप्स को टक्कर दे रही हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और नवाचार दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।

EV सेक्टर में आगे भी नए मॉडल, बेहतर बैटरियां और चार्जिंग समाधान आने की उम्मीद है। इस रफ्तार से EV बाजार जल्द ही आईसीई (Internal Combustion Engine) वाहनों को पीछे छोड़ सकता है।


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📲 मई 2025 में UPI ने तोड़े सभी रिकॉर्ड: 18.68 बिलियन ट्रांजैक्शन

UPI

भारत का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर हर महीने नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। Unified Payments Interface (UPI) ने मई 2025 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 18.68 बिलियन (1.86 अरब) ट्रांजैक्शन दर्ज किए, जो अप्रैल 2025 के 17.89 बिलियन से 4.4% ज्यादा है।

इसके साथ ही, साल-दर-साल (YoY) आधार पर UPI ट्रांजैक्शन में 33% की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह ट्रेंड दर्शाता है कि UPI भारत में सिर्फ शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।


💰 ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹25.14 लाख करोड़ पार

National Payments Corporation of India (NPCI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में UPI के जरिए कुल ₹25.14 लाख करोड़ का लेन-देन हुआ, जो अप्रैल के ₹23.95 लाख करोड़ से लगभग 5% ज्यादा है।

सालाना तुलना करें तो मई 2024 के मुकाबले इस बार 23% की ग्रोथ दर्ज की गई है। यानी डिजिटल भुगतान में भारत एक नए मुकाम पर पहुंच रहा है।


📅 रोजाना का औसत लेन-देन भी बढ़ा

मई 2025 में UPI का रोजाना औसत ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बढ़कर 602 मिलियन हो गया, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 596 मिलियन था।

वहीं, रोजाना औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू भी बढ़कर ₹81,106 करोड़ पर पहुंच गई, जो अप्रैल में ₹79,831 करोड़ थी। यह दर्शाता है कि लोग अब पहले से ज्यादा बार और ज्यादा रकम UPI के जरिए ट्रांसफर कर रहे हैं।


🔄 मार्च से भी बेहतर रहा मई का प्रदर्शन

यदि मार्च 2025 की बात करें, तब UPI ने 18.30 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए थे, जिनकी वैल्यू ₹24.77 लाख करोड़ थी। इस तुलना में देखा जाए तो मई 2025 ने वॉल्यूम और वैल्यू दोनों मामलों में मार्च और अप्रैल को पीछे छोड़ दिया है।

यह वृद्धि न केवल UPI की विश्वसनीयता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था अब वैश्विक मानकों को टक्कर दे रही है।


📱 कौन सा ऐप सबसे आगे?

UPI ऐप्स की रेस में हमेशा की तरह PhonePe सबसे आगे रहा है। अप्रैल 2025 के अनुसार:

  • 📲 PhonePe का मार्केट शेयर 46.73% रहा, जिसके तहत उसने 8.36 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए।
  • 🟢 दूसरे स्थान पर रहा Google Pay, जिसने 6.48 बिलियन ट्रांजैक्शन किए और 36% मार्केट शेयर अपने नाम किया।
  • 🟠 इनके बाद Paytm, Navi और Super.money जैसे ऐप्स भी सक्रिय रहे।

इनमें PhonePe और Google Pay मिलकर कुल UPI ट्रांजैक्शन का लगभग 83% हिस्सा कवर कर रहे हैं।


🪙 नई एंट्री: Jar ने शुरू किया UPI पेमेंट

अब Gold Saving ऐप Jar ने भी UPI पेमेंट स्पेस में कदम रख दिया है। उसने Unity Small Finance Bank के साथ पार्टनरशिप कर एक नया UPI ऐप लॉन्च किया है, जहां Unity Bank एक्ट करेगा Payment Service Provider (PSP) के रूप में।

यह जानकारी 29 मई को Entrackr की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में सामने आई थी। Jar की यह पहल दिखाती है कि अब निवेश आधारित ऐप्स भी पेमेंट स्पेस में अपनी जगह बना रहे हैं।


📊 UPI का बढ़ता वर्चस्व: एक नजर में

महीनेट्रांजैक्शन वॉल्यूमट्रांजैक्शन वैल्यू
मार्च 202518.30 बिलियन₹24.77 लाख करोड़
अप्रैल 202517.89 बिलियन₹23.95 लाख करोड़
मई 202518.68 बिलियन₹25.14 लाख करोड़

इस चार्ट से साफ है कि UPI हर महीने एक नया रिकॉर्ड बना रहा है।


🔍 UPI की सफलता के कारण

  1. सरलता और त्वरित सेवा – UPI का इंटरफेस बेहद आसान है और ट्रांजैक्शन रीयल-टाइम में होते हैं।
  2. 🆓 नो ट्रांजैक्शन फीस – अधिकतर UPI लेन-देन पर कोई चार्ज नहीं लगता, जिससे यह आम जनता के लिए सुलभ है।
  3. 📶 इंटरनेट पेनिट्रेशन – भारत में इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ रही है, जिससे UPI को बल मिल रहा है।
  4. 📱 स्मार्टफोन की उपलब्धता – हर हाथ में मोबाइल और हर मोबाइल में UPI!

