भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके Unified Payments Interface (UPI) पर फरवरी महीने में भी प्रमुख थर्ड-पार्टी ऐप्स का दबदबा बना रहा। इस दौरान PhonePe ने एक बार फिर सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर अपना नंबर-वन स्थान बरकरार रखा।
आंकड़ों के अनुसार Google Pay दूसरे स्थान पर रहा, जबकि Paytm तीसरे स्थान पर बना रहा। यह जानकारी National Payments Corporation of India द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों से सामने आई है।
डिजिटल पेमेंट के लगातार बढ़ते उपयोग के बीच UPI प्लेटफॉर्म पर हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट मार्केट्स में से एक बन चुका है।
🏆 PhonePe बना सबसे बड़ा UPI ऐप
फरवरी में PhonePe ने कुल 9.28 अरब (billion) ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए। इन ट्रांजैक्शनों का कुल मूल्य लगभग ₹13,10,392.95 करोड़ रहा।
इस प्रदर्शन के साथ PhonePe ने पूरे UPI इकोसिस्टम में:
- 45.5% ट्रांजैक्शन वॉल्यूम शेयर
- 48.8% ट्रांजैक्शन वैल्यू शेयर
हासिल किया।
PhonePe को वैश्विक रिटेल कंपनी Walmart का समर्थन प्राप्त है और यह भारत के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है।
किराना दुकानों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट तक, PhonePe का इस्तेमाल देशभर में तेजी से बढ़ रहा है।
🥈 Google Pay दूसरे स्थान पर
UPI प्लेटफॉर्म पर दूसरा सबसे बड़ा ऐप Google Pay रहा।
फरवरी के दौरान Google Pay ने:
- 6.76 अरब ट्रांजैक्शन
- कुल ₹9,03,051.60 करोड़ का भुगतान
प्रोसेस किया।
इस तरह प्लेटफॉर्म ने:
- 33.2% वॉल्यूम शेयर
- 33.6% वैल्यू शेयर
हासिल किया।
Google Pay लंबे समय से भारत में PhonePe का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी रहा है। दोनों प्लेटफॉर्म्स के बीच UPI बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है।
🥉 Paytm तीसरे स्थान पर कायम
तीसरे स्थान पर Paytm रहा।
फरवरी में Paytm ने:
- 1.59 अरब ट्रांजैक्शन
- कुल ₹1,74,128.86 करोड़ का भुगतान
प्रोसेस किया।
इस प्रदर्शन के साथ Paytm का:
- 7.8% ट्रांजैक्शन वॉल्यूम शेयर
- 6.5% वैल्यू शेयर
रहा।
हालांकि PhonePe और Google Pay के मुकाबले Paytm का बाजार हिस्सा काफी कम है, लेकिन फिर भी यह भारत के प्रमुख डिजिटल पेमेंट ऐप्स में शामिल है।
📊 जनवरी के मुकाबले थोड़ा कम रहा ट्रांजैक्शन
फरवरी में ट्रांजैक्शन संख्या जनवरी के मुकाबले थोड़ी कम रही। इसकी मुख्य वजह फरवरी महीने में दिनों की संख्या कम होना है।
जनवरी में:
- PhonePe ने 9.91 अरब ट्रांजैक्शन
- Google Pay ने 7.23 अरब ट्रांजैक्शन
- Paytm ने 1.66 अरब ट्रांजैक्शन
प्रोसेस किए थे।
जनवरी में पूरे UPI नेटवर्क पर कुल 21.7 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए थे।
📱 अन्य फिनटेक ऐप्स की स्थिति
UPI इकोसिस्टम में कई अन्य फिनटेक ऐप्स भी तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं।
चौथे स्थान पर Navi रहा, जिसने:
- 650.28 मिलियन ट्रांजैक्शन
- कुल ₹36,563 करोड़
प्रोसेस किए।
इसके बाद पांचवें स्थान पर super.money रहा, जिसने:
- 289.32 मिलियन ट्रांजैक्शन
- कुल ₹12,314.08 करोड़
का भुगतान प्रोसेस किया।
🇮🇳 सरकारी ऐप BHIM और अन्य प्लेटफॉर्म
सरकार समर्थित ऐप BHIM भी इस सूची में शामिल है।
फरवरी में BHIM ऐप ने:
- 175.93 मिलियन ट्रांजैक्शन
- कुल ₹21,263.92 करोड़
का भुगतान प्रोसेस किया।
इसके अलावा FamApp ने:
- 149.06 मिलियन ट्रांजैक्शन
- कुल ₹1,898.62 करोड़
का भुगतान प्रोसेस किया।
💳 CRED में बड़े टिकट साइज के ट्रांजैक्शन
सूची में आठवें स्थान पर CRED रहा।
इस प्लेटफॉर्म ने:
- 145.98 मिलियन ट्रांजैक्शन
प्रोसेस किए, लेकिन इन ट्रांजैक्शनों की कुल वैल्यू ₹54,045.92 करोड़ रही।
यह दर्शाता है कि CRED पर औसत ट्रांजैक्शन साइज अन्य ऐप्स की तुलना में काफी बड़ा है, क्योंकि इसका उपयोग अक्सर क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान जैसे बड़े भुगतान के लिए किया जाता है।
🏦 बैंक ऐप्स और WhatsApp Pay
बैंक द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म्स में Axis Bank के ऐप्स ने:
- 132.11 मिलियन ट्रांजैक्शन
- कुल ₹12,157.93 करोड़
का भुगतान प्रोसेस किया।
वहीं WhatsApp Pay ने टॉप-10 सूची में जगह बनाते हुए:
- 112.89 मिलियन ट्रांजैक्शन
- कुल ₹8,557.08 करोड़
का भुगतान प्रोसेस किया।
📈 पूरे UPI इकोसिस्टम का प्रदर्शन
फरवरी में पूरे UPI नेटवर्क पर कुल:
- 20,394.18 मिलियन (लगभग 20.39 अरब) ट्रांजैक्शन
- कुल ₹26,84,229.29 करोड़
मूल्य के भुगतान दर्ज किए गए।
हालांकि कुल ट्रांजैक्शन जनवरी के मुकाबले थोड़ा कम रहे, लेकिन औसत दैनिक ट्रांजैक्शन बढ़कर 728 मिलियन हो गए।
जनवरी में यह आंकड़ा लगभग 700 मिलियन था।
🔎 निष्कर्ष
UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और हर महीने नए रिकॉर्ड बना रहा है।
इस इकोसिस्टम में PhonePe और Google Pay का दबदबा फिलहाल साफ दिखाई देता है, जबकि Paytm तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
इसके साथ ही Navi, CRED और WhatsApp Pay जैसे नए प्लेटफॉर्म भी तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए आने वाले वर्षों में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या और भी तेजी से बढ़ने की संभावना है।











