🚀 Groww India के Q2 FY26 नतीजे रेवेन्यू घटा लेकिन मुनाफा बढ़ा,

Groww

डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Groww India ने अपने Q2 FY26 के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में रेवेन्यू में 9% की गिरावट दर्ज की है, लेकिन इसके बावजूद Groww ने 471 करोड़ रुपए का प्रॉफिट कमाया है। यह तिमाही इसलिए भी अहम है क्योंकि कंपनी ने इसी महीने भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी मजबूत लिस्टिंग की थी।


📉 रेवेन्यू में 9.4% की गिरावट – क्या वजह रही?

Groww का रेवेन्यू Q2 FY26 में 1,125 करोड़ रुपए से गिरकर 1,019 करोड़ रुपए रह गया।
इसके पीछे मुख्य कारण है:

  • SEBI के true-to-label सर्कुलर के बाद
  • डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी
  • और कुल मार्केट एक्टिविटी का धीमा होना

कंपनी के अनुसार, यह गिरावट उद्योग भर पर देखने को मिली है, केवल Groww तक सीमित नहीं है।


💰 फिर भी 471 करोड़ का प्रॉफिट – कैसे हुआ?

जहाँ रेवेन्यू घटा, वहीं Groww ने अपने कुल खर्चों (expenses) में भारी कटौती की।
सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला:

✔️ Employee expenses में 53% कमी

Q2 FY25 में यह खर्च
➡️ 264 करोड़ रुपए था
Q2 FY26 में
➡️ सिर्फ 124 करोड़ रुपए

✔️ कुल खर्च 37% घटे

कुल खर्च:

  • Q2 FY25 → 690 करोड़ रुपए
  • Q2 FY26 → 432 करोड़ रुपए

कम खर्च होने का सीधा असर मुनाफे पर पड़ा और कंपनी ने 12% अधिक प्रॉफिट दर्ज किया।


🧮 कुल मिलाकर 1,071 करोड़ की तिमाही आय

Groww को Q2 FY26 में:

  • 1,019 करोड़ रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस
  • 52 करोड़ अन्य आय (Other Income)

इस तरह कंपनी की कुल आय 1,071 करोड़ रुपए रही।

Q1 FY26 की तुलना में यह 13% की तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) ग्रोथ है।


📊 H1 FY26: आधे साल का प्रदर्शन कैसा रहा?

  • कुल रेवेन्यू H1 FY25 के 2,126 करोड़ से घटकर
  • H1 FY26 में 1,923 करोड़ रह गया (9.5% गिरावट)

लेकिन

  • H1 FY26 प्रॉफिट – 850 करोड़
  • H1 FY25 प्रॉफिट – 758 करोड़

यानी 12% की बढ़ोतरी


📈 Groww की धमाकेदार IPO लिस्टिंग 🔥

Groww India का IPO इस साल का सबसे चर्चित IPO रहा।

💸 IPO Highlights

  • IPO साइज: Rs 6,632 करोड़
    • Fresh Issue: 1,060 करोड़
    • OFS: 5,572 करोड़

📊 सब्सक्रिप्शन विवरण

  • कुल सब्सक्रिप्शन: 17.6X
  • Retail हिस्सा: 9.43X
  • QIBs: 22.02X
  • NIIs: 14.2X

🏦 लिस्टिंग

  • BSE पर ओपनिंग: Rs 114 (14% प्रीमियम)
  • NSE पर ओपनिंग: Rs 112

Grey Market Premium (GMP) सिर्फ 3% था, लेकिन असल लिस्टिंग उससे काफी बेहतर रही।


💹 शेयर प्राइस और मार्केट कैप

लेखन के समय Groww का शेयर

  • Rs 164 पर ट्रेड कर रहा है
  • कंपनी का मार्केट कैप: Rs 1,01,166 करोड़
    यानी लगभग $11.4 बिलियन

यह Groww को भारत की सबसे वैल्यूएबल फाइनेंशियल टेक कंपनियों की सूची में काफी ऊपर ले जाता है।


⚠️ Groww के सामने चुनौतियाँ भी कम नहीं

हालाँकि Groww ने मुनाफे में मजबूती दिखाई है, पर ऑपरेशनल मोर्चे पर कुछ दबाव साफ दिख रहा है:

◾ NSE Active Clients में गिरावट

पूरे उद्योग की तरह Groww के एक्टिव क्लाइंट्स भी कम हुए हैं।

◾ रेवेन्यू पर दबाव

डेरिवेटिव ट्रेडिंग कम होने की वजह से मुख्य आय में गिरावट आई है।

◾ Customer Acquisition Cost (CAC) बढ़ा

मार्केटिंग खर्च बढ़ने से CAC भी ऊँचा हुआ है — यह आने वाले महीनों की ग्रोथ रणनीति को प्रभावित कर सकता है।


🚀 फिर भी Groww क्यों मजबूत स्थिति में है?

  • खर्चों पर सख्त नियंत्रण
  • मजबूत ब्रांड पहचान
  • Growing retail participation
  • IPO से मिली नई पूँजी
  • Mutual funds + Bonds + Derivatives + 915 Pro Terminal जैसे प्रोडक्ट्स से diversified मॉडल

इन सबकी वजह से Groww एक मजबूत और हाई-मार्जिन प्रोफाइल बनाए हुए है।


📝 निष्कर्ष: Groww की कहानी अभी और आगे जाएगी 📈

Q2 FY26 Groww के लिए एक मिश्रित तिमाही रही—
रेवेन्यू कम हुआ, लेकिन मुनाफा बढ़ गया।
यूज़र ग्रोथ धीमी पड़ी, लेकिन IPO में जबरदस्त विश्वास मिला।

भारतीय फिनटेक और इन्वेस्टमेंट सेक्टर के लिए Groww का यह सफर साबित करता है कि:

👉 प्रॉफिट सिर्फ रेवेन्यू से नहीं, बल्कि ऑपरेशनल अनुशासन से आता है।
👉 IPO के बाद Groww अब एक परिपक्व, विस्तार-के-तैयार ब्रांड बन चुका है।

आने वाले क्वार्टर यह तय करेंगे कि कंपनी धीमे होते मार्केट के बीच अपने विकास पथ को कितनी मजबूती से बनाए रखती है।

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🚀 Groww का Q2 FY26 रिज़ल्ट मुनाफ़ा बढ़ा, पर ग्रोथ की रफ्तार धीमी

Groww

भारत की सबसे बड़ी रिटेल इन्वेस्टिंग प्लेटफ़ॉर्म्स में से एक Groww ने FY26 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी ने मुनाफ़े में मज़बूती दिखाई है, लेकिन राजस्व, यूज़र एक्टिविटी, CAC और कैश बैलेंस में कई चुनौतियाँ उभरकर सामने आई हैं। यानी तिमाही नतीजे मिश्रित संकेत दे रहे हैं।


📈 कमाई का ग्राफ ऊपर, लेकिन कहानी उतनी सीधी नहीं

Groww ने Q2 FY26 में ₹1,071 करोड़ की कुल आय दर्ज की, जबकि कर के बाद मुनाफ़ा (PAT) ₹471 करोड़ रहा — यह कागज़ों पर 12% YoY की वृद्धि है।

लेकिन असली तस्वीर थोड़ी अलग है।

पिछले साल इस अवधि में Groww ने करीब ₹159.3 करोड़ का एक बार का long-term incentive reversal किया था, जिससे बेस इफेक्ट बदल गया था।

