💼 फ्लेक्सिबल ऑफिस प्रोवाइडर IndiQube ने शेयर बाजार में की एंट्री, लेकिन 9% के नुकसान के साथ!
📉 लिस्टिंग डे पर निराशा! ₹237 का शेयर ₹216 पर खुला
IndiQube Spaces का IPO तो ज़बरदस्त रहा — 12 गुना ओवरसब्सक्राइब, लेकिन जब बुधवार को NSE पर लिस्टिंग हुई, तो निवेशकों को झटका लगा। शेयर का इश्यू प्राइस था ₹237, लेकिन यह खुला सिर्फ ₹216 पर यानी करीब 9% की गिरावट।
💸 फिर भी निवेशकों ने लगाई बोली में आग 🔥
- रिटेल इनवेस्टर्स ने दिखाई शानदार दिलचस्पी — 13 गुना सब्सक्रिप्शन।
- HNI यानी हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स ने भी 8 गुना तक बोली लगाई।
- कुल मिलाकर, ₹700 करोड़ का IPO रहा हिट — ₹650 करोड़ फ्रेश इश्यू और ₹50 करोड़ पुराने निवेशकों की बिक्री से।
🧑💼 कौन है IndiQube? क्या करता है ये स्टार्टअप?
2015 में शुरू हुआ Bengaluru-बेस्ड यह स्टार्टअप फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस प्रदान करता है। यानी स्टार्टअप्स, SMEs और बड़े एंटरप्राइजेस के लिए पूरी तरह से मॅनेज्ड ऑफिस स्पेस।
आज यह कई बड़े शहरों में एक्टिव है और तेजी से अपना नेटवर्क बढ़ा रहा है।
📈 फाइनेंशियल्स की बात करें तो… 💹
- FY25 में कंपनी ने कमाए ₹1,059 करोड़ — पिछले साल FY24 के मुकाबले 27.5% ज्यादा।
- सबसे बड़ी बात — घाटा हुआ 59% कम!
FY24 में जहां कंपनी को ₹341.5 करोड़ का नुकसान था, वो FY25 में घटकर ₹139.5 करोड़ रह गया।
💰 पैसे का होगा क्या इस्तेमाल?
IndiQube कहता है कि IPO से मिली रकम का इस्तेमाल किया जाएगा:
- कर्ज चुकाने के लिए
- नए ऑफिस खोलने (CapEx) के लिए
- जनरल कॉर्पोरेट कामों के लिए
🏁 प्रतियोगिता भी कम नहीं! Smartworks और Awfis दे रहे टक्कर
- Awfis ने पिछले साल मई में शानदार लिस्टिंग की थी — 13% प्रीमियम पर।
- Smartworks ने इसी महीने 7% प्रीमियम के साथ डेब्यू किया।
इन दोनों के मुकाबले इंडिक्यूब की शुरुआत थोड़ी फीकी जरूर रही, लेकिन दौड़ अभी बाकी है!
🧭 आगे की राह: उम्मीदें भी हैं और जोखिम भी…
✅ पॉजिटिव्स:
- रेवेन्यू ग्रोथ दिखा रही है कंपनी
- घाटा भी तेजी से घटा
- बड़े एंकर निवेशकों का सपोर्ट
⚠️ चैलेंजेस:
- IPO के बाद मार्केट में निवेशकों का भरोसा जीतना
- फ्लेक्सिबल ऑफिस सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
- प्रॉफिट में जल्दी आना होगा
📌 निष्कर्ष: धीमी शुरुआत, लेकिन रेस लंबी है 🏃♂️💨
IndiQube की लिस्टिंग भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, लेकिन कंपनी के पास एक मज़बूत मॉडल, फंडिंग सपोर्ट और बाजार की जरूरत को पूरा करने की क्षमता है।
अब निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या कंपनी आने वाले क्वार्टर्स में प्रॉफिटेबिलिटी, स्केलेबिलिटी और ग्राहक बेस में दमदार प्रदर्शन कर पाती है या नहीं।
📍 यह रिपोर्ट FundingRaised.in के पाठकों के लिए एक्सक्लूसिव है — जहां हर स्टार्टअप स्टोरी होती है दिलचस्प अंदाज़ में पेश!
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