CHK ने Accel और Bluestone से जुटाए $2.5 मिलियन,

CHK

फंडिंग डिटेल्स और निवेशक

भारतीय D2C फुटवियर स्टार्टअप CHK ने Accel, Bluestone और अन्य निवेशकों से $2.5 मिलियन (लगभग ₹21 करोड़) की फंडिंग हासिल की है। इससे पहले, नवंबर 2024 में, Bluestone ने कंपनी में ₹12 करोड़ ($1.3 मिलियन) का निवेश किया था।

CHK ने कहा है कि इस ताजा निवेश का उपयोग कंपनी के उत्पादन बढ़ाने, अनुसंधान और विकास (R&D) को मजबूत करने और अप्रैल 2025 में आधिकारिक लॉन्च की तैयारियों में किया जाएगा


CHK: भारतीय फुटवियर इंडस्ट्री में नया खिलाड़ी

📌 ब्रांड की स्थापना और विजन

CHK की शुरुआत अक्टूबर 2024 में Sankar Bora, Deepan Babu, Bharat Mahajan और Deepak Patil ने मिलकर की थी।

कंपनी “Concept to Creation” मॉडल पर काम करती है, जिसका मतलब है कि यह डिजाइन, निर्माण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया को खुद मैनेज करती है

CHK का फोकस प्रीमियम और मास-प्रीमियम सेगमेंट के लिए इनोवेटिव और स्टाइलिश फुटवियर डिजाइन करने पर है।

📌 मैन्युफैक्चरिंग और टीम का विस्तार

📍 CHK का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तमिलनाडु में स्थित है
📍 कंपनी शुरुआत में अपने D2C वेबसाइट के जरिए बिक्री करेगी और बाद में ऑफलाइन रीटेल में भी कदम रखेगी।
📍 फिलहाल, CHK के बेंगलुरु और तमिलनाडु में 25 कर्मचारी हैं, लेकिन कंपनी अप्रैल तक अपनी टीम को 100 लोगों तक बढ़ाने की योजना बना रही है।


भारत में फुटवियर इंडस्ट्री और CHK की रणनीति

📈 D2C मार्केट में बढ़ती संभावनाएं

भारत में D2C बिजनेस मॉडल तेजी से पॉपुलर हो रहा है, जहां ब्रांड्स सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं।

2023 में भारतीय फुटवियर बाजार करीब ₹90,000 करोड़ का था और 2028 तक इसके ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
✅ युवा उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियम और स्टाइलिश फुटवियर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
✅ ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल ट्रेंड्स के चलते D2C ब्रांड्स को ज्यादा एक्सपोजर मिल रहा है।

🛠️ CHK की रणनीति:

✔️ In-House मैन्युफैक्चरिंग: कंपनी अपने जूते खुद डिजाइन और मैन्युफैक्चर करेगी, जिससे क्वालिटी कंट्रोल आसान होगा।
✔️ BIS सर्टिफिकेशन: भारत सरकार ने सभी फुटवियर कंपनियों के लिए Bureau of Indian Standards (BIS) सर्टिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। CHK ने आवेदन कर दिया है और इसे अप्रैल 2025 तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
✔️ डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच: कंपनी पहले अपने D2C प्लेटफॉर्म पर बिक्री शुरू करेगी और फिर ऑफलाइन स्टोर्स खोलने की योजना बना रही है।
✔️ इनोवेटिव प्रोडक्ट्स: स्टाइल, आराम और किफायती कीमतों के साथ नए फुटवियर डिजाइन करना।

CHK और अन्य D2C ब्रांड्स के लिए अवसर

📌 भारत में फुटवियर इंडस्ट्री में घरेलू उत्पादन को सरकार का समर्थन मिल रहा है, जिससे CHK जैसी कंपनियों को फायदा होगा।
📌 अगर कंपनी अपने प्रोडक्ट क्वालिटी, कस्टमर एक्सपीरियंस और इनोवेशन पर ध्यान देती है, तो यह जल्द ही एक बड़ा नाम बन सकती है।
📌 डीटूसी ब्रांड्स (D2C) जैसे Neeman’s, Solethreads, और Flatheads की सफलता को देखकर CHK भी एक नया ट्रेंड सेट कर सकता है।


CHK के लिए आगे की राह 🚀

📍 कंपनी की प्रमुख योजनाएं:

अप्रैल 2025 में D2C प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक लॉन्च
मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर अधिक ध्यान देकर ग्राहकों तक पहुंच बनाना
मजबूत सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तैयार करना
BIS सर्टिफिकेशन प्राप्त कर भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करना


क्या CHK भारत में D2C फुटवियर मार्केट में बड़ा बदलाव लाएगा?

✔️ मजबूत निवेशकों का समर्थन और इनोवेटिव बिजनेस मॉडल CHK के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं।
✔️ भारत में बढ़ते D2C ट्रेंड और BIS सर्टिफिकेशन नियमों के चलते, स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को फायदा होगा।
✔️ अगर कंपनी गुणवत्ता, ब्रांडिंग और कस्टमर एक्सपीरियंस को प्राथमिकता देती है, तो यह भारत में एक प्रमुख फुटवियर ब्रांड बन सकता है।

📢 क्या आप CHK जैसे नए D2C ब्रांड्स से खरीदारी करना पसंद करेंगे? हमें कमेंट में बताएं! 🏆👟

Read more :Salad Days ने जुटाए ₹30 करोड़ की फंडिंग

Salad Days ने जुटाए ₹30 करोड़ की फंडिंग

Salad Days

भारत में हेल्दी फूड के बढ़ते ट्रेंड के बीच SALAD DAYS ने ₹30 करोड़ ($3.6 मिलियन) की Series A फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व V3 Ventures और Client Associates Alternate Fund (CAAF) ने किया। यह Salad Days के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि कंपनी ने 10 वर्षों तक बिना किसी बाहरी निवेश (bootstrapped) के प्रॉफिटेबल ग्रोथ हासिल की थी

कंपनी के अनुसार, इस फंडिंग का उपयोग ऑमnichannel विस्तार, ऑपरेशनल क्षमताओं को मजबूत करने, नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।

SALAD DAYS: हेल्दी फूड मार्केट में अग्रणी ब्रांड

2014 में स्थापित Salad Days आज भारत के सबसे लोकप्रिय हेल्दी फूड ब्रांड्स में से एक बन चुका है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराना है।

SALAD DAYS का बिजनेस मॉडल और विस्तार

  • वर्तमान में कंपनी 25 क्लाउड किचन के माध्यम से अपना संचालन करती है।
  • 12 आउटलेट दिल्ली-एनसीआर में, 9 बेंगलुरु में, और 4 मुंबई में स्थित हैं।
  • केवल सलाद तक सीमित न रहकर, यह ब्रांड ग्रेन बाउल्स, सैंडविच, पीटा पॉकेट्स, ओटमील बाउल्स, सूप, कोल्ड-प्रेस्ड जूस, स्मूदी और डेसर्ट भी उपलब्ध कराता है।