➡️ इस समायोजन को हटाकर देखें तो मुनाफ़ा वास्तव में 12–13% घटा है, जो कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में आए 9% YoY गिरावट से मेल खाता है।


📉 राजस्व में गिरावट — SEBI की नई गाइडलाइन का असर

Groww का operating revenue 9% YoY गिरकर ₹1,019 करोड़ पर आ गया।

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह है:

📝 SEBI का True-to-Label सर्कुलर

जिसके बाद derivatives ट्रेडिंग वॉल्यूम धीमा पड़ गया — और derivatives Groww के लिए बड़ा रेवेन्यू ड्राइवर थे।


👥 यूज़र एक्टिविटी दबाव में — Active Clients में गिरावट

Groww के NSE active clients घटकर 11.9 मिलियन रह गए, जबकि कुछ महीने पहले यह 13.2 मिलियन थे।

यह गिरावट पूरे उद्योग में slowdown से जुड़ी है — पूरे NSE active user base भी जनवरी 2025 के 50.2 मिलियन से गिरकर Q2 के अंत तक 45.3 मिलियन हो गया।

हालांकि अक्टूबर में शुरुआती रिकवरी दिखी है:

🔹 Groww का मार्केट शेयर बढ़कर 26.6% हो गया (पिछले साल 25.6%)
🔹 कुल transacting users 5% बढ़कर 19 मिलियन
🔹 ग्राहक संपत्ति 2% बढ़कर ₹2.7 ट्रिलियन


🛒 Fisdom का अधिग्रहण — Groww की बैलेंस शीट पर बड़ा असर

Groww ने अक्टूबर में ₹961 करोड़ में Fisdom का अधिग्रहण पूरा किया।

💡 Fisdom की पिछले साल की आय ₹166 करोड़ थी।
➡️ यह Q3 FY26 से Groww के रेवेन्यू को 3–4% तक बढ़ाएगा


💸 Cost to Grow बढ़ा — CAC में भारी उछाल

कंपनी के खर्चों में भी तेज़ उछाल दर्ज हुआ है:

  • Cost to grow: 23% YoY वृद्धि
  • QoQ: 15% वृद्धि
  • Performance marketing: 48% उछाल

सबसे महत्वपूर्ण:

⚠️ Groww का CAC

  • H1 FY26: ₹1,374
  • H1 FY25: ₹796

यानी CAC लगभग 73% बढ़ गया, जो भविष्य की ग्रोथ के लिए चिंता का संकेत है।


🏦 कैश बैलेंस 6% घटा — वजहें क्या रहीं?

Groww का cash balance ₹3,819 करोड़ से घटकर ₹3,599 करोड़ हो गया।

कारण:
✔️ MTF और LAS portfolios में कैपिटल डिप्लॉयमेंट
✔️ ऋण चुकाने में पैसा खर्च
✔️ Fisdom acquisition से निकला कैश


🛠️ नए प्रोडक्ट — Commodity derivatives और 915 Terminal

Groww ने Q2 में कई नए प्रोडक्ट लॉन्च किए:

🌾 Commodity Derivatives

  • Daily users: 7,000–8,000
  • Revenue contribution फिलहाल <1%

💻 “915” Desktop Terminal

एडवांस्ड ट्रेडर्स के लिए लॉन्च किया गया।

💰 Bond IPOs

Retail मार्केट में 5–6% मार्केट शेयर कैप्चर किया।


🔍 तिमाही का सार: मुनाफ़ा बढ़ा, लेकिन ऑपरेशंस दबाव में

Groww ने अच्छा मुनाफ़ा तो दिखाया है, लेकिन underlying trends उतने मज़बूत नहीं हैं:

👍 पॉज़िटिव

  • PAT मजबूत
  • मार्केट शेयर में सुधार
  • Fisdom integration का फायदा आएगा
  • नए प्रोडक्ट्स लॉन्च

👎 नेगेटिव

  • Revenue गिरा
  • Active clients कम हुए
  • CAC बढ़ा
  • Cash reserves घटे
  • Derivatives activity डाउन

🔮 आगे का रास्ता — Groww के लिए चुनौतीपूर्ण तिमाहियाँ?

Expert view के अनुसार:
Groww अगले कुछ महीनों में दोहरी चुनौती का सामना करेगा:

  1. Revenue engines को फिर से तेज़ करना — खासकर derivatives और नए lending products
  2. High-margin profile को बनाए रखना, जबकि retail investing cycle ठंडी पड़ रही है

Fisdom के जुड़ने और नए प्रोडक्ट्स की ग्रोथ से आने वाले quarters में स्थिति बेहतर हो सकती है। लेकिन CAC और cash burn पर काबू पाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

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💥Groww की जबरदस्त एंट्री! IPO में दिखा निवेशकों का जोश, शेयर 14% प्रीमियम पर लिस्टेड📈

Groww

भारतीय स्टॉक मार्केट में आज एक बड़ा दिन रहा जब डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Groww ने ज़बरदस्त डेब्यू किया। कंपनी का शेयर BSE पर ₹114 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुआ, जो इसके इश्यू प्राइस से 14% प्रीमियम है। वहीं NSE पर शेयर ₹112 के भाव पर ओपन हुआ। यह प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा, क्योंकि ग्रे मार्केट में Groww का प्रीमियम केवल 3% के आसपास चल रहा था।


💼 Groww IPO: भारी भरकम ओवरसब्सक्रिप्शन 🚀

Groww का ₹6,632 करोड़ का आईपीओ (Initial Public Offering) निवेशकों के बीच जबरदस्त चर्चा में रहा। यह 4 से 7 नवंबर 2025 तक खुला था, जिसका प्राइस बैंड ₹95–₹100 प्रति शेयर तय किया गया था। न्यूनतम निवेश ₹14,250 रखा गया था।

इस आईपीओ में दो हिस्से थे —

  • 🆕 फ्रेश इश्यू: ₹1,060 करोड़
  • 🔁 ऑफर फॉर सेल (OFS): ₹5,572 करोड़

स्टॉक एक्सचेंज डेटा के अनुसार, Groww का आईपीओ 17.6 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ।

  • रिटेल इनवेस्टर्स की तरफ से 9.43x सब्सक्रिप्शन,
  • QIBs (Qualified Institutional Buyers) से 22.02x,
  • और Non-Institutional Investors (NIIs) से 14.2x का जोश देखने को मिला।

💰 एंकर निवेशकों से 2,984.5 करोड़ की बड़ी डील 💎

Groww ने अपने आईपीओ के दौरान ₹2,984.5 करोड़ एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए। इनमें शामिल रहे देश-विदेश के बड़े नाम जैसे:

  • HDFC Mutual Fund
  • Kotak Mutual Fund
  • SBI Mutual Fund
  • Nippon India
  • Abu Dhabi Investment Authority
  • Goldman Sachs

इन बड़ी संस्थाओं की भागीदारी ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया।


📊 Groww का कारोबार: मार्केट में मजबूती बनाए रखी 💹

रिटेल ब्रोकिंग इंडस्ट्री में मंदी के बावजूद Groww ने अक्टूबर 2025 में शानदार प्रदर्शन किया। NSE के आंकड़ों के अनुसार, Groww ने 1.38 लाख नए एक्टिव डिमैट अकाउंट्स जोड़े और कुल संख्या को 1.2 करोड़ (12 मिलियन) तक पहुंचा दिया।

