भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक सेक्टर से एक और बड़ी खबर सामने आई है। बेंगलुरु स्थित डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म Moneyview ने ₹1,500 करोड़ का Initial Public Offering (IPO) लाने के लिए भारतीय बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India के पास अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल कर दिया है।
कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत में फिनटेक कंपनियां तेजी से सार्वजनिक बाजार (stock market) की ओर बढ़ रही हैं। IPO के जरिए Moneyview अपने बिजनेस को और तेजी से बढ़ाने और लोन वितरण को मजबूत करने की योजना बना रही है।
📑 IPO की संरचना क्या होगी?
DRHP के अनुसार, Moneyview का प्रस्तावित IPO दो हिस्सों में होगा।
पहला हिस्सा ₹1,500 करोड़ का fresh issue होगा, जिसमें कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाएगी।
दूसरा हिस्सा Offer For Sale (OFS) का होगा, जिसमें मौजूदा निवेशक और प्रमोटर अपने कुछ शेयर बेचेंगे। इस OFS के तहत 13.6 करोड़ तक equity shares बेचे जा सकते हैं।
इस ऑफर में कंपनी के co-founder और promoter Puneet Agarwal भी हिस्सा लेंगे। उनके साथ शुरुआती निवेशकों में शामिल Accel, Ribbit Capital और Apis Partners भी अपने कुछ शेयर बेच सकते हैं।
💼 Pre-IPO Placement की भी योजना
IPO से पहले Moneyview लगभग ₹300 करोड़ तक का pre-IPO placement भी कर सकती है।
Pre-IPO placement का मतलब है कि कंपनी कुछ चुनिंदा निवेशकों को पहले ही शेयर जारी कर सकती है। इससे कंपनी को IPO से पहले अतिरिक्त पूंजी मिल जाती है और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है।
🏦 कौन संभाल रहा है IPO?
DRHP के अनुसार, इस IPO को मैनेज करने के लिए कई प्रमुख निवेश बैंक नियुक्त किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- Axis Capital
- IIFL Capital Services
- BofA Securities India
- Kotak Mahindra Capital Company
जबकि इस इश्यू के Registrar के रूप में MUFG Intime India काम करेगा।
📊 IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कैसे होगा?
Moneyview ने साफ किया है कि IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने लेंडिंग बिजनेस को मजबूत करने के लिए करेगी।
फ्रेश इश्यू से प्राप्त ₹1,500 करोड़ में से:
- ₹650 करोड़ का इस्तेमाल loan disbursals को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा। यह Default Loss Guarantee (DLG) व्यवस्था के तहत होगा।
- ₹450 करोड़ कंपनी अपनी NBFC इकाई Whizdm Finance में निवेश करेगी ताकि उसकी पूंजी मजबूत हो सके।
- बाकी रकम general corporate purposes के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
यह रणनीति कंपनी को अपने लेंडिंग ऑपरेशंस को तेजी से विस्तार देने में मदद करेगी।
🚀 2014 में हुई थी Moneyview की शुरुआत
Moneyview की स्थापना साल 2014 में Puneet Agarwal और Sanjay Aggarwal ने की थी।
कंपनी एक credit-led digital financial services platform चलाती है, जो ग्राहकों को कई तरह की फाइनेंशियल सेवाएं प्रदान करती है।
Moneyview के प्रमुख प्रोडक्ट्स में शामिल हैं:
- Personal Loans
- Credit Score Tracking
- Insurance Distribution
- अन्य डिजिटल फाइनेंशियल सेवाएं
कंपनी का मुख्य फोकस भारत के उन ग्राहकों पर है जो “new-to-credit” हैं या जिन्हें पारंपरिक बैंकिंग सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होती।
📱 12.5 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का नेटवर्क
Moneyview का दावा है कि उसका प्लेटफॉर्म 125 मिलियन (12.5 करोड़) से ज्यादा यूजर्स तक पहुंच चुका है।
कंपनी की खास बात यह है कि इसका बड़ा यूजर बेस Tier II और छोटे शहरों में मौजूद है।
इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं अभी भी पूरी तरह विकसित नहीं हैं, इसलिए डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
🤝 40 से ज्यादा वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी
Moneyview अपने प्लेटफॉर्म पर लोन और अन्य सेवाएं देने के लिए 40 से ज्यादा financial institutions के साथ साझेदारी करता है।
इनमें शामिल हैं:
- Banks
- NBFCs
- Insurance Companies
इन साझेदारियों के जरिए कंपनी ग्राहकों को अलग-अलग वित्तीय उत्पाद उपलब्ध कराती है।
📈 Revenue और Profit में तेज़ ग्रोथ
फाइनेंशियल प्रदर्शन की बात करें तो Moneyview ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।
कंपनी की operating revenue FY25 में लगभग ₹2,379 करोड़ रही। इसी अवधि में कंपनी का net profit ₹240 करोड़ रहा।
वहीं FY26 के पहले नौ महीनों (April–December 2025) में कंपनी का प्रदर्शन और भी बेहतर रहा।
- Revenue: ₹2,409 करोड़
- Net Profit: ₹245 करोड़
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है और यह लाभदायक भी बन चुका है।
🇮🇳 भारत में Fintech IPO की बढ़ती लहर
भारत में हाल के वर्षों में कई fintech startups सार्वजनिक बाजार की ओर बढ़ रहे हैं।
डिजिटल लेंडिंग, पेमेंट्स और फाइनेंशियल सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ने के कारण निवेशकों की दिलचस्पी भी इस सेक्टर में बढ़ रही है।
Moneyview का IPO भी इसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है। अगर यह IPO सफल रहता है, तो यह कंपनी के विस्तार और भारतीय फिनटेक इकोसिस्टम दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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