Fintech startup Rupeeflo को मिला $1 मिलियन का pre-seed funding

Rupeeflo

Rupeeflo भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की तैयारी में है। वर्तमान में, भारतीय प्रवासी (NRIs) भारत में निवेश करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करते हैं, जिनमें जटिल बैंकिंग प्रक्रियाएं, रेगुलेटरी बाधाएं और लंबी पेपरवर्क प्रक्रियाएं शामिल हैं। Rupeeflo इन सभी समस्याओं को हल करने के लिए एक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिससे NRIs को तेज़, सरल और पारदर्शी इन्वेस्टमेंट प्रोसेस मिले।

कैसे काम करता है Rupeeflo?

Rupeeflo का प्लेटफॉर्म पूरी तरह से डिजिटल है, जिससे NRE/NRO अकाउंट खोलने से लेकर स्टॉक, म्यूचुअल फंड्स और अन्य निवेश विकल्पों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया बेहद आसान हो जाती है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए:

  • केवल 10 मिनट में NRE/NRO अकाउंट खुलवा सकते हैं
  • इंस्टेंट UPI एक्सेस के जरिए तेज़ और आसान लेनदेन कर सकते हैं
  • बिना ज्यादा कागज़ी कार्यवाही के स्टॉक्स, म्यूचुअल फंड्स और इंडेक्स फंड्स में निवेश कर सकते हैं
  • भारत में निवेश से जुड़े सभी रेगुलेटरी नियमों को ऑटोमेटेड तरीके से मैनेज किया जाएगा

NRI निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?

अभी तक, विदेशों में रहने वाले भारतीयों को भारत में निवेश करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इनमें से कुछ प्रमुख चुनौतियां हैं:

  1. बैंकिंग प्रक्रिया का जटिल होना – NRE/NRO अकाउंट खोलने में हफ्तों का समय लग जाता था।
  2. रेगुलेटरी परेशानियां – भारत में निवेश के लिए अलग-अलग नियम और दस्तावेज़ीकरण प्रक्रियाएं होती थीं, जो बहुत मुश्किल और समय लेने वाली थीं।
  3. UPI का एक्सेस न होना – कई NRIs के पास भारतीय बैंक अकाउंट होते हुए भी वे UPI का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे।
  4. सीमित इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस – NRIs के लिए भारत में स्टॉक्स, म्यूचुअल फंड्स और इंडेक्स फंड्स में निवेश करना आसान नहीं था।

Rupeeflo इन सभी समस्याओं को एक ही प्लेटफॉर्म से हल करने की योजना बना रहा है, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत में निवेश पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ हो जाएगा

फंडिंग से क्या होगा फायदा?

$1 मिलियन की इस फंडिंग से Rupeeflo को अपने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने और नई सुविधाएं जोड़ने का मौका मिलेगा। कंपनी मुख्य रूप से इन तीन प्रमुख चीजों पर ध्यान देगी:

  1. NRI इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का विस्तार – Rupeeflo शुरुआत में अमेरिका और यूके से अपनी सेवाएं शुरू करेगा और धीरे-धीरे इसे अन्य देशों तक बढ़ाएगा।
  2. इंस्टेंट UPI एक्सेस – पहली बार NRIs को तेज़ और सुविधाजनक डिजिटल पेमेंट और निवेश सेवाएं मिलेंगी।
  3. ग्लोबल विस्तार – Rupeeflo जल्द ही कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, UAE और अन्य NRI हब्स में अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने की योजना बना रहा है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम पर प्रभाव

भारत का फिनटेक सेक्टर पहले ही UPI, डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के जरिए तेज़ी से बढ़ रहा है। Rupeeflo का यह कदम भारत के फिनटेक इकोसिस्टम को और मजबूत बनाएगा और भारतीय प्रवासियों को भी अपने देश में निवेश करने के लिए ज्यादा अवसर प्रदान करेगा

Piper Serica Angel Fund के इस निवेश से यह भी साबित होता है कि फिनटेक सेक्टर में NRIs को टारगेट करने वाले स्टार्टअप्स के लिए काफी संभावनाएं हैं

Piper Serica: निवेशकों का भरोसेमंद पार्टनर

Piper Serica भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश करने वाली एक प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह कंपनी:

  • SEBI-रजिस्टर्ड PMS (Portfolio Management Services) संचालित करती है
  • मॉरीशस-स्थित एक ऑफशोर फंड को सलाह देती है
  • Piper Serica Angel Fund के जरिए शुरुआती स्टार्टअप्स में निवेश करती है
  • ₹1,000 करोड़ से अधिक के एसेट्स मैनेज करती है

Piper Serica का यह निवेश भारतीय फिनटेक स्पेस में NRIs के लिए एक बड़ा अवसर खोल सकता है और Rupeeflo को अपने विज़न को साकार करने में मदद करेगा।

क्या कहता है Rupeeflo का भविष्य?

Rupeeflo की यह नई फंडिंग भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री और ग्लोबल NRI इन्वेस्टमेंट मार्केट दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में यह स्टार्टअप:

  • अपने प्लेटफॉर्म पर नए इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस जोड़ सकता है
  • अन्य ग्लोबल मार्केट्स में विस्तार कर सकता है
  • AI और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके स्मार्ट इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशंस प्रदान कर सकता है

अगर Rupeeflo अपने प्लान को सफलतापूर्वक लागू करता है, तो यह NRI इन्वेस्टमेंट इंडस्ट्री में गेम चेंजर साबित हो सकता है

निष्कर्ष

Rupeeflo भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में एक नई क्रांति लाने के लिए तैयार है। यह स्टार्टअप न केवल विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए इन्वेस्टमेंट को आसान बनाएगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में भी बड़ी मात्रा में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाएगा।

$1 मिलियन की इस फंडिंग से कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म को और मजबूत करने, UPI इंटीग्रेशन लाने और ग्लोबल विस्तार करने में मदद मिलेगी। Piper Serica जैसे निवेशकों का सपोर्ट मिलने से Rupeeflo के भविष्य की संभावनाएं और भी मजबूत हो गई हैं।

क्या Rupeeflo भारतीय फिनटेक सेक्टर का अगला बड़ा नाम बनेगा? यह देखने के लिए हमें इसके आगे के कदमों पर नजर रखनी होगी! 🚀

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भारत में स्टार्टअप फंडिंग में 43% की गिरावट, 23 स्टार्टअप्स ने जुटाए $137 मिलियन

Last Week Indian startups

पिछले हफ्ते भारत के 23 स्टार्टअप्स ने कुल मिलाकर लगभग $137 मिलियन (~₹1,140 करोड़) की फंडिंग जुटाई। इसमें 5 ग्रोथ-स्टेज डील्स और 20 अर्ली-स्टेज डील्स शामिल हैं। इसके अलावा, 5 स्टार्टअप्स ने अपने निवेश के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए

इसके विपरीत, पिछले हफ्ते 30 स्टार्टअप्स ने लगभग $241 मिलियन (~₹2,000 करोड़) जुटाए थे। यानी इस हफ्ते स्टार्टअप फंडिंग में 43.15% की गिरावट दर्ज की गई


📌 ग्रोथ-स्टेज डील्स

इस हफ्ते ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स को कुल मिलाकर $88.5 मिलियन (~₹730 करोड़) की फंडिंग मिली।