कंपनी की आगामी योजनाएं

Salad Days इस नई फंडिंग का उपयोग तेजी से विस्तार और नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर करेगा।
1️⃣ नई स्टोर्स खोलना – भारत के अन्य शहरों में भी Salad Days अपने आउटलेट्स शुरू करेगा।
2️⃣ टेक्नोलॉजी अपग्रेड – ऑर्डर प्रोसेसिंग और ग्राहक अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा।
3️⃣ बेहतर मार्केटिंग और ब्रांडिंग – हेल्दी फूड के प्रति ग्राहकों की रुचि बढ़ाने के लिए कंपनी नए प्रमोशन और कैंपेन लॉन्च करेगी।
4️⃣ नए टैलेंट की भर्ती – बिजनेस विस्तार को देखते हुए, कंपनी अपने वर्कफोर्स में नए टैलेंट्स को जोड़ेगी।

Salad Days के बिजनेस मॉडल की ताकत

1️⃣ Cloud Kitchen मॉडल – कम लागत, अधिक विस्तार

Salad Days की खासियत यह है कि यह क्लाउड किचन मॉडल पर काम करता है। इसके 25 क्लाउड किचन भारत के तीन प्रमुख शहरों में मौजूद हैं।
✔️ कम लागत में अधिक विस्तार
✔️ फूड डिलीवरी पार्टनर्स जैसे Swiggy और Zomato के साथ मजबूत टाई-अप
✔️ ग्राहकों तक तेजी से ताजा और हेल्दी खाना पहुंचाने की क्षमता

2️⃣ हेल्दी फूड का बढ़ता बाजार

आज की युवा पीढ़ी और कामकाजी प्रोफेशनल्स फास्ट फूड की बजाय पोषणयुक्त और संतुलित भोजन की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। भारत में बढ़ते फिटनेस ट्रेंड के कारण Salad Days जैसे ब्रांड्स को जबरदस्त ग्रोथ मिल रही है।

3️⃣ प्रीमियम लेकिन किफायती हेल्दी फूड विकल्प

Salad Days का मेन्यू सलाद से आगे बढ़कर ग्रेन बाउल्स, सूप, ओटमील, स्मूदी और हेल्दी डेसर्ट्स तक विस्तृत है। यह न केवल हाई-प्रोटीन और कम कैलोरी वाले विकल्प प्रदान करता है, बल्कि इनकी कीमतें भी प्रतिस्पर्धी हैं, जिससे अधिक ग्राहक आकर्षित हो रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है हेल्दी फूड की मांग?

📌 लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
📌 फिटनेस और हेल्दी डाइट को अपनाने का चलन तेजी से बढ़ा है।
📌 वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए हेल्दी और जल्दी मिलने वाले विकल्पों की जरूरत बढ़ी है।
📌 फास्ट फूड के बजाय न्यूट्रीशन से भरपूर विकल्पों की ओर रुझान बढ़ा है।

Salad Days के लिए आगे की राह 🚀

💡 कंपनी की प्राथमिक योजनाएं:

मेट्रो और टियर-1 शहरों में नए आउटलेट्स खोलना
फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करके पूरे भारत में विस्तार करना
नए हेल्दी फूड आइटम्स जोड़कर मेन्यू को और विस्तृत बनाना
ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर अधिक ध्यान देकर अधिक ग्राहकों को जोड़ना

क्या Salad Days भारतीय बाजार में एक बड़ा नाम बन सकता है?

Salad Days का मजबूत बिजनेस मॉडल और ऑमnichannel अप्रोच इसे भारत के प्रमुख हेल्दी फूड ब्रांड्स में शामिल कर सकता है।

💡 अगर कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो आने वाले वर्षों में यह भारत के हेल्दी फूड इंडस्ट्री का एक बड़ा खिलाड़ी बन सकती है।

क्या भारत में हेल्दी फूड का भविष्य उज्जवल है? 🚀

Salad Days जैसी कंपनियां फास्ट फूड और पारंपरिक भोजन का हेल्दी विकल्प देकर इस सेगमेंट को और विकसित कर सकती हैं। भारत में हेल्दी ईटिंग का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है, जिससे इस तरह के ब्रांड्स को तेजी से अपनाया जा रहा है।

क्या Salad Days आने वाले समय में भारत का सबसे बड़ा हेल्दी फूड ब्रांड बन सकता है? यह देखना दिलचस्प होगा! 🍏🥗

Read more : Shoppin को मिली 1 मिलियन डॉलर की फंडिंग, तेजी से बढ़ा रहा है विस्तार

Shoppin को मिली 1 मिलियन डॉलर की फंडिंग, तेजी से बढ़ा रहा है विस्तार

Shoppin

फैशन और टेक्नोलॉजी के संगम से एक नई क्रांति लाने वाले स्टार्टअप shoppin ने हाल ही में 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व InfoEdge Ventures ने किया। इस निवेश के साथ, कंपनी अपने AI-पावर्ड सर्च इंजन को और विकसित करने, टेक्नोलॉजी को एडवांस बनाने और टैलेंट हायरिंग पर जोर देगी।

Shoppin के फाउंडर श्लोक भार्तिया का लक्ष्य है कि फैशन-शॉपिंग को ज़्यादा स्मार्ट और इंटरैक्टिव बनाया जाए। Shoppin का AI-पावर्ड फैशन सर्च इंजन यूज़र्स को प्रॉम्प्ट्स, वाइब्स, प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन और इमेजेज के ज़रिए मनचाहे फैशन प्रोडक्ट्स खोजने में मदद करता है।

shoppin कैसे बदल रहा है फैशन डिस्कवरी का तरीका?

shoppin एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो सोशल मीडिया पर फैशन इंस्पिरेशन और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर मौजूद प्रोडक्ट्स के बीच की दूरी को खत्म करना चाहता है।

Shoppin के इनोवेटिव फीचर्स:

AI-पावर्ड सर्च इंजन – यह पारंपरिक ई-कॉमर्स सर्च इंजन से अलग एक इंटेलिजेंट फैशन डिस्कवरी सिस्टम है।
सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स का मेल – इंस्टाग्राम, पिनटेरेस्ट और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर दिखने वाले ट्रेंडिंग फैशन को तुरंत ढूंढने में मदद करता है।
कस्टम AI मॉडल्स – Shoppin खासतौर पर फैशन इंडस्ट्री के लिए छोटे भाषा मॉडल्स (SLMs) तैयार कर रहा है, जिससे सर्च रिजल्ट्स ज्यादा सटीक होंगे।
डिस्कवरी-फोकस्ड अप्रोच – यूज़र्स केवल नाम से ही नहीं, बल्कि वाइब्स (moods), इमेज और डिस्क्रिप्शन से भी प्रोडक्ट्स खोज सकते हैं।

