भारत की प्रमुख डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सर्विस चेन Sterling Accuris Diagnostics ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में शानदार प्रदर्शन किया है। अहमदाबाद स्थित इस कंपनी ने न केवल 22% साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दर्ज की, बल्कि पहली बार EBITDA पॉजिटिव होकर मुनाफे की दिशा में कदम भी बढ़ाया है।
📈 FY25 में ₹198 करोड़ का राजस्व, खर्चों पर काबू
कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट (Registrar of Companies – RoC से प्राप्त) के अनुसार, Sterling Accuris Diagnostics का राजस्व FY25 में ₹198 करोड़ तक पहुंच गया, जो FY24 के ₹162 करोड़ से 22% अधिक है।
कंपनी ने ₹4 करोड़ की अतिरिक्त आय गैर-ऑपरेटिंग सोर्स से भी अर्जित की, जिससे इसकी कुल इनकम ₹202 करोड़ हो गई — जबकि पिछले वर्ष यह ₹169 करोड़ थी।
🧬 150 लैब्स और 2,000 से अधिक टेस्ट्स की सर्विस
2014 में स्थापित, Sterling Accuris Diagnostics आज भारत के पश्चिमी और मध्य राज्यों में तेजी से विस्तार कर रही है।
कंपनी वर्तमान में लगभग 150 लैब्स और कलेक्शन सेंटर्स के ज़रिए 2,000 से अधिक मेडिकल टेस्ट्स की सुविधा प्रदान करती है।
इसकी कमाई का मुख्य स्रोत — केवल डायग्नोस्टिक टेस्टिंग सर्विसेज — रही है।
💰 खर्चों पर नजर: कर्मचारियों और डॉक्टर फीस में बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कुल खर्च ₹221 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹194 करोड़ की तुलना में 14% अधिक है।
सबसे ज्यादा खर्च कर्मचारियों के वेतन व अन्य बेनेफिट्स पर हुआ, जो FY24 के ₹44 करोड़ से बढ़कर ₹52 करोड़ तक पहुंच गया — यानी 18% की बढ़ोतरी।
इसके बाद मटीरियल कॉस्ट ₹45 करोड़, और डॉक्टर व पैथोलॉजिस्ट फीस ₹40 करोड़ रही।
साथ ही, डिप्रिसिएशन ₹19 करोड़ और फाइनेंस कॉस्ट ₹6 करोड़ दर्ज की गई।
📉 घाटा घटा, EBITDA हुआ पॉजिटिव
हालांकि कुल खर्चों में इज़ाफा हुआ, लेकिन राजस्व की तेजी ने नुकसान को कम कर दिया।
Sterling Accuris Diagnostics ने FY25 में अपना घाटा ₹27 करोड़ से घटाकर ₹23 करोड़ तक सीमित कर लिया — यानी 15% की कमी।
सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि कंपनी ने पहली बार ₹5.5 करोड़ का EBITDA प्रॉफिट दर्ज किया।
इससे इसका EBITDA मार्जिन -0.59% से सुधरकर 2.72% पर पहुंच गया, जो एक मजबूत ऑपरेशनल सुधार का संकेत है।
कंपनी का ROCE (Return on Capital Employed) -7.07% रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में सुधार की दिशा में एक कदम है।
💹 बेहतर एफिशिएंसी: हर ₹1 कमाने में खर्च हुआ ₹1.12
कंपनी ने अपनी कॉस्ट एफिशिएंसी में भी सुधार किया है।
FY25 में Sterling Accuris ने हर ₹1 की कमाई के लिए ₹1.12 खर्च किया — जबकि FY24 में यह आंकड़ा ₹1.20 था।
यह सुधार दर्शाता है कि कंपनी ने अपने ऑपरेशनल खर्चों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया है और अब स्केलेबल बिजनेस मॉडल की ओर बढ़ रही है।
🏦 ₹52 करोड़ के एसेट्स, मजबूत बैलेंस शीट
मार्च 2025 तक कंपनी के कुल चालू एसेट्स ₹52 करोड़ दर्ज किए गए, जिनमें से ₹22 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस के रूप में मौजूद थे।
यह बताता है कि कंपनी की नकदी स्थिति और फाइनेंशियल स्थिरता मजबूत बनी हुई है।
💵 अब तक ₹275 करोड़ ($33 मिलियन) की फंडिंग
TheKredible के अनुसार, Sterling Accuris Diagnostics ने अब तक $33 मिलियन (लगभग ₹275 करोड़) की फंडिंग जुटाई है।
इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:
- Morgan Stanley — 35.64% हिस्सेदारी
- Udhay Vi Realty — 17% हिस्सेदारी
इन रणनीतिक निवेशों ने कंपनी को अपने नेटवर्क विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड में मदद की है।
🧭 भविष्य की राह: टेक्नोलॉजी और ग्रोथ पर फोकस
कंपनी की लगातार बढ़ती ग्रोथ, घटता घाटा, और EBITDA पॉजिटिव होना — इस बात के संकेत हैं कि Sterling Accuris Diagnostics अब स्थायी लाभ की दिशा में बढ़ रही है।
भारत में हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक्स सेक्टर तेजी से डिजिटल और ऑर्गनाइज़्ड हो रहा है, और Sterling Accuris इस बदलाव का लाभ उठाने की पूरी तैयारी में है।
कंपनी अब ऑटोमेशन, टेस्ट क्वालिटी इंप्रूवमेंट, और लास्ट-माइल कलेक्शन नेटवर्क को और सशक्त करने की योजना बना रही है, ताकि छोटे शहरों में भी विश्वसनीय टेस्टिंग सर्विस पहुंचाई जा सके।
🧩 निष्कर्ष
Sterling Accuris Diagnostics ने FY25 में न केवल अपनी ग्रोथ बरकरार रखी, बल्कि मुनाफे की दिशा में ठोस कदम भी बढ़ाया है।
राजस्व में बढ़ोतरी, घाटे में कमी, और EBITDA में सुधार — ये तीनों संकेत कंपनी के सस्टेनेबल फाइनेंशियल हेल्थ की ओर इशारा करते हैं।
अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में Sterling Accuris Diagnostics भारत की टॉप रीजनल डायग्नोस्टिक चेन के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।
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