प्रीमियम आइसक्रीम ब्रांड Hocco ने अपने नए फंडिंग राउंड में ₹115 करोड़ (लगभग $13 मिलियन) जुटाए हैं। यह निवेश उसके मौजूदा निवेशक Sauce.vc के नेतृत्व में हुआ है। इस ताज़ा राउंड के बाद कंपनी की वैल्यूएशन बढ़कर ₹2,000 करोड़ हो गई है।
गौर करने वाली बात यह है कि यह निवेश कंपनी के लिए महज़ तीन महीने में दूसरी बड़ी फंडिंग है। जून 2024 में Hocco ने अपनी Series A फंडिंग में ₹100 करोड़ (लगभग $12 मिलियन) जुटाए थे, तब उसकी वैल्यूएशन केवल ₹600 करोड़ थी। इसके बाद सितंबर 2024 में कंपनी ने Series B राउंड में $10 मिलियन (लगभग ₹85 करोड़) जुटाए थे। अब ताज़ा फंडिंग से यह ब्रांड भारत के तेज़ी से बढ़ते प्रीमियम आइसक्रीम सेक्टर में और भी मज़बूत खिलाड़ी बनकर उभरा है।
🚀 Hocco का विस्तार प्लान
Hocco ने कहा है कि इस फंडिंग का इस्तेमाल इन प्रमुख कामों के लिए किया जाएगा:
- मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाना – कंपनी का लक्ष्य है कि 2026 की गर्मियों तक वह 3 लाख लीटर प्रतिदिन आइसक्रीम उत्पादन करने लगे।
- कोल्ड-चेन और लॉजिस्टिक्स मज़बूत करना – ताकि देशभर में प्रोडक्ट की स्मूद डिलीवरी हो सके।
- नए प्रोडक्ट इनोवेशन पर काम – ग्राहकों को नए फ्लेवर और फॉर्मेट में विकल्प उपलब्ध कराना।
- देश और विदेश में विस्तार – Hocco भारतीय बाज़ार के साथ चुनिंदा ग्लोबल मार्केट्स में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है।
अगर यह लक्ष्य पूरे होते हैं, तो Hocco देश के सबसे बड़े और एडवांस्ड आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग सेटअप्स में से एक होगा।
🏭 ब्रांड की कहानी और प्रोडक्ट्स
Hocco की शुरुआत Chona परिवार ने की थी, जो पहले से ही आइसक्रीम इंडस्ट्री में जाना-पहचाना नाम रहा है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को तीन बड़े चैनलों के ज़रिए बेचती है:
- Retail Stores
- Quick Commerce Platforms (जैसे Zepto, Blinkit, Swiggy Instamart)
- Out-of-home touchpoints (जैसे ट्रैवल, होटल्स और कैफे)
ब्रांड की खासियत है कि यह नेचुरल इंग्रेडिएंट्स और यूनिक फ्लेवर्स पर ध्यान देता है। इसके प्रोडक्ट्स में अलग-अलग पैक और फॉर्मेट उपलब्ध हैं, जो मॉडर्न रिटेल और डेली कंजम्पशन के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं।
📊 Hocco की फाइनेंशियल झलक
Hocco ने हाल ही में कहा कि उसने FY25 में ₹220 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। हालांकि, कंपनी ने अपने लॉसेस को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।
- FY24 में Hocco का रेवेन्यू ₹32.38 करोड़ था।
- उसी साल कंपनी को लगभग ₹20.23 करोड़ का घाटा हुआ था।
इस तरह, एक ही साल में कंपनी का रेवेन्यू कई गुना बढ़ा है, जो इसके तेज़ी से बढ़ते बिज़नेस मॉडल को दर्शाता है।
🥶 मार्केट में मुकाबला
भारतीय आइसक्रीम इंडस्ट्री पहले से ही काफी कॉम्पिटिटिव है। Hocco का सीधा मुकाबला इन ब्रांड्स से है:
- Legacy Players: Amul, Vadilal, Hindustan Unilever (Kwality Walls)
- New-age Brands: NIC (Walko Foods), Hangyo, Go Zero, NOTO Ice Cream
इन बड़े नामों के बीच Hocco ने अपनी Premium Quality, Unique Flavours और Smart Distribution Strategy से एक अलग पहचान बनाई है।
📈 क्यों खास है Hocco की जर्नी?
Hocco की ग्रोथ स्टोरी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक अच्छा उदाहरण है। महज़ कुछ ही सालों में कंपनी ने:
- कई फंडिंग राउंड्स पूरे किए
- अपनी वैल्यूएशन को ₹600 करोड़ से ₹2,000 करोड़ तक पहुँचाया
- देशभर में मज़बूत कस्टमर बेस बनाया
कंपनी का फोकस क्वालिटी और स्केल पर है, जिससे यह आने वाले सालों में और तेज़ी से बढ़ने की संभावना रखता है।
🌍 आगे का रास्ता
Hocco का लक्ष्य सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी Premium Ice Cream Brand Identity बनाना है।
अगर कंपनी अपने Production Target (3 लाख लीटर/दिन) तक पहुँचती है, तो यह न केवल भारत की बल्कि एशिया की भी सबसे बड़ी आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल हो सकती है।
👉 कुल मिलाकर, Hocco ने साबित कर दिया है कि भारत में Premium Ice Cream Segment की डिमांड कितनी तेज़ी से बढ़ रही है। और ताज़ा फंडिंग के बाद कंपनी का फोकस सिर्फ एक चीज़ पर है – Innovation और Expansion।
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