ग्लोबल पैकेज्ड सीफूड सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म Captain Fresh एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी ने हाल ही में अपने IPO (Initial Public Offering) से जुड़े ड्राफ्ट पेपर्स वापस लेने के बाद अब एक नया ₹120 करोड़ (लगभग $13.3 मिलियन) का इक्विटी फंडिंग राउंड जुटाने की तैयारी की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस निवेश राउंड का नेतृत्व खुद कंपनी के फाउंडर और सीईओ Utham Gowda कर रहे हैं। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
💰 फाउंडर खुद करेंगे सबसे बड़ा निवेश
सूत्रों के अनुसार इस नए फंडिंग राउंड में लगभग ₹100 करोड़ का निवेश Utham Gowda खुद करेंगे। यह निवेश उनकी निजी इकाई Tigerlily Properties के माध्यम से किया जाएगा।
फिलहाल Captain Fresh में Utham Gowda की हिस्सेदारी करीब 17% है। इस निवेश के बाद उनकी हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 19% तक पहुंच सकती है।
इस राउंड में बाकी पूंजी अन्य निवेशकों द्वारा दी जाएगी, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- Avanti Feeds
- Veer Growth Fund
- और कुछ अन्य निवेशक
हालांकि इन निवेशकों के निवेश की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की गई है।
🌍 हाल ही में मिला ₹290 करोड़ का सस्टेनेबिलिटी फाइनेंस
इस नए निवेश से पहले Captain Fresh ने हाल ही में एक और बड़ी फंडिंग हासिल की थी। कंपनी को ₹290 करोड़ का sustainability-linked financing मिला था।
यह निवेश वैश्विक इम्पैक्ट निवेशक Blue Earth Capital की ओर से किया गया था।
इस तरह पिछले कुछ समय में कंपनी ने कई बड़े निवेश हासिल किए हैं, जिससे उसके विस्तार की योजनाओं को मजबूती मिली है।
🏢 क्या करता है Captain Fresh?
साल 2020 में स्थापित Captain Fresh एक टेक-ड्रिवन B2B सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म है, जो पैकेज्ड सीफूड के व्यापार को डिजिटल तरीके से संचालित करता है।
यह प्लेटफॉर्म मछली और अन्य सीफूड उत्पादों को:
- फिशरीज
- सप्लायर्स
- प्रोसेसिंग यूनिट्स
- और ग्लोबल खरीदारों
के बीच कनेक्ट करता है।
कंपनी का ऑपरेशन केवल भारत तक सीमित नहीं है। इसके नेटवर्क का विस्तार कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हो चुका है, जैसे:
- अमेरिका
- यूरोप
- मिडिल ईस्ट
- भारत
इस ग्लोबल नेटवर्क की वजह से कंपनी तेजी से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
📈 IPO की तैयारी और DRHP वापसी
Captain Fresh पहले भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रहा था। कंपनी ने IPO के लिए ₹1,700 करोड़ जुटाने की योजना बनाई थी।
इसके लिए कंपनी ने Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) भी दाखिल किया था।
हालांकि हाल ही में कंपनी ने अपने IPO ड्राफ्ट पेपर्स वापस ले लिए।
कंपनी के अनुसार यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि वह फिलहाल एक नई कंपनी के अधिग्रहण (acquisition) को पूरा करने पर ध्यान दे रही है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका IPO प्लान पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी दोबारा IPO के लिए नए सिरे से आवेदन करेगी।
💵 IPO से पहले जुटाई थी प्री-IPO फंडिंग
IPO से पहले Captain Fresh ने ₹250 करोड़ की प्री-IPO फंडिंग भी जुटाई थी।
इस राउंड का नेतृत्व कई बड़े निवेशकों ने किया था, जिनमें शामिल हैं:
- Prosus Ventures
- Accel
- Tiger Global
इन निवेशकों का समर्थन कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति में अहम भूमिका निभा रहा है।
🌐 अधिग्रहण के जरिए बढ़ा ग्लोबल विस्तार
Captain Fresh ने हाल के वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का अधिग्रहण भी किया है।
इनमें प्रमुख हैं:
- CenSea – अमेरिका की एक सीफूड इम्पोर्ट कंपनी
- Senecrus – फ्रांस की सीफूड कंपनी
- Koral – पोलैंड की सैल्मन कंपनी
इन अधिग्रहणों की मदद से Captain Fresh ने यूरोप और अमेरिका के बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की है।
📊 FY25 में शानदार ग्रोथ
वित्त वर्ष 2025 (FY25) में Captain Fresh ने तेज ग्रोथ दर्ज की है।
कंपनी का Gross Merchandise Value (GMV) 145% बढ़कर ₹3,421 करोड़ तक पहुंच गया।
यह तेज वृद्धि मुख्य रूप से हाल के अधिग्रहणों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग के कारण हुई है।
🔎 आगे की रणनीति
नए निवेश और अधिग्रहण के साथ Captain Fresh की रणनीति स्पष्ट है — वैश्विक सीफूड सप्लाई चेन में एक प्रमुख टेक-प्लेटफॉर्म बनना।
अगर कंपनी अपनी ग्रोथ और अधिग्रहण की रणनीति को इसी तरह जारी रखती है, तो आने वाले वर्षों में यह ग्लोबल सीफूड मार्केट में एक बड़ा खिलाड़ी बन सकती है।
IPO की योजना फिलहाल टली जरूर है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब कंपनी दोबारा IPO के लिए आवेदन करेगी, तब निवेशकों की रुचि काफी अधिक हो सकती है।
क्योंकि टेक-ड्रिवन सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म और ग्लोबल फूड ट्रेड सेक्टर में Captain Fresh की मजबूत मौजूदगी इसे निवेश के लिए एक आकर्षक कंपनी बनाती है।











