🍲🚀 Swiggy का बड़ा दांव ₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Swiggy

भारत की जानी-मानी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी Swiggy Limited ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए अपने बोर्ड से ₹10,000 करोड़ (लगभग $1.13 बिलियन) तक जुटाने की मंजूरी हासिल कर ली है। कंपनी यह राशि QIP, पब्लिक ऑफरिंग या किसी भी अन्य वैध रूट के जरिए जुटा सकती है।

यह कदम ऐसे समय में आया है जब Swiggy अपने फूड डिलीवरी बिज़नेस को मजबूत करने, Instamart के विस्तार को तेज़ करने और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटी है।


📌 क्या है Swiggy का नया फंडरेज़िंग प्लान?

Swiggy ने 7 नवंबर 2025 को दाखिल रेग्युलेटरी फाइलिंग में बताया कि:

  • बोर्ड ने ₹10,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दे दी है
  • फंड एक या अधिक ट्रांज़ में इक्विटी शेयर जारी करके जुटाया जाएगा
  • यह फंडरेज़िंग शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद लागू होगी
  • कंपनी इसे “eligible investors” से जुटाएगी, यानी बड़े संस्थागत निवेशक, फंड्स और विदेशी निवेशक

यह मूव Swiggy को मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर कैश पोज़िशन और दीर्घकालिक विस्तार योजनाओं को ईंधन देने में मदद करेगा।


⚡🍎 क्यों ज़रूरी है Swiggy के लिए यह फंडिंग?

कंपनी इस समय दो बड़े बिज़नेस मॉडल चला रही है:

  1. फूड डिलीवरी
  2. क्विक कॉमर्स (Instamart)

पिछले कुछ क्वार्टरों में Instamart कंपनी के लिए बड़ी ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। हालांकि, दोनों बिज़नेस मॉडल में कैपिटल-इंटेंसिव ऑपरेशन होते हैं, जो भारी निवेश मांगते हैं।

फंडिंग का उद्देश्य:

  • बैलेंस शीट को मजबूत करना
  • Instamart का आक्रामक विस्तार
  • बेहतर लॉजिस्टिक्स, डार्क स्टोर नेटवर्क और फुलफिलमेंट कैपेबिलिटी
  • फूड डिलीवरी में टेक्नोलॉजी, प्राइसिंग और पार्टनर नेटवर्क को मज़बूत करना
  • IPO की तैयारी को और मजबूत करना (मार्केट में यही संकेत मिल रहा है)

📉💸 Swiggy के घाटे बढ़े — Q2 FY26 में 74% तक उछाल

Swiggy ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजों में बताया:

  • Q2 FY26 में कंपनी का नेट लॉस 74% बढ़कर ₹1,092 करोड़ हो गया
  • Instamart की रेवेन्यू में 2X ग्रोथ दर्ज की गई
  • Swiggy की ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹3,760 करोड़, यानी 23% YoY ग्रोथ

🔍 क्या कहता है डेटा?

  • Instamart तेजी से स्केल तो कर रहा है
  • लेकिन heavy discounting + infra cost अभी भी घाटे बढ़ा रही है
  • फूड डिलीवरी भी प्रीमियम मॉडल की ओर बढ़ रहा है, पर मार्जिन अभी भी कड़े हैं

इन परिस्थितियों में Swiggy के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाना बेहद आवश्यक था।


🚴‍♂️💼 Rapido से बाहर निकलकर Swiggy को मिला ₹2,399.5 करोड़ का फायदा

हाल ही में Swiggy ने Rapido से अपनी सारी हिस्सेदारी बेचकर:

  • ₹2,399.5 करोड़ प्राप्त किए
  • यह उनकी 4 साल पुरानी निवेश राशि पर 2.5X रिटर्न है

यह एक तरह से Swiggy के लिए कैश फ्लो को सुधारने में महत्वपूर्ण कदम था।


🍲🆚🍔 Zomato vs Swiggy — फंडरेज़िंग रेस का नया राउंड

इस कदम को Swiggy का एक रणनीतिक जवाब माना जा रहा है अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी Zomato के लिए।

Zomato ने पिछले साल:

  • ₹8,500 करोड़ का QIP उठाया था
  • इससे कंपनी ने Blinkit और food delivery दोनों को तेज गति से विस्तार दिया