कंपनी की मार्केट शेयर अब 26.6% पर है — यानी हर चार में से एक रिटेल निवेशक Groww का यूजर है।
यह आँकड़ा यह दिखाता है कि Groww लगातार मार्केट में अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है।


💹 शानदार वित्तीय प्रदर्शन 💸

फाइनेंशियल ईयर FY25 में Groww की ऑपरेटिंग रेवेन्यू लगभग 50% बढ़कर ₹3,902 करोड़ पहुंची, जबकि कंपनी का प्रॉफिट ₹1,824 करोड़ तक पहुंच गया — यानी प्रॉफिट में भी बंपर उछाल।

हालांकि, Q1 FY26 में थोड़ा धीमापन देखा गया —

  • रेवेन्यू लगभग 10% घटकर ₹904.4 करोड़ रह गया।
  • लेकिन फिर भी कंपनी ने ₹378.36 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया।

ये आँकड़े दिखाते हैं कि मार्केट की थोड़ी सुस्ती के बावजूद Groww की लाभप्रदता और स्थिरता बनी हुई है।


💵 Groww का शेयर और मार्केट कैप 🔝

लिस्टिंग के कुछ घंटों बाद ही Groww का शेयर ₹124 प्रति शेयर (सुबह 10:20 बजे तक) ट्रेड कर रहा था।
इसके साथ कंपनी की मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹75,367 करोड़ (लगभग $8.56 बिलियन) तक पहुंच गई — जो किसी भी भारतीय फिनटेक स्टार्टअप के लिए एक मील का पत्थर है।


🌐 Groww की कहानी: एक स्टार्टअप से मार्केट लीडर तक 🚀

2016 में लॉन्च हुआ Groww, मूल रूप से एक फिनटेक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है जो शेयर, म्यूचुअल फंड, और ईटीएफ में निवेश की सुविधा देता है। कंपनी का मकसद है – “हर भारतीय को आसान निवेश का अनुभव देना”

Groww ने धीरे-धीरे रिटेल इन्वेस्टमेंट मार्केट में क्रांति ला दी है।

  • इसका इंटरफेस आसान और यूजर-फ्रेंडली है।
  • मोबाइल ऐप ने युवाओं को सीधे निवेश की दुनिया से जोड़ा।
  • और अब इसका आईपीओ डेब्यू इस यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ता है।

💬 निवेशकों की राय और मार्केट रिएक्शन 📢

विशेषज्ञों का कहना है कि Groww का मजबूत रिटेल बेस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बिजनेस मॉडल आने वाले वर्षों में कंपनी को लंबी रेस का खिलाड़ी बनाएगा।
हालांकि, निवेशकों को अल्पावधि में मार्केट वोलैटिलिटी को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना चाहिए।

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, अगर Groww अपनी रेवेन्यू ग्रोथ और यूजर बेस एक्सपेंशन को इसी तरह बनाए रखता है, तो यह भारत के शीर्ष डिजिटल फिनटेक ब्रांड्स में से एक बन सकता है।


🔮 निष्कर्ष: Groww का IPO – निवेशकों के लिए Grow(थ) का मौका 🌱

Groww की 14% प्रीमियम लिस्टिंग, 17.6x ओवरसब्सक्रिप्शन, और ₹75,000+ करोड़ मार्केट कैप ये सब संकेत हैं कि भारत के फिनटेक सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

एक स्टार्टअप से यूनिकॉर्न, और अब एक लिस्टेड कंपनी बनने की यह यात्रा, भारत के डिजिटल इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम की शक्ति को दर्शाती है।

📈 Groww ने सच में अपने नाम की तरह किया है – “Groww” यानी Grow with India! 🇮🇳💪

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🪙 Groww ने तोड़ी मंदी की लहर! अक्टूबर 2025 में अकेला ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म जिसने बढ़ाया अपना यूज़र बेस 🚀

Groww

भारत के रिटेल ब्रोकिंग सेक्टर में जहां अक्टूबर 2025 में मंदी का माहौल रहा, वहीं Wealth-tech प्लेटफॉर्म Groww ने सबको चौंका दिया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, Groww ने अक्टूबर में 1.38 लाख नए एक्टिव डिमैट अकाउंट्स जोड़े, जिससे इसके कुल सक्रिय यूज़र की संख्या 1.2 करोड़ (12 मिलियन) तक पहुंच गई।

यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब अन्य बड़े प्लेटफॉर्म्स जैसे Zerodha, Angel One, और Upstox ने यूज़र लॉस दर्ज किया।


📉 बाकी ब्रोकर्स पर छाई गिरावट

जहां Groww ने शानदार बढ़त हासिल की, वहीं बाकी प्रमुख कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ा।

  • Zerodha के सक्रिय खातों में 62,000 की गिरावट दर्ज की गई।
  • Angel One के 34,000 यूज़र कम हुए।
  • Upstox ने करीब 59,000 एक्टिव अकाउंट्स खोए

यह दर्शाता है कि रिटेल ट्रेडिंग में तेज़ी के बाद अब मार्केट कंसॉलिडेशन (स्थिरीकरण) के दौर में प्रवेश कर रहा है।
NSE के अनुसार, शीर्ष 25 ब्रोकर्स के कुल सक्रिय डिमैट अकाउंट्स में अक्टूबर महीने में 0.13% की गिरावट दर्ज की गई।


🏦 पारंपरिक खिलाड़ियों का प्रदर्शन

पारंपरिक ब्रोकर हाउस भी इस रेस में पीछे नहीं रहे।

  • ICICI Securities ने 13,000 नए अकाउंट्स जोड़े।
  • SBI Caps ने करीब 25,000 नए यूज़र बनाए।
  • वहीं, Paytm Money ने 30,000 यूज़र जोड़कर बेहतर प्रदर्शन किया।
    इसके विपरीत, HDFC Securities और Kotak Securities जैसे बड़े नामों ने हल्की गिरावट दर्ज की।

📊 Groww का दबदबा बरकरार

डिजिटल-फर्स्ट ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स भारतीय निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।
Groww, Zerodha और Angel One मिलकर अब NSE के कुल डिमैट अकाउंट्स का 57% से अधिक हिस्सा रखते हैं।

इसमें अकेले Groww की हिस्सेदारी 26.6% है — जो दर्शाता है कि यह प्लेटफॉर्म तेजी से देश के रिटेल निवेशकों के बीच सबसे भरोसेमंद नाम बनता जा रहा है।


📈 Groww की रणनीति — यूज़र-फ्रेंडली और डिजिटल

Groww की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसका सरल इंटरफेस, कम शुल्क, और यंग इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने वाला डिजिटल अनुभव है।
जहां अन्य प्लेटफॉर्म अपनी कमाई के मॉडल पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं Groww लगातार यूज़र एक्सपीरियंस पर फोकस कर रहा है।

कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में AI-आधारित पोर्टफोलियो ट्रैकिंग, स्मार्ट रिकमेंडेशन टूल्स और नए एसेट क्लासेज़ को भी जोड़ा है, जिससे यूज़र्स की रुचि बनी रही।


💼 इंडस्ट्री में मंदी के बावजूद स्थिरता के संकेत

अक्टूबर 2025 तक, शीर्ष ब्रोकर्स के कुल सक्रिय डिमैट अकाउंट्स की संख्या 4.72 करोड़ से घटकर 4.52 करोड़ हो गई — यानी करीब 20 लाख यूज़र का नेट लॉस

हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट महामारी के बाद के तेज़ विस्तार के बाद की प्राकृतिक स्थिरता को दर्शाती है।
“मार्केट अब एक संतुलन की स्थिति में पहुंच रहा है जहां वास्तविक और दीर्घकालिक निवेशक ही सक्रिय रहेंगे,” एक मार्केट एनालिस्ट ने कहा।


📊 निवेशकों का भरोसा और भविष्य की दिशा

Groww की लगातार बढ़ती लोकप्रियता बताती है कि रिटेल इन्वेस्टर्स अब लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट और वेल्थ क्रिएशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जहां पहले ट्रेडिंग का ट्रेंड तेज़ मुनाफे की चाह पर आधारित था, वहीं अब निवेशक सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल लर्निंग पर ज़ोर दे रहे हैं।

Groww ने भी इस दिशा में एजुकेशनल कंटेंट, इन्वेस्टमेंट वेबिनार्स, और इंटरएक्टिव इन्वेस्टमेंट टूल्स के ज़रिए नए निवेशकों को आकर्षित किया है।


💬 विश्लेषक क्या कहते हैं?

