भारत के लॉजिस्टिक्स टेक सेक्टर से जुड़ी कंपनी WheelsEye ने वित्त वर्ष FY25 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस दौरान रेवेन्यू में 17% की वृद्धि दर्ज की है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का घाटा लगभग स्थिर ही रहा।
कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, जो Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त हुए हैं, WheelsEye का ऑपरेटिंग रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर ₹243.4 करोड़ हो गया। इससे पहले FY24 में कंपनी का रेवेन्यू ₹208.8 करोड़ था।
हालांकि FY22 के बाद से कंपनी की ग्रोथ में थोड़ी धीमी गति देखने को मिल रही है।
📦 क्या करती है WheelsEye?
साल 2017 में स्थापित WheelsEye एक Logistics SaaS (Software-as-a-Service) कंपनी है, जो ट्रक ऑपरेटरों और फ्लीट मालिकों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है।
कंपनी का ऐप आधारित प्लेटफॉर्म ट्रक बुकिंग और फ्लीट मैनेजमेंट से जुड़ी कई सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें शामिल हैं:
- ट्रक बुकिंग प्लेटफॉर्म
- फ्लीट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर
- GPS ट्रैकिंग डिवाइस
- FASTag सॉल्यूशन
इन सेवाओं का उद्देश्य ट्रक मालिकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को डिजिटल टूल्स के जरिए ऑपरेशन को आसान और अधिक प्रभावी बनाना है।
💻 सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन से सबसे ज्यादा कमाई
WheelsEye के रेवेन्यू का सबसे बड़ा हिस्सा इसके सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन सर्विसेज से आता है।
FY25 में इस सेगमेंट से कंपनी की आय:
- ₹152.7 करोड़ रही
- जो पिछले साल की तुलना में 20% अधिक है।
कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी लगभग 62% रही।
यह दिखाता है कि WheelsEye का बिजनेस मॉडल तेजी से सॉफ्टवेयर आधारित सेवाओं की ओर बढ़ रहा है।
📡 GPS डिवाइस और सॉल्यूशन से भी मजबूत ग्रोथ
कंपनी अपने ग्राहकों को GPS हार्डवेयर डिवाइस और लाइसेंस्ड सॉफ्टवेयर के साथ बंडल्ड सॉल्यूशन भी प्रदान करती है।
इस सेगमेंट में FY25 के दौरान:
- कंपनी की आय बढ़कर ₹62 करोड़ हो गई
- जो साल-दर-साल आधार पर 32% की वृद्धि दर्शाती है।
यह वृद्धि दिखाती है कि भारत में फ्लीट ऑपरेटर अब टेक्नोलॉजी आधारित ट्रैकिंग और नेविगेशन सिस्टम को तेजी से अपना रहे हैं।
💳 FASTag और अन्य स्रोतों से आय
WheelsEye की बाकी आय कई अन्य स्रोतों से भी आती है, जिनमें शामिल हैं:
- FASTag बिक्री
- कमीशन आय
- अन्य ऑपरेटिंग सेवाएं
इसके अलावा कंपनी को फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग इनकम से भी अच्छी कमाई हुई।
FY25 में इन स्रोतों से कंपनी को लगभग ₹27.6 करोड़ की आय हुई, जिसके बाद कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹271 करोड़ हो गई।
💰 खर्चों में भी बढ़ोतरी
रेवेन्यू बढ़ने के साथ-साथ कंपनी के खर्चों में भी इजाफा हुआ है।
कंपनी का सबसे बड़ा खर्च एम्प्लॉयी बेनिफिट एक्सपेंस है।
FY25 में:
- कर्मचारी खर्च ₹141.8 करोड़ रहा
- जो पिछले वर्ष के लगभग समान स्तर पर बना रहा।
📡 हार्डवेयर लागत में बड़ी बढ़ोतरी
GPS डिवाइस की लागत यानी मैटेरियल कॉस्ट में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- FY25 में यह खर्च बढ़कर ₹45.7 करोड़ हो गया
- जो साल-दर-साल आधार पर 68% की वृद्धि है।
इसके अलावा:
- IT खर्च: ₹12.4 करोड़ (7% की कमी)
- सुपरवाइजर हायरिंग लागत: ₹17.3 करोड़
रही।
📊 अन्य खर्च और कुल खर्च
कंपनी ने FY25 में लगभग ₹57 करोड़ के अन्य विविध खर्च भी दर्ज किए।
इसके अलावा:
- कमीशन
- यात्रा खर्च
- विज्ञापन
- अन्य ऑपरेटिंग खर्च
भी शामिल हैं।
इन सभी को मिलाकर WheelsEye का कुल खर्च बढ़कर ₹317.8 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 10% अधिक है।
📉 घाटा लगभग स्थिर
रेवेन्यू में वृद्धि के बावजूद WheelsEye का कुल घाटा लगभग समान ही रहा।
FY25 में कंपनी का शुद्ध घाटा लगभग ₹47 करोड़ रहा।
हालांकि कंपनी की ऑपरेटिंग आय में बढ़ोतरी खर्चों से ज्यादा थी, लेकिन अन्य आय में गिरावट के कारण घाटा कम नहीं हो पाया।
📈 कुछ वित्तीय संकेतकों में सुधार
हालांकि घाटा स्थिर रहा, लेकिन कुछ प्रमुख वित्तीय संकेतकों में सुधार देखा गया।
- EBITDA मार्जिन: -25.47% (सुधार)
- ROCE: -84.31% (कमजोर स्थिति)
इसके अलावा कंपनी की कॉस्ट एफिशिएंसी भी बेहतर हुई है।
FY25 में WheelsEye को ₹1 कमाने के लिए ₹1.31 खर्च करने पड़े, जो पिछले वर्षों के मुकाबले थोड़ा बेहतर प्रदर्शन माना जा सकता है।
🏦 कंपनी की वित्तीय स्थिति
मार्च 2025 तक WheelsEye के पास:
- ₹208.3 करोड़ के करंट एसेट्स थे
- जिनमें से ₹10.7 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस के रूप में मौजूद थे।
यह कंपनी को ऑपरेशन जारी रखने और विस्तार के लिए एक स्थिर वित्तीय आधार प्रदान करता है।
🌎 पैरेंट कंपनी का सपोर्ट
WheelsEye की मूल कंपनी WheelsEye Technology Inc. अमेरिका में स्थित है।
यह कंपनी भारत में संचालित WheelsEye इकाई में 99.9% हिस्सेदारी रखती है।
अंतरराष्ट्रीय सपोर्ट के कारण कंपनी को टेक्नोलॉजी और निवेश के मामले में अतिरिक्त मजबूती मिलती है।
🔎 निष्कर्ष
कुल मिलाकर WheelsEye ने FY25 में स्थिर लेकिन सकारात्मक ग्रोथ दर्ज की है।
कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है और सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन मॉडल मजबूत होता दिख रहा है। हालांकि खर्चों और अन्य आय में गिरावट के कारण घाटा अभी भी बना हुआ है।
अगर कंपनी आने वाले समय में अपने खर्चों को बेहतर तरीके से नियंत्रित करती है और सॉफ्टवेयर आधारित सेवाओं को और बढ़ाती है, तो लॉजिस्टिक्स टेक सेक्टर में इसकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।
भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल लॉजिस्टिक्स और फ्लीट मैनेजमेंट मार्केट को देखते हुए WheelsEye के लिए आने वाले वर्षों में अच्छे अवसर मौजूद हैं।
Read more :🎓PhysicsWallah के को-फाउंडर Prateek Boob लगाएंगे ₹25 करोड़