Swiggy का यह लगभग ₹10,000 करोड़ का प्लान, बाज़ार को साफ संकेत देता है कि वह प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं रहना चाहता।


🛒⚡ Instamart — Swiggy का ‘ग्रोथ इंजन’, पर भारी खर्च वाला दांव

Instamart, Zepto और Blinkit जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियों के बीच आक्रामक मुकाबले में है।

  • 10-20 मिनट डिलिवरी
  • हाई इंफ्रास्ट्रक्चर
  • डार्क स्टोर मैनेजमेंट
  • फ्रेश और FMCG की मांग

ये सब Instamart को हाई-कैश-बर्न बिज़नेस बनाते हैं।

फंडिंग के बाद Swiggy:
✅ तेज़ विस्तार
✅ बड़े शहरों में ऑपरेशन स्केल
✅ डिलीवरी टाइम और सप्लाई चेन सुधार
✅ ब्रांड पार्टनरशिप
जैसी गतिविधियों को और तेजी दे सकेगा।


🏦💹 क्या Swiggy IPO की तैयारी में है?

बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • Swiggy की ये फंडिंग तैयारी संकेत देती है
  • कंपनी FY26 के अंत या FY27 में IPO ला सकती है
  • Instamart की मजबूत ग्रोथ कंपनी के वैल्यूएशन को बढ़ाने में मदद करेगी

Swiggy पहले ही अपने वित्तीय विवरण सुधारने और घाटे कम करने की दिशा में आक्रामक कदम उठा रहा है।


निष्कर्ष: Swiggy ने लिया बड़ा कदम — बैलेंस शीट मजबूत होगी, ग्रोथ में आएगी रफ्तार

Swiggy का ₹10,000 करोड़ जुटाने का प्रस्ताव कंपनी की बड़ी योजनाओं, आक्रामक विस्तार और मजबूत बैलेंस शीट के लक्ष्य को दर्शाता है।
Instamart की बढ़ती मांग, फूड डिलीवरी की स्थिर ग्रोथ और खरीदारों के भरोसे के बीच यह फंडिंग मॉडल कंपनी को आने वाले समय में और मजबूत बनाएगा।

Swiggy इस वक्त भारतीय क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी में सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी है — और यह कदम इसे मार्केट लीडर बनने की दिशा में और आगे ले जाएगा।

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🍔 Swiggy की आय में 54% की बढ़त, लेकिन घाटा बढ़कर ₹1,092 करोड़ पहुंचा

Swiggy

भारत की फूडटेक और क्विक कॉमर्स दिग्गज Swiggy ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम 54% बढ़कर ₹5,561 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹3,601 करोड़ थी।

हालांकि, मजबूत टॉपलाइन ग्रोथ के बावजूद, Swiggy का घाटा 74% बढ़कर ₹1,092 करोड़ तक पहुंच गया। यह कंपनी के लिए चिंता की बात है क्योंकि खर्चों में तेजी से इज़ाफा हुआ है।


🚴‍♂️ Scootsy Logistics बना सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर

Swiggy की सहायक इकाई Scootsy Logistics ने कंपनी के कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू में सबसे बड़ा योगदान दिया।
Q2 FY26 में Scootsy का रेवेन्यू 76% बढ़कर ₹2,560 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,453 करोड़ था।

Scootsy ने इस तिमाही में Swiggy की कुल आय में 46% हिस्सा दिया, जो कंपनी के लिए एक मजबूत वृद्धि का संकेत है।


🍕 फूड डिलीवरी बिजनेस में 22% की बढ़त

Swiggy का पारंपरिक फूड डिलीवरी बिजनेस भी लगातार मजबूत हो रहा है।
कंपनी की इस सेगमेंट से आय 22% बढ़कर ₹1,923 करोड़ तक पहुंच गई, जो कुल रेवेन्यू का लगभग 35% हिस्सा रही।

Swiggy ने अपने यूज़र एक्सपीरियंस, डिलीवरी नेटवर्क और रेस्तरां पार्टनरशिप में सुधार के ज़रिए इस ग्रोथ को हासिल किया है।


⚡ Instamart ने दिखाया जबरदस्त डबल ग्रोथ

Swiggy की क्विक कॉमर्स शाखा Instamart ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।
इसका रेवेन्यू ₹490 करोड़ से दोगुना होकर ₹980 करोड़ तक पहुंच गया है।