Shoppin की ग्रोथ और फ्यूचर प्लान्स

Shoppin तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और इसके शुरुआती आंकड़े इसका प्रमाण हैं।

  • 35,000+ इंस्टाग्राम फॉलोअर्स – इसका सोशल मीडिया बेस लगातार बढ़ रहा है।
  • 20,000+ लोग वेटलिस्ट में – लोग इस प्लेटफॉर्म को आज़माने के लिए उत्साहित हैं।
  • बीटा लॉन्च फरवरी 2025 में – Shoppin जल्द ही अपनी AI-पावर्ड फैशन सर्च टेक्नोलॉजी को पब्लिक के लिए उपलब्ध कराएगा।

कंपनी की योजना एक मजबूत AI इंजीनियरिंग टीम बनाने की है, जो इस प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाएगी और फैशन इंडस्ट्री के लिए विशेष रूप से कस्टमाइज़ किए गए AI मॉडल्स विकसित करेगी।

Shoppin को मिली फंडिंग का उपयोग कहाँ किया जाएगा?

Shoppin ने कहा कि इस 1 मिलियन डॉलर की फंडिंग का उपयोग मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:

1️⃣ नए टैलेंट की भर्ती

  • कंपनी बेहतरीन AI इंजीनियर्स और डेटा साइंटिस्ट्स को हायर करने की योजना बना रही है।
  • बिजनेस ग्रोथ और मार्केटिंग के लिए एक्सपर्ट्स की नियुक्ति की जाएगी।

2️⃣ टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट

  • कंपनी अपने AI-पावर्ड सर्च इंजन को और एडवांस बनाएगी।
  • फैशन इंडस्ट्री के लिए कस्टम-बिल्ट AI मॉडल्स तैयार किए जाएंगे।
  • यूज़र्स को अधिक पर्सनलाइज्ड सर्च एक्सपीरियंस मिलेगा।

3️⃣ मार्केट एक्सपेंशन और ग्रोथ

  • फैशन ब्रांड्स और D2C कंपनियों के साथ साझेदारी की जाएगी।
  • डिजिटल मार्केटिंग और प्रमोशन पर फोकस किया जाएगा।

फैशन और AI का भविष्य: क्या Shoppin ला सकता है बदलाव?

आज के डिजिटल युग में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) कई इंडस्ट्रीज़ को बदल रहे हैं, और फैशन भी इससे अछूता नहीं है।

  • यदि Shoppin सफल हुआ, तो यह फैशन शॉपिंग का भविष्य बन सकता है।
  • यह सोशल मीडिया से इंस्पिरेशन लेने और उसे वास्तविक शॉपिंग अनुभव में बदलने के बीच की खाई को खत्म कर सकता है।

Shoppin बन सकता है फैशन इंडस्ट्री का गेम-चेंजर

Shoppin की यह नई फंडिंग और AI-पावर्ड अप्रोच इसे फैशन इंडस्ट्री में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला प्लेटफॉर्म बना सकती है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि Shoppin अपने AI मॉडल्स और फैशन टेक इनोवेशन के जरिए भारतीय और वैश्विक बाजारों में कैसे अपनी जगह बनाता है।

क्या Shoppin आने वाले समय में फैशन शॉपिंग का तरीका बदल पाएगा? 🚀

Read more :CityMall ने FY24 में 23% की ग्रोथ दर्ज की, लेकिन घाटा भी बढ़ा

CityMall ने FY24 में 23% की ग्रोथ दर्ज की, लेकिन घाटा भी बढ़ा

CityMall

सिटीमॉल (CityMall), जो भारत के छोटे शहरों और कस्बों में सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है, ने वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में 23% से अधिक सालाना वृद्धि दर्ज की। कंपनी का सकल राजस्व (GMV) ₹420 करोड़ के पार चला गया

CityMall मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में ग्रोसरी, लाइफस्टाइल और अन्य आवश्यक उत्पादों को कम्युनिटी रिसेलर्स के माध्यम से बेचता है। कंपनी की सकल राजस्व (GMV) FY24 में ₹427 करोड़ तक पहुंच गई, जो कि FY23 के ₹346.4 करोड़ से 23% अधिक है


📈 FY24 में CityMall की कमाई और राजस्व

मुख्य राजस्व स्रोत:
CityMall का अधिकांश राजस्व प्रोडक्ट सेल्स से आया, जो कि कंपनी के कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 91.62% है। FY24 में प्रोडक्ट सेल्स से कमाई 17.1% बढ़कर ₹391.5 करोड़ हो गई

लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग सेवाएं:
बाकी का GMV लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग सेवाओं से आया, जो ₹35.8 करोड़ रहा।

अन्य आय स्रोत:
कंपनी ने FY24 में ₹32 करोड़ की अतिरिक्त आय अर्जित की। यह आय डिपॉजिट और इन्वेस्टमेंट पर ब्याज से आई, जिससे कंपनी की कुल आय ₹459 करोड़ हो गई।

📌 तुलनात्मक रूप से FY23 में CityMall की कुल आय ₹378 करोड़ थी, जो कि इस वर्ष की तुलना में कम थी


💰 खर्चों में बढ़ोतरी, लेकिन घाटा भी बढ़ा

CityMall का सबसे बड़ा खर्च प्रोडक्ट्स की खरीद (procurement of products) रहा, जो 20.4% बढ़कर ₹390 करोड़ हो गया

📌 अन्य प्रमुख खर्च:

  • कर्मचारियों का वेतन और भत्ते: ₹91 करोड़ (7.7% वृद्धि)
  • ट्रांसपोर्टेशन खर्च: ₹56 करोड़ (45.5% की भारी वृद्धि)

📌 FY24 में सिटीमॉल के कुल खर्च 17.7% बढ़कर ₹615.2 करोड़ हो गए, जबकि FY23 में यह ₹522.7 करोड़ थे।

👉 अधिक खर्च और बढ़ती लागत के कारण, कंपनी का घाटा 10% बढ़कर ₹159 करोड़ हो गया, जबकि FY23 में यह ₹145 करोड़ था


📊 प्रमुख वित्तीय संकेतक (Financial Indicators)

📌 ROCE (Return on Capital Employed): -36.18%
📌 EBITDA Margin: -30.34%
📌 यूनिट इकोनॉमिक्स: ₹1 कमाने के लिए कंपनी ने ₹1.44 खर्च किए।

👉 हालांकि सिटीमॉल का राजस्व बढ़ा है, लेकिन घाटे में भी बढ़ोतरी हुई है।


🏦 कंपनी की वित्तीय स्थिति

CityMall के कुल चालू परिसंपत्तियां (Total Current Assets) FY24 में ₹427 करोड़ थी। इसमें ₹187 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस के रूप में शामिल थे

