भारत का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर हर महीने नई ऊंचाइयों को छू रहा है। National Payments Corporation of India (NPCI) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, Unified Payments Interface (UPI) ने जुलाई 2025 में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस महीने कुल 19.47 बिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹25.08 लाख करोड़ रही।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में डिजिटल भुगतान का परिदृश्य लगातार तेज़ी से विस्तार कर रहा है, और UPI इसमें एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
🔢 जून की तुलना में मजबूत बढ़त
जुलाई में दर्ज UPI ट्रांजैक्शन जून 2025 के मुकाबले 5.8% अधिक रहे। जून में कुल 18.40 बिलियन ट्रांजैक्शन हुए थे, जिनकी वैल्यू ₹24.04 लाख करोड़ थी। वहीं ट्रांजैक्शन वैल्यू के लिहाज़ से 4.3% की ग्रोथ दर्ज की गई है।
- 📆 औसतन रोज़ाना 628 मिलियन ट्रांजैक्शन जुलाई में किए गए, जो अब तक की सबसे ऊँची दैनिक दरों में से एक है।
📊 सालाना वृद्धि भी दमदार
अगर हम सालाना तुलना करें, तो जुलाई 2024 की तुलना में जुलाई 2025 में UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 35% की ग्रोथ हुई है, जबकि ट्रांजैक्शन वैल्यू में 22% की वृद्धि दर्ज की गई है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि UPI केवल शहरी क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि भारत के कोने-कोने में लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
📱 कौन से UPI ऐप्स हैं टॉप पर?
हालांकि जुलाई 2025 के लिए ऐप-वाइज ब्रेकडाउन अब तक जारी नहीं हुआ है, लेकिन जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार:
- PhonePe ने 46.5% UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और लगभग 50% ट्रांजैक्शन वैल्यू को संभाला।
- Google Pay ने 35.6% वॉल्यूम और 35% वैल्यू के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
- Paytm तीसरे स्थान पर रहा, जिसके पास 6.9% वॉल्यूम और 5.6% वैल्यू की हिस्सेदारी थी।
📌 यह आंकड़े दिखाते हैं कि UPI सेगमेंट में PhonePe और Google Pay की पकड़ बेहद मज़बूत बनी हुई है, जबकि Paytm लगातार संघर्ष कर रहा है।
🌍 UPI का इंटरनेशनल विस्तार
भारत के इस डिजिटल चमत्कार ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। वर्तमान में UPI इन देशों में लाइव है:
- भूटान
- नेपाल
- मॉरीशस
- श्रीलंका
- सिंगापुर
- फ्रांस
- ओमान
- UAE
🗺️ NPCI अब कतर, थाईलैंड, मलेशिया और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भी UPI को विस्तारित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा UK, मालदीव, नामीबिया और ओमान जैसे देश भी UPI इंटीग्रेशन को एक्सप्लोर कर रहे हैं।
यह भारत की फिनटेक डिप्लोमेसी का हिस्सा है, जो डिजिटल इंडिया की ग्लोबल पहचान को मज़बूती दे रहा है।
💸 UPI पर अब शुल्क? ICICI Bank का नया कदम
अब तक UPI व्यापारियों के लिए एक फ्री पेमेंट मॉडल था, लेकिन अब इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
TheHeadandTale की रिपोर्ट के अनुसार, ICICI Bank ने अब बड़े मर्चेंट्स और पेमेंट एग्रीगेटर्स से UPI लेन-देन पर शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है।
यह कदम भारत के UPI इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि अब तक सरकार समर्थित नीति के तहत मर्चेंट्स से कोई चार्ज नहीं लिया जाता था।
- 💬 यह कदम भविष्य में अन्य बैंकों और कंपनियों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे मर्चेंट्स की लागत बढ़ सकती है।
- इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अब UPI लेन-देन पर धीरे-धीरे शुल्क लगना आम हो जाएगा?
🔮 भविष्य की दिशा: क्या कहता है यह ट्रेंड?
- ट्रांजैक्शन ग्रोथ दिखा रही है कि डिजिटल भुगतान भारत में जनजीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
- इंटरनेशनल विस्तार से भारत का फिनटेक मॉडल एक ग्लोबल एक्सपोर्ट बनता जा रहा है।
- चार्जिंग मॉडल का बदलाव आने वाले समय में सरकार और बैंकिंग नियामकों के बीच बहस और नीतिगत बदलाव की संभावना को जन्म दे सकता है।
📌 निष्कर्ष:
UPI न केवल भारत की डिजिटल क्रांति की रीढ़ बन चुका है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी अपने पैर जमा रहा है। जुलाई 2025 में हुए ₹25 लाख करोड़ से अधिक के ट्रांजैक्शन यह दिखाते हैं कि यह सिस्टम कितनी तेज़ी से भारतीय अर्थव्यवस्था में गहराई से जुड़ चुका है।
💡 लेकिन ICICI Bank जैसे बैंकों के शुल्क लगाने के फैसले इस सफलता मॉडल के भविष्य पर कुछ नए सवाल ज़रूर खड़े कर रहे हैं।
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