भारत के हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में सक्रिय Altum Credo को एक और बड़ी फंडिंग मिली है। ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (British International Investment – BII) ने कंपनी में 70 करोड़ रुपये (लगभग $8.2 मिलियन) का निवेश किया है। खास बात यह है कि यह निवेश सिर्फ एक महीने में दूसरी बार हुआ है। पिछले महीने ही BII ने Altum Credo में 100 करोड़ रुपये लगाए थे।
💰 डील का पूरा विवरण
कंपनी के Registrar of Companies (RoC) में दर्ज फाइलिंग के अनुसार, Altum Credo के बोर्ड ने 40,46,243 Series C1 CCPS शेयर जारी करने का प्रस्ताव पास किया। ये शेयर 173 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट को अलॉट किए गए, जिससे कुल 70 करोड़ रुपये जुटाए गए।
निवेश से पहले BII की कंपनी में हिस्सेदारी 9.04% थी, जो इस डील के बाद बढ़कर 12.55% हो जाएगी। फिलहाल, Aavishkaar Capital कंपनी का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है, जिसकी हिस्सेदारी 14.27% है।
📈 निवेश का उद्देश्य
Altum Credo इस नई फंडिंग का इस्तेमाल लेंडिंग ऑपरेशंस के विस्तार और भौगोलिक पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी। कंपनी का फोकस खासतौर पर उन इलाकों में है जहां हाउसिंग फाइनेंस की पहुंच अब भी सीमित है, जैसे सेमी-अर्बन और ग्रामीण भारत।
🔙 पहले का फंडिंग इतिहास
अप्रैल 2024 में, Altum Credo ने $40 मिलियन (करीब ₹332 करोड़) की फंडिंग जुटाई थी। यह फंडिंग Z3Partners और Oikocredit की अगुवाई में हुई थी और इसमें प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों ट्रांजैक्शंस शामिल थे।
स्टार्टअप डेटा प्लेटफ़ॉर्म TheKredible के अनुसार, अब तक कंपनी कुल $80 मिलियन (₹664 करोड़) फंडिंग जुटा चुकी है। इस नई फंडिंग के बाद Entrackr का अनुमान है कि Altum Credo का वैल्यूएशन ₹1,777.5 करोड़ (लगभग $209 मिलियन) तक पहुंच जाएगा।
🏡 कंपनी का बिज़नेस मॉडल
2016 में स्थापित Altum Credo का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर और लो-इनकम ग्रुप के लोगों को घर का सपना पूरा करने में मदद करना है। कंपनी:
- ₹4 लाख से ₹40 लाख तक के होम लोन देती है।
- लोन की अवधि 5 से 20 साल होती है।
- टारगेट ग्राहक पहली बार घर खरीदने वाले होते हैं।
- खास फोकस सेमी-अर्बन और ग्रामीण क्षेत्रों पर है।
📊 वित्तीय प्रदर्शन (FY24)
मार्च 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में, Altum Credo का प्रदर्शन शानदार रहा:
- ऑपरेटिंग रेवेन्यू 67% बढ़कर ₹112.87 करोड़ हुआ।
- नेट प्रॉफिट दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹20 करोड़ पहुंच गया।
यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि हाउसिंग फाइनेंस की मांग छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ रही है और Altum Credo उस गैप को सफलतापूर्वक भर रहा है।
🌍 निवेशकों के लिए आकर्षण का कारण
BII जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशक का लगातार निवेश करना इस बात का सबूत है कि भारत का अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस मार्केट आने वाले वर्षों में बहुत तेज़ी से बढ़ने वाला है। इसके प्रमुख कारण:
- सरकारी स्कीमें – प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी योजनाएं।
- रियल एस्टेट में स्थिर वृद्धि – खासकर छोटे शहरों में।
- डिजिटल लेंडिंग और आसान प्रोसेस – लोन अप्रूवल में तेजी।
🔮 आगे की राह
Altum Credo का फोकस आने वाले समय में और ज्यादा ग्रामीण और टियर-2/3 शहरों में पहुंच बढ़ाने पर होगा। साथ ही, कंपनी तकनीकी समाधान (Tech-enabled services) के जरिए लोन प्रोसेस को और आसान और तेज बनाने की योजना पर काम कर रही है।
BII की लगातार दूसरी फंडिंग यह दिखाती है कि कंपनी न केवल अपने बिज़नेस मॉडल को स्केल करने में सक्षम है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी लगातार मजबूत कर रही है।
📌 निष्कर्ष
Altum Credo की यह डील भारत के अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है। तेजी से बढ़ते हाउसिंग लोन मार्केट, सरकारी प्रोत्साहन और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग के साथ, आने वाले सालों में यह सेक्टर और ज्यादा निवेश आकर्षित कर सकता है।
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