📌 इसका मतलब है कि कंपनी के पास अपनी ऑपरेशंस जारी रखने और आगे निवेश करने के लिए पर्याप्त फंड्स उपलब्ध हैं।


🚀 CityMall की रणनीति और आगे की राह

CityMall सोशल ई-कॉमर्स मॉडल पर काम करता है, जो छोटे शहरों और कस्बों में लोगों को अपने नेटवर्क से सामान बेचने का अवसर देता है। कंपनी ग्रोसरी, लाइफस्टाइल, और अन्य आवश्यक उत्पादों की बिक्री को मजबूत कर रही है और अपने लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है

CityMall की भविष्य की रणनीति:

तेजी से विस्तार और नए शहरों में प्रवेश
रिसेलर्स नेटवर्क को और मजबूत बनाना
लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार
घाटे को नियंत्रित करने के लिए लागत प्रबंधन


📌 निष्कर्ष

CityMall ने FY24 में 23% की ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन उच्च खर्चों के कारण कंपनी का घाटा भी बढ़ा है

💡 क्या CityMall आने वाले वर्षों में अपने घाटे को कम कर पाएगा और मुनाफे में आ सकेगा?

👉 आपकी राय क्या है? हमें कमेंट में बताएं! 🚀

Read more :Zomato ने शालिन भट्ट को डाइनिंग-आउट बिजनेस की कमान सौंपी,

Zomato ने शालिन भट्ट को डाइनिंग-आउट बिजनेस की कमान सौंपी,

Zomato

भारत की प्रमुख फूडटेक और क्विक कॉमर्स कंपनी Zomato ने अपने पूर्व कार्यकारी शालिन भट्ट (Shalin Bhatt) को फिर से अपनी टीम में शामिल कर लिया है। भट्ट को Zomato के डाइनिंग-आउट वर्टिकल का प्रमुख बनाया गया है।

भट्ट 2021 में Zomato छोड़कर चले गए थे, लेकिन उन्होंने जुलाई 2023 में कंपनी में फिर से वापसी की। अब उन्हें औपचारिक रूप से डाइनिंग हेड की भूमिका सौंपी गई है। उन्होंने संकल्प कथूरिया (Sankalp Kathuria) की जगह ली है, जिन्होंने पिछले महीने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

Zomato के डाइनिंग-आउट वर्टिकल में लगातार बदलाव

शालिन भट्ट पिछले दो वर्षों में तीसरे व्यक्ति हैं, जिन्हें Zomato के डाइनिंग-आउट वर्टिकल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले, अमन प्रियदर्शी (Aman Priyadarshi) ने इस पद को संभाला था, लेकिन 2022 के अंत में संकल्प कथूरिया ने उनकी जगह ली थी

अब, Zomato अपने डाइनिंग-आउट यूजर्स को अपने नए ‘District’ ऐप पर शिफ्ट कर रहा है। यह ऐप कंपनी के सभी ‘going-out’ ऑफर्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए लॉन्च किया गया है

शालिन भट्ट की पिछली भूमिका

Zomato में दोबारा जुड़ने से पहले, शालिन भट्ट वेंचर कैपिटल फर्म Matrix Partners India (अब Z47) में एक इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल के रूप में कार्यरत थे


Zomato का ‘Going-Out’ बिजनेस: एक नया B2C वर्टिकल

Zomato सिर्फ फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स तक सीमित नहीं रहना चाहता। पिछले कुछ वर्षों में, कंपनी ने “Going-Out” को एक अलग B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) वर्टिकल के रूप में स्थापित किया है, जिसका वित्तीय प्रदर्शन अलग से रिपोर्ट किया जाता है।

📌 ‘Going-Out’ वर्टिकल में Zomato की सेवाएं:
Dining Out – रेस्टोरेंट बुकिंग और डाइनिंग डिस्काउंट
Live Events – कॉन्सर्ट्स, पार्टियों और इवेंट्स की टिकटिंग
Ticketing – मूवी, थिएटर और अन्य एंटरटेनमेंट इवेंट्स की बुकिंग

पिछले एक साल में, Zomato ने इस सेगमेंट में काफी निवेश किया है और इसे अपने बिजनेस का एक प्रमुख हिस्सा बना रहा है।


🚀 Zomato के ‘Going-Out’ सेगमेंट में बड़े बदलाव और नई भर्तियां

Zomato ने अपने ‘Going-Out’ बिजनेस को मजबूत करने के लिए कई नए पदों पर वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है:

📌 Zomato Live की नई CEO – जीना विल्कैसिम (Zeenah Vilcassim)

  • Zomato ने बकार्डी (Bacardi) की पूर्व कार्यकारी Zeenah Vilcassim को Zomato Live का CEO बनाया है।
  • वह कंपनी के लाइव इवेंट्स और टिकटिंग बिजनेस का नेतृत्व करेंगी।

📌 Zomato Live के नए COO – कुणाल खंभाती (Kunal Khambhati)

  • बुकमायशो (BookMyShow) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी कुणाल खंभाती को Zomato Live का COO बनाया गया है।
  • उनका मुख्य फोकस टिकटिंग और लाइव इवेंट्स बिजनेस को आगे बढ़ाना होगा

📌 Paytm के इवेंट्स और टिकटिंग बिजनेस का अधिग्रहण

  • हाल ही में, Zomato ने Paytm के इवेंट्स और टिकटिंग बिजनेस का अधिग्रहण किया था
  • इसके बाद, कंपनी ने राहुल गणजू (Rahul Ganjoo) और प्रद्योत घाटे (Pradyot Ghate) को वापस लाया, जो Insider, TicketNew, और Paytm के यूजर्स को ‘District’ ऐप पर शिफ्ट करने में मदद करेंगे

📊 Zomato की रणनीति: ‘District’ ऐप के जरिए टिकटिंग और डाइनिंग में दबदबा बनाना

Zomato का ‘District’ ऐप कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यह ऐप एक ही प्लेटफॉर्म पर डाइनिंग, लाइव इवेंट्स और टिकटिंग को जोड़ता है, जिससे यूजर्स को आसानी होगी।

📌 District ऐप क्यों खास है?
Zomato के सभी Going-Out फीचर्स एक ही प्लेटफॉर्म पर
रेस्टोरेंट बुकिंग, डिस्काउंट्स और इवेंट टिकटिंग का एकीकरण
Paytm और अन्य प्लेटफॉर्म्स से यूजर्स को ट्रांसफर करने की योजना


📌 Zomato की नई रणनीति: फूड डिलीवरी से आगे बढ़कर एंटरटेनमेंट मार्केट में दबदबा बनाना

Zomato अब सिर्फ एक फूड डिलीवरी कंपनी नहीं रहना चाहता। कंपनी ने ब्लिंकिट (Blinkit) के जरिए क्विक कॉमर्स में बड़ी सफलता हासिल की है और अब वह डाइनिंग और इवेंट्स टिकटिंग सेगमेंट में बड़ा खेल खेलने की योजना बना रही है

📌 Zomato का नया बिजनेस मॉडल:
फूड डिलीवरी (Zomato)
क्विक कॉमर्स (Blinkit)
डाइनिंग और इवेंट्स (District)

💡 क्या Zomato भारत का अगला बड़ा एंटरटेनमेंट और फूड टेक जायंट बन सकता है?