Instamart ने पिछले एक साल में क्विक डिलीवरी सेगमेंट में अपने नेटवर्क को Tier 2 और Tier 3 शहरों तक फैलाया है, जिससे इसकी मांग में तेज़ी आई है।


💰 अन्य वर्टिकल्स से भी आय में इज़ाफा

Swiggy के अन्य बिजनेस जैसे Dine Out, Swiggy Genie, और Swiggy Mini ने भी कंपनी की कुल कमाई में योगदान दिया।
इन सभी से होने वाली नॉन-ऑपरेटिंग इनकम को मिलाकर Swiggy की कुल आय ₹5,620 करोड़ दर्ज की गई।


📊 खर्चों में 56% की बढ़त

Swiggy के कुल खर्चों में 56% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹4,309 करोड़ से बढ़कर ₹6,711 करोड़ तक पहुंच गए।

  • FMCG प्रोक्योरमेंट (सप्लाई चेन के लिए प्रोडक्ट खरीद): ₹2,342 करोड़ (34.9% खर्च) — 69% की बढ़त
  • डिलीवरी एक्सपेंस: ₹1,426 करोड़ — 30% की बढ़त
  • कर्मचारी लाभ: ₹690 करोड़
  • एडवर्टाइजिंग खर्च: ₹1,039 करोड़ — 94% की भारी बढ़ोतरी
  • डिप्रिशिएशन और अमॉर्टाइजेशन: ₹304 करोड़ — 132% की बढ़ोतरी

इन बढ़ते खर्चों के चलते कंपनी का कुल घाटा भी तेजी से बढ़ा।


📉 घाटा 74% बढ़कर ₹1,092 करोड़ तक पहुंचा

Swiggy के घाटे में 74% की बढ़ोतरी हुई है।
Q2 FY25 में कंपनी का घाटा ₹626 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹1,092 करोड़ हो गया है।

हालांकि कंपनी ने कई नए वर्टिकल्स और ऑफ़र्स लॉन्च किए हैं, परंतु मार्केटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च ने इसके प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित किया है।


📆 हाफ ईयर परफॉर्मेंस (H1 FY26)

FY26 की पहली छमाही में Swiggy का रेवेन्यू ₹10,522 करोड़ रहा, जो पिछले साल (₹6,824 करोड़) से 54% ज़्यादा है।
लेकिन घाटा भी 85% बढ़कर ₹2,289 करोड़ हो गया।

यह दर्शाता है कि कंपनी अभी ग्रोथ मोड में है, लेकिन प्रॉफिट तक पहुंचने में समय लगेगा।


💸 Rapido स्टेक सेल से ₹2,399 करोड़ की कमाई

हाल ही में Swiggy ने Rapido में अपनी हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹2,399 करोड़ जुटाए हैं।
इस डील में Swiggy ने अपने शेयर Prosus-owned MIH Investments One B.V., Setu AIF Trust और WestBridge को बेचे।

इससे कंपनी को अपने चार साल पुराने निवेश पर 2.5x रिटर्न मिला।


📈 मार्केट वैल्यू और स्टॉक अपडेट

Q2 FY26 के अंत में Swiggy के शेयर ₹418 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे।
कंपनी की कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹1,04,234.44 करोड़ (लगभग $11.8 बिलियन) रही।


🍴 Zomato से तुलना

Swiggy की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal ने Q2 FY26 में ₹13,590 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल ₹4,799 करोड़ था — यानी 2.8x की वृद्धि।
हालांकि उसका मुनाफा घटकर ₹65 करोड़ रह गया।


🔍 निष्कर्ष

Swiggy ने इस तिमाही में मजबूत ग्रोथ दिखाई है — चाहे वह फूड डिलीवरी हो या क्विक कॉमर्स।
लेकिन बढ़ते एडवर्टाइजिंग और ऑपरेशनल खर्चों ने इसकी प्रॉफिटेबिलिटी को झटका दिया है।

अगर कंपनी अपने खर्चों को नियंत्रित कर लेती है, तो आने वाले समय में Swiggy भारतीय फूड डिलीवरी सेक्टर की सबसे बड़ी प्रॉफिटेबल कंपनियों में शामिल हो सकती है।