🇮🇳 भारत के डिजिटल भविष्य की नींव

UPI न केवल भारत में, बल्कि अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चर्चा का विषय बन चुका है। NPCI International के जरिए भारत अब UPI को अन्य देशों में भी लागू करने की कोशिश कर रहा है।

मई 2025 के आंकड़े यह साबित करते हैं कि UPI अब केवल एक पेमेंट सिस्टम नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है।


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📈 हफ्तेभर में भारतीय स्टार्टअप्स ने जुटाए 💵 $205.76 मिलियन

भारतीय स्टार्टअप्स

भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में इस सप्ताह फंडिंग का जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कुल मिलाकर 19 स्टार्टअप्स ने लगभग $205.76 मिलियन (लगभग ₹1,700 करोड़) की फंडिंग जुटाई, जिसमें 5 ग्रोथ-स्टेज और 12 अर्ली-स्टेज डील्स शामिल रहीं। दो स्टार्टअप्स ने अपनी फंडिंग राशि का खुलासा नहीं किया।

इसके मुकाबले पिछले सप्ताह 21 स्टार्टअप्स ने कुल $139.5 मिलियन की फंडिंग हासिल की थी। यानी इस सप्ताह फंडिंग में लगभग 47.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


🚀 ग्रोथ-स्टेज डील्स: Citykart और Snabbit ने मारी बाज़ी

ग्रोथ और लेट-स्टेज फंडिंग का कुल आंकड़ा इस सप्ताह $118.2 मिलियन रहा। इस सेगमेंट में सबसे बड़ी डील रही:

  • 🏥 Citykart ने Series B राउंड में TPG NewQuest के नेतृत्व में सबसे ज्यादा निवेश हासिल किया।
  • 📱 Snabbit, एक कंज़्यूमर टेक स्टार्टअप, ने भी Series B में $19 मिलियन जुटाए।
  • 🚚 Mufin Green ने $15 मिलियन का डेट राउंड क्लोज किया।
  • 📦 लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Fleetx और एग्रीटेक फर्म Samunnati ने भी निवेश हासिल किया।

🧪 अर्ली-स्टेज डील्स: Saarthi Finance सबसे आगे

12 अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स ने मिलकर $87.56 मिलियन की फंडिंग जुटाई। इस सेगमेंट में सबसे बड़ी डील रही:

  • 💰 Saarthi Finance, एक फिनटेक स्टार्टअप, ने Series A राउंड में $55.5 मिलियन जुटाए।
  • 🛒 ई-कॉमर्स स्टार्टअप Slikk, डीपटेक स्टार्टअप Frinks AI, और एआई फर्म Unbound भी इस लिस्ट में शामिल रहे।

वहीं, ई-कॉमर्स स्टार्टअप Estailo और ट्रैवलटेक ब्रांड Gyde XP ने भी फंडिंग जुटाई, लेकिन उन्होंने राशि का खुलासा नहीं किया।


📍 शहरों के अनुसार फंडिंग डील्स: Bengaluru सबसे आगे

शहरों की बात करें तो:

  • 🏙️ बेंगलुरु ने सबसे ज्यादा 8 डील्स हासिल कर टॉप पर जगह बनाई।
  • 🏢 दिल्ली-NCR के स्टार्टअप्स ने 4 डील्स क्लोज कीं।
  • इसके अलावा मुंबई, चेन्नई, सूरत और अहमदाबाद के स्टार्टअप्स ने भी फंडिंग जुटाई।

🏷️ सेगमेंट अनुसार डील्स: Fintech और E-commerce टॉप पर

इस सप्ताह सेगमेंट के हिसाब से:

  • 💳 फिनटेक और 🛒 ई-कॉमर्स स्टार्टअप्स ने 4-4 डील्स के साथ टॉप किया।
  • 🔬 डीपटेक और 🌾 एग्रीटेक स्टार्टअप्स ने 2-2 डील्स क्लोज कीं।
  • 🎯 रिटेलटेक, AI, कंज़्यूमर टेक, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेगमेंट्स भी सक्रिय रहे।

🔁 सीरीज वाइज डील्स: Series A और Seed राउंड हावी

इस सप्ताह स्टार्टअप फंडिंग राउंड्स में सबसे ज़्यादा डील्स:

  • 📌 Series A और Seed स्टेज में रहीं।
  • इसके बाद Pre-seed, Series B और Pre-Series A राउंड्स हुए।

📊 फंडिंग ट्रेंड: 8 हफ्तों का औसत बना $198 मिलियन

पिछले आठ हफ्तों का औसत फंडिंग आंकड़ा लगभग $198 मिलियन प्रति सप्ताह रहा है, जिसमें औसतन 24 डील्स प्रति सप्ताह होती हैं। इस सप्ताह 19 डील्स के साथ फंडिंग में अच्छी बढ़त देखने को मिली।