👉 आपकी राय क्या है? क्या Zomato का ‘District’ ऐप टिकटिंग और डाइनिंग में सफलता हासिल कर पाएगा? हमें कमेंट में बताएं! 🚀

Read more :Leap ने $65 मिलियन की फंडिंग जुटाई, $1 बिलियन valuation का लक्ष्य

Leap ने $65 मिलियन की फंडिंग जुटाई, $1 बिलियन valuation का लक्ष्य

Leap

अंतरराष्ट्रीय छात्र मोबिलिटी प्लेटफॉर्म LEAP ने हाल ही में $65 मिलियन (₹540 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। यह फंडिंग प्राइमरी और सेकेंडरी इक्विटी निवेश के जरिए मिली है, जिसका नेतृत्व Apis Growth Markets Fund III और Apis Global Growth Fund III ने किया।

इस दौर में Owl Ventures, Jungle Ventures, और Peak XV Partners जैसे मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया। हालांकि, कंपनी ने अपनी सटीक वैल्यूएशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, Leap इस दौर में $1 बिलियन से अधिक वैल्यूएशन हासिल करने का लक्ष्य बना रहा था।

Leap ने इससे पहले 2022 में सीरीज D राउंड में $75 मिलियन जुटाए थे, जिससे उस समय इसकी वैल्यूएशन $850-900 मिलियन के बीच थी।

LEAP अब तक $200 मिलियन से अधिक इक्विटी फंडिंग प्राप्त

LEAP की स्थापना 2019 में बेंगलुरु और सैन फ्रांसिस्को में की गई थी। तब से अब तक कंपनी ने $200 मिलियन (₹1,650 करोड़) से अधिक की इक्विटी फंडिंग जुटा ली है।


Leap: स्टडी-अब्रॉड छात्रों के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन

Leap एक फुल-स्टैक इंटरनेशनल स्टूडेंट मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जो अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की तैयारी से लेकर फाइनेंसिंग तक की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाता है

कंपनी अपने चार प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के जरिए छात्रों को सेवाएं प्रदान करती है:
LeapScholar – स्टडी-अब्रॉड कम्युनिटी और गाइडेंस
LeapFinance – इंटरनेशनल स्टूडेंट लोन और फाइनेंसिंग
GeeBee – विदेश में पढ़ाई की आवेदन प्रक्रिया
Yocket – टेस्ट प्रेप, वीजा गाइडेंस और एडमिशन

📌 सेवाएं:

  • IELTS, TOEFL, SAT जैसी परीक्षाओं की तैयारी
  • एडमिशन और वीज़ा काउंसलिंग
  • अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए स्टूडेंट लोन और फाइनेंशियल सपोर्ट

📌 मुख्य टारगेट मार्केट:
Leap का मुख्य फोकस यूएस, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों पर है।

📌 बढ़ती लोकप्रियता:
Leap का दावा है कि उसने अब तक 10 लाख से अधिक छात्रों को सेवाएं दी हैं और 1,000 से अधिक शीर्ष वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी की है


📊 Leap की तेज़ी से बढ़ती ग्रोथ

Leap के को-फाउंडर वैभव सिंह ने कहा:

🗣️ “छात्र Leap के वन-स्टॉप स्टडी-अब्रॉड सॉल्यूशन को पसंद करते हैं। पिछले दो वर्षों में हमने 5X ग्रोथ देखी है। आज Leap सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पकड़ बना रहा है और 10 से अधिक देशों में ऑपरेशन बढ़ा रहा है।”

Leap की यह ग्रोथ भारत में तेजी से बढ़ते स्टडी-अब्रॉड मार्केट और डिजिटल एडटेक सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को दर्शाती है।


🚀 Leap के आगे की योजनाएं

📌 ग्लोबल विस्तार:
Leap न सिर्फ भारत, बल्कि अन्य देशों में भी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है। कंपनी 10+ देशों में विस्तार की योजना बना रही है

📌 नए फाइनेंसिंग प्रोडक्ट्स:
कंपनी अब छात्रों के लिए और अधिक फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स विकसित करने की योजना बना रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा को अधिक किफायती बनाया जा सके

📌 टेक्नोलॉजी अपग्रेड:
Leap अपने प्लेटफॉर्म पर AI और डेटा एनालिटिक्स जैसी नई तकनीकों को जोड़कर छात्रों के लिए बेहतर गाइडेंस और लोन फैसिलिटी प्रदान करेगा।

📌 प्रतिस्पर्धा में मजबूती:
Leap को Leverage Edu, Yocket, और ApplyBoard जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन Leap अपनी विस्तृत सेवाओं और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस के जरिए खुद को सबसे आगे रखने की कोशिश कर रहा है।


📌 क्या Leap अगले एडटेक यूनिकॉर्न बनने की ओर बढ़ रहा है?

$1 बिलियन+ वैल्यूएशन का लक्ष्य
$200 मिलियन से अधिक फंडिंग
1 मिलियन+ छात्रों की मदद
1,000+ ग्लोबल यूनिवर्सिटीज के साथ पार्टनरशिप
5X ग्रोथ सिर्फ दो साल में

Leap की ग्रोथ यह दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल समाधान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अगर कंपनी इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, तो यह जल्द ही भारत की अगली यूनिकॉर्न एडटेक कंपनी बन सकती है।

💬 आपकी क्या राय है? क्या Leap अगले 1-2 वर्षों में यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन सकता है? हमें कमेंट में बताएं! 🚀

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CarTrade ने Q3 FY25 में 26% राजस्व वृद्धि दर्ज की, ₹45.5 करोड़ का शुद्ध लाभ हासिल किया

CarTrade

ऑटोमोबाइल क्लासिफाइड्स पोर्टल CarTrade ने वित्तीय वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) के लिए अपने वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी ने Q3 FY24 की तुलना में 26% साल-दर-साल राजस्व वृद्धि दर्ज की है, साथ ही शुद्ध लाभ में बड़ा सुधार किया है।


📈 CarTrade राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि

CarTrade का ऑपरेशनल रेवेन्यू Q3 FY25 में 26.6% बढ़कर ₹176 करोड़ हो गया, जो कि Q3 FY24 में ₹139 करोड़ था। यह आंकड़े कंपनी के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से प्राप्त अनऑडिटेड समेकित वित्तीय परिणामों पर आधारित हैं।