🔹 Cashfree: डिजिटल पेमेंट कंपनी Cashfree ने $53 मिलियन जुटाए, इस दौर का नेतृत्व KRAFTON ने किया।
🔹 Shadowfax: लॉजिस्टिक्स कंपनी Shadowfax ने दो हिस्सों में $16.8 मिलियन जुटाए, निवेशक रहे Mirae Asset, Nokia Growth Partners, और Edelweiss
🔹 Apex Kidney Care: डायलिसिस सर्विस प्रोवाइडर Apex Kidney Care ने Blue Earth Capital से $9 मिलियन की फंडिंग हासिल की।
🔹 Nua: महिलाओं की वेलनेस और हाइजीन ब्रांड Nua को $4 मिलियन मिले।
🔹 Auxilo: एजुकेशन फोकस्ड NBFC Auxilo ने Motiwal Oswal से $5.7 मिलियन का डेब्ट फंडिंग जुटाई।


🚀 अर्ली-स्टेज डील्स

13 अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स ने कुल $48.43 मिलियन (~₹400 करोड़) की फंडिंग हासिल की।

🔹 TrueFoundry: AI स्टार्टअप TrueFoundry ने $19 मिलियन जुटाकर इस कैटेगरी में सबसे बड़ी डील की।
🔹 Cognida AI: एक और AI स्टार्टअप Cognida AI को फंडिंग मिली।
🔹 HairOriginals: D2C हेयर एक्सटेंशन और विग ब्रांड HairOriginals को निवेश मिला
🔹 Astra Security: साइबरसिक्योरिटी स्टार्टअप Astra Security को फंडिंग मिली
🔹 Dreamfly Innovations: बैटरी टेक स्टार्टअप Dreamfly Innovations ने निवेश जुटाया।
🔹 Fitspire: हेल्थ सप्लिमेंट ब्रांड Fitspire ने फंडिंग हासिल की।
🔹 COLUXE, Vahan AI, Sisters in Sweat सहित कुछ अन्य स्टार्टअप्स ने भी निवेश जुटाया, लेकिन उन्होंने राशि का खुलासा नहीं किया।


🏙️ शहर और सेक्टर के आधार पर फंडिंग ट्रेंड

📍 शहर:

  • बेंगलुरु (10 डील्स) ने सबसे अधिक निवेश आकर्षित किया।
  • इसके बाद दिल्ली-NCR, मुंबई, पुणे और हैदराबाद में स्टार्टअप्स को फंडिंग मिली।

📌 सेक्टर:

  • AI और हेल्थटेक स्टार्टअप्स ने टॉप किया, दोनों ने 5-5 डील्स हासिल की।
  • फिनटेक सेक्टर को 3 डील्स मिलीं।
  • लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स और SaaS स्टार्टअप्स ने भी निवेश प्राप्त किया।

📊 सीरीज के हिसाब से निवेश:

  • सीड फंडिंग (Seed Funding) सबसे आगे रही, इस कैटेगरी में 9 डील्स हुईं।
  • इसके बाद सीरीज A, प्री-सीड, सीरीज C, और सीरीज F की डील्स हुईं।

📉 वीकली फंडिंग ट्रेंड

🔻 इस हफ्ते भारतीय स्टार्टअप्स की कुल फंडिंग 43.15% गिरकर $136.93 मिलियन रह गई
📊 पिछले 8 हफ्तों का औसत फंडिंग $325.91 मिलियन रहा, जिसमें प्रति हफ्ते 25 डील्स हुईं


👥 प्रमुख नियुक्तियां और इस्तीफे

📌 नई नियुक्तियां:
🔹 Shadowfax ने Bijou Kurien, Ruchira Shukla, और Pirojshaw Sarkari को स्वतंत्र निदेशक (Independent Directors) नियुक्त किया।
🔹 Aisle (डेटिंग ऐप) ने Chandi Gaglani को हेड नियुक्त किया
🔹 Livspace ने अपने COO Ramakant Sharma को CEO बनाया, और पूर्व CEO अब बोर्ड चेयरमैन होंगे।
🔹 Delhivery ने Airtel की पूर्व CEO Vani Venkatesh को Chief Business Officer (CBO) नियुक्त किया
🔹 Namita Thapar (Emcure) और Sameer Mehta (boAt) को Delhivery के बोर्ड में जोड़ा गया

📌 इस्तीफे:
🔹 Flipkart के Chief Product & Technology Officer (CPTO) Jeyandran Venugopal ने इस्तीफा दिया
🔹 Good Glamm Group की को-फाउंडर Priyanka Gill ने Kalaari Capital से इस्तीफा देकर अपना नया ज्वेलरी ब्रांड COLUXE लॉन्च किया


💰 अधिग्रहण और फंड लॉन्च

🔹 Perfios ने CustomerXPs का अधिग्रहण किया
🔹 Adar Poonawalla के परिवार कार्यालय ने AstaGuru की 20% हिस्सेदारी खरीदी
🔹 Veefin Group ने UAE के TradeAssets को अधिग्रहित किया
🔹 Info Edge (Naukri, 99acres की पैरेंट कंपनी) ने $115 मिलियन का नया फंड लॉन्च किया


📢 नई लॉन्च और साझेदारियां

🔹 Bhavish Aggarwal ने Krutrim AI Labs लॉन्च किया ($240 मिलियन निवेश)
🔹 Ola Electric ने अपनी पहली EV बाइक “Roadster X Series” लॉन्च की
🔹 MediBuddy और जापानी कंपनी ELECOM ने IoT हेल्थ डिवाइसेस लॉन्च किए
🔹 Tata Communications और CoRover.ai ने AI सॉल्यूशन पर साझेदारी की
🔹 FlixBus और ETO Motors ने हैदराबाद-विजयवाड़ा के बीच ई-बस सर्विस शुरू की


📊 प्रमुख कंपनियों के वित्तीय नतीजे

🔻 Ola Electric: Q3 FY25 में 50% घाटा बढ़कर ₹564 करोड़ हुआ
📈 Swiggy: ₹4,000 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, InstaMart की ग्रोथ 2.1X रही।
📈 Info Edge: ₹722 करोड़ की आय, मुनाफा 2.5X बढ़ा।
📉 Pepperfry: घाटा 37.5% घटा।
📈 CaratLane: ₹1,117 करोड़ की आय, EBITDA ₹130 करोड़।
📈 Infibeam: मुनाफा 50% बढ़कर ₹64 करोड़ हुआ।


🔍 इस हफ्ते की बड़ी खबरें

📢 PhonePe ने अकाउंट एग्रीगेटर बिजनेस से एग्जिट लिया
📢 Zomato अब “Eternal Limited” के नाम से जाना जाएगा
📢 Shein भारत में रिलायंस रिटेल की साझेदारी में फिर लौटा
📢 HDFC बैंक स्टार्टअप्स को ₹20 करोड़ की सहायता देगा


🔚 निष्कर्ष

📉 भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में इस हफ्ते फंडिंग में गिरावट आई, लेकिन AI, हेल्थटेक, और फिनटेक स्टार्टअप्स ने अच्छा प्रदर्शन किया।

🚀 आने वाले महीनों में IPO और नई फंडिंग डील्स से भारतीय स्टार्टअप्स की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है!