🧑‍💼 प्रमुख हायरिंग्स और डिपार्चर

इस सप्ताह कंपनियों में कुछ महत्वपूर्ण हायरिंग्स हुईं:

  • 💄 Nat Habit (ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड) ने Kushal Gupta को Chief Retail Officer (CRO) नियुक्त किया।
  • 📊 AI और एनालिटिक्स फर्म MathCo ने Richa Sharan को Head of Human Resources Business Partner (HRBP) नियुक्त किया।

🔄 अधिग्रहण (M&A) अपडेट्स

  • 🛒 Jumbotail Technologies (Bengaluru) ने B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Solv को अधिग्रहित किया।
  • 💻 ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट मैनेजमेंट स्टार्टअप Plane ने US-बेस्ड इंजीनियरिंग टीम Sort को खरीदा।
  • 🎓 प्रोफेशनल एजुकेशन फर्म Imarticus Learning ने Edtech स्टार्टअप MyCaptain को ₹50 करोड़ में अधिग्रहित किया — यह पिछले चार वर्षों में उनकी चौथी डील है।

💰 फंड लॉन्च और इनवेस्टमेंट अपडेट

  • 🏢 Info Edge (Naukri.com की पैरेंट कंपनी) ने ₹1,000 करोड़ (लगभग $118 मिलियन) तक के निवेश के लिए शेयरहोल्डर अप्रूवल प्राप्त किया।
  • 💼 प्राइवेट इक्विटी फर्म Multiples Alternate Asset Management ने $430 मिलियन जुटाए।
  • 🌍 IFC (International Finance Corporation) ने L Catterton India Fund में $30 मिलियन के इक्विटी निवेश का प्रस्ताव दिया है।

📉 वित्तीय परिणाम (Q4 FY25)

  • 💻 Infibeam: ₹1,160 Cr रेवेन्यू, 20% प्रॉफिट ग्रोथ
  • 👶 FirstCry Parent: ₹1,900 Cr रेवेन्यू, 74% लॉस ग्रोथ
  • 🧑‍💼 Info Edge: ₹750 Cr रेवेन्यू, 7.7X प्रॉफिट उछाल
  • 🏥 Medikabazaar: ₹1,355 Cr FY24 ग्रॉस रेवेन्यू
  • 💸 Oxyzo: ₹1,207 Cr रेवेन्यू, ₹340 Cr PAT
  • Ola Electric: ₹862 Cr लॉस, 62% रेवेन्यू गिरावट
  • 🧳 Yatra: 2.7X प्रॉफिट ग्रोथ, रेवेन्यू डबल
  • ✈️ EaseMyTrip: 15% रेवेन्यू में गिरावट
  • 📊 Zerodha Capital: ₹12.5 Cr प्रॉफिट
  • 💄 Nykaa: ₹2,061 Cr रेवेन्यू, 90% प्रॉफिट ग्रोथ

🗞️ इस हफ्ते की बड़ी खबरें

  • 💸 Razorpay को $150 मिलियन टैक्स देना होगा भारत में रिवर्स फ्लिप के चलते।
  • 🪙 Jar ने BharatPe और Unity Bank के ज़रिए UPI पेमेंट्स शुरू किए।
  • 📈 Groww ने SEBI में अपना Confidential DRHP दाखिल किया।
  • 🐾 पेट फूड ब्रांड Drools को मिला Unicorn Status, Nestlé ने खरीदी हिस्सेदारी।

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read more :✈️📉 Q4 FY25 में EaseMyTrip की कमाई और मुनाफ़े में गिरावट,

✈️📉 Q4 FY25 में EaseMyTrip की कमाई और मुनाफ़े में गिरावट,

EaseMyTrip

ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर (OTA) प्लेटफॉर्म EaseMyTrip ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (Q4 FY25) में थोड़ी सुस्त परफॉर्मेंस दिखाई। कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट, दोनों में साल-दर-साल गिरावट दर्ज की गई है, जो इसके विकास में रुकावट की ओर इशारा करता है।


📉 Q4 FY25 में 15% की गिरावट, रेवेन्यू पहुंचा ₹139 करोड़

EaseMyTrip का रेवेन्यू Q4 FY25 में ₹139 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही (Q4 FY24) के ₹164 करोड़ के मुकाबले 15% कम है। यह जानकारी कंपनी द्वारा NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में दाखिल की गई कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिपोर्ट से सामने आई है।


🧾 पूरे वित्त वर्ष में लगभग स्थिर रहा रेवेन्यू

जहाँ एक ओर चौथी तिमाही में गिरावट देखी गई, वहीं पूरे वित्त वर्ष (FY25) में कंपनी का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। FY25 में EaseMyTrip का कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹587 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष (FY24) के ₹590 करोड़ से थोड़ा ही कम है।