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📈 डबल रेवेन्यू लेकिन डबल घाटा भी Swiggy की Q1 FY26

Swiggy

🧾 ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 54% की जबरदस्त बढ़त

Swiggy ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में ₹4,961 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान तिमाही ₹3,222 करोड़ की तुलना में 54% अधिक है। यह बढ़ोतरी Swiggy के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, लेकिन इसके साथ ही चिंता की बात यह है कि कंपनी का घाटा भी लगभग दोगुना हो गया है।

🚚 Scootsy Logistics बना सबसे बड़ा कमाई का स्रोत

Swiggy की सहायक कंपनी Scootsy Logistics ने कंपनी की कुल ऑपरेटिंग इनकम में 46% हिस्सेदारी दर्ज की। Q1 FY26 में Scootsy की कमाई ₹2,259 करोड़ रही, जो कि Q1 FY25 में ₹1,268 करोड़ थी — यानी 78% की सालाना वृद्धि

🍽️ फूड डिलीवरी बिजनेस में 19% की बढ़त

Swiggy का मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस अभी भी इसकी आय का प्रमुख स्रोत बना हुआ है। Q1 FY26 में इस वर्टिकल से कंपनी को ₹1,800 करोड़ की कमाई हुई, जो कि पिछले साल ₹1,518 करोड़ थी। यानी फूड डिलीवरी से 19% की YoY ग्रोथ दर्ज हुई।

🛒 क्विक कॉमर्स ने भी दिखाई दोगुनी रफ्तार

Swiggy का क्विक कॉमर्स सेगमेंट, जो इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए किराना और एफएमसीजी प्रोडक्ट्स डिलीवर करता है, ने भी जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की। इसकी कमाई दोगुनी होकर ₹806 करोड़ हो गई, जो कि पिछले साल Q1 FY25 में ₹374 करोड़ थी। ऑर्डर फ्रिक्वेंसी और नए डार्क स्टोर्स की बदौलत इस सेगमेंट का GOV (Gross Order Value) काफी बढ़ा।

🍲 अन्य सेवाओं से कुल आय ₹5,048 करोड़

Swiggy की अन्य सेवाएं — जैसे Dine Out, Genie, Swiggy Mini और गैर-ऑपरेटिंग इनकम को मिलाकर कंपनी की कुल आमदनी Q1 FY26 में ₹5,048 करोड़ तक पहुंच गई।


💸 खर्च में 60% की भारी बढ़त, घाटा पहुंचा ₹1,197 करोड़

राजस्व बढ़ने के बावजूद कंपनी का कुल खर्च भी तेजी से बढ़ा। FMCG प्रोडक्ट्स की खरीद में ₹2,064 करोड़ (33% खर्च), डिलीवरी शुल्क में ₹1,313 करोड़ (26% वृद्धि), कर्मचारियों के वेतन और बेनिफिट्स पर ₹686 करोड़ तथा विज्ञापन पर ₹1,036 करोड़ खर्च किया गया।

इन सभी को मिलाकर Swiggy का कुल खर्च Q1 FY26 में ₹6,244 करोड़ हो गया, जो कि पिछले साल ₹3,908 करोड़ था — यानी 60% का इजाफा। और इसी खर्च की वजह से कंपनी का घाटा ₹611 करोड़ से बढ़कर ₹1,197 करोड़ हो गया — 96% की बढ़त, यानी लगभग दोगुना।


🔁 बोर्ड में बदलाव: नए चेहरों की एंट्री

Swiggy ने हाल ही में अपने बोर्ड में बदलाव किया है। SoftBank के सुमेर जुनेजा और Accel के आनंद डेनियल ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। उनकी जगह noon के CEO फाराज़ खालिद को स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति Swiggy की अंतरराष्ट्रीय रणनीतियों की ओर इशारा करती है।


💹 Swiggy शेयर और मार्केट कैप में स्थिरता

Swiggy के शेयर गुरुवार को ₹404 पर ट्रेड हो रहे थे और कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹1,00,730 करोड़ के स्तर पर पहुंच चुका है।


⚔️ Zomato से तुलना: बढ़त के बावजूद मुनाफा नहीं

Swiggy की मुख्य प्रतिद्वंदी Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal ने भी Q1 FY26 में 70% रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹7,167 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जबकि Q1 FY25 में यह ₹4,206 करोड़ था। हालांकि, Eternal का मुनाफा घटकर ₹25 करोड़ रह गया है, जो कि एक अलग तरह की चुनौती दिखाता है।