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Urban Company ने IPO की तैयारी शुरू की,

Urban Company

भारत की प्रमुख होम सर्विसेज प्लेटफॉर्म Urban Company इस साल इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने पब्लिक कंपनी में बदलकर शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में पहला बड़ा कदम उठा लिया है।

📌 Urban Company कंपनी ने नाम और स्टेटस में किया बदलाव

Urban Company के बोर्ड ने कंपनी के स्टेटस को ‘प्राइवेट’ से बदलकर ‘पब्लिक’ करने का प्रस्ताव पास किया। इसके साथ ही, कंपनी का नाम भी “Urbancalp Technologies India Private Limited” से बदलकर “Urbanclap Technologies India Limited” कर दिया गया है।

यह बदलाव IPO लाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, क्योंकि कोई भी कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग से पहले ‘पब्लिक लिमिटेड’ बनना जरूरी होता है


💰 ₹3,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी

Urban Company का लक्ष्य लगभग ₹3,000 करोड़ (~$350 मिलियन) जुटाना है। इसके लिए Kotak Mahindra Bank, Goldman Sachs और Morgan Stanley को बतौर लीड मैनेजर्स नियुक्त किया गया है।

कंपनी मार्च के अंत तक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। यह दस्तावेज़ IPO लाने से पहले सेबी (SEBI) को सबमिट किया जाता है।


🔍 Prosus करेगी और निवेश, Bessemer करेगा आंशिक एग्जिट

Urban Company के IPO से पहले, Prosus अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रही है

🛑 क्या है Prosus की योजना?

  • Prosus $30 मिलियन (~₹250 करोड़) का नया निवेश करने की योजना बना रही है।
  • यह निवेश सेकेंडरी डील के तहत होगा, यानी कंपनी को नई फंडिंग नहीं मिलेगी, बल्कि Bessemer Venture Partners अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर आंशिक एग्जिट करेगा।

📊 कंपनी की पिछली वैल्यूएशन और ESOP बायबैक

📌 Urban Company की वैल्यूएशन में हाल ही में कुछ उतार-चढ़ाव देखे गए हैं:

🔹 दिसंबर 2021:
➡️ कंपनी ने ESOP लिक्विडिटी प्रोग्राम पूरा किया
➡️ उस समय Urban Company की वैल्यूएशन $2.8 बिलियन थी।

🔹 2023:
➡️ Urban Company ने एक नया बायबैक प्रोग्राम लॉन्च किया
➡️ इस दौरान कंपनी की वैल्यूएशन $2.2-$2.5 बिलियन रही।

हालांकि, Urban Company की वैल्यूएशन में IPO के बाद बदलाव देखने को मिल सकता है


📈 Urban Company की ग्रोथ और मार्केट पोजीशन

👉 कौन-कौन सी सर्विस देती है कंपनी?

Urban Company होम सर्विसेज सेगमेंट में भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है

🏠 प्रमुख सेवाएं:
✅ ब्यूटी और वेलनेस सर्विसेज
✅ होम क्लीनिंग और रिपेयरिंग
✅ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कारपेंटर जैसी सेवाएं
✅ एसी, वॉशिंग मशीन, और अन्य अप्लायंसेस की रिपेयरिंग

👉 कितने शहरों में काम कर रही है कंपनी?

Urban Company वर्तमान में भारत के 50+ शहरों में अपनी सेवाएं देती है और UAE, सिंगापुर, और ऑस्ट्रेलिया जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मौजूद है।

👉 क्यों तेजी से बढ़ रही है कंपनी?

💡 Pandemic के बाद डिजिटल सर्विस बुकिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा, जिससे Urban Company जैसी ऑन-डिमांड सर्विस प्लेटफॉर्म्स को फायदा हुआ।

🚀 Urban Company की मुख्य ताकतें:
🔹 ट्रेंड और सर्टिफाइड सर्विस प्रोफेशनल्स
🔹 AI और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बुकिंग और ऑपरेशन सिस्टम
🔹 मजबूत कस्टमर बेस और ब्रांड वैल्यू


📢 IPO क्यों ला रही है Urban Company?

🔍 IPO लाने के पीछे कंपनी के कुछ प्रमुख उद्देश्य हो सकते हैं:

कंपनी के विस्तार के लिए नया फंड जुटाना।
नए शहरों और इंटरनेशनल मार्केट्स में अपनी मौजूदगी बढ़ाना।
टेक्नोलॉजी अपग्रेड और नए सर्विस सेगमेंट में एंट्री करना।
इन्वेस्टर्स को एग्जिट का मौका देना।

📌 अगर IPO सफल होता है, तो Urban Company भारत की पहली बड़ी होम सर्विसेज कंपनी बन जाएगी जो शेयर बाजार में लिस्ट होगी।


💡 Urban Company का IPO निवेशकों के लिए कितना आकर्षक?

💹 Urban Company का IPO निवेशकों के लिए दिलचस्प हो सकता है, क्योंकि:

✔️ भारत में ऑन-डिमांड होम सर्विसेज मार्केट तेजी से बढ़ रहा है।
✔️ Urban Company के पास मजबूत ब्रांड वैल्यू और बड़ी ग्राहक संख्या है।
✔️ कंपनी का टेक-इनेबल्ड मॉडल इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।

📉 हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं:
कंपनी अभी भी प्रॉफिटेबल नहीं है।
बाजार में नए खिलाड़ियों की एंट्री से मुकाबला बढ़ सकता है।
IPO के बाद स्टॉक प्राइस में वोलैटिलिटी रह सकती है।


🔚 निष्कर्ष

Urban Company का IPO भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा माइलस्टोन होगा।

💡 अगर कंपनी सफलतापूर्वक शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो यह भारतीय स्टार्टअप्स के लिए एक नई मिसाल कायम कर सकती है।

💰 निवेशकों के लिए भी यह एक रोमांचक अवसर हो सकता है, लेकिन इसमें जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी होगा। 🚀

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PhonePe ने Account Aggregator बिज़नेस से किया एग्जिट

phonePe

भारत की डिजिटल पेमेंट दिग्गज PhonePe Group ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह Account Aggregator (AA) बिज़नेस से बाहर निकल रही है और अब इस सेगमेंट में अन्य अकाउंट एग्रीगेटर्स के साथ पार्टनरशिप करेगी।

कंपनी ने कहा कि वह अपना NBFC-AA लाइसेंस भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को सरेंडर करेगी और अपने AA ऑपरेशन्स को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है


📌 Account Aggregator बिज़नेस से बाहर क्यों हुआ PhonePe?

👉 2023 में मिला था RBI का लाइसेंस

PhonePe को जून 2023 में RBI से Account Aggregator (AA) ऑपरेट करने का फाइनल लाइसेंस मिला था। इससे पहले, उसे 2023 की शुरुआत में इन-प्रिंसिपल अप्रूवल भी मिल चुका था।

👉 5 करोड़ यूजर्स जुड़ने के बावजूद FIP नेटवर्क नहीं बढ़ा

PhonePe ने बताया कि उसने पिछले दो सालों में लगभग 5 करोड़ भारतीयों को अपने AA प्लेटफॉर्म से जोड़ा। लेकिन कंपनी की प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण, वह उतने Financial Information Providers (FIPs) को प्लेटफॉर्म पर नहीं जोड़ पाई, जितना उसने सोचा था।

👉 अन्य फिनटेक कंपनियों से होगी साझेदारी

अब कंपनी स्वयं इस बिज़नेस को ऑपरेट करने के बजाय अन्य Account Aggregators के साथ साझेदारी करेगी


🔍 क्या होता है Account Aggregator (AA) सिस्टम?

