भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है और इसी कड़ी में नोएडा आधारित स्टार्टअप Vervesemi ने Series A राउंड में 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है। यह राउंड मशहूर निवेशक Ashish Kacholia और Unicorn India Ventures ने को-लीड किया है।
इस राउंड में Roots Ventures, Caperize Fina और MAIQ Growth Scheme ने भी भागीदारी की। इससे पहले कंपनी ने 5 लाख डॉलर (500,000 डॉलर) की शुरुआती फंडिंग जुटाई थी।
💡 फंडिंग का इस्तेमाल कहाँ होगा?
कंपनी के अनुसार, इस नई पूंजी का उपयोग अपने machine learning–enabled analog signal chain IC पोर्टफोलियो को तेजी से commercialize करने में किया जाएगा। साथ ही कंपनी:
- अपने IP (Intellectual Property) पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी
- R&D क्षमताओं को मजबूत करेगी
- एशिया, अमेरिका और अन्य प्रमुख सेमीकंडक्टर बाजारों में go-to-market उपस्थिति बनाएगी
यानी यह फंडिंग सिर्फ टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल स्केल पर बिजनेस विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।
🏭 क्या करती है Vervesemi?
2017 में Rakesh Malik और Pratap Narayan Singh द्वारा स्थापित Vervesemi एक fabless semiconductor कंपनी है। Fabless मॉडल का मतलब है कि कंपनी चिप डिजाइन करती है लेकिन खुद मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (fab) नहीं चलाती।
कंपनी हाई-परफॉर्मेंस analog और mixed-signal IP तथा differentiated integrated circuits विकसित करती है। इसके समाधान विशेष रूप से mission-critical environments के लिए बनाए गए हैं, जहां reliability और precision बेहद जरूरी होती है।
Vervesemi का दावा है कि वह proprietary machine learning आधारित आर्किटेक्चर का उपयोग करती है, जिससे:
- Reliability बेहतर होती है
- Yield (उत्पादन दक्षता) बढ़ती है
- System-level performance में सुधार होता है
🔬 टेक्नोलॉजी में बड़ी प्रगति
पिछले एक साल में कंपनी ने तकनीकी परिपक्वता (technology maturation) और commercial readiness में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
कंपनी ने अपनी ML-enabled analog signal chain architecture को silicon में validate कर लिया है। इसका मतलब है कि डिजाइन सिर्फ लैब में नहीं, बल्कि असली चिप्स में सफलतापूर्वक काम कर रहा है।
कई ग्राहक अब production स्टेज में प्रवेश कर चुके हैं। इसके अलावा कंपनी ने industrial और smart energy सेगमेंट में अपने प्रोडक्ट पाइपलाइन और ग्राहक नेटवर्क का विस्तार किया है।
⚡ EV और ड्रोन सेक्टर में एंट्री
Vervesemi ने हाल ही में एक नया motor control product line लॉन्च किया है। यह खासतौर पर high-efficiency और high-reliability एप्लिकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- Electric Vehicles (EVs)
- Drones
- Industrial Automation सिस्टम
इन समाधानों में precision sensing, control intelligence और advanced fault detection जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसका उद्देश्य performance और safety दोनों को बेहतर बनाना है।
भारत में EV और स्मार्ट इंडस्ट्री सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह प्रोडक्ट लाइन कंपनी के लिए बड़े अवसर खोल सकती है।
🤝 ग्लोबल पार्टनरशिप और इकोसिस्टम
Vervesemi ने fabrication, packaging और testing कंपनियों के साथ अपनी साझेदारी मजबूत की है ताकि scalable production और तेज silicon validation cycle सुनिश्चित की जा सके।
कंपनी Samsung Advanced Foundry Ecosystem (SAFE) के IP alliance partner के रूप में भी जुड़ी हुई है। इसके अलावा यह United Microelectronics Corporation (UMC) की IP alliance partner भी है।
ये साझेदारियां कंपनी को वैश्विक स्तर पर विश्वसनीयता और बड़े ग्राहकों तक पहुंच दिलाने में मदद करती हैं।
📊 IP और पेटेंट पोर्टफोलियो
Vervesemi का दावा है कि उसने अब तक:
- 140 से अधिक semiconductor IP blocks
- 25 IC product variants
विकसित किए हैं।
ये समाधान space, defence, industrial, motor control और smart energy जैसे क्षेत्रों में उपयोग किए जा रहे हैं।
कंपनी का पोर्टफोलियो 10 patents और 5 trade secrets से समर्थित है, जो इसकी तकनीकी मजबूती को दर्शाता है।
🇮🇳 भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फंडिंग?
भारत लंबे समय से सेमीकंडक्टर डिजाइन में मजबूत रहा है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और deep-tech IP डेवलपमेंट में अभी भी विकास की जरूरत है।
Vervesemi जैसी कंपनियां:
- भारत को global chip design मैप पर मजबूत बना सकती हैं
- Import dependence कम करने में मदद कर सकती हैं
- High-value R&D जॉब्स पैदा कर सकती हैं
Machine learning और semiconductor डिजाइन का संयोजन इसे एक high-tech, future-ready कंपनी बनाता है।
📌 बड़ा संकेत: Deep-Tech में निवेशकों का भरोसा
यह फंडिंग इस बात का संकेत है कि निवेशक अब सिर्फ consumer startups में नहीं, बल्कि deep-tech और semiconductor जैसे जटिल क्षेत्रों में भी निवेश करने को तैयार हैं।
Ashish Kacholia और Unicorn India Ventures जैसे निवेशकों का जुड़ना Vervesemi के बिजनेस मॉडल और टेक्नोलॉजी पर भरोसे को दर्शाता है।
🔮 आगे क्या?
आने वाले समय में कंपनी का फोकस होगा:
- ग्लोबल मार्केट में विस्तार
- नए NPI (New Product Introduction)
- EV और स्मार्ट एनर्जी सेगमेंट में मजबूत पकड़
- IP पोर्टफोलियो का और विस्तार
अगर कंपनी अपनी commercialization रणनीति को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो यह भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।
Vervesemi की यह फंडिंग सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं, बल्कि भारत के deep-tech भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 🚀
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