कंपनी तीन प्रमुख सेगमेंट्स में काम करती है:
कंज़्यूमर सेगमेंट
रीमार्केटिंग सेगमेंट
क्लासिफाइड्स सेगमेंट

📌 कंज़्यूमर सेगमेंट: कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू का 39% हिस्सा इसी से आया। Q3 FY25 में यह ₹68 करोड़ तक पहुंच गया, जो Q3 FY24 में ₹50 करोड़ था।
📌 रीमार्केटिंग सेगमेंट: इस तिमाही में ₹58 करोड़ का राजस्व आया।
📌 क्लासिफाइड्स सेगमेंट: इससे ₹50 करोड़ की आय हुई।

इसके अलावा, कंपनी ने गैर-ऑपरेशनल व्यवसायों से ₹17 करोड़ कमाए, जिससे कुल राजस्व Q3 FY25 में ₹193 करोड़ हो गया, जो Q3 FY24 में ₹152 करोड़ था।


💰 खर्चों में नियंत्रण और मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी

CarTrade ने अपने खर्चों को नियंत्रित रखते हुए मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की

📌 कर्मचारी लाभ व्यय कुल खर्च का 53% था, जो कि 7.3% बढ़कर ₹73 करोड़ हो गया।
📌 इस लागत में ₹3.36 करोड़ की शेयर-आधारित खर्चे भी शामिल हैं।
📌 कुल मिलाकर, कंपनी के कुल खर्च Q3 FY25 में 12% बढ़कर ₹140 करोड़ हो गए, जो कि Q3 FY24 में ₹125 करोड़ थे।


📊 नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल

मजबूत राजस्व वृद्धि और नियंत्रित खर्चों के कारण, CarTrade ने इस तिमाही में शानदार मुनाफा कमाया

Q3 FY25 में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹45.5 करोड़ रहा, जबकि Q3 FY24 में ₹23.5 करोड़ का घाटा हुआ था।
✔ कंपनी पहले ही FY25 के पहले नौ महीनों में ₹472 करोड़ की कुल आय और ₹99 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज कर चुकी है।
✔ यह पहला मौका है जब CarTrade ने इतनी बड़ी लाभप्रदता हासिल की है, जो इसके लंबी अवधि के विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।


📌 CarTrade की बाजार स्थिति और आगे की योजनाएं

📌 व्यापक विस्तार योजना:
CarTrade आने वाले समय में नई कैटेगरीज में विस्तार करने और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने पर ध्यान देगा।

📌 टेक्नोलॉजी में निवेश:
कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों में निवेश कर रही है, जिससे यूज़र्स के लिए और अधिक कुशल अनुभव प्रदान किया जा सके

📌 इनोवेटिव बिजनेस मॉडल:
CarTrade यूज़र्स के लिए खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर नई सुविधाएँ जोड़ रहा है, जिससे व्यापार को और अधिक तेज़ी से बढ़ाया जा सके

📌 प्रतियोगिता में मजबूती:
CarTrade Cars24, Droom और OLX Autos जैसे अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में है, और अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लगातार रणनीतियाँ बना रहा है।


📌 क्या CarTrade भविष्य में और आगे बढ़ेगा?

CarTrade ने Q3 FY25 में प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन किया है। राजस्व 26% बढ़ा और ₹45.5 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ, जिससे यह साफ़ हो गया कि कंपनी तेजी से ग्रोथ कर रही है

लेकिन कुछ सवाल भी हैं:
क्या कंपनी यह ग्रोथ भविष्य में बनाए रख पाएगी?
क्या ऑटो सेक्टर की चुनौतियां, जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग, CarTrade के बिजनेस मॉडल को प्रभावित करेंगी?
कैसे CarTrade अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने की योजना बना रहा है?

💬 आपकी क्या राय है? क्या CarTrade आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ेगा? हमें कमेंट में बताएं! 🚀

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B2B SaaS स्टार्टअप Atomicwork ने सीरीज़ A राउंड में जुटाए $25 मिलियन,

Atomicwork

भारत के B2B SaaS स्टार्टअप Atomicwork ने अपनी सीरीज़ A फंडिंग राउंड में $25 मिलियन (लगभग ₹207 करोड़) जुटाए हैं। इस निवेश दौर का नेतृत्व सिलिकॉन वैली स्थित Khosla Ventures और Z47 (पूर्व में Matrix Partners India) ने किया

इस राउंड में Battery Ventures, Blume Ventures, और Peak XV Partners ने भी भाग लिया।


💰 Atomicwork अब तक की फंडिंग और निवेशकों का सहयोग

📌 सितंबर 2023 में, Atomicwork ने Blume Ventures और Matrix Partners India के नेतृत्व में अपने सीड राउंड में $11 मिलियन जुटाए थे।
📌 पिछले वर्ष, स्टार्टअप ने Abhinav Dhar (पूर्व CIO, TransUnion) और अन्य निवेशकों से $3 मिलियन अतिरिक्त जुटाए थे।
📌 अब तक Atomicwork की कुल फंडिंग $39 मिलियन (लगभग ₹323 करोड़) तक पहुंच चुकी है।


🚀 नए निवेश का उपयोग कैसे करेगा Atomicwork?

स्टार्टअप ने कहा कि वह इस फंडिंग का उपयोग मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में करेगा—

1️⃣ एंटरप्राइज़ AI एजेंट्स को विकसित करने और बेहतर कार्यान्वयन पर निवेश
2️⃣ मार्केट में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और ग्राहकों तक अधिक पहुँच बनाने
3️⃣ नए उत्पाद नवाचारों के जरिए कार्यक्षमता बढ़ाने


🔍 Atomicwork क्या करता है?