Account Aggregator एक फिनटेक सिस्टम है, जिसे RBI ने 2021 में लॉन्च किया था। इसके तहत, ग्राहक अपने बैंकिंग, निवेश और बीमा से जुड़े डेटा को सुरक्षित तरीके से शेयर कर सकते हैं।

📌 AA सिस्टम कैसे काम करता है?
1️⃣ यूज़र अपनी वित्तीय जानकारी को एक्सेस करने की अनुमति देता है।
2️⃣ AA प्लेटफॉर्म यह डेटा बैंकों और वित्तीय संस्थानों से इकट्ठा करता है।
3️⃣ फिनटेक कंपनियां, लोन प्रोवाइडर्स और अन्य संस्थान इसे यूज़र की सहमति से एक्सेस कर सकते हैं।

🚀 यह सिस्टम डिजिटल लोन, इन्वेस्टमेंट, और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज़ को तेज़ और आसान बनाता है।


📊 कौन हैं PhonePe के Payment Aggregator सेगमेंट के प्रतिस्पर्धी?

PhonePe का पेमेंट एग्रीगेटर बिज़नेस कई बड़ी कंपनियों से मुकाबला करता है, जिनमें शामिल हैं:

🔹 Paytm
🔹 Razorpay
🔹 PayU
🔹 CCAvenue
🔹 Cashfree

यह सभी कंपनियां पेमेंट प्रोसेसिंग, गेटवे सर्विसेज़ और बिज़नेस पेमेंट सॉल्यूशंस ऑफर करती हैं।


💡 PhonePe की अन्य हालिया रणनीतियां

1️⃣ Juspay से साझेदारी भी की खत्म

AA बिज़नेस से बाहर निकलने के कुछ ही दिनों बाद, PhonePe ने पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म Juspay के साथ अपनी साझेदारी को भी समाप्त कर दिया

अब कंपनी पेमेंट गेटवे सॉल्यूशंस को डायरेक्ट इंटीग्रेशन के माध्यम से ऑफर करेगी

2️⃣ बिज़नेस कोर पर फोकस

PhonePe अब अपने कोर बिज़नेस – UPI पेमेंट्स, डिजिटल बैंकिंग, और मर्चेंट पेमेंट सॉल्यूशंस पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है।


📈 PhonePe के लिए आगे क्या?

PhonePe की रणनीति अब Account Aggregator बिज़नेस को छोड़कर अन्य डिजिटल फिनटेक सर्विसेज़ को मजबूत करने की है

🚀 संभावित फोकस एरिया:
UPI और पेमेंट सॉल्यूशंस को और विकसित करना।
मर्चेंट पेमेंट्स को और अधिक स्केलेबल बनाना।
इंश्योरेंस और क्रेडिट सेवाओं में विस्तार करना।
AI-आधारित फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस पर काम करना।


🔚 निष्कर्ष

PhonePe का Account Aggregator बिज़नेस से बाहर निकलना एक बड़ा निर्णय है, जो कंपनी की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

💡 हालांकि, PhonePe अभी भी भारत के सबसे बड़े डिजिटल फिनटेक ब्रांड्स में से एक बना रहेगा और अन्य क्षेत्रों में अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश करेगा। 🚀

read more :Ola Electric को Q3 FY25 में बड़ा झटका, राजस्व में 19.4% की गिरावट,

Ola Electric को Q3 FY25 में बड़ा झटका, राजस्व में 19.4% की गिरावट,

ola electric

भारत की अग्रणी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता Ola Electricके लिए वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) उतार-चढ़ाव भरी रही। कंपनी के राजस्व में 19.4% की गिरावट आई, जबकि घाटा 50% तक बढ़ गया। हालाँकि, बिक्री के मामले में Ola Electric ने अब भी EV 2W बाजार में अपनी टॉप पोजिशन बनाए रखी है।


Q3 FY25 में Ola Electric का परफॉर्मेंस

📉 राजस्व में गिरावट, घाटे में बढ़ोतरी

  • Ola Electric का कुल राजस्व 👉 ₹1,296 करोड़ (Q3 FY24) से घटकर ₹1,045 करोड़ (Q3 FY25) हो गया।
  • कंपनी का घाटा 👉 ₹376 करोड़ (Q3 FY24) से बढ़कर ₹564 करोड़ (Q3 FY25) हो गया।
  • टोटल खर्च 👉 ₹1,505 करोड़ रहा, जिसमें कच्चे माल की लागत ₹851 करोड़ रही।

💡 मुख्य कारण:
✅ EV स्कूटर की बिक्री में गिरावट
✅ बैटरियों की कम बिक्री
✅ बढ़ते फिक्स्ड कॉस्ट और विज्ञापन खर्च


🔎 Ola Electric का खर्च कहां बढ़ा?

📌 प्रमुख खर्च:

1️⃣ कच्चे माल की लागत 👉 ₹851 करोड़ (कुल लागत का 56%)
2️⃣ कर्मचारियों की सैलरी और अन्य लाभ 👉 ₹320 करोड़
3️⃣ मार्केटिंग और विज्ञापन 👉 ₹180 करोड़
4️⃣ अन्य परिचालन लागत 👉 ₹154 करोड़

🚀 Ola Electric का EBITDA मार्जिन (लाभ मार्जिन) भी प्रभावित हुआ, जिससे कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में गिरावट आई।


🏆 EV 2W मार्केट में Ola Electric का दबदबा कायम

जनवरी 2025 में Ola Electric ने EV टू-व्हीलर बाजार में 24.91% मार्केट शेयर के साथ नंबर 1 पोजिशन हासिल की।

कंपनीजनवरी 2025 की बिक्री (यूनिट्स)मार्केट शेयर (%)
Ola Electric24,33024.91%
TVS Motors23,78824.38%
Bajaj Auto21,29421.80%

💡 सारांश: भले ही Ola Electric को तिमाही नुकसान झेलना पड़ा हो, लेकिन यह अब भी भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी बनी हुई है।


📈 स्टॉक परफॉर्मेंस और वैल्यूएशन

  • Ola Electric का शेयर प्राइस 👉 ₹70 (01:57 PM तक)
  • मार्केट कैपिटलाइजेशन 👉 ₹30,902 करोड़ (~$3.67 बिलियन)

📉 तिमाही नतीजों के कारण Ola Electric के स्टॉक्स पर असर पड़ा है, लेकिन कंपनी का लंबी अवधि का परिदृश्य अब भी मजबूत बना हुआ है।


🚀 Ola Electric की आगे की रणनीति

कंपनी अपने घाटे को कम करने और बिक्री बढ़ाने के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकती है:

नए स्कूटर मॉडल लॉन्च – ग्राहकों की नई जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए ईवी लॉन्च कर सकती है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार – ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बनाने से बिक्री में सुधार हो सकता है।
प्रोडक्शन कॉस्ट कम करना – बैटरी लागत और अन्य निर्माण खर्च घटाने की योजना पर काम हो सकता है।
बाजार में विस्तार – मिड-रेंज और लो-कॉस्ट ईवी सेगमेंट में कदम रख सकती है।
वित्तीय स्थिरता – खर्चों में कटौती करके और नए निवेशकों को जोड़कर कंपनी अपने फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को मजबूत कर सकती है।


💡 निष्कर्ष

Ola Electric ने तिमाही में कमजोर वित्तीय प्रदर्शन किया, लेकिन EV मार्केट में अभी भी इसका दबदबा कायम है। कंपनी को बिक्री बढ़ाने और लागत घटाने पर ध्यान देना होगा, ताकि आगे के तिमाही में मुनाफा हासिल किया जा सके। 🚀

Read more :TrueFoundry को Intel Capital के नेतृत्व में $19 मिलियन की Series A फंडिंग मिली