✈️ एयर टिकटिंग में सबसे ज़्यादा असर, 28% की गिरावट

EaseMyTrip के कुल रेवेन्यू में एयर टिकटिंग का सबसे बड़ा योगदान रहा — लगभग 68%, लेकिन इसी सेगमेंट में सबसे बड़ी गिरावट भी देखी गई। Q4 FY25 में एयर टिकटिंग से रेवेन्यू घटकर ₹94 करोड़ रह गया, जबकि Q4 FY24 में यह ₹132 करोड़ था — यानी करीब 28% की गिरावट


🏨 होटल पैकेज से मिला 16.5% रेवेन्यू

EaseMyTrip के होटल और ट्रैवल पैकेज सेगमेंट का योगदान Q4 FY25 में ₹23 करोड़ रहा, जो कि कंपनी के कुल रेवेन्यू का 16.5% हिस्सा है। कंपनी इस सेगमेंट में विविधता लाने की कोशिश कर रही है, लेकिन एयर टिकटिंग अब भी उसकी रीढ़ बनी हुई है।


📈 खर्च बढ़े, 12% की उछाल

EaseMyTrip का कुल खर्च Q4 FY25 में ₹131 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही Q4 FY24 के ₹117 करोड़ की तुलना में 12% अधिक है। मुख्य खर्चों में शामिल थे:

  • 🧾 सर्विस कॉस्ट
  • 💳 पेमेंट गेटवे फीस
  • 👩‍💼 कर्मचारियों के लाभ
  • 📢 विज्ञापन और मार्केटिंग खर्च

वहीं पूरे वित्त वर्ष FY25 के दौरान कंपनी का कुल खर्च ₹460 करोड़ रहा, जो कि उसके स्थिर रेवेन्यू के मुकाबले चिंता का विषय बन सकता है।


💰 मुनाफे में मामूली सुधार: ₹12 करोड़ प्री-टैक्स प्रॉफिट

Q4 FY25 में कंपनी ने ₹12 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया, जो कि Q4 FY24 के ₹17 करोड़ के नुकसान से तुलना करें तो सुधार है। यानी EaseMyTrip ने घाटे से उबरते हुए मुनाफ़ा कमाना शुरू किया है।

पूरा साल देखें तो FY25 में कंपनी का PBT ₹143 करोड़ रहा, जो कि FY24 के ₹142 करोड़ से थोड़ा ही बेहतर है।


📊 शेयर प्राइस में हल्की बढ़त, मार्केट कैप ₹3,997 करोड़

EaseMyTrip के शेयर की कीमत आज के ट्रेडिंग सेशन के अंत में ₹11.28 रही, जो कि 0.71% की हल्की बढ़त दर्शाती है। कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹3,997 करोड़ पर पहुंच गया है।


🔍 विश्लेषण: क्या EaseMyTrip का ग्रोथ मॉडल ठहर गया है?

EaseMyTrip पिछले कुछ वर्षों से भारत के सबसे भरोसेमंद OTA प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता रहा है। लेकिन हालिया आँकड़े यह दिखाते हैं कि कंपनी की ग्रॉथ में ठहराव आ गया है:

  • 📉 रेवेन्यू में गिरावट, खासकर एयर टिकटिंग सेगमेंट में
  • 💸 खर्च बढ़ रहे हैं, जबकि कमाई स्थिर है
  • 🧾 होटल और अन्य वैरिएंट से अब भी सीमित कमाई

इन आँकड़ों से यह साफ है कि EaseMyTrip को अब नए रेवेन्यू स्रोत खोजने होंगे और अपने खर्चों को नियंत्रित करना होगा।


🌐 प्रतियोगिता भी बनी चुनौती

EaseMyTrip को अब कई फ्रंट्स पर कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है:

  • 🛫 एयरलाइन कंपनियाँ अब सीधे टिकट बेचने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही हैं
  • 📱 MakeMyTrip, Yatra, Cleartrip जैसे बड़े ब्रांड्स लगातार मार्केटिंग और डिस्काउंट्स पर ज़ोर दे रहे हैं
  • 💼 बिज़नेस और इंटरनेशनल ट्रैवल सेगमेंट में कंपनी की मौजूदगी सीमित है

🔮 आगे की राह: क्या करना होगा EaseMyTrip को?

कंपनी को अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने की ज़रूरत है:

  1. 🏨 होटल, हॉलिडे पैकेज और इंटरनेशनल ट्रैवल में विविधता लाना
  2. 🤖 AI और डेटा एनालिटिक्स के ज़रिए कस्टमर पर्सनलाइजेशन बढ़ाना
  3. 🌍 Tier 2 और Tier 3 शहरों में आउटरीच बढ़ाना
  4. 💼 B2B और कॉर्पोरेट ट्रैवल मार्केट को टैप करना

✍️ निष्कर्ष: EaseMyTrip को अब स्थिरता से बाहर निकलने की ज़रूरत

EaseMyTrip की Q4 FY25 की रिपोर्ट बताती है कि कंपनी को अब नए ग्रोथ मॉडल की तलाश करनी होगी। एयर टिकटिंग पर अत्यधिक निर्भरता, खर्चों में बढ़ोतरी और सीमित सेगमेंट डाइवर्सिफिकेशन जैसे फैक्टर कंपनी के लिए भविष्य में चुनौती बन सकते हैं।