सितंबर 2022 में स्थापित, Atomicwork कंपनियों को IT, HR, फाइनेंस, और अन्य बिजनेस फ़ंक्शन्स के लिए वर्कफ़्लो ऑटोमेशन सॉफ़्टवेयर प्रदान करता है।

📌 स्टार्टअप की तकनीक कंपनी के भीतर मौजूद “ट्राइबल नॉलेज” (गोपनीय व सामूहिक जानकारी) को इकट्ठा करती है, जो आमतौर पर डॉक्यूमेंट्स, विकी पेज, ईमेल थ्रेड्स, चैट कन्वर्सेशन और सूचना प्रणाली में बिखरी रहती है।
📌 इसकी AI-ड्रिवन टेक्नोलॉजी इन जानकारियों को स्वचालित रूप से प्रोसेस और विश्लेषण करके टीमों को त्वरित समाधान प्रदान करती है।
📌 स्टार्टअप IT सर्विस मैनेजमेंट (ITSM), HR वर्कफ़्लोज़, और इंटरप्राइज़ ऑपरेशंस को तेज़ और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एजेंटिक सर्विस मैनेजमेंट पर काम कर रहा है।


🗣️ संस्थापकों का विज़न

Atomicwork के सीईओ विजय रायपति ने कहा—
“हम एजेंटिक सर्विस मैनेजमेंट में अग्रणी हैं और IT वर्कफ़्लोज़ और इंटरप्राइज़ सेवाओं को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह निवेश हमारे विज़न को एक महत्वपूर्ण मान्यता देता है—जहां स्मार्ट IT टीमें व्यवसाय की वृद्धि को संचालित करेंगी और कंपनियां प्रौद्योगिकी से सशक्त होंगी, न कि उससे जूझ रही होंगी।”


📊 मार्केट में Atomicwork की स्थिति

✔ Atomicwork वर्तमान में बड़े इंटरप्राइज़ ग्राहकों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है।
✔ इसके प्रमुख ग्राहक बैंकों, बीमा कंपनियों, फिनटेक कंपनियों और बड़े IT संगठनों में शामिल हैं।
✔ स्टार्टअप भारत, अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने विस्तार की योजना बना रहा है।
✔ AI और SaaS स्टार्टअप्स की बढ़ती मांग को देखते हुए, Atomicwork तेज़ी से उभरते हुए कंपनियों में से एक बन गया है।


📌 निष्कर्ष

Atomicwork ने अपने AI-संचालित बिजनेस प्रोसेस ऑटोमेशन समाधानों के लिए बाज़ार में अच्छी पकड़ बना ली है।
$25 मिलियन की इस ताजा फंडिंग से, कंपनी अपने एंटरप्राइज़ AI एजेंट्स को और मजबूत करेगी और अपने मार्केट विस्तार को तेज़ करेगी।

AI और SaaS सेक्टर में बढ़ते निवेश के बीच, Atomicwork जैसे स्टार्टअप्स इंडस्ट्री को अधिक स्मार्ट, कुशल और तेज़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

🔹 क्या AI-संचालित IT वर्कफ़्लोज़ कंपनियों के लिए गेमचेंजर साबित होंगे? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं! 🚀

Read more :MapMyIndia ने Q3 FY25 में 24% की राजस्व वृद्धि दर्ज की

MapMyIndia ने Q3 FY25 में 24% की राजस्व वृद्धि दर्ज की

MapMyIndia

भारत की प्रमुख डिजिटल मैपिंग और लोकेशन-आधारित सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी MapmyIndia (CE Info Systems) ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) के लिए अपने आर्थिक नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने वर्ष-दर-वर्ष (YoY) 24% की राजस्व वृद्धि दर्ज की है, जो भारत में डिजिटल मैपिंग और IoT (Internet of Things) सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

MapmyIndia राजस्व में बढ़ोतरी

MapmyIndia का संचालन से प्राप्त राजस्व Q3 FY25 में बढ़कर ₹114.5 करोड़ हो गया, जबकि Q3 FY24 में यह ₹92 करोड़ था।

कंपनी के कुल राजस्व में 90% योगदान डिजिटल मैप डेटा, GPS नेविगेशन, लोकेशन-बेस्ड सेवाओं और IoT से आया, जो 32.5% बढ़कर ₹102.4 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, डिवाइस बिक्री से ₹12 करोड़ की आय हुई।


प्रमुख लागतें और मुनाफे में वृद्धि

कंपनी की लागतों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
IoT डिवाइस की लागत
कर्मचारियों को दिए जाने वाले लाभ
आउटसोर्स किए गए तकनीकी सेवाओं का खर्च

Q3 FY25 में MapMyIndia की कुल लागत ₹79.4 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹60.5 करोड़ थी। हालांकि, बढ़ते स्केल और मजबूत बाजार रणनीतियों के कारण, कंपनी ने 4.2% की शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की, जो ₹32.3 करोड़ तक पहुंच गई (Q3 FY24 में ₹31 करोड़ था)।


शेयर बाजार में स्थिति

MapMyIndia के शेयर की कीमत वर्तमान में ₹1,609 प्रति शेयर है और कंपनी का मार्केट कैप ₹8,753 करोड़ ($1 बिलियन) तक पहुंच गया है। यह भारत में डिजिटल मैपिंग और IoT क्षेत्र में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है


📈 वित्तीय प्रदर्शन में मजबूती

👉 कुल राजस्व वृद्धि

📌 MapMyIndia का कुल ऑपरेशनल राजस्व Q3 FY25 में ₹114.5 करोड़ हो गया, जो Q3 FY24 में ₹92 करोड़ था।
📌 सर्विस-आधारित राजस्व (डिजिटल मैप, नेविगेशन, IoT और लोकेशन-आधारित सेवाएं) ₹102.4 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32.5% अधिक है।
📌 डिवाइसेज़ की बिक्री से ₹12 करोड़ की आय हुई।

👉 लागत और मुनाफे में इज़ाफा

📌 कुल लागतें ₹79.4 करोड़ तक पहुंच गईं, जो पिछले वर्ष (Q3 FY24) में ₹60.5 करोड़ थीं।
📌 IoT डिवाइसेज़ की लागत, कर्मचारियों के वेतन और तकनीकी सेवाओं पर खर्च मुख्य लागत फैक्टर रहे।
📌 शुद्ध लाभ 4.2% बढ़कर ₹32.3 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि Q3 FY24 में यह ₹31 करोड़ था।


📊 MapMyIndia का बाजार में प्रदर्शन और शेयर मूल्य

📌 वर्तमान में कंपनी के शेयर ₹1,609 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे हैं
📌 कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) ₹8,753 करोड़ ($1 बिलियन) तक पहुंच चुका है
📌 यह भारत में डिजिटल मैपिंग और IoT उद्योग में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है


🚀 MapMyIndia की रणनीति और भविष्य की योजनाएं

कंपनी का GPS और लोकेशन-आधारित सेवाओं में विस्तार, IoT टेक्नोलॉजी में निवेश, और बढ़ती मांग इसे भारत में एक मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की ओर ले जा रही है। आगामी तिमाहियों में, MapMyIndia अपनी सेवाओं में और अधिक तकनीकी सुधार कर सकता है, जिससे उसके राजस्व और लाभ में और वृद्धि की संभावना है।

कंपनी का फोकस डिजिटल मैपिंग, GPS नेविगेशन और IoT टेक्नोलॉजी में नवाचार और विस्तार पर रहेगा।

🔹 नए क्षेत्रों में विस्तार – कंपनी भारत के अधिक शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपने मैपिंग और IoT समाधानों का विस्तार कर रही है।
🔹 AI और डेटा एनालिटिक्स पर निवेश – MapMyIndia अपने मैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा एनालिटिक्स के जरिए और बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है।
🔹 नई B2B और B2G साझेदारियां – कंपनी इंटरप्राइज़ और सरकारी एजेंसियों के साथ रणनीतिक गठजोड़ कर रही है।


🏆 MapMyIndia क्यों बना भारतीय डिजिटल मैपिंग का लीडर?