TrueFoundry को Intel Capital के नेतृत्व में $19 मिलियन की Series A फंडिंग मिली

TrueFoundry

नई दिल्ली: AI डिप्लॉयमेंट और स्केलिंग प्लेटफॉर्म TrueFoundry ने Intel Capital के नेतृत्व में $19 मिलियन (लगभग ₹158 करोड़) की Series A फंडिंग जुटाई है। इस निवेश दौर में मौजूदा निवेशक Eniac Ventures और Peak XV’s Surge के अलावा Jump Capital और कई एंजल निवेशकों ने भाग लिया।

फंडिंग में शामिल प्रमुख एंजल निवेशकों में गोकुल राजाराम, मोहित अरोन, सायन बैनिस्टर और फॉर्च्यून 1000 कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस निवेश के तहत, Intel Capital के इन्वेस्टमेंट डायरेक्टर, अवि भारद्वाज, TrueFoundry के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होंगे।

पहले भी जुटाई थी $2.3 मिलियन की फंडिंग

TrueFoundry, जो बेंगलुरु और सैन फ्रांसिस्को में स्थित है, ने सितंबर 2022 में Peak XV’s Surge के नेतृत्व में $2.3 मिलियन की सीड फंडिंग भी जुटाई थी। नई फंडिंग कंपनी के लिए एक बड़ा बूस्ट मानी जा रही है, जिससे यह AI एप्लिकेशन निर्माण और डिप्लॉयमेंट को और आसान बनाने के अपने मिशन को मजबूत कर सकेगी।

फंडिंग से TrueFoundry को क्या फायदा होगा?

TrueFoundry ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह नया निवेश निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में मदद करेगा:

📌 AI एप्लिकेशन निर्माण को आसान बनाना: बिना इन्फ्रास्ट्रक्चर चुनौतियों के AI मॉडल्स को डिप्लॉय और स्केल करने का प्लेटफॉर्म विकसित करना।
📌 टीम का विस्तार: अधिक इंजीनियर और रिसर्चर्स को जोड़कर टेक्नोलॉजी को और मजबूत करना।
📌 ग्लोबल मार्केट में विस्तार: अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने और व्यापार को बढ़ाने के लिए गो-टू-मार्केट रणनीति को बेहतर बनाना।

TrueFoundry क्या करता है?

TrueFoundry एक क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जो मशीन लर्निंग (ML) मॉडल्स के प्रशिक्षण और डिप्लॉयमेंट को आसान बनाता है। इस प्लेटफॉर्म की मदद से कंपनियां अपने AI एप्लिकेशन को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकती हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर लागत को कम कर सकती हैं।

TrueFoundry की खासियतें:

ML मॉडल्स को तेजी से डिप्लॉय करने की क्षमता
इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत को कम करने में मदद
क्लाउड-इंटीग्रेशन और मल्टी-क्लाउड सपोर्ट
उद्योग में नवीनतम AI ट्रेंड्स जैसे RAGs (Retrieval-Augmented Generation) और एजेंट्स को सपोर्ट

Games 24×7 और Whatfix जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी

TrueFoundry पहले से ही Games 24×7 और Whatfix जैसी जानी-मानी कंपनियों के साथ काम कर रहा है। इन साझेदारियों के जरिए कंपनी ML स्केलेबिलिटी को बढ़ा रही है और इन्फ्रास्ट्रक्चर एफिशिएंसी को अधिकतम कर रही है।

CEO ने क्या कहा?

TrueFoundry के सीईओ और सह-संस्थापक निकुंज बजाज ने कहा,
“TrueFoundry के प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले एंटरप्राइजेज ने महज दो महीनों में अपने आंतरिक AI प्लेटफॉर्म्स को तैयार किया और चार महीनों के भीतर ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) हासिल किया, जबकि उद्योग में औसतन यह प्रक्रिया 14 महीनों में पूरी होती है।”

TrueFoundry बनाम अन्य AI स्टार्टअप्स

कंपनी का नामफोकस एरियाटेक्नोलॉजीकुल फंडिंग
TrueFoundryAI डिप्लॉयमेंट और स्केलिंगML ट्रेनिंग और मल्टी-क्लाउड इंटीग्रेशन$21.3M
Weights & BiasesML ऑप्स और मॉडल ट्रैकिंगऑटोमैटेड ML वर्कफ्लो$200M+
Hugging Faceओपन-सोर्स AI टूल्सNLP मॉडल्स$235M+
Databricksडेटा एनालिटिक्स और AIयूनिफाइड डेटा प्लेटफॉर्म$3.5B+

TrueFoundry ML डिप्लॉयमेंट के सरलीकरण और तेज़ी पर जोर देती है, जिससे यह Databricks और Hugging Face जैसी बड़ी कंपनियों से अलग पहचान बना रही है।

AI इंडस्ट्री के लिए क्या मायने रखता है यह फंडिंग?

AI टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए कंपनियों को फास्ट, स्केलेबल और कम लागत वाले समाधानों की जरूरत होती है। TrueFoundry की यह फंडिंग दिखाती है कि AI ऑपरेशंस को आसान बनाने के लिए निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है।

TrueFoundry का भविष्य और रणनीति

🔹 नए ग्राहकों को जोड़ना – भारत और अमेरिका में और अधिक एंटरप्राइजेज को जोड़ने की योजना।
🔹 AI और ML में R&D – उभरते ट्रेंड्स जैसे RAGs और एजेंट-आधारित AI को सपोर्ट करने के लिए टेक्नोलॉजी में सुधार।
🔹 ग्लोबल मार्केट में विस्तार – खासकर अमेरिका और यूरोप में विस्तार पर फोकस।
🔹 क्लाउड-एग्नॉस्टिक प्लेटफॉर्म – AWS, GCP, Azure जैसी विभिन्न क्लाउड सर्विसेज के साथ कंपैटिबिलिटी बढ़ाना।

निष्कर्ष

👉 TrueFoundry को Intel Capital से $19 मिलियन की फंडिंग मिलने से कंपनी के ग्रोथ को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
👉 यह निवेश TrueFoundry को मशीन लर्निंग डिप्लॉयमेंट को और अधिक सुगम और कुशल बनाने में मदद करेगा।
👉 AI इंडस्ट्री में बढ़ते निवेश से संकेत मिलता है कि भविष्य में ML और AI ऑपरेशंस का स्केल तेजी से बढ़ेगा।

TrueFoundry की यह फंडिंग न सिर्फ कंपनी के लिए बल्कि पूरे AI इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। 🚀🤖

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महिला वेलनेस ब्रांड Nua ने जुटाए 35 करोड़ रुपये,

Nua

महिला वेलनेस और हाइजीन ब्रांड Nua ने 35 करोड़ रुपये की प्री-सीरीज़ C फंडिंग जुटाई है। इस निवेश दौर का नेतृत्व Mirabilis Investment Trust ने किया, जिसमें समीर सिंह और शुचि कोठारी सहित अन्य निवेशकों ने भी भाग लिया।

अब तक $21.5 मिलियन की फंडिंग जुटा चुका है Nua

मुंबई स्थित यह कंपनी अब तक कुल $21.5 मिलियन (लगभग 180 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटा चुकी है। इसके मौजूदा निवेशकों में शामिल हैं:

  • Lightbox VC
  • Kae Capital
  • बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण
  • विंडी बांगा

फंडिंग का उपयोग: नए प्रोडक्ट्स और रिटेल विस्तार पर जोर

Nua ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस फंडिंग का उपयोग नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और रिटेल विस्तार के लिए किया जाएगा। कंपनी अपने उत्पादों को प्रमुख चैनलों जैसे मार्केटप्लेस, क्विक कॉमर्स और ऑफलाइन रिटेल में विस्तारित करेगी, ताकि अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाई जा सके।

