डिजिटल युग में पहचान सत्यापन (Identity Verification), धोखाधड़ी रोकथाम (Fraud Detection) और डेटा गोपनीयता (Privacy Compliance) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती जरूरत के बीच ट्रस्ट और रेगटेक प्लेटफॉर्म IDfy ने सीरीज F फंडिंग राउंड में 476 करोड़ रुपये (करीब 53 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं।
यह निवेश प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों प्रकार के लेनदेन का मिश्रण है। इस राउंड का नेतृत्व Neo Asset Management ने अपने Neo Secondaries Fund के जरिए किया। इसके अलावा मौजूदा निवेशकों Blume Ventures, Analog Capital, Elev8, IndiaMART और Kae Capital ने भी भागीदारी की।
💰 फंडिंग का उपयोग कैसे होगा?
इस फंडिंग के प्राइमरी हिस्से का उपयोग कंपनी तीन मुख्य उद्देश्यों के लिए करेगी:
- रणनीतिक अधिग्रहण (Strategic Acquisitions)
- नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार
- उत्पाद पोर्टफोलियो का और विकास
वहीं, सेकेंडरी हिस्से के जरिए शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों को आंशिक एग्जिट और लिक्विडिटी मिलेगी।
🏢 2011 में हुई थी शुरुआत
IDfy की स्थापना 2011 में हुई थी। कंपनी ने डिजिटल भरोसे (Digital Trust) को मजबूत करने के उद्देश्य से एक इंटीग्रेटेड “TrustStack” प्लेटफॉर्म विकसित किया है।
इस प्लेटफॉर्म के तहत कंपनी निम्न सेवाएं प्रदान करती है:
- डिजिटल ऑनबोर्डिंग
- जोखिम प्रबंधन (Risk Mitigation)
- धोखाधड़ी पहचान (Fraud Detection)
- डेटा गोपनीयता गवर्नेंस (Privacy Governance)
आज IDfy 10 से अधिक सेक्टर्स में 500 से ज्यादा एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सेवा दे रही है। कंपनी हर साल 500 मिलियन से अधिक वेरिफिकेशन चेक्स करती है।
🌍 सात देशों में मौजूदगी
IDfy का संचालन सात देशों में फैला हुआ है, जिनमें भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व के देश शामिल हैं।
डिजिटल ट्रांजैक्शन्स में तेजी, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और रेगुलेटरी नियमों में बदलाव के कारण वैश्विक स्तर पर रेगटेक समाधान की मांग बढ़ी है।
📜 भारत में रेगटेक सेक्टर को मिला बढ़ावा
भारत में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के लागू होने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट में बढ़ोतरी ने रेगटेक कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सरकार की सख्ती ने कंपनियों को मजबूत पहचान सत्यापन और अनुपालन समाधान अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
ऐसे माहौल में IDfy जैसी कंपनियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
📊 अब तक जुटा चुकी है 120 मिलियन डॉलर से ज्यादा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IDfy अब तक कुल 120 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटा चुकी है।
इससे पहले कंपनी ने 27 मिलियन डॉलर का एक राउंड भी जुटाया था, जिसमें Elev8, KB Investment और Tenacity जैसे निवेशकों ने भाग लिया था।
लगातार मिल रही फंडिंग यह दर्शाती है कि निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल और विकास क्षमता पर भरोसा है।
📈 वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में IDfy का परिचालन राजस्व 186 करोड़ रुपये रहा, जो FY24 के 145 करोड़ रुपये से अधिक है।
सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने FY25 में 1.6 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में उसे घाटा हुआ था।
यह बदलाव दर्शाता है कि कंपनी न केवल राजस्व बढ़ा रही है, बल्कि लाभप्रदता की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है।
🔍 क्यों बढ़ रही है पहचान सत्यापन की मांग?
डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सेवाओं में तेज वृद्धि ने पहचान सत्यापन को बेहद जरूरी बना दिया है।
- फर्जी अकाउंट्स
- ऑनलाइन धोखाधड़ी
- डेटा लीक
- मनी लॉन्ड्रिंग
जैसी समस्याओं से निपटने के लिए कंपनियां एडवांस्ड टेक्नोलॉजी आधारित समाधान अपना रही हैं।
AI और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग से अब पहचान सत्यापन और जोखिम विश्लेषण पहले से अधिक सटीक और तेज हो गया है।
🚀 आगे की रणनीति
नई फंडिंग के साथ IDfy अपने प्लेटफॉर्म को और मजबूत बनाने की योजना बना रही है।
संभावित अधिग्रहणों के जरिए कंपनी नई टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञता जोड़ सकती है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार से उसका वैश्विक ग्राहक आधार बढ़ेगा।
रेगुलेटरी जरूरतें लगातार बदल रही हैं, ऐसे में लचीले और स्केलेबल समाधान देने वाली कंपनियों को बड़ा अवसर मिल सकता है।
✨ निष्कर्ष
IDfy द्वारा 476 करोड़ रुपये की ताजा फंडिंग जुटाना इस बात का संकेत है कि डिजिटल ट्रस्ट और रेगटेक सेक्टर में जबरदस्त संभावनाएं मौजूद हैं।
डिजिटल ट्रांजैक्शन्स के बढ़ते दायरे और डेटा सुरक्षा कानूनों की सख्ती ने इस उद्योग को नई दिशा दी है।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, वैश्विक विस्तार और तकनीकी नवाचार के साथ IDfy आने वाले वर्षों में भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।
डिजिटल दुनिया में भरोसा ही सबसे बड़ी पूंजी है — और IDfy उसी भरोसे को तकनीक के जरिए सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। 🔐📊
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