अब वक्त है जब EaseMyTrip को इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस करना होगा ताकि वह इस तेजी से बदलते ट्रैवल मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रख सके।


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🤖📊 Uplinq को मिला $10 मिलियन का Series A फंडिंग

Uplinq

फीनिक्स, एरिज़ोना स्थित AI-पावर्ड बहीखाता और टैक्स सॉल्यूशन देने वाली स्टार्टअप Uplinq ने हाल ही में $10 मिलियन (लगभग ₹83 करोड़) की Series A फंडिंग हासिल की है। यह फंडिंग छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (SMBs) को टेक्नोलॉजी के ज़रिए फाइनेंशियल मैनेजमेंट में मदद करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


💸 किसने किया निवेश?

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Next Coast Ventures ने किया है। इनके साथ AZ-VC, Live Oak Ventures और कंपनी के मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया।


🚀 इस फंडिंग का उपयोग कहाँ होगा?

Uplinq इस फंडिंग का इस्तेमाल अपने बिजनेस के चार प्रमुख क्षेत्रों में करने वाली है:

  1. AI टेक्नोलॉजी को और उन्नत बनाना
  2. नई SMB कंपनियों को जोड़ने के लिए कस्टमर एक्विजिशन को स्केल करना
  3. कंपनी की बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत बनाना
  4. ऑटोमेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट डिलीवरी को और तेज़ व प्रभावी बनाना

🏢 कंपनी का सफर और मिशन

2020 में शुरू हुई Uplinq को Alex Glenn ने स्थापित किया था। इस कंपनी का मिशन है – छोटे और मध्यम व्यवसायों को उनके अकाउंटिंग और टैक्स प्रोसेस से राहत देना, ताकि वे अपने असली फोकस यानी बिजनेस ग्रोथ और इनोवेशन पर ध्यान दे सकें।

Uplinq का मानना है कि “टैक्स और बहीखाते का काम SMBs के लिए सबसे थकाऊ और समय लेने वाला होता है।” इसलिए उन्होंने एक ऐसा AI-पावर्ड प्लेटफॉर्म तैयार किया है जो इन कामों को पूरी तरह से ऑटोमेट कर सकता है।


🤖 कैसे काम करता है Uplinq का AI प्लेटफॉर्म?

Uplinq का सॉल्यूशन एक इंटेलिजेंट AI एजेंट का इस्तेमाल करता है जो निम्न कार्यों को ऑटोमेट करता है:

  • 💰 लेन-देन की कैटेगराइज़ेशन (Transaction Categorization)
  • 🔄 रिकॉन्सिलिएशन यानी मिलान
  • 📊 भविष्यवाणी आधारित इनसाइट्स (Predictive Insights)
  • 🧾 टैक्स कंप्लायंस और ऑडिट-रेडी रिपोर्टिंग

इससे मैन्युअल हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हो जाती है और कार्यप्रवाह (Workflows) तेज़ होते हैं।


📈 SMBs को क्या फायदा मिलता है?

Uplinq की टेक्नोलॉजी SMBs को निम्न लाभ देती है:

  • रीयल-टाइम इनसाइट्स: किसी भी समय अपने फाइनेंशियल स्टेटस को ट्रैक कर सकते हैं।
  • ऑपरेशनल एफिशिएंसी: मैनुअल कामों में लगने वाला समय और लागत कम होती है।
  • स्ट्रैटेजिक डिसीजन मेकिंग: डेटा के आधार पर स्मार्ट निर्णय लिए जा सकते हैं।
  • कंप्लायंस की टेंशन खत्म: टैक्स और ऑडिट से जुड़ी सभी जरूरतों को ऑटोमेट किया गया है।

🔗 एकीकृत सिस्टम (Integrated with Existing Tools)

Uplinq का प्लेटफॉर्म मौजूदा अकाउंटिंग टूल्स और फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर्स के साथ आसानी से इंटीग्रेट किया जा सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि SMBs को अपनी पूरी सिस्टम को बदलने की ज़रूरत नहीं होती — बस जोड़ें और चलें!


🇺🇸 पहले ही 1,000+ व्यवसायों को मिल रही मदद

Uplinq फिलहाल अमेरिका भर में लगभग 1,000 छोटे और मझौले व्यवसायों को अपनी सेवाएं दे रही है। ये ग्राहक विभिन्न सेक्टरों से हैं — जैसे रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, ऑनलाइन स्टोर और यहां तक कि प्रोफेशनल सर्विसेज।


💬 CEO Alex Glenn का कहना है…

“हमारा मकसद है कि छोटे बिजनेस ओनर्स फाइनेंशियल सिस्टम के बोझ से मुक्त होकर अपने असली काम—बिजनेस बढ़ाना—पर ध्यान दें। यह फंडिंग हमारे लिए ग्रोथ का अगला पड़ाव साबित होगी।”


🌐 क्यों है यह मॉडल भारत जैसे देशों के लिए भी प्रासंगिक?