विश्लेषकों के मुताबिक, Groww का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि डिजिटल ब्रोकिंग इंडस्ट्री में बदलाव का दौर चल रहा है

“Groww ने इस मंदी के बीच भी जो वृद्धि दिखाई है, वह उसकी यूज़र-सेंट्रिक रणनीति की सफलता है,” एक NSE रिपोर्ट में कहा गया।

यदि यह रफ्तार जारी रहती है, तो Groww न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र में सबसे बड़ा डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म बन सकता है।


🚀 निष्कर्ष: Groww की ग्रोथ कहानी अब भी जारी

जहां Zerodha और Angel One जैसे दिग्गज फिलहाल यूज़र बेस में गिरावट देख रहे हैं, वहीं Groww ने एक बार फिर साबित किया है कि टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और भरोसे का मेल रिटेल निवेशकों को जोड़ने की कुंजी है।

अक्टूबर 2025 का डेटा भले इंडस्ट्री के लिए ठहराव का संकेत दे रहा हो, लेकिन Groww के लिए यह एक नई उड़ान की शुरुआत है।


📍मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • Groww ने जोड़े 1.38 लाख नए एक्टिव यूज़र 🚀
  • Zerodha, Angel One और Upstox के यूज़र घटे 📉
  • कुल NSE डिमैट अकाउंट्स में 0.13% की कमी
  • Groww का मार्केट शेयर 26.6%
  • उद्योग में स्थिरता के संकेत, लेकिन Groww की रफ्तार बरकरार 💪

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📈💥 Groww IPO को 17.6X जबरदस्त सब्सक्रिप्शन! लेकिन GMP सिर्फ ₹5

Groww

भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म Groww का IPO निवेशकों के बीच ज़बरदस्त चर्चा में है। जहां एक तरफ IPO को 17.6 गुना शानदार सब्सक्रिप्शन मिला, वहीं दूसरी तरफ इसका Grey Market Premium (GMP) सिर्फ ₹5 प्रति शेयर रह गया है। इससे इस बात के साफ संकेत मिलते हैं कि Groww का लिस्टिंग डे — ₹105 प्रति शेयर के आसपास रह सकता है।

Groww का IPO 4 नवंबर से 7 नवंबर तक खुला था। ₹95–₹100 की प्राइस बैंड पर आए इस इश्यू में निवेशकों ने भरपूर दिलचस्पी दिखाई। अब निवेशकों की नज़र 10 नवंबर को होने वाली अलॉटमेंट और 12 नवंबर की लिस्टिंग डेट पर है।


🧾 IPO का स्ट्रक्चर: कितना फंड जुटा रही है Groww?

Groww ने अपनी Red Herring Prospectus (RHP) में बताया है कि IPO दो हिस्सों में है:
Fresh Issue: ₹1,060 करोड़
OFS (Offer for Sale): ₹5,572.3 करोड़

ऊपरी प्राइस बैंड पर यह IPO Groww को लगभग ₹61,736 करोड़ ($7 बिलियन) की वैल्यूएशन देता है।

इस OFS में Groww के शुरुआती बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं — और सबसे दिलचस्प बात यह है कि वे बहुत ही भारी रिटर्न लेकर जा रहे हैं।


🌟 सब्सक्रिप्शन डिटेल्स: कौन-सा सेगमेंट कितना ओवरसब्सक्राइब?

Groww IPO को सभी कैटेगरी में जोरदार प्रतिक्रिया मिली:

  • कुल सब्सक्रिप्शन: 17.6X
  • Retail Investors: 9.43X
  • QIBs (excluding anchors): 22.02X
  • NIIs: 14.2X

यह दर्शाता है कि Groww पर खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े फंड तक — सभी का भरोसा मजबूत है।


🏦✨ Anchor Investors ने भी दिखाई भारी दिलचस्पी — Groww ने जुटाए ₹2,984.5 करोड़

IPO के खुलने से ठीक पहले Groww ने anchor round में ₹2,984.5 करोड़ जुटाए।
इस राउंड में शामिल हुए दिग्गज निवेशक:

  • HDFC Mutual Fund
  • Kotak Mutual Fund
  • SBI Mutual Fund
  • Nippon India
  • Abu Dhabi Investment Authority
  • Goldman Sachs

Anchor Book में इतने बड़े नामों का होना अपने-आप में Groww की मजबूत ब्रांड वैल्यू और growth potential को दर्शाता है।


💸🚀 Groww के शुरुआती निवेशकों को मिल रहा है ‘जबरदस्त मल्टीबैगर रिटर्न’

Groww के OFS में हिस्सा बेचने वाले निवेशकों को शानदार रिटर्न मिलने वाला है। Entrackr रिपोर्ट के अनुसार:

  • Kauffman Fellows Fund → 196X रिटर्न (अविश्वसनीय!)
  • Nirman Ventures → 126.6X रिटर्न
  • Y Combinator → 29X रिटर्न
  • Peak XV Partners, Tiger Global, Ribbit Capital — सभी को भारी मुनाफा

ये आंकड़े बताते हैं कि स्टार्टअप में शुरुआती निवेश कितने बड़े मल्टीबैगर अवसर दे सकते हैं।


📊📈 Groww का वित्तीय प्रदर्शन: FY25 ने मचाई धूम, FY26 Q1 में थोड़ी गिरावट

Groww ने पिछले साल रिकॉर्ड-ब्रेकिंग प्रदर्शन किया है:

FY25 Operating Revenue: ₹3,902 करोड़ (50% YoY ग्रोथ)
FY25 Profit: ₹1,824 करोड़

लेकिन Q1 FY26 में थोड़ी सुस्ती दिखाई दी:

Revenue गिरा 10% YoY → ₹904.4 करोड़
Profit रहा ₹378.36 करोड़

इस गिरावट को मार्केट कंडीशंस और इक्विटी मार्केट की अस्थिरता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, समग्र picture अभी भी Groww के लिए बहुत स्वस्थ है।


🧮💬 GMP क्यों घटा? ₹5 का प्रीमियम क्या संकेत देता है?

Groww का Grey Market Premium (GMP) अब:
➡️ ₹5 प्रति शेयर (लगभग 5% ऊपर इश्यू प्राइस से)

इसका मतलब यह हो सकता है कि:

  • स्टॉक ₹105 के आसपास लिस्ट हो सकता है
  • GMP में गिरावट बाजार में थोड़ी सावधानी का संकेत देती है
  • भारी OFS साइज और वैल्यूएशन पर सवाल भी इसका कारण हो सकते हैं

हालांकि, Groww का ब्रांड और उसके प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता इसे लॉन्ग-टर्म में मजबूत बनाते हैं।


💡🔥 क्यों चर्चा में रहता है Groww का IPO?

