कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी (UK) के स्पिन-आउट स्टार्टअप Kodiaq Technologies ने हाल ही में अपनी नई फंडिंग राउंड को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी ने £850k (लगभग ₹9 करोड़) की फंडिंग जुटाई है, जिसमें क्लाइमेट टेक और डीप-टेक समुदाय के 20 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया।
यह फंडिंग कंपनी को अपनी टेक्नोलॉजी को तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी ताकि आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा सकें।
🌍 क्यों है Kodiaq Technologies इतनी खास?
Kodiaq Technologies एक ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है जो भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को बदल सकती है।
कंपनी ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट्स बना रही है—जो लॉन्ग-ड्यूरेशन फ्लो बैटरियों में इस्तेमाल होते हैं।
इन बैटरियों की खासियत:
- ये लंबे समय तक ऊर्जा स्टोर कर सकती हैं
- सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल की सुविधा देती हैं
- एनर्जी डेंसिटी और कैपेसिटी बढ़ाती हैं
- बड़े स्तर पर टिकाऊ ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराती हैं
यानी, ये टेक्नोलॉजी भविष्य में ग्रीन एनर्जी को और ज्यादा प्रभावी और किफायती बना सकती है।
👨🔬 कौन हैं इसके पीछे? Cambridge के दिग्गज वैज्ञानिक
कंपनी की कोर टीम खुद में एक ताकत है।
Kodiaq Technologies की स्थापना तीन बड़े नामों ने मिलकर की है:
✔️ Professor Oren Scherman — CSO
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के मशहूर वैज्ञानिक और एडवांस्ड मैटेरियल्स के विशेषज्ञ।
✔️ Dr. Kamil Sokolowski — CTO
एनर्जी-स्टोरेज साइंस और नई ऊर्जा तकनीकों के इनोवेटर।
✔️ Dr. David Fyfe — Co-founder
Cambridge Display Technology के पूर्व चेयरमैन और CEO।
उन्होंने एक यूनिवर्सिटी स्पिन-आउट को NASDAQ-लिस्टेड कंपनी में बदला और बाद में उसे $285 मिलियन में बेच दिया था।
इन तीनों का अनुभव Kodiaq Technologies को एक मजबूत नेतृत्व देता है।
🚀 फंड का इस्तेमाल कहाँ होगा?
कंपनी ने साफ कहा है कि ये £850k फंडिंग उसके R&D और डेवलपमेंट को तेज़ करने में उपयोग होगी।
🔹 मुख्य लक्ष्य:
- नेक्स्ट-जेन ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट्स की डेवलपमेंट
- लॉन्ग-ड्यूरेशन फ्लो बैटरियों के प्रोटोटाइप और टेस्टिंग
- एनर्जी डेंसिटी बढ़ाने के लिए नए मटेरियल्स की खोज
- इंटरनेशनल मार्केट्स के लिए स्केल-अप प्लान तैयार करना
कंपनी का फोकस आने वाले महीनों में अपनी टेक्नोलॉजी को ऐसी स्टेज तक ले जाना है जहाँ बड़े स्तर पर डेमो प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा सकें।
🧭 2026 में बड़ी फंडिंग की तैयारी
Kodiaq Technologies का लक्ष्य है कि मिड-2026 तक एक और बड़ी फंडिंग राउंड उठाई जाए।
इस अगली फंडिंग का उपयोग होगा:
- अलग-अलग देशों में बड़े पैमाने पर डेमो प्रोजेक्ट्स लगाने में
- टेक्नोलॉजी को कमर्शियल लेवल पर लाने में
- सौर और पवन ऊर्जा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्टोरेज क्षमता बढ़ाने में
कंपनी का कहना है कि अगले दो वर्षों में वह अपने ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट-आधारित बैटरी समाधान को ग्लोबल एनर्जी मार्केट में लॉन्च करने की तैयारी में है।
🌞 क्यों ज़रूरी है यह टेक्नोलॉजी?
आज दुनिया तेजी से ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है।
लेकिन सॉलिड, लॉन्ग-ड्यूरेशन स्टोरेज का ना होना अभी भी एक बड़ी समस्या है।
Kodiaq की तकनीक इस समस्या का समाधान दे सकती है:
- सौर और पवन ऊर्जा अनिश्चित होती हैं
- दिन-रात बराबर उत्पादन नहीं होता
- बड़े शहरों और इंडस्ट्री को स्थिर पावर सप्लाई की जरूरत होती है
फ्लो बैटरियों में ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट्स जोड़ने से ये बैटरियां:
- ज्यादा ऊर्जा स्टोर कर सकेंगी
- लंबे समय तक पावर दे सकेंगी
- सिस्टम को ज्यादा सस्ता और ग्रीन बना सकेंगी
इस टेक्नोलॉजी से Solar + Storage और Wind + Storage मॉडल और ज्यादा profitable और scalable हो सकते हैं।
🧩 ग्लोबल मार्केट में बड़ा अवसर
एनर्जी स्टोरेज मार्केट दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है।
2030 तक ग्लोबल स्टोरेज मार्केट $400-500 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
इसमें लॉन्ग-ड्यूरेशन फ्लो बटरीज़ का बड़ा रोल होगा।
Kodiaq Technologies इसी बाजार को टारगेट कर रही है और अपने ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट्स के जरिए एक नई दिशा देने की कोशिश कर रही है।
📝 निष्कर्ष
Kodiaq Technologies की £850k फंडिंग सिर्फ एक छोटी सी शुरुआत लग सकती है, लेकिन इसका असर आने वाले वर्षों में बहुत बड़ा होगा।
उनकी इनोवेटिव ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट टेक्नोलॉजी दुनिया को:
- ज़्यादा साफ ऊर्जा
- ज़्यादा सस्ती स्टोरेज
- और ज़्यादा भरोसेमंद ग्रीन पावर
देने में सक्षम हो सकती है।
2026 की बड़ी फंडिंग और ग्लोबल डेमो प्रोजेक्ट्स के बाद यह स्टार्टअप ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन सकता है।
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