भारत के रिटेल ब्रोकिंग सेक्टर में जहां अक्टूबर 2025 में मंदी का माहौल रहा, वहीं Wealth-tech प्लेटफॉर्म Groww ने सबको चौंका दिया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, Groww ने अक्टूबर में 1.38 लाख नए एक्टिव डिमैट अकाउंट्स जोड़े, जिससे इसके कुल सक्रिय यूज़र की संख्या 1.2 करोड़ (12 मिलियन) तक पहुंच गई।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब अन्य बड़े प्लेटफॉर्म्स जैसे Zerodha, Angel One, और Upstox ने यूज़र लॉस दर्ज किया।
📉 बाकी ब्रोकर्स पर छाई गिरावट
जहां Groww ने शानदार बढ़त हासिल की, वहीं बाकी प्रमुख कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ा।
- Zerodha के सक्रिय खातों में 62,000 की गिरावट दर्ज की गई।
- Angel One के 34,000 यूज़र कम हुए।
- Upstox ने करीब 59,000 एक्टिव अकाउंट्स खोए।
यह दर्शाता है कि रिटेल ट्रेडिंग में तेज़ी के बाद अब मार्केट कंसॉलिडेशन (स्थिरीकरण) के दौर में प्रवेश कर रहा है।
NSE के अनुसार, शीर्ष 25 ब्रोकर्स के कुल सक्रिय डिमैट अकाउंट्स में अक्टूबर महीने में 0.13% की गिरावट दर्ज की गई।
🏦 पारंपरिक खिलाड़ियों का प्रदर्शन
पारंपरिक ब्रोकर हाउस भी इस रेस में पीछे नहीं रहे।
- ICICI Securities ने 13,000 नए अकाउंट्स जोड़े।
- SBI Caps ने करीब 25,000 नए यूज़र बनाए।
- वहीं, Paytm Money ने 30,000 यूज़र जोड़कर बेहतर प्रदर्शन किया।
इसके विपरीत, HDFC Securities और Kotak Securities जैसे बड़े नामों ने हल्की गिरावट दर्ज की।
📊 Groww का दबदबा बरकरार
डिजिटल-फर्स्ट ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स भारतीय निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।
Groww, Zerodha और Angel One मिलकर अब NSE के कुल डिमैट अकाउंट्स का 57% से अधिक हिस्सा रखते हैं।
इसमें अकेले Groww की हिस्सेदारी 26.6% है — जो दर्शाता है कि यह प्लेटफॉर्म तेजी से देश के रिटेल निवेशकों के बीच सबसे भरोसेमंद नाम बनता जा रहा है।
📈 Groww की रणनीति — यूज़र-फ्रेंडली और डिजिटल
Groww की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसका सरल इंटरफेस, कम शुल्क, और यंग इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने वाला डिजिटल अनुभव है।
जहां अन्य प्लेटफॉर्म अपनी कमाई के मॉडल पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं Groww लगातार यूज़र एक्सपीरियंस पर फोकस कर रहा है।
कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में AI-आधारित पोर्टफोलियो ट्रैकिंग, स्मार्ट रिकमेंडेशन टूल्स और नए एसेट क्लासेज़ को भी जोड़ा है, जिससे यूज़र्स की रुचि बनी रही।
💼 इंडस्ट्री में मंदी के बावजूद स्थिरता के संकेत
अक्टूबर 2025 तक, शीर्ष ब्रोकर्स के कुल सक्रिय डिमैट अकाउंट्स की संख्या 4.72 करोड़ से घटकर 4.52 करोड़ हो गई — यानी करीब 20 लाख यूज़र का नेट लॉस।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट महामारी के बाद के तेज़ विस्तार के बाद की प्राकृतिक स्थिरता को दर्शाती है।
“मार्केट अब एक संतुलन की स्थिति में पहुंच रहा है जहां वास्तविक और दीर्घकालिक निवेशक ही सक्रिय रहेंगे,” एक मार्केट एनालिस्ट ने कहा।
📊 निवेशकों का भरोसा और भविष्य की दिशा
Groww की लगातार बढ़ती लोकप्रियता बताती है कि रिटेल इन्वेस्टर्स अब लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट और वेल्थ क्रिएशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जहां पहले ट्रेडिंग का ट्रेंड तेज़ मुनाफे की चाह पर आधारित था, वहीं अब निवेशक सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल लर्निंग पर ज़ोर दे रहे हैं।
Groww ने भी इस दिशा में एजुकेशनल कंटेंट, इन्वेस्टमेंट वेबिनार्स, और इंटरएक्टिव इन्वेस्टमेंट टूल्स के ज़रिए नए निवेशकों को आकर्षित किया है।
💬 विश्लेषक क्या कहते हैं?
विश्लेषकों के मुताबिक, Groww का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि डिजिटल ब्रोकिंग इंडस्ट्री में बदलाव का दौर चल रहा है।
“Groww ने इस मंदी के बीच भी जो वृद्धि दिखाई है, वह उसकी यूज़र-सेंट्रिक रणनीति की सफलता है,” एक NSE रिपोर्ट में कहा गया।
यदि यह रफ्तार जारी रहती है, तो Groww न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र में सबसे बड़ा डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म बन सकता है।
🚀 निष्कर्ष: Groww की ग्रोथ कहानी अब भी जारी
जहां Zerodha और Angel One जैसे दिग्गज फिलहाल यूज़र बेस में गिरावट देख रहे हैं, वहीं Groww ने एक बार फिर साबित किया है कि टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और भरोसे का मेल रिटेल निवेशकों को जोड़ने की कुंजी है।
अक्टूबर 2025 का डेटा भले इंडस्ट्री के लिए ठहराव का संकेत दे रहा हो, लेकिन Groww के लिए यह एक नई उड़ान की शुरुआत है।
📍मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- Groww ने जोड़े 1.38 लाख नए एक्टिव यूज़र 🚀
- Zerodha, Angel One और Upstox के यूज़र घटे 📉
- कुल NSE डिमैट अकाउंट्स में 0.13% की कमी
- Groww का मार्केट शेयर 26.6%
- उद्योग में स्थिरता के संकेत, लेकिन Groww की रफ्तार बरकरार 💪
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