  • बेहद लोकप्रिय निवेश ऐप
  • 7 करोड़ से अधिक यूज़र्स
  • Low-cost broking model
  • High profitability
  • स्टॉक, म्यूचुअल फंड, SIP, गोल्ड, FD—सब एक ही ऐप में
  • BPM स्मूद और आसान

Groww का IPO अगले कुछ सालों में NSE/BSE पर नया benchmark सेट कर सकता है — ठीक उसी तरह जैसे Zerodha ने व्यापार मॉडल में बड़ा बदलाव लाया था।


निष्कर्ष: Groww का IPO — ओवरसब्सक्रिप्शन दमदार, लिस्टिंग डे ‘मौडरेट’

📌 सब्सक्रिप्शन बहुत मजबूत
📌 एंकर निवेशक मजबूत
📌 शुरुआती निवेशकों को तगड़े मल्टीबैगर रिटर्न
📌 लेकिन GMP सिर्फ ₹5 — लिस्टिंग डे पर हल्की बढ़त की संभावना

Groww का IPO भारत के फिनटेक सेक्टर में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है, और आने वाले दिनों में इसकी लिस्टिंग पर नज़रें टिकी रहेंगी।

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💹 Groww का धमाकेदार IPO लॉन्च: ₹6,632 करोड़ की एंट्री से मचेगा मार्केट में तहलका! 🚀

Groww

भारत के सबसे पॉपुलर डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफ़ॉर्म Groww अब पब्लिक हो रहा है! 📈
कंपनी ने 29 अक्टूबर 2025 को अपना Red Herring Prospectus (RHP) फाइल कर दिया है और इसका ₹6,632.3 करोड़ का IPO अब लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है।

👉 IPO की डेट्स:
⏰ ओपन होगा – 4 नवंबर 2025
⏰ क्लोज होगा – 7 नवंबर 2025


💰 Groww IPO का साइज और डिटेल्स

Groww का ये IPO दो हिस्सों में बंटा है —

  • Fresh Issue: ₹1,060 करोड़
  • Offer for Sale (OFS): ₹5,572.3 करोड़

💸 प्रति शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड रखा गया है ₹100, जिससे कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन करीब ₹61,736 करोड़ ($7 बिलियन) तक पहुंच सकता है!

इस IPO से Groww का लक्ष्य अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाना, टेक्नोलॉजी में निवेश करना और देशभर में निवेश को और आसान बनाना है।


🏦 पुराने निवेशकों की बड़ी कमाई! 💼

Groww के शुरुआती इन्वेस्टर्स इस IPO से तगड़ी कमाई करने जा रहे हैं:

  • 🟢 Peak XV Partners (Sequoia India): कंपनी में 19.87% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा शेयरहोल्डर। यह 3 करोड़ शेयर बेचकर लगभग ₹305.5 करोड़ कमाने जा रहा है, और इनका रिटर्न 5.2X तक पहुंच गया है!
  • 🟢 Ribbit Capital: सबसे बड़ा सेलर रहेगा। ये ₹1,181 करोड़ के शेयर बेचने जा रहे हैं और इन्हें मिलेगा 5.5X रिटर्न — शानदार! 💥

इस ऑफर फॉर सेल (OFS) में शुरुआती एंजेल इन्वेस्टर्स और Groww के ESOP होल्डर्स भी हिस्सा लेंगे — यानी शुरुआती टीम को भी मिलेगा बड़ा रिवॉर्ड! 🏅


📲 Groww की ग्रोथ स्टोरी – 2017 से लेकर IPO तक 📊

2017 में ललित केशरे, हर्ष जैन, नीरज सिंह और ईश्वरन बालासुब्रमण्यम ने Groww की नींव रखी थी — एक मिशन के साथ:

“भारत में निवेश को आसान, पारदर्शी और सभी के लिए सुलभ बनाना!”

आज Groww बन चुका है भारत का सबसे पॉपुलर इन्वेस्टमेंट ऐप, जहां यूज़र्स म्यूचुअल फंड, स्टॉक्स, ETFs, बॉन्ड्स और IPOs में कुछ क्लिक में निवेश कर सकते हैं। 📱

📈 FY25 में Groww के आंकड़े चौंकाने वाले हैं —

  • राजस्व: ₹2,835 करोड़ (65% सालाना ग्रोथ)
  • यूज़र बेस: 7.8 करोड़ से अधिक
  • एक्टिव इन्वेस्टर्स: 3 करोड़+

इन संख्याओं ने Groww को भारत का Zerodha और Upstox का असली चैलेंजर बना दिया है।


⚔️ Fintech की जंग में Groww का दबदबा

जहां Zerodha, Upstox और Angel One जैसे दिग्गज पहले से मैदान में हैं, वहीं Groww ने अपने सरल ऐप डिज़ाइन, शानदार यूज़र एक्सपीरियंस और भरोसेमंद कस्टमर सपोर्ट से यूज़र्स का दिल जीत लिया है ❤️

Groww अब सिर्फ स्टॉक ट्रेडिंग ऐप नहीं रहा — यह एक “One-Stop Investment Platform” बन चुका है, जहां हर वर्ग का निवेशक अपने पैसे को स्मार्टली ग्रो कर सकता है।


💡 IPO से जुटाए फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?

Groww अपने IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल इन अहम क्षेत्रों में करेगी:

  1. 🧠 टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट इनोवेशन – ऐप को और तेज़, सुरक्षित और स्मार्ट बनाने में
  2. 🌍 नए प्रोडक्ट्स का लॉन्च – बॉन्ड्स, ETFs और इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट्स जैसे नए विकल्प
  3. 📢 ब्रांड प्रमोशन और यूज़र ग्रोथ – भारत के हर निवेशक तक Groww को पहुंचाने के लिए
  4. 🤝 स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन – छोटे फिनटेक स्टार्टअप्स को जोड़कर Groww को और मजबूत बनाना

🔥 मार्केट में IPO का हंगामा

Groww का IPO ऐसे वक्त में आ रहा है जब भारत का स्टॉक मार्केट IPO की लहर पर सवार है। 🌊
हाल ही में Zomato, Mamaearth, Ola Electric और Awfis जैसे IPO ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, Groww का IPO ओवरसब्सक्राइब होने की पूरी संभावना है — क्योंकि कंपनी की ग्रोथ स्टोरी, ब्रांड ट्रस्ट और यूज़र बेस तीनों ही शानदार हैं।


🧾 निष्कर्ष: “Invest Kar, Groww Kar!” 📈

Groww का IPO सिर्फ एक और लिस्टिंग नहीं, बल्कि भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक ऐतिहासिक माइलस्टोन है।
✅ मजबूत बिज़नेस मॉडल
✅ भरोसेमंद इन्वेस्टर्स
✅ तेज़ी से बढ़ता यूज़र बेस
✅ और इनोवेशन पर लगातार फोकस

इन सबके चलते Groww अब सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि भारत के नई पीढ़ी के निवेशकों की पहचान बन चुका है। 🇮🇳

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📉 भारतीय स्टॉक मार्केट में एक्टिव यूजर्स की संख्या घटी, Groww बना लीडर