📊 निष्कर्ष: विकास की रफ्तार बनी हुई है, लेकिन घाटा चिंता का कारण

Swiggy ने रेवेन्यू और उपयोगकर्ता संख्या दोनों में जोरदार बढ़त दिखाई है। फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और नई सेवाओं में निवेश की बदौलत कंपनी का बाजार विस्तार जारी है। लेकिन लगातार बढ़ते खर्च और दोगुने घाटे से यह स्पष्ट है कि लाभप्रदता तक का सफर अभी लंबा है। Swiggy को अपने लागत ढांचे पर नियंत्रण और मार्जिन में सुधार के लिए आने वाले तिमाहियों में रणनीतिक फैसले लेने होंगे।

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🍽️ Swiggy और Rapido के रिश्तों में खटास?

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फूडटेक दिग्गज Swiggy और मोबिलिटी कंपनी Rapido के बीच रणनीतिक साझेदारी अब सवालों के घेरे में है। Swiggy ने स्टॉक एक्सचेंज में फाइलिंग कर यह संकेत दिया है कि वह Rapido में किए गए अपने निवेश की “सक्रिय समीक्षा” कर रहा है। कारण बताया गया है – दोनों कंपनियों के व्यवसायिक रिश्तों की बदलती प्रकृति।

💰 निवेश और हिस्सेदारी की कहानी

Swiggy ने अप्रैल 2022 में Rapido के $180 मिलियन Series D राउंड का नेतृत्व किया था और करीब 12% हिस्सेदारी खरीदी थी। इस निवेश ने समय के साथ अच्छा मूल्यवृद्धि (value appreciation) दर्ज किया है। लेकिन अब Swiggy इसे भुनाने (monetize) की दिशा में सोच रहा है ताकि उसकी बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके।

दिलचस्प बात यह है कि Swiggy ने Rapido की हालिया $200 मिलियन Series E फंडिंग (जून 2025) में भाग नहीं लिया, जिसे Nexus ने लीड किया था। यह दर्शाता है कि दोनों के बीच रणनीतिक समीकरण बदल रहे हैं।

📊 Swiggy का ताज़ा प्रदर्शन: मजबूत ग्रोथ के संकेत

Swiggy का Q1 FY26 (अप्रैल-जून 2025) प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का कुल ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) 45.2% की साल-दर-साल वृद्धि के साथ ₹14,797 करोड़ रहा। यह ग्रोथ मुख्यतः फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स (Instamart), और आउट-ऑफ-होम कंजम्पशन से आई है।

🍔 फूड डिलीवरी से हुआ सबसे बड़ा योगदान

  • GOV: ₹8,086 करोड़ (YoY वृद्धि: 18.8%)
  • पिछले साल की तुलना में ₹6,808 करोड़ से उछाल
  • Monthly Transacting Users (MTUs): 1.2 मिलियन नए यूज़र्स जुड़े, कुल 16.3 मिलियन (8 क्वार्टर में सबसे अधिक वृद्धि)
  • डिलीवरी पार्टनर्स: 6.06 लाख एक्टिव मंथली पार्टनर्स
  • टोटल ऑर्डर्स: 264 मिलियन

🌧️ मानसून और एप्रेज़ल का असर – मार्जिन में गिरावट

हालांकि, फूड डिलीवरी वॉल्यूम में वृद्धि हुई, लेकिन सीजनल कारणों से मार्जिन पर असर पड़ा।

  • Adjusted EBITDA Margin: Q4 FY25 के 2.9% से घटकर Q1 FY26 में 2.4%
  • कारण: मानसून में डिलीवरी पार्टनर्स की वापसी और एनुअल एंप्लॉयी एप्रेज़ल

⚡ Instamart बना ग्रोथ इंजन – 100% से अधिक की ग्रोथ!