Nua: महिलाओं के लिए समग्र और पर्सनलाइज्ड समाधान

2017 में हुई थी शुरुआत

Nua की स्थापना 2017 में अभिषेक रमणाथन और रवि रामचंद्रन ने की थी। यह एक डिजिटल-फर्स्ट महिला वेलनेस कंपनी है, जो महिलाओं की वास्तविक समस्याओं का समग्र और व्यक्तिगत समाधान प्रदान करने पर केंद्रित है।

शुरुआत में कंपनी ने इनोवेटिव और टॉक्सिन-फ्री सैनिटरी पैड्स लॉन्च किए थे, लेकिन अब यह अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ा रही है।

Nua के प्रमुख प्रोडक्ट्स:

पीरियड पैंटीज़ (Period Panties)
इंटिमेट हाइजीन प्रोडक्ट्स (Intimate Hygiene Products)
क्रैम्प-केयर समाधान (Cramp-Care Solutions)
पोस्टपार्टम केयर प्रोडक्ट्स (Postpartum Care Products)
साइक्लिकल एक्ने केयर (Cyclical Acne Solutions)


महिलाओं के लिए समग्र वेलनेस अनुभव

Nua सिर्फ उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को एक बेहतरीन और समग्र अनुभव प्रदान करने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रही है।

💡 सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट्स
💡 इंगेजिंग कंटेंट और एजुकेशन
💡 महिला स्वास्थ्य और वेलनेस पर मजबूत समुदाय

कंपनी का मानना है कि इन सभी पहलुओं ने Nua को महिला वेलनेस मार्केट में एक अलग पहचान दिलाने में मदद की है।


अगले 6-8 तिमाहियों में तेज़ी से विस्तार की योजना

Nua अगले 6 से 8 तिमाहियों में नए प्रोडक्ट्स, कंटेंट और उभरते चैनलों में निवेश जारी रखेगी, ताकि अपने विकास को तेज़ किया जा सके।

पिछले 12 महीनों में Nua ने क्या नया किया?

🆕 अतिरिक्त लंबे नाइट पैड्स (Extra-long Night Pads)
🆕 डिस्पोजेबल पीरियड पैंटीज़ (Disposable Period Panties)
🆕 मेंस्ट्रुअल कप्स (Menstrual Cups)
🆕 पोस्टपार्टम केयर उत्पाद (Postpartum Care Products)

Nua के उत्पाद न केवल उनकी वेबसाइट पर बल्कि Zepto, Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हैं।


महिला वेलनेस मार्केट में बढ़ता कॉम्पिटिशन, Nua कैसे बनाएगी अपनी जगह?

भारत में महिला वेलनेस मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और इस क्षेत्र में Sirona, Pee Safe और Carmesi जैसी कंपनियां भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

लेकिन Nua की कुछ खास विशेषताएं इसे प्रतिस्पर्धा में आगे रखती हैं:

🔹 इनोवेटिव और टॉक्सिन-फ्री प्रोडक्ट्स
🔹 डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) मॉडल
🔹 महिलाओं की हेल्थ और वेलनेस पर फोकस
🔹 मजबूत निवेशकों का समर्थन

प्रतिस्पर्धियों से कैसे अलग है Nua?

फीचरNuaPee SafeSirona
इनोवेटिव उत्पाद
टॉक्सिन-फ्री फॉर्मूला
समग्र महिला वेलनेस फोकस
D2C और ऑफलाइन बिक्री
मजबूत निवेशक सपोर्ट

Nua की खासियत यह है कि यह सिर्फ उत्पाद बेचने पर ही ध्यान नहीं देती, बल्कि महिलाओं को सही हेल्थ एजुकेशन और सपोर्ट भी प्रदान करती है।


भविष्य की संभावनाएं: क्या Nua अगला बड़ा ब्रांड बनेगा?

🚀 रिटेल और मार्केटप्लेस में विस्तार से Nua को और अधिक ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिलेगा।
🚀 महिला हेल्थ और वेलनेस में बढ़ती जागरूकता के कारण यह ब्रांड तेजी से ग्रोथ कर सकता है।
🚀 मजबूत निवेशकों के सहयोग से कंपनी को निरंतर नवाचार और विस्तार में मदद मिलेगी।

Nua की यह नई फंडिंग इसे भारतीय महिला वेलनेस मार्केट में अग्रणी ब्रांड बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है! 💪🌸

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PlaySuper ने $500K की सीड फंडिंग जुटाई,

PlaySuper

भारत में गेमिंग और ई-कॉमर्स तेजी से विकसित हो रहे हैं। PlaySuper इन दोनों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है, जिससे गेमिंग कॉमर्स का एक नया युग शुरू हो सकता है।

PlaySuper गेमिंग कॉमर्स क्यों है भविष्य की जरूरत?

आज के डिजिटल युग में, गेमिंग सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण इकोसिस्टम बन चुका है। गेमर्स अब सिर्फ गेम नहीं खेलते, वे इन-गेम खरीदारी भी करते हैं। दुनिया भर में गेमिंग इंडस्ट्री का बाजार $200 बिलियन से अधिक हो चुका है, और भारत इस विकास का एक बड़ा हिस्सा बनने की ओर बढ़ रहा है।

🔹 इंटरएक्टिव ई-कॉमर्स का उभरता ट्रेंड
🔹 गेमर्स को सहज और सरल शॉपिंग अनुभव प्रदान करना
🔹 गेमिंग स्टूडियो के लिए नया रेवेन्यू मॉडल बनाना

PlaySuper इस मौके का फायदा उठाकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो गेमिंग और ई-कॉमर्स के बीच की दूरी को खत्म कर देगा।


PlaySuper की रणनीति: SEA और MENA बाजारों में विस्तार

PlaySuper ने न सिर्फ भारतीय बाजार को ध्यान में रखा है, बल्कि इसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपने पैर जमाना है।

👉 पहला कदम: दक्षिण पूर्व एशिया (SEA) में लॉन्च
👉 दूसरा चरण: MENA (मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका) में विस्तार
👉 तीसरा चरण: LATAM (लैटिन अमेरिका) में अपनी पकड़ मजबूत करना

SEA और MENA बाजार क्यों महत्वपूर्ण हैं?

📌 SEA (Southeast Asia):

  • गेमिंग के लिए तेजी से बढ़ता हुआ बाजार
  • मोबाइल गेमिंग में भारी निवेश
  • ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल भुगतान का बढ़ता चलन

📌 MENA (Middle East & North Africa):

  • हाई-स्पेंडिंग गेमर्स की संख्या अधिक
  • ईस्पोर्ट्स और गेमिंग कम्युनिटी का बड़ा विस्तार
  • गेमिंग-ईकॉमर्स का बेहतर अवसर

📌 LATAM (Latin America):

  • मोबाइल गेमिंग का सबसे तेजी से बढ़ता बाजार
  • डिजिटल पेमेंट के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान
  • गेमिंग स्टूडियो और पब्लिशर्स के लिए बड़ा अवसर

PlaySuper की योजना अगले 6 महीनों में SEA बाजार में प्रवेश करने की है, जिसके बाद यह MENA और LATAM में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।


PlaySuper कैसे बनाएगा नया गेमिंग बिजनेस मॉडल?