Groww

📊 भारतीय (groww) शेयर बाजार के रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच ऐक्टिव यूजर बेस में गिरावट देखी गई है। जनवरी 2025 में 4.96 करोड़ (49.67 मिलियन) की पीक पर पहुंचने के बाद यह संख्या जून 2025 में घटकर 4.79 करोड़ (47.89 मिलियन) रह गई है। हालांकि, मई से जून के बीच इसमें 2% की मामूली बढ़ोतरी हुई है — मई में कुल 4.69 करोड़ एक्टिव यूजर्स थे।


🥇 Groww बना नंबर 1, लेकिन यूजर बेस में आई गिरावट

स्टॉक ब्रोकिंग एप्स में Groww ने 26.27% मार्केट शेयर के साथ अपनी लीडिंग पोज़िशन बरकरार रखी है। हालांकि, इसकी यूजर संख्या 12.79 मिलियन से घटकर जून में 12.58 मिलियन हो गई, जो कि 1.67% की गिरावट है।

Groww का तेजी से बढ़ता वर्चस्व 2023 के बाद शुरू हुआ था जब इसने युवा निवेशकों को डिजिटल-फर्स्ट एक्सपीरियंस के साथ आकर्षित किया। हालांकि अब इसके यूजर ग्रोथ में थोड़ी सुस्ती दिख रही है।


🥈 Zerodha दूसरे नंबर पर, Angel One नज़दीक

Zerodha, जो लम्बे समय तक बाजार में अग्रणी रहा, अब 15.58% मार्केट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके एक्टिव यूजर्स जून में 7.75 मिलियन से घटकर 7.58 मिलियन हो गए हैं — यानी 2.23% की गिरावट।

Zerodha का मुख्य फोकस अनुभवशील ट्रेडर्स और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स रहा है, लेकिन नए ग्राहकों को जोड़ने में इसकी पकड़ कमजोर हुई है।

Angel One, जो कि लगातार मजबूत हो रहा है, अब तीसरे स्थान पर 7.32 मिलियन यूजर्स और 15.28% मार्केट शेयर के साथ Zerodha के बेहद करीब पहुंच गया है। अगर मौजूदा रुझान जारी रहे, तो अगले कुछ महीनों में Angel One Zerodha को पछाड़ सकता है।


📉 Upstox और ICICIdirect की स्थिति स्थिर

Upstox, जो रतन टाटा समर्थित प्लेटफॉर्म है, अब चौथे स्थान पर है। इसका मार्केट शेयर 5.37% है और यूजर बेस जून में घटकर 2.57 मिलियन रह गया — यानी 3.36% की गिरावट।

वहीं ICICIdirect ने स्थिरता दिखाई है। इसका यूजर बेस मई की तुलना में जून में लगभग समान रहा — 1.95 मिलियन, यानी कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं, लेकिन गिरावट भी नहीं।


🏛️ ट्रेडिशनल ब्रोकर्स का प्रदर्शन

परंपरागत ब्रोकर्स जैसे HDFC Securities और SBI Securities ने जून में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की है:

  • HDFC Securities: 1.58 मिलियन यूजर्स | 1.32% मासिक वृद्धि
  • SBI Securities: 1.01 मिलियन यूजर्स | 1.65% मासिक वृद्धि

इसके विपरीत, Kotak Securities और Motilal Oswal जैसे ब्रांड्स को गिरावट का सामना करना पड़ा:

  • Kotak: -0.86%
  • Motilal Oswal: -1.07%

इससे संकेत मिलता है कि परंपरागत ब्रोकिंग कंपनियों को डिजिटल स्पेस में और मजबूत पकड़ बनाने की आवश्यकता है।


🌱 उभरते ब्रोकर्स: Dhan, Paytm Money, Sharekhan

Dhan, जो एक उभरता हुआ प्लेटफॉर्म है, ने जून में अपनी 10वीं पोजीशन बनाए रखी। इसके पास 1 मिलियन यूजर्स हैं और इसका मार्केट शेयर 2.08% है।

Paytm Money, जिसने बीते वर्षों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, ने 2.74% की बढ़ोतरी दर्ज की और इसका यूजर बेस बढ़कर 7.24 लाख हो गया है।

वहीं दूसरी ओर, Sharekhan का यूजर बेस 2.46% गिरकर 6.25 लाख रह गया है।


📉 गिरावट पर Share.Market (PhonePe)

PhonePe द्वारा लॉन्च किया गया Share.Market ऐप फिलहाल कठिन समय से गुजर रहा है। जून 2025 में इसके यूजर्स की संख्या 3.52% घटकर 3.47 लाख रह गई है।

PhonePe जैसी बड़ी फिनटेक कंपनी के लिए यह चिंता का विषय है, खासकर तब जब ब्रोकिंग स्पेस में प्रतियोगिता तेज़ हो रही हो।


📉 एक्टिव यूजर्स में गिरावट का क्या मतलब है?

जनवरी से जून तक करीब 1.78 मिलियन एक्टिव यूजर्स के कम होने का मतलब है कि बाजार में रिटेल निवेशकों की सक्रियता थोड़ी धीमी हुई है। इसके पीछे संभावित कारण हो सकते हैं:

  • बाजार की अस्थिरता या करेक्शन
  • आईपीओ गतिविधियों में गिरावट
  • युवा निवेशकों की प्राथमिकता में बदलाव
  • या कुछ यूजर्स द्वारा एकाधिक प्लेटफॉर्म से हटकर एक को चुनना

हालांकि, जून में 2% की मासिक बढ़त यह भी दर्शाती है कि बाजार में वापसी का संकेत मिल रहा है।


🔮 आगे की संभावनाएं

भारत का ब्रोकिंग सेक्टर अब भी दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते रिटेल इन्वेस्टमेंट स्पेस में से एक है। अगर कंपनियां अपने यूजर्स को बेहतर डिजिटल अनुभव, रिसर्च टूल्स और कम फीस मुहैया करवा सकें, तो आने वाले महीनों में एक्टिव यूजर्स की संख्या फिर से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है।

Groww, Zerodha, Angel One जैसे प्लेटफॉर्म्स को अब भी युवा निवेशकों की पहली पसंद माना जाता है, लेकिन नए खिलाड़ी जैसे Dhan और Paytm Money भी धीरे-धीरे अपना स्थान बना रहे हैं।


निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार में सक्रिय रिटेल निवेशकों की संख्या में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बाजार में फिर से सक्रियता बढ़ने की संभावना है। Groww और Angel One की मजबूत पकड़ को देखते हुए आने वाले महीनों में शीर्ष स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। परंपरागत ब्रोकर्स को अगर डिजिटल दुनिया में टिके रहना है तो उन्हें अपनी सेवाओं में इनोवेशन लाना होगा।

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📊 Groww को मिला ₹1,735 करोड़ का नया निवेश

Groww

फिनटेक दिग्गज Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures Limited ने ₹1,735 करोड़ (लगभग $200 मिलियन) की ताजा फंडिंग जुटाई है। इस निवेश दौर का नेतृत्व सिंगापुर की GIC (Government of Singapore Investment Corporation) और मौजूदा निवेशक ICONIQ Capital कर रहे हैं।

यह फंडिंग ऐसे समय पर आई है जब Groww ने कुछ ही दिन पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना गोपनीय ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह आगामी IPO के ज़रिए $700 मिलियन से $1 बिलियन जुटाए।


💰 डील का स्ट्रक्चर और निवेशकों की हिस्सेदारी

Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त फाइलिंग के अनुसार, Groww के बोर्ड ने एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास किया है जिसके तहत 3.59 करोड़ प्रेफरेंस शेयर्स को ₹482.8 प्रति शेयर की कीमत पर जारी किया जाएगा।