भारत में भी लाखों SMBs हैं जो रोज़ाना अकाउंटिंग, टैक्स और कंप्लायंस से जुड़ी दिक्कतों का सामना करते हैं। Uplinq जैसे प्लेटफॉर्म भारत के छोटे व्यापारियों को भी डिजिटल ट्रांजिशन और AI एडॉप्शन की राह दिखा सकते हैं।

भारत में GST, TDS, और सालाना रिटर्न जैसी कंप्लायंस ज़रूरतें बहुत जटिल हैं। यदि कोई लोकल AI-बेस्ड स्टार्टअप इस तरह का सॉल्यूशन विकसित करता है तो वह करोड़ों MSMEs के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।


🔮 आगे की राह

Uplinq अब Series A फंडिंग के बाद निम्न क्षेत्रों में फोकस करेगी:

  • 📊 AI इनोवेशन और रिसर्च
  • 🧑‍💼 सेल्स और सपोर्ट टीम का विस्तार
  • 🌐 अमेरिका के बाहर इंटरनेशनल मार्केट्स में एंट्री
  • 🤝 साझेदारियों (Partnerships) के ज़रिए स्केलेबिलिटी

✍️ निष्कर्ष: ऑटोमेशन है छोटे बिज़नेस का भविष्य

Uplinq का यह Series A फंडिंग राउंड यह साफ दर्शाता है कि फाइनेंशियल ऑटोमेशन और AI तकनीक आने वाले वर्षों में छोटे व्यवसायों की रीढ़ बन सकते हैं। इससे न केवल ऑपरेशनल कुशलता बढ़ेगी, बल्कि बिजनेस मालिकों का आत्मविश्वास भी।


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read more :💄📈 Nykaa का धमाकेदार प्रदर्शन FY25 की चौथी तिमाही में मुनाफा 90% बढ़ा,

💄📈 Nykaa का धमाकेदार प्रदर्शन FY25 की चौथी तिमाही में मुनाफा 90% बढ़ा,

Nykaa

भारत की अग्रणी ऑनलाइन ब्यूटी और फैशन प्लेटफॉर्म Nykaa ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) की चौथी तिमाही (Q4) में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 24% की साल-दर-साल (YoY) राजस्व वृद्धि और 90% की लाभ वृद्धि दर्ज की है।

यह वृद्धि Nykaa के स्थिर ऑपरेशनल स्केल, ब्यूटी कैटेगरी में गहरी पैठ और लागत नियंत्रण रणनीतियों का परिणाम है।


💰 आय में दमदार उछाल

NSE से प्राप्त कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स के अनुसार, Q4 FY25 में Nykaa की ऑपरेशनल इनकम ₹2,061 करोड़ रही, जो Q4 FY24 के ₹1,667 करोड़ की तुलना में 24% अधिक है।

पूरे वित्त वर्ष FY25 के लिए, कंपनी की कुल ऑपरेटिंग इनकम ₹7,950 करोड़ रही, जो FY24 में ₹6,386 करोड़ थी। यानी पूरे साल में भी 24% की बढ़ोतरी देखने को मिली।


💄 ब्यूटी का दबदबा, फैशन में धीमी चाल

Nykaa का फोकस आज भी ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर सबसे ज्यादा है। Q4 FY25 में:

  • ब्यूटी सेगमेंट से ₹1,894 करोड़ की कमाई हुई, जो कुल राजस्व का 92% है।
  • फैशन सेगमेंट से केवल 8% यानी लगभग ₹167 करोड़ की इनकम दर्ज की गई।

यह आंकड़े स्पष्ट दिखाते हैं कि Nykaa की ग्रोथ का मुख्य इंजन आज भी उसका ब्यूटी सेगमेंट है, जबकि फैशन सेगमेंट अब भी शुरुआती ग्रोथ स्टेज में है।


📊 खर्चों में बढ़ोतरी, लेकिन नियंत्रण में

कंपनी की टोटल कॉस्ट Q4 FY25 में ₹2,031 करोड़ रही, जिसमें से:

  • मैटेरियल कॉस्ट: ₹1,153 करोड़ (टोटल खर्च का 57%)
  • शेष खर्चों में एम्प्लॉई बेनिफिट्स, मार्केटिंग, फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और अन्य ओवरहेड्स शामिल रहे।

पूरे वित्त वर्ष FY25 में Nykaa के कुल खर्च ₹7,850 करोड़ तक पहुंच गए, जो उनके स्केल और विस्तार रणनीतियों के अनुरूप है।


📈 मुनाफे में 90% की जोरदार ग्रोथ

सालाना और तिमाही आधार पर राजस्व की बढ़ोतरी के साथ-साथ Nykaa ने मुनाफे के मोर्चे पर भी जबरदस्त प्रदर्शन किया:

