भारत के सेमीकंडक्टर और डीप-टेक सेक्टर में एक और अहम फंडिंग डील सामने आई है। SOC (System-on-Chip) आधारित सेमीकंडक्टर स्टार्टअप optoML ने अपने प्री-Series A राउंड में 1.8 मिलियन डॉलर (लगभग 15 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस राउंड की अगुवाई Bluehill.VC और A99 ने की।
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और AI चिप डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर प्रोत्साहन दे रही है। optoML की यह फंडिंग भारतीय चिप डिजाइन इकोसिस्टम के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
🚀 12nm Tapeout पूरा, अब अगली पीढ़ी की चिप पर काम
कंपनी ने हाल ही में 12 नैनोमीटर (12nm) तकनीक पर अपना Tapeout सफलतापूर्वक पूरा किया है, जो कि दुनिया की अग्रणी चिप निर्माता कंपनी TSMC के साथ किया गया। Tapeout का मतलब है कि चिप डिजाइन को फाइनल कर मैन्युफैक्चरिंग के लिए भेज दिया गया है।
इस नई पूंजी का उपयोग मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में किया जाएगा:
- टेक्निकल और इंजीनियरिंग टीम का विस्तार
- अगली पीढ़ी की AI चिप्स के विकास की शुरुआत
कंपनी का लक्ष्य है कि वह अपनी इनोवेटिव AI SoC (System-on-Chip) तकनीक को और अधिक स्केलेबल और ऊर्जा-कुशल बनाए।
👨💻 कौन हैं संस्थापक?
optoML की स्थापना Saravana Maruthamuthu ने की है। कंपनी Analog-in-Memory Compute आर्किटेक्चर पर काम करती है, जिसमें Optical Interconnects का उपयोग किया जाता है। यह टेक्नोलॉजी विशेष रूप से AI वर्कलोड्स के लिए डिजाइन की गई है।
आज AI मॉडल्स को ट्रेन और रन करने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है, जिससे ऊर्जा खपत भी काफी बढ़ जाती है। optoML का दावा है कि उसकी पेटेंटेड In-Memory Compute डिजाइन पारंपरिक डिजिटल एक्सीलरेटर की तुलना में 50 गुना तक अधिक ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) दे सकती है।
⚡ 50x अधिक ऊर्जा दक्षता का दावा
AI और डेटा सेंटर उद्योग में सबसे बड़ी चुनौती है — पावर कंजम्प्शन। बड़े AI मॉडल्स को रन करने के लिए भारी GPU और एक्सीलरेटर की जरूरत पड़ती है, जिससे बिजली की लागत और कार्बन फुटप्रिंट दोनों बढ़ते हैं।
optoML की टेक्नोलॉजी डेटा को मेमोरी के अंदर ही प्रोसेस करती है, जिससे डेटा मूवमेंट कम होता है और ऊर्जा की बचत होती है।
कंपनी के अनुसार, उसका डिजाइन इन उपयोग मामलों को टारगेट करता है:
- Edge devices
- Enterprise servers
- Data centres
अगर कंपनी का 50x ऊर्जा दक्षता का दावा व्यावहारिक रूप से सफल साबित होता है, तो यह AI हार्डवेयर इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला सकता है।
🏭 Fabless मॉडल पर काम
optoML एक Fabless Semiconductor कंपनी के रूप में काम करती है। इसका मतलब है कि कंपनी खुद चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं चलाती, बल्कि डिजाइन पर फोकस करती है और मैन्युफैक्चरिंग के लिए TSMC जैसे वैश्विक फाउंड्री पार्टनर पर निर्भर रहती है।
कंपनी FinFET नोड्स पर आधारित स्केलेबल AI SoC प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। FinFET तकनीक उन्नत चिप डिजाइन में इस्तेमाल होती है, जो बेहतर प्रदर्शन और कम पावर खपत सुनिश्चित करती है।
🤝 Kaynes Semiconductor के साथ साझेदारी
मैन्युफैक्चरिंग के बाद चिप्स की असेंबली और टेस्टिंग भी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इस दिशा में optoML ने Kaynes Semiconductor के साथ एक MoU (समझौता ज्ञापन) साइन किया है।
जब TSMC से वेफर्स भारत पहुंचेंगे, तब Kaynes Semiconductor असेंबली और टेस्टिंग में सहयोग करेगी। इससे कंपनी को सप्लाई चेन को बेहतर ढंग से मैनेज करने और भारत में वैल्यू एडिशन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
🎯 निवेशकों का फोकस Deep-Tech पर
इस राउंड का नेतृत्व करने वाली Bluehill.VC एक डीप-टेक फोकस्ड वेंचर कैपिटल फर्म है। यह सेमीकंडक्टर, डिफेंस, एनर्जी और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश करती है।
A99 भी शुरुआती चरण के टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में निवेश के लिए जानी जाती है।
इन निवेशकों का optoML में निवेश यह दर्शाता है कि भारतीय डीप-टेक और सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहे हैं।
🌏 भारत का सेमीकंडक्टर अवसर
भारत लंबे समय से चिप डिजाइन में मजबूत रहा है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग में पीछे रहा है। अब सरकार की PLI योजनाओं और वैश्विक सप्लाई चेन बदलाव के चलते भारत में सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स को नया मौका मिल रहा है।
AI की बढ़ती मांग के बीच ऊर्जा-कुशल चिप्स की जरूरत और भी बढ़ गई है। optoML जैसे स्टार्टअप्स इस गैप को भरने की कोशिश कर रहे हैं।
🔮 आगे की रणनीति
Pre-Series A फंडिंग के बाद optoML अब अपनी टीम को मजबूत कर अगली पीढ़ी की AI SoC चिप्स पर काम शुरू करेगी।
कंपनी का लक्ष्य है कि वह अपने प्रोडक्ट को Edge से लेकर बड़े डेटा सेंटर तक स्केल करे। अगर अगली चिप सफल रहती है, तो optoML भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकती है।
कुल मिलाकर, optoML की यह फंडिंग भारतीय डीप-टेक सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। AI और ऊर्जा दक्षता के संगम पर काम कर रही यह कंपनी आने वाले वर्षों में भारत को ग्लोबल AI हार्डवेयर मैप पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है।
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