इस राउंड में:

  • GIC (Viggo Investment के ज़रिए) ₹867.5 करोड़ ($100 मिलियन) का निवेश करेगी
  • ICONIQ Capital (ISP VII-B Blocker GW के ज़रिए) भी ₹867.5 करोड़ ($100 मिलियन) डालेगी

फाइलिंग के अनुसार, इस निवेश के बाद दोनों निवेशक – Viggo Investment और ISP Blocker – Groww में 1.43% हिस्सेदारी के मालिक बन जाएंगे।


📈 पोस्ट-मनी वैल्यूएशन $7 बिलियन

इस फंडिंग के बाद Groww की अनुमानित पोस्ट-मनी वैल्यूएशन $7 बिलियन (₹58,000 करोड़ से अधिक) तक पहुंचने की उम्मीद है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी छलांग है, क्योंकि 2021 के सीरीज़ E राउंड में इसकी वैल्यूएशन लगभग $3 बिलियन थी।

Groww ने अब तक करीब $600 मिलियन की कुल फंडिंग जुटाई है। इसके अन्य प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • Peak XV Partners (पूर्व में Sequoia Capital India)
  • Tiger Global
  • Ribbit Capital
  • Y Combinator Continuity Fund

📊 कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर एक नजर

Groww का फिनटेक सेक्टर में शानदार परफॉर्मेंस जारी है। एक आंतरिक दस्तावेज के मुताबिक:

  • FY25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,056 करोड़ रहा, जो कि FY24 के ₹3,145 करोड़ की तुलना में 31% की बढ़त है
  • मुनाफा तीन गुना बढ़कर ₹1,819 करोड़ हो गया है, जबकि FY24 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹545 करोड़ था

हालांकि FY24 में Groww ने अपने डोमिसाइल को भारत में शिफ्ट करने के चलते एक वन-टाइम टैक्स ₹1,340 करोड़ का भुगतान किया, जिससे उसे उस साल ₹805 करोड़ का नेट लॉस झेलना पड़ा। FY25 के लिए अभी तक कंपनी ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल्स RoC में जमा नहीं किए हैं


🌐 Groww का बिजनेस मॉडल

Groww एक डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है जो यूज़र्स को म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक्स, ETF, SIP, सरकारी बॉन्ड और F&O में निवेश करने की सुविधा देता है। इसके मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म ने युवाओं और नए निवेशकों के बीच विशेष लोकप्रियता हासिल की है।

कंपनी का उद्देश्य है भारत में फाइनेंशियल इनक्लूजन को बढ़ाना और निवेश को सरल बनाना। इसके टूल्स, यूज़र इंटरफेस और एजुकेशनल कंटेंट ने इसे भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट ऐप्स में शुमार कर दिया है।


🏦 IPO की तैयारी

Groww की यह फंडिंग कंपनी को IPO से पहले की तैयारी के लिए जरूरी पूंजी प्रदान करेगी। DRHP दाखिल करने के बाद, अब कंपनी भारतीय स्टॉक मार्केट में 2025 के अंत तक लिस्टिंग की दिशा में अग्रसर है। माना जा रहा है कि Groww का IPO $700 मिलियन से $1 बिलियन के बीच हो सकता है।

यह भारत के फिनटेक और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, खासकर उस समय में जब Tech कंपनियों की लिस्टिंग धीमी गति से हो रही है।


📌 निष्कर्ष: क्या Groww बनेगा अगला लिस्टेड फिनटेक दिग्गज?

Groww का हालिया वित्तीय प्रदर्शन, निवेशकों का मजबूत भरोसा, और भारत में तेजी से बढ़ता निवेशकों का आधार इसे एक IPO-ready फिनटेक यूनिकॉर्न बना चुका है। $7 बिलियन की वैल्यूएशन और ₹1,819 करोड़ के प्रॉफिट के साथ Groww अब उन चुनिंदा भारतीय स्टार्टअप्स में शामिल हो रहा है जो पब्लिक मार्केट्स में एंट्री लेने को तैयार हैं।

अब देखना यह होगा कि Groww का IPO भारतीय शेयर बाजार में कितना सफल रहता है, और क्या यह कंपनी Zerodha या Paytm जैसे दिग्गजों को चुनौती दे सकेगी।


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✍️ लेखक: FundingRaised हिंदी टीम

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Groww को IPO से पहले CCI की मंजूरी, बोनस शेयर जारी करने की तैयारी

Groww

नई दिल्ली: भारत के तेजी से बढ़ते स्टॉक ब्रोकिंग स्टार्टअप Groww को कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) से बोनस शेयर जारी करने की मंजूरी मिल गई है। यह कदम कंपनी के आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से पहले उठाया गया है।

🔹 इस मंजूरी के तहत Groww के मौजूदा निवेशकों को बोनस कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर जारी किए जाएंगे।
🔹 इसके साथ ही कंपनी के संस्थापकों द्वारा रखे गए डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स (DVR) को समाप्त किया जाएगा।


📌 Groww CCI की मंजूरी में क्या शामिल है?

💡 Groww की मूल कंपनी Billionbrains Garage Ventures Private Limited में कुछ शेयरधारकों को अतिरिक्त वोटिंग अधिकार मिलेंगे।

📌 बोनस शेयर मिलने वाले प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:
Peak XV Partners
Ribbit Capital
YC Holdings
Tiger Global
अन्य मौजूदा इक्विटी शेयरधारक

🔹 इस कदम का उद्देश्य Groww को IPO से पहले अधिक आकर्षक बनाना और निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देना है।


🚀 भारत में शिफ्ट होने के बाद Groww की रणनीति

📌 Groww ने 2023 में भारत में अपना डोमिसाइल ट्रांसफर किया था।
📌 यह प्रक्रिया भारत और अमेरिका में अपनी संस्थाओं को रिवर्स मर्ज करने के साथ शुरू हुई थी।
📌 IPO से पहले कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त फंडिंग जुटाने पर भी विचार कर रही है।

👉 सूत्रों के मुताबिक, Groww $6-8 बिलियन की वैल्यूएशन पर IPO से पहले $200 मिलियन जुटाने की योजना बना रहा है।


💰 अब तक कितनी फंडिंग जुटा चुका है Groww?

📊 Groww अब तक $400 मिलियन से अधिक फंडिंग जुटा चुका है।

🔹 कंपनी के प्रमुख निवेशक हैं:
Peak XV Partners
Tiger Global
Ribbit Capital
YC Continuity

📌 अक्टूबर 2021 में Groww ने अपने सीरीज E फंडिंग राउंड में $251 मिलियन जुटाए थे, जिससे उसकी वैल्यूएशन $3 बिलियन हो गई थी।

📢 तब से अब तक कंपनी ने कोई नया फंडिंग राउंड नहीं उठाया है, लेकिन IPO से पहले निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ रही है।


📈 वित्तीय प्रदर्शन – ग्रोथ और घाटा दोनों में बढ़त!

🚀 FY24 में Groww का राजस्व (Revenue) शानदार बढ़ोतरी के साथ ₹3,145 करोड़ तक पहुंच गया।
📉 हालांकि, इस दौरान कंपनी को ₹805 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ।

📌 इस घाटे का प्रमुख कारण था:
💰 भारत में स्थानांतरित होने के लिए ₹1,340 करोड़ का वन-टाइम टैक्स पेमेंट।

👉 इसका मतलब है कि कंपनी की मुख्य व्यवसायिक गतिविधियां लाभदायक बनी हुई हैं, लेकिन इस टैक्स भुगतान की वजह से घाटा दर्ज किया गया।


🛒 IPO से पहले Groww की क्या रणनीति होगी?