  • Q4 FY25 में नेट प्रॉफिट ₹19 करोड़ रहा, जो Q4 FY24 के ₹10 करोड़ से 90% अधिक है।
  • पूरे वित्त वर्ष FY25 में नेट प्रॉफिट ₹74 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि FY24 में यह ₹44 करोड़ था।

इस ग्रोथ का श्रेय Nykaa के स्केलेबल मॉडल, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और यूज़र एक्सपीरियंस फोकस को दिया जा सकता है।


🧾 स्टॉक प्राइस और मार्केट कैप में मजबूती

मार्केट में भी Nykaa के इस मजबूत प्रदर्शन का असर देखने को मिला है।

  • आज के ट्रेडिंग सेशन के अंत में Nykaa का स्टॉक प्राइस ₹200.80 रहा।
  • कंपनी की कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹57,406 करोड़ तक पहुंच गई है।

यह संकेत देता है कि निवेशकों का कंपनी पर भरोसा लगातार बना हुआ है।


🛍️ Nykaa का बिजनेस मॉडल: डिजिटल फर्स्ट, महिला-केंद्रित

Nykaa, जिसे 2012 में फाल्गुनी नायर ने शुरू किया था, आज भारत की सबसे बड़ी डिजिटल ब्यूटी रिटेलर बन चुकी है। इसकी खासियत है:

  • हाइपर-क्यूरेटेड ब्यूटी प्रोडक्ट्स
  • ऑनलाइन से लेकर फिजिकल स्टोर्स तक की मौजूदगी
  • महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई सशक्त और सुविधाजनक खरीदारी यात्रा

हाल के वर्षों में कंपनी ने फैशन, हेल्थ और वेलनेस कैटेगरी में भी विस्तार किया है, लेकिन इसकी कोर स्ट्रेंथ अब भी ब्यूटी सेगमेंट में ही बनी हुई है।


🧠 टेक्नोलॉजी और डेटा से मिला स्केलेबिलिटी को फायदा

Nykaa ने अपने प्लेटफॉर्म को स्केलेबल बनाने के लिए AI-ड्रिवन रेकमेंडेशन इंजन, परसनलाइज़्ड शॉपिंग, और हाइपरलोकल डिलीवरी मॉडल को अपनाया है।

इसका असर:

  • कस्टमर रिटेंशन रेट में सुधार
  • AOV (Average Order Value) में बढ़ोतरी
  • रिव्यू और रेटिंग सिस्टम के जरिए ट्रस्ट बिल्डिंग

📌 चुनौतियाँ भी कम नहीं

हालांकि Nykaa का प्रदर्शन मजबूत रहा है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं:

  • फैशन सेगमेंट में अपेक्षित ग्रोथ अभी नहीं दिख रही है।
  • लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
  • कड़ी प्रतिस्पर्धा: Meesho, Amazon, Flipkart और Myntra जैसे दिग्गजों से मुकाबला।

🔮 आगे की राह: क्या रहेगा फोकस?

Nykaa अब भविष्य की योजनाओं में निम्न बातों पर फोकस कर सकती है:

  1. फैशन और हेल्थ कैटेगरी में तेज ग्रोथ लाना
  2. नए शहरों और टियर-2/3 मार्केट्स में विस्तार
  3. फिजिकल स्टोर्स की संख्या बढ़ाना
  4. AI और डेटा एनालिटिक्स के जरिये परसनलाइजेशन को बेहतर करना

✍️ निष्कर्ष: भरोसेमंद ब्रांड, स्थिर ग्रोथ

Nykaa ने FY25 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करके साबित कर दिया है कि यह सिर्फ एक ब्यूटी प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक मजबूत और लाभदायक फुल-स्टैक कंज्यूमर ब्रांड है।

ब्यूटी सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़, मार्केट में सकारात्मक सेंटिमेंट, और डिजिटल लीडरशिप इसे आने वाले वर्षों में भी एक प्रमुख खिलाड़ी बनाए रखेंगे।


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read more :📈 Zerodha Capital का मुनाफा 73% बढ़ा,

📈 Zerodha Capital का मुनाफा 73% बढ़ा,

Zerodha

देश की अग्रणी स्टॉकब्रोकिंग कंपनी Zerodha की लेंडिंग शाखा Zerodha Capital ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए ₹12.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष के ₹7.2 करोड़ से 73% अधिक है।

यह मुनाफा Zerodha Capital के तेजी से बढ़ते लोन बुक, मजबूत ग्राहक आधार और डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच का नतीजा है।


💹 दोगुनी हुई आमदनी, 3 गुना बढ़ी लोन बुक

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, Zerodha Capital की कुल आमदनी FY25 में ₹36 करोड़ रही, जबकि FY24 में यह ₹17 करोड़ थी — यानी दोगुनी से अधिक

रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, इस उछाल की प्रमुख वजह रही कंपनी की लोन बुक में 3.2X की ग्रोथ, जो FY25 की पहली नौ तिमाहियों (9M FY25) में ₹381 करोड़ तक पहुंच गई।


🧾 कैसे काम करता है Zerodha Capital का बिजनेस मॉडल?