Make in India ब्रांड – भारतीय बाजार को समझते हुए, यह कंपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार टेक्नोलॉजी को कस्टमाइज़ करती है
IoT और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में गहरी पैठ – कई ऑटो कंपनियों और स्मार्ट सिटीज़ प्रोजेक्ट्स के साथ काम कर रही है।
विस्तृत मैपिंग डेटा – Google Maps के मुकाबले अधिक विस्तृत और सटीक भारतीय मैपिंग डेटा उपलब्ध कराती है।
सरकार और प्राइवेट सेक्टर में मजबूत पकड़ – स्मार्ट सिटीज़, इमरजेंसी सर्विसेज़ और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में मजबूत उपस्थिति।


📌 निष्कर्ष

MapMyIndia ने Q3 FY25 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है और यह भारतीय डिजिटल मैपिंग और लोकेशन-आधारित सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत खिलाड़ी बना हुआ है। कंपनी की नवाचार-आधारित रणनीतियां, IoT टेक्नोलॉजी में निवेश, और नए भौगोलिक विस्तार इसे आगामी तिमाहियों में अधिक तेज़ी से बढ़ने में मदद करेंगे।

📍 क्या MapMyIndia आने वाले वर्षों में Google Maps को टक्कर देगा? आपकी राय कमेंट में दें! 🚀

Read more :Online rummy platform A23 ने FY24 में मुनाफे में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की

Online rummy platform A23 ने FY24 में मुनाफे में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की

A23 Rummy

ऑनलाइन रम्मी प्लेटफॉर्म A23 Rummy ने वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में राजस्व में स्थिरता के बावजूद मुनाफे में 24% की वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि मुख्य रूप से खर्चों पर नियंत्रण और गैर-संचालन आय (non-operating income) में वृद्धि के कारण संभव हुई।

A23 Rummy राजस्व और मुनाफा

A23 Rummy का शुद्ध राजस्व (net revenue) FY24 में 841 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष (FY23) के 839 करोड़ रुपये के करीब है। हालांकि, कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू FY24 में 31% बढ़कर 1,378 करोड़ रुपये हो गया, जो FY23 में 1,051 करोड़ रुपये था।

कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।


मुनाफे में वृद्धि

कंपनी ने अपने मुनाफे में 24% की बढ़ोतरी हासिल की।

  • खर्चों पर नियंत्रण: A23 ने FY24 में अपने संचालन खर्चों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया।
  • गैर-संचालन आय: कंपनी ने गैर-संचालन आय के जरिए अतिरिक्त लाभ अर्जित किया।

ग्रॉस रेवेन्यू में वृद्धि के पीछे मुख्य कारण

कंपनी के ग्रॉस रेवेन्यू में 31% की वृद्धि कई कारकों के कारण हुई:

  1. उपयोगकर्ता आधार में वृद्धि: A23 ने अधिक खिलाड़ियों को प्लेटफॉर्म से जोड़ा।
  2. बढ़ते गेमिंग ट्रेंड्स: FY24 में ऑनलाइन गेमिंग के प्रति उपयोगकर्ताओं की रुचि बढ़ी।
  3. नई सेवाओं का परिचय: A23 ने अपने प्लेटफॉर्म पर नई सुविधाएं और ऑफर्स जोड़े।

खर्चों का विश्लेषण

कंपनी ने FY24 में अपने खर्चों पर कड़ी नजर रखी:

  • विज्ञापन और मार्केटिंग खर्च: FY24 में इस मद में 15% की कमी दर्ज की गई।
  • ऑपरेशन और टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स: ऑपरेशनल खर्च को सीमित रखते हुए कंपनी ने तकनीकी अपग्रेड्स पर ध्यान केंद्रित किया।

गैर-संचालन आय का योगदान

गैर-संचालन आय, जैसे कि ब्याज आय और निवेश रिटर्न, ने कंपनी के मुनाफे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • यह आय मुख्य रूप से A23 के निवेश पोर्टफोलियो और परिसंपत्ति प्रबंधन से उत्पन्न हुई।

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग का प्रभाव

भारत में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग FY24 में तेजी से बढ़ा है:

  1. बाजार का विस्तार: ऑनलाइन गेमिंग उद्योग का मूल्य FY24 में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
  2. मोबाइल और इंटरनेट एक्सेस: सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच ने इस उद्योग को बढ़ावा दिया।
  3. रम्मी जैसे खेलों की लोकप्रियता: रम्मी, लूडो, और फ़ैंटेसी गेम्स जैसे खेलों में उपयोगकर्ताओं की रुचि बढ़ी।

A23 का उपयोगकर्ता आधार और प्रतिस्पर्धा

A23 का उपयोगकर्ता आधार FY24 में और अधिक मजबूत हुआ।

  • प्रमुख खिलाड़ी: A23 भारत के सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन रम्मी प्लेटफॉर्म में से एक है।
  • प्रतिस्पर्धा: Dream11, MPL, और Junglee Rummy जैसे प्लेटफॉर्म्स से प्रतिस्पर्धा के बावजूद, A23 ने अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी।

भविष्य की योजनाएं

A23 FY25 में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकती है:

  1. टेक्नोलॉजी अपग्रेड: उपयोगकर्ता अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग।
  2. विस्तार: भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार की योजना।
  3. नए खेलों का लॉन्च: रम्मी के साथ अन्य गेमिंग ऑप्शंस को प्लेटफॉर्म पर जोड़ना।

A23 की चुनौतियां

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में कई चुनौतियां भी हैं:

  1. नियम और नियमन: गेमिंग उद्योग में कड़े नियमों और टैक्स नीतियों का प्रभाव पड़ सकता है।
  2. प्रतिस्पर्धा: नए प्लेटफॉर्म्स के आगमन से प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
  3. उपयोगकर्ताओं की प्राथमिकताएं: उपयोगकर्ताओं की बदलती पसंद को समझने और उन्हें बनाए रखने का दबाव।

निष्कर्ष

A23 ने FY24 में स्थिर राजस्व के बावजूद मुनाफे में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है।

  • कंपनी ने खर्चों पर नियंत्रण और गैर-संचालन आय का कुशलतापूर्वक उपयोग करते हुए अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया है।
  • FY25 में, A23 अपनी रणनीतिक पहलों के माध्यम से और अधिक विस्तार करने और ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास करेगा।

A23 की कहानी यह दर्शाती है कि कैसे रणनीतिक प्रबंधन और नवाचार एक प्रतिस्पर्धी उद्योग में सफलता दिला सकते हैं।

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