📢 Groww का IPO भारतीय स्टार्टअप सेक्टर के लिए एक बड़ी घटना होगी।

बोनस शेयर जारी कर मौजूदा निवेशकों को मजबूत करना।
डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स हटाकर कंपनी की गवर्नेंस को सरल बनाना।
IPO से पहले $200 मिलियन जुटाकर फाइनेंशियल स्थिति को मजबूत करना।


🎯 Groww का प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

📌 Groww भारत के सबसे लोकप्रिय स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है।

🚀 बाजार में इसकी सीधी प्रतिस्पर्धा Zerodha, Upstox और Angel One जैसी कंपनियों से है।
🚀 IPO के बाद कंपनी को अधिक फंडिंग मिलेगी, जिससे यह और अधिक सुविधाएं जोड़ पाएगी।
🚀 बाजार में खुद को और मजबूत करने के लिए Groww फंड मैनेजमेंट और वेल्थ टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी विस्तार कर सकता है।

📢 क्या Groww का IPO भारतीय स्टॉक मार्केट में एक नया रिकॉर्ड बनाएगा?
📢 क्या निवेशक इसमें उसी तरह उत्साहित होंगे, जैसे Zomato और Nykaa के IPO में हुए थे?

👉 आने वाले महीनों में Groww के इस सफर पर सभी की नजरें रहेंगी! 🚀

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IPO से पहले Groww जुटाएगा $200 मिलियन,

Groww

भारत की अग्रणी स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी Groww अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पहले $200 मिलियन जुटाने की योजना बना रही है। यह IPO 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में स्टॉक एक्सचेंज में उतर सकता है।

कंपनी ने अब तक Peak XV, Tiger Global, Ribbit Capital और YC Continuity जैसे प्रमुख निवेशकों से लगभग $400 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। Groww की पिछली वैल्यूएशन $3 बिलियन थी, जो अक्टूबर 2021 में इसके $251 मिलियन के सीरीज E फंडिंग राउंड के दौरान तय की गई थी। इसके बाद से कंपनी ने कोई नई फंडिंग नहीं जुटाई थी।


Groww IPO से $1 बिलियन जुटाने की योजना

इस साल की शुरुआत में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि Groww अपने IPO के जरिए करीब $1 बिलियन जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी की वैल्यूएशन $6 बिलियन से $8 बिलियन के बीच हो सकती है, जो कि 2021 में तय वैल्यू से करीब दोगुनी से भी अधिक होगी।

📌 Groww IPO की मुख्य बातें:

  • $1 बिलियन की पूंजी जुटाने का लक्ष्य
  • $6-8 बिलियन की संभावित वैल्यूएशन
  • 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में स्टॉक लिस्टिंग की संभावना
  • फंडिंग से कंपनी के विस्तार और तकनीकी अपग्रेड को मिलेगी मजबूती

Groww का मार्केट दबदबा: 13 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स

Groww भारत की सबसे तेजी से बढ़ती स्टॉक ब्रोकिंग कंपनियों में से एक है।

📊 कंपनी के यूजर-बेस की स्थिति (फरवरी 2025 तक):

  • 13 मिलियन से अधिक मंथली एक्टिव यूजर्स
  • भारत में स्टॉक ब्रोकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा ग्रोथ करने वाली कंपनियों में से एक

कंपनी निवेशकों को स्टॉक्स, म्यूचुअल फंड, डेरिवेटिव्स, गोल्ड, और US स्टॉक्स में निवेश की सुविधा देती है। इसके अलावा, Groww ने हाल ही में बॉन्ड्स और IPO निवेश की भी सुविधा शुरू की है।

📈 प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में Groww:

  • Zerodha: भारत की सबसे बड़ी डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म, 10 मिलियन एक्टिव यूजर्स
  • Upstox: 8 मिलियन से अधिक एक्टिव यूजर्स
  • Angel One & 5Paisa: 5 मिलियन+ यूजर्स

Groww का इनोवेटिव प्लेटफॉर्म, सरल इंटरफेस और मिलेनियल्स व जेन Z के बीच बढ़ती लोकप्रियता इसे बाजार में खास बनाती है।


वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में ₹3,145 करोड़ का रेवेन्यू, लेकिन ₹805 करोड़ का नुकसान

Groww ने FY24 में ₹3,145 करोड़ का परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) दर्ज किया। हालांकि, इस दौरान कंपनी को ₹805 करोड़ का नेट लॉस हुआ।

🚨 मुख्य कारण:
कंपनी ने भारत में अपना हेडक्वार्टर शिफ्ट करने के लिए ₹1,340 करोड़ का एकमुश्त टैक्स भुगतान किया, जिससे उसका घाटा बढ़ गया।

💡 अन्य फिनटेक कंपनियों की तुलना में Groww:

  • Zerodha: ₹2,900 करोड़ से अधिक रेवेन्यू और ₹2,000 करोड़ का प्रॉफिट
  • Upstox: ₹1,200 करोड़ रेवेन्यू, ₹400 करोड़ का प्रॉफिट
  • Angel One: ₹2,500 करोड़ रेवेन्यू, ₹800 करोड़ प्रॉफिट

📌 भविष्य की रणनीति:

  • कंपनी टेक्नोलॉजी अपग्रेड और नई इन्वेस्टमेंट सर्विसेज में निवेश करेगी।
  • AI और मशीन लर्निंग के जरिए इंवेस्टमेंट रिकमेंडेशन को बेहतर बनाएगी।
  • IPO के बाद मार्केट शेयर बढ़ाने और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की योजना।

क्या Groww का IPO निवेशकों के लिए फायदेमंद होगा?

भारत में फिनटेक सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है, और स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स की मांग बढ़ रही है। हालांकि, Groww को अपने घाटे को कम करने और प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने पर फोकस करना होगा।

💰 निवेशकों के लिए संभावित फायदे:
✅ IPO से कंपनी की मार्केट वैल्यू बढ़ सकती है
✅ भारत के बढ़ते स्टॉक मार्केट के चलते नई संभावनाएं
मिलेनियल्स और नए निवेशकों में बढ़ती लोकप्रियता

🚨 संभावित जोखिम:
⚠️ फिनटेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बहुत तेज़ है (Zerodha, Upstox जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से मौजूद)
⚠️ नुकसान को प्रॉफिट में बदलना बड़ी चुनौती होगी
⚠️ IPO के बाद शेयरहोल्डर्स की अपेक्षाओं को पूरा करना जरूरी होगा


निष्कर्ष: Groww का IPO एक बड़ा कदम, लेकिन चुनौतियां बनी रहेंगी

Groww ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है, लेकिन अब इसकी असली परीक्षा होगी। IPO से पहले $200 मिलियन जुटाने की योजना यह दिखाती है कि कंपनी अपने विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

📌 यदि Groww अपने फाइनेंशियल्स को मजबूत कर लेती है और प्रतिस्पर्धा में आगे निकलती है, तो इसका IPO निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है।

क्या Groww Zerodha और Upstox को पीछे छोड़कर भारत की नंबर 1 स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी बन पाएगी? यह देखने वाली बात होगी! 🚀

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