PlaySuper एक हाइपर-पर्सनलाइज्ड इन-गेम स्टोर लॉन्च कर रहा है, जिससे गेमिंग स्टूडियो को बिना किसी अपडेट की जरूरत के सीधे अपने गेम में इस स्टोर को जोड़ने की सुविधा मिलेगी।

कोई मैनुअल अपडेट की जरूरत नहीं होगी
गेमर्स को सीधे इन-गेम शॉपिंग का विकल्प मिलेगा
गेमिंग कंपनियों के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू स्ट्रीम तैयार होगी

PlaySuper कैसे बदलेगा भारतीय गेमिंग इकोसिस्टम?

📢 गेमर्स के लिए:

  • शॉपिंग और गेमिंग को एक साथ जोड़ने का अनुभव
  • कोई एक्स्ट्रा ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं
  • सीमलेस, सुरक्षित और फास्ट ट्रांजेक्शन

📢 गेमिंग स्टूडियो के लिए:

  • इन-गेम खरीदारी से अतिरिक्त रेवेन्यू मॉडल
  • गेमिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीक का उपयोग
  • डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) बिजनेस मॉडल

📢 ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए:

  • नए टारगेट ऑडियंस तक पहुंचने का अवसर
  • गेमिंग-आधारित विज्ञापन और प्रमोशन के लिए नया प्लेटफॉर्म
  • डायरेक्ट इन-गेम प्रोडक्ट इंटीग्रेशन

PlaySuper के संस्थापक: अनुभवी गेमिंग और एडटेक विशेषज्ञ

PlaySuper के संस्थापक शौरदीप चक्रवर्ती और उपमन्यु पहले भी सफल स्टार्टअप्स का हिस्सा रह चुके हैं।

📌 LectureNotes (2022 में $2.5 मिलियन फंडिंग जुटाई)
📌 गेमिंग, वेब3 और एडटेक में गहरा अनुभव
📌 नवाचार और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन दृष्टिकोण

टीम विस्तार की योजना

PlaySuper जल्द ही अपनी कोर टीम में प्रोडक्ट हेड और B2B पार्टनरशिप टीम को शामिल करने जा रहा है, ताकि अधिक गेमिंग स्टूडियो इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें।


भारत में गेमिंग और ई-कॉमर्स का भविष्य: PlaySuper की भूमिका

भारत में गेमिंग और ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहे हैं। 2025 तक भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री का बाजार $3.9 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।

👉 गेमिंग इंडस्ट्री में बढ़ता निवेश
👉 गेमर्स की बढ़ती संख्या (45 करोड़ से अधिक)
👉 इन-गेम खरीदारी का बढ़ता ट्रेंड

PlaySuper भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री में एक नई क्रांति लाने की तैयारी में है। यह स्टार्टअप गेमिंग और ई-कॉमर्स को एक साथ लाकर न सिर्फ गेमर्स के लिए बल्कि गेमिंग स्टूडियो और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी बेहतर अवसर प्रदान कर सकता है।


निष्कर्ष: क्या PlaySuper भारत का अगला बड़ा गेमिंग स्टार्टअप बनेगा?

$500K फंडिंग के साथ PlaySuper अपने प्रोडक्ट को नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।
इन-गेम शॉपिंग को आसान और इनोवेटिव बनाने की दिशा में बड़ा कदम।
SEA, MENA और LATAM जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से विस्तार।

PlaySuper भारतीय गेमिंग स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक नया बदलाव ला सकता है। क्या यह अगला बड़ा यूनिकॉर्न बनेगा? यह देखना दिलचस्प होगा! 🚀

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Babynama:digital pediatric care platform ने सीड फंडिंग में जुटाए $700K

Babynama

भारत में डिजिटल हेल्थकेयर तेजी से विकसित हो रहा है, और इस क्षेत्र में Babynama एक उभरता हुआ नाम बनकर सामने आया है। हाल ही में, Babynama ने अपनी सीड फंडिंग राउंड में $700,000 (लगभग ₹5.8 करोड़) जुटाए हैं। इस निवेश का नेतृत्व Good Capital ने किया, जबकि अन्य प्रमुख निवेशकों में Amplify और कई एंजल इन्वेस्टर्स शामिल रहे।

इस फंडिंग राउंड में योगदान देने वाले प्रमुख नामों में Fashinza के फाउंडर अभिषेक गुप्ता, Bicycle Health के फाउंडर अंकित गुप्ता, Avanti के फाउंडर अक्षय सक्सेना, BharatPe के पूर्व COO ध्रुव धनराज बहल और IIT बॉम्बे नेटवर्क से जुड़े अन्य एंटरप्रेन्योर शामिल थे।


Babynama फंडिंग का उपयोग कैसे करेगा?

इस फंडिंग से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी निम्नलिखित क्षेत्रों में करेगी:

तकनीकी बुनियादी ढांचे (Technology Infrastructure) को मजबूत करना – डिजिटल प्लेटफॉर्म में नई सुविधाएं जोड़कर इसे और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जाएगा।

विशेषज्ञ पीडियाट्रिशियन (Expert Pediatricians) और सपोर्ट स्टाफ की टीम का विस्तार – अधिक डॉक्टरों को जोड़कर 24/7 चिकित्सा सहायता को बढ़ाया जाएगा।

मार्केटिंग प्रयासों को मजबूत करना – माता-पिता तक अधिक प्रभावी रूप से पहुंचने के लिए विज्ञापन और प्रचार रणनीतियों को सशक्त किया जाएगा।


Babynama: डिजिटल हेल्थकेयर में एक नई क्रांति

Babynama की शुरुआत जून 2022 में डॉ. सुमित्रा मीना और आशीष मीना द्वारा की गई थी। इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य माता-पिता को तेजी से और विश्वसनीय चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।

Babynama एक “Chat-First” डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां माता-पिता किसी भी समय विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श कर सकते हैं। अब तक, इस प्लेटफॉर्म ने 15 लाख से अधिक हेल्थ क्वेरीज़ को हल किया है, और इसका औसत प्रतिक्रिया समय 2 मिनट से भी कम है।


Babynama की प्रमुख विशेषताएं

Babynama उन माता-पिता के लिए एक भरोसेमंद हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म है, जो अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता करते हैं। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

🔹 24/7 पीडियाट्रिक सपोर्ट – दिन-रात कभी भी डॉक्टर से संपर्क करने की सुविधा।
🔹 समर्पित डॉक्टरों की टीम – अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टर, जो विभिन्न बाल रोगों का इलाज कर सकते हैं।
🔹 पैरेंट एजुकेशन और कम्युनिटी एंगेजमेंट – माता-पिता को बेहतर जागरूक बनाने के लिए इंटरैक्टिव सेशंस।
🔹 टेक्नोलॉजी-ड्रिवन केयर – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग कर बच्चों के स्वास्थ्य का विश्लेषण और भविष्यवाणी।


Babynama के अब तक के प्रमुख उपलब्धियां

Babynama लॉन्च के बाद से लगभग 2 लाख माता-पिता को समय पर मेडिकल सहायता उपलब्ध करा चुका है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म ने 10,000 से अधिक भुगतान करने वाले ग्राहक (Paying Customers) प्राप्त कर लिए हैं।

प्लेटफॉर्म ने शुरुआती अवस्था में महत्वपूर्ण बीमारियों की पहचान में भी मदद की है, जैसे:

➡️ श्वसन संबंधी समस्याएं (Respiratory Distress)
➡️ मिर्गी (Epilepsy)
➡️ ऑटिज़्म (Autism)
➡️ ADHD (Attention Deficit Hyperactivity Disorder)