Zerodha Capital का फोकस रिटेल इनवेस्टर्स को लोन देने पर है। यह लोन ग्राहकों के स्टॉक्स या म्यूचुअल फंड्स को गिरवी रखकर दिए जाते हैं। इस मॉडल में ग्राहक अपने पोर्टफोलियो के आधार पर आसानी से लोन प्राप्त कर सकते हैं।

  • ग्राहक अपने शेयर या म्यूचुअल फंड्स का 45% तक लोन ले सकते हैं।
  • Zerodha के 8.1 मिलियन एक्टिव क्लाइंट्स (जो NSE मार्केट का करीब 16% हैं) इसका बुनियादी आधार बनाते हैं।
  • पूरा प्रोसेस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होता है, जिससे त्वरित और पारदर्शी लोन मिलना संभव होता है।

🏦 फाइनेंशियल हेल्थ: नेटवर्थ और गियरिंग रेशियो

ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, Zerodha Capital की नेटवर्थ दिसंबर 2024 तक ₹170 करोड़ थी। इसका गियरिंग रेशियो 1.4X रहा, यानी कंपनी के पास हर ₹1 की अपनी पूंजी पर ₹1.40 का कर्ज था — जो लेंडिंग फर्म के लिए संतुलित माना जाता है।

कंपनी की खास बात यह है कि इसके एनपीए (Non-Performing Assets) शून्य हैं — यानी अब तक किसी भी ग्राहक ने लोन चुकाने में डिफॉल्ट नहीं किया है। यह इसकी सावधानीपूर्वक लेंडिंग अप्रोच को दर्शाता है।


💸 ग्रोथ के लिए नया निवेश

Zerodha Capital की प्रमोटर ग्रुप ने कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के लिए ₹125 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश compulsorily convertible preference shares (CCPS) के माध्यम से किया जाएगा।

यह राशि कंपनी की लोन बुक बढ़ाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने और नई लोन स्कीमें शुरू करने में मदद करेगी।


🏅 ICRA की रेटिंग बनी रही मजबूत

रेटिंग एजेंसी ICRA ने Zerodha Capital को AA- (Stable) / A1+ की रेटिंग दी है — जो एक मजबूत फाइनेंशियल स्टैंडिंग को दर्शाती है। इसके साथ ही कंपनी की ₹100 करोड़ की नई शॉर्ट-टर्म बॉरोइंग स्कीम को भी यही उच्च रेटिंग दी गई है।

हालांकि ICRA ने यह भी कहा कि:

  • Zerodha Capital का आकार अभी भी छोटा है
  • यह सीमित संख्या में लेंडर्स पर निर्भर है

लेकिन Zerodha ग्रुप का समर्थन और कंपनी की सावधानीपूर्वक कर्ज नीति इस भरोसे को बनाए रखती है।


🔍 सेक्योरिटीज इकोसिस्टम में गहराई लाने का लक्ष्य

2021 में स्थापित Zerodha Capital का उद्देश्य है कि यह सेक्योरिटीज-आधारित लेंडिंग इकोसिस्टम में गहराई लाए। यानी स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स को कैश के रूप में उपयोग करने के लिए सुरक्षित और आसान रास्ता प्रदान किया जाए।

हालांकि कंपनी का भविष्य काफी हद तक बाजार की चाल (market sentiment) और रेगुलेटरी बदलावों पर निर्भर रहेगा — खासकर तब जब रिटेल F&O सेगमेंट पर सख्त नियम लागू हो रहे हैं, जो Zerodha ग्रुप की आमदनी का बड़ा हिस्सा है।


💰 Zerodha Broking की तगड़ी कमाई

Zerodha Capital की पैरेंट कंपनी Zerodha Broking Limited ने FY24 में ₹5,496 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, और इसका रिटर्न ऑन नेटवर्थ 56% रहा है — जो भारत के किसी भी फिनटेक ब्रोकरेज फर्म के लिए एक बेंचमार्क है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि Zerodha Capital को न सिर्फ मजबूत तकनीकी और फाइनेंशियल सपोर्ट मिल रहा है, बल्कि वह ब्रोकिंग सेगमेंट से ट्रस्ट और क्लाइंट बेस भी हासिल कर रहा है।


📌 निष्कर्ष: बढ़ती ग्रोथ, सुरक्षित लेंडिंग

Zerodha Capital ने FY25 में शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर अपने छोटे आकार और सीमित संसाधनों के बावजूद। डिजिटल प्लेटफॉर्म, पारदर्शिता, और गिरवी आधारित लोन मॉडल ने इसे रिटेल इनवेस्टर्स के बीच विश्वसनीय विकल्प बना दिया है।

ग्राहकों को सेफ्टी के साथ लिक्विडिटी देने वाला यह मॉडल आने वाले वर्षों में बड़ा आकार ले सकता है — खासकर तब, जब रेगुलेटरी सपोर्ट और टेक्नोलॉजिकल स्केलेबिलिटी दोनों साथ हों।


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