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Binny Bansal

फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक Binny Bansal ने डिजिटल पेमेंट्स कंपनी PhonePe के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा दे दिया है। बंसल 2016 से PhonePe के बोर्ड का हिस्सा थे, जब फ्लिपकार्ट ने इस फर्म का अधिग्रहण किया था। हालांकि, दिसंबर 2022 में PhonePe ने फ्लिपकार्ट से अपना परिचालन अलग कर लिया था।


PhonePe में हिस्सेदारी बरकरार

इस्तीफे के बावजूद बिन्नी बंसल ने PhonePe में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेची है। वह अभी भी कंपनी के सबसे बड़े व्यक्तिगत अल्पसंख्यक शेयरधारक बने हुए हैं।

इससे पहले, जनवरी 2024 में बंसल ने फ्लिपकार्ट से पूरी तरह से बाहर निकलने का फैसला किया था। उन्होंने फ्लिपकार्ट को अपने सह-संस्थापक सचिन बंसल के साथ मिलकर शुरू किया था।


PhonePe ने किया नए स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति

PhonePe ने बिन्नी बंसल के इस्तीफे के बाद Binny Bansal को स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) और अपनी ऑडिट कमेटी के चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया है।

मनीष सभरवाल की भूमिका:

  • PhonePe के वित्तीय रिपोर्टिंग, आंतरिक नियंत्रण, और जोखिम प्रबंधन प्रक्रियाओं की निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे।
  • कंपनी की ऑडिट कमेटी के चेयरमैन के रूप में, वह PhonePe की वित्तीय अखंडता सुनिश्चित करेंगे।

कौन हैं मनीष सभरवाल?

  • टीमलीज सर्विसेज के वाइस चेयरमैन:
    • भारत की सबसे बड़ी स्टाफिंग और मानव संसाधन कंपनी।
  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पूर्व स्वतंत्र निदेशक।
  • भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की सलाहकार समिति के सदस्य।
  • नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के गवर्निंग बोर्ड सदस्य।

PhonePe के लिए मनीष का महत्व:

PhonePe के संस्थापक और CEO समीर निगम ने मनीष सभरवाल की नियुक्ति पर कहा:

“भारत की मैक्रो इकॉनमी को लेकर उनकी गहरी समझ और शिक्षा, रोजगार, और कौशल विकास में उनके नेतृत्व से PhonePe को बहुत फायदा मिलेगा। हमारा साझा विजन है कि भारत को 2047 तक एक विकसित देश (Viksit Bharat) के रूप में स्थापित करें।”


PhonePe: भारत की अग्रणी डिजिटल पेमेंट्स कंपनी

PhonePe भारत में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है। फ्लिपकार्ट से अलग होने के बाद, कंपनी ने तेजी से अपनी पहचान बनाई है और वित्तीय सेवाओं, बीमा, और निवेश जैसे नए क्षेत्रों में कदम रखा है।

PhonePe की हालिया उपलब्धियां:

  • बाजार में अग्रणी स्थिति:
    • डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में PhonePe का बड़ा हिस्सा है।
  • नए उत्पादों और सेवाओं की पेशकश:
    • बीमा, म्यूचुअल फंड निवेश, और गोल्ड खरीद जैसे क्षेत्रों में विस्तार।

2047 का विजन:

PhonePe का लक्ष्य है कि वह भारत के डिजिटल और आर्थिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए और इसे 2047 तक एक विकसित देश बनाने में सहयोग करे।


बिन्नी बंसल का योगदान और भविष्य की योजनाएं

PhonePe में योगदान:

बोर्ड में रहते हुए बंसल ने PhonePe के शुरुआती चरणों में रणनीतिक निर्णयों में अहम भूमिका निभाई। उनका अनुभव और विशेषज्ञता कंपनी के विकास में महत्वपूर्ण साबित हुए।

फ्लिपकार्ट से PhonePe तक की यात्रा:

  • बंसल ने फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक के रूप में भारत में ई-कॉमर्स का चेहरा बदल दिया।
  • PhonePe के साथ, उन्होंने डिजिटल पेमेंट्स और वित्तीय सेवाओं में एक नई क्रांति की शुरुआत की।

आगे की योजनाएं:

हालांकि बंसल ने PhonePe के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह अपनी हिस्सेदारी बनाए रखते हुए भविष्य में अपने अन्य उद्यमों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।


PhonePe और भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य

PhonePe जैसे प्लेटफॉर्म भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक बड़ा योगदान दे रहे हैं। नई नियुक्तियां और इस्तीफे, कंपनी की संरचना और संचालन को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए हैं।

मनीष सभरवाल की भूमिका:

उनका अनुभव और विशेषज्ञता कंपनी को अधिक वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा। उनके साथ, PhonePe न केवल अपने वित्तीय पहलुओं को मजबूत करेगा बल्कि रणनीतिक नीतियों के जरिए नए क्षेत्रों में भी विस्तार करेगा।

बिन्नी बंसल की विरासत:

हालांकि वह अब PhonePe के बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनका योगदान हमेशा कंपनी के इतिहास का एक अहम हिस्सा रहेगा।


निष्कर्ष

बिन्नी बंसल के इस्तीफे और मनीष सभरवाल की नियुक्ति के साथ, PhonePe ने अपने विकास और स्थिरता को लेकर एक नई दिशा तय की है।

PhonePe का लक्ष्य:

  1. 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन में योगदान।
  2. डिजिटल सेवाओं का विस्तार और अधिक नवाचार।
  3. अपने ग्राहकों के लिए सुरक्षित और प्रभावी वित्तीय समाधान प्रदान करना।

PhonePe और भारतीय डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम के लिए यह एक नया अध्याय है, जो आने वाले वर्षों में नए अवसर और चुनौतियां लेकर आएगा।

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