यह सभी बीमारियां बचपन में जल्दी पहचान ली जाएं, तो इनका इलाज और प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकता है।


डिजिटल हेल्थकेयर का भविष्य और Babynama की भूमिका

भारत में डिजिटल हेल्थकेयर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। नई टेक्नोलॉजी और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के कारण, अब माता-पिता को अपने बच्चों की सेहत के लिए डॉक्टरों के पास जाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि वे Babynama जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

डिजिटल हेल्थकेयर मार्केट 2025 तक $16 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद
ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन में 3X ग्रोथ दर्ज
टेक-इनेबल्ड हेल्थ सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग

Babynama इस ट्रेंड का फायदा उठाते हुए अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को और अधिक उन्नत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।


निष्कर्ष: Babynama की शानदार ग्रोथ स्टोरी

Babynama ने बेहद कम समय में भारत में डिजिटल पीडियाट्रिक केयर का परिदृश्य बदल दिया है।

💡 $700K की फंडिंग जुटाने के बाद, कंपनी अपनी सेवाओं को और अधिक विस्तृत करने की योजना बना रही है।
💡 1.5 मिलियन से अधिक हेल्थ क्वेरीज़ हल करने वाला यह प्लेटफॉर्म, अब नई टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ अपने यूजर बेस को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
💡 महत्वपूर्ण बीमारियों की पहचान और माता-पिता को जागरूक करने के लिए, Babynama डिजिटल हेल्थकेयर स्पेस में बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

क्या Babynama भारत में डिजिटल हेल्थकेयर का भविष्य तय करेगा? यह देखना दिलचस्प होगा! 🚀

Read more :Info Edge की मजबूत वित्तीय प्रदर्शन: Q3 FY25 में 15.2% की ग्रोथ,

Info Edge की मजबूत वित्तीय प्रदर्शन: Q3 FY25 में 15.2% की ग्रोथ,

Info Edge

भारत की अग्रणी इंटरनेट कंपनी Info Edge जो Naukri.com, 99acres, Jeevansathi और Shiksha जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की मालिक है, ने Q3 FY25 के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं।

कंपनी के अनुसार, Q3 FY25 में इसका परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) 15.2% बढ़कर ₹722 करोड़ हो गया, जो Q3 FY24 में ₹627 करोड़ था। इसी दौरान, कंपनी ने पहले नौ महीनों में ₹2,100 करोड़ की कमाई दर्ज की और उसका शुद्ध लाभ ₹632 करोड़ तक पहुंच गया।


Info Edge की Q3 FY25 ग्रोथ पर एक नजर

अवधिकुल राजस्व (₹ करोड़)शुद्ध लाभ (₹ करोड़)प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर
Q3 FY24627119Naukri.com, 99acres, अन्य आय
Q3 FY25722288Naukri.com, निवेश और ब्याज से आय
वृद्धि15.2%142%नियंत्रित खर्च, बढ़ता प्लेटफॉर्म यूजर बेस

Info Edge का यह शानदार प्रदर्शन इसके मजबूत बिजनेस मॉडल, डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग और लागत नियंत्रण रणनीति के कारण संभव हुआ।


Naukri.com बना कंपनी का सबसे बड़ा ग्रोथ फैक्टर

Info Edge के कुल राजस्व का 73% हिस्सा Naukri.com से आता है। Q3 FY25 में Naukri.com का रेवेन्यू ₹527 करोड़ तक पहुंच गया, जो Q3 FY24 की तुलना में 12.3% अधिक है।

Naukri.com ग्रोथ के कारण:

🔹 नौकरी बाजार में तेजी: भारत में डिजिटल भर्ती सेवाओं की मांग बढ़ रही है।
🔹 AI-पावर्ड हायरिंग टूल्स: Naukri.com ने नए तकनीकी फीचर्स लॉन्च किए हैं।
🔹 नई कंपनियों की एंट्री: स्टार्टअप्स और MNCs तेजी से भर्ती कर रहे हैं।


अन्य सेगमेंट की परफॉर्मेंस

99acres (रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म) – इस सेगमेंट ने ₹104 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले साल के मुकाबले स्थिर रहा। रियल एस्टेट मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद, कंपनी ने डिजिटल एडवरटाइजिंग और लिस्टिंग फीचर्स पर निवेश बढ़ाया।

Jeevansathi & Shiksha (मैट्रिमोनी और एजुकेशन पोर्टल्स) – इन दोनों सेगमेंट्स ने मिलकर ₹91 करोड़ का योगदान दिया। Jeevansathi ने अपने यूजर बेस में सुधार किया है, जबकि Shiksha ने नए कोर्स और करियर गाइडेंस फीचर्स जोड़े हैं।


ब्याज और निवेश से रिकॉर्ड आय – कुल रेवेन्यू ₹9,094 करोड़ पहुंचा

Info Edge ने निवेश और जमा राशि पर ब्याज से ₹187 करोड़ की अतिरिक्त आय अर्जित की

➡️ Q3 FY25 में कंपनी की कुल आय ₹9,094 करोड़ रही, जो Q3 FY24 के ₹660 करोड़ की तुलना में बहुत अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से कंपनी के निवेश से हुई भारी कमाई के कारण संभव हुई।


नियंत्रित खर्च और लागत प्रबंधन ने मुनाफे को 142% तक बढ़ाया

Info Edge ने अपनी लागत को नियंत्रित रखते हुए Q3 FY25 में 142% की मुनाफे में वृद्धि दर्ज की, जिससे इसका शुद्ध लाभ ₹288 करोड़ तक पहुंच गया।

मुख्य खर्चों का विश्लेषण:

खर्चQ3 FY24 (₹ करोड़)Q3 FY25 (₹ करोड़)वृद्धि (%)
कर्मचारी लाभ खर्च2783059.7%
विज्ञापन और इंटरनेट खर्च8210224.3%
कुल खर्च4554877%

कंपनी का कर्मचारी खर्च कुल लागत का 62.6% रहा, जबकि मार्केटिंग पर किया गया खर्च ₹82 करोड़ और इंटरनेट ऑपरेशंस पर ₹20 करोड़ रहा।


Info Edge की भविष्य की रणनीति

AI और डेटा एनालिटिक्स पर अधिक निवेश – Naukri.com और 99acres में एडवांस AI फीचर्स जोड़े जाएंगे।
नए बिजनेस मॉडल की खोज – Info Edge एडटेक और फिनटेक स्पेस में संभावनाएं तलाश रही है।
मार्केटिंग और डिजिटल प्रमोशन – ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाने पर फोकस रहेगा।


निष्कर्ष

Info Edge ने Q3 FY25 में शानदार 15.2% ग्रोथ दर्ज की और मुनाफे में 142% की बढ़ोतरी हासिल की। Naukri.com अभी भी कंपनी के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर बना हुआ है, जबकि 99acres, Jeevansathi और Shiksha सेगमेंट्स भी धीरे-धीरे ग्रो कर रहे हैं।

📌 निवेश से हुई बड़ी कमाई ने कुल रेवेन्यू को ₹9,094 करोड़ तक पहुंचा दिया।
📌 खर्चों को नियंत्रित रखते हुए कंपनी ने उच्च मुनाफे की रिपोर्ट दी।
📌 भविष्य में कंपनी डिजिटल हायरिंग, रियल एस्टेट टेक और एजुकेशन टेक्नोलॉजी पर अधिक ध्यान देगी।

Info Edge की यह लगातार ग्रोथ इसे भारत की सबसे मजबूत इंटरनेट कंपनियों में से एक बना रही है। 🚀

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