Swiggy की क्विक कॉमर्स यूनिट Instamart ने तगड़ा प्रदर्शन किया।

  • GOV: ₹5,655 करोड़ (YoY वृद्धि: 107.6%)
  • Average Order Value (AOV): ₹612 (25.7% की वृद्धि)
  • टोटल ऑर्डर्स: 92 मिलियन

Swiggy ने इस क्वार्टर में 41 नए डार्क स्टोर जोड़े, जिससे इनकी कुल संख्या 1,062 हो गई जो कि 127 शहरों में फैले हैं। अब कंपनी डिमांड वाले क्षेत्रों में ही विस्तार कर रही है और मौजूदा कैपेसिटी को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है।

💼 कंपनी की वित्तीय स्थिति

Swiggy के पास तिमाही के अंत में ₹5,354 करोड़ की नकद राशि और नकदी समतुल्य (cash & cash equivalents) थी। कंपनी ने यह भी दोहराया कि Instamart को स्केल करना उसकी प्राथमिकता है, साथ ही वह Q3 FY26 से Q1 FY27 के बीच contribution margin breakeven हासिल करने की दिशा में अग्रसर है।

🏍️ Rapido की स्थिति और बढ़ती दूरी

Rapido ने हाल ही में यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री ली है और उसकी वैल्यूएशन में तेज उछाल देखा गया है। लेकिन Swiggy की अनुपस्थिति उसके लेटेस्ट फंडिंग राउंड में यह दर्शाती है कि दोनों के बीच रणनीतिक तालमेल कमजोर हुआ है।

Swiggy का कहना है कि वह निवेश समीक्षा के बाद उचित निर्णय लेगा—हो सकता है कि वह अपनी हिस्सेदारी पूरी तरह बेच दे या आंशिक निकासी करे।

🤖 बाजार और निवेशकों की नजरें अब Swiggy पर

Swiggy के लिए यह एक क्रूशियल मोड़ है—एक तरफ निवेश की समीक्षा है, तो दूसरी तरफ Instamart जैसी यूनिट की आक्रामक ग्रोथ और फूड डिलीवरी में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का दबाव।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि Swiggy अब रिज़ल्ट-ओरिएंटेड रणनीतियों की ओर बढ़ रहा है, जहां हर निवेश को लाभप्रदता और रणनीतिक दृष्टिकोण से परखा जाएगा।


📌 निष्कर्ष:
Swiggy और Rapido की कहानी अब सिर्फ निवेश की नहीं, बल्कि बदलते बिज़नेस इकोसिस्टम की भी है। जहां एक ओर Swiggy अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने और Instamart को स्केल करने में जुटा है, वहीं Rapido के साथ संबंधों की पुनः समीक्षा उसकी रणनीतिक सतर्कता को दर्शाता है। आने वाले महीनों में यह देखना रोचक होगा कि Swiggy इस साझेदारी को आगे कैसे ले जाता है।

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🧑‍💼 Swiggy के बोर्ड में बड़ा बदलाव

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📅 25 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में Swiggy ने बड़े बदलाव किए। SoftBank के Sumer Juneja और Accel के Anand Daniel ने Swiggy के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है, जबकि Middle East की ई-कॉमर्स कंपनी Noon के CEO Faraz Khalid को नए स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।

यह बदलाव Swiggy के IPO (Initial Public Offering) के बाद के गवर्नेंस स्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने की रणनीति का हिस्सा हैं।


👥 निदेशक मंडल में नए चेहरे

Swiggy ने Faraz Khalid को बतौर Independent Director नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 5 वर्षों का होगा और यह नियुक्ति शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के अधीन है।

💼 Faraz Khalid कौन हैं?

Faraz Khalid ने Middle East की नामी कंपनी Namshi की सह-स्थापना की थी और अब वह Noon के CEO हैं। Noon को उन्होंने Middle East और North Africa (MENA) क्षेत्र में अग्रणी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया।

उनका अनुभव ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी में गहरा है, जो Swiggy के भविष्य के विस्तार और रणनीतियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।


🔁 पुराने निदेशक का दोबारा कार्यकाल

Swiggy ने Shailesh Vishnubhai Haribhakti को भी एक बार फिर से पांच साल के लिए Non-Executive Independent Director के रूप में नियुक्त किया है। उनका दूसरा कार्यकाल 24 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगा।

Haribhakti एक अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट अकाउंटेंट हैं, जिनके पास 50 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे Shailesh Haribhakti & Associates के चेयरमैन और GovEVA Consulting के वाइस चेयरमैन भी हैं।


📉 बोर्ड से हटे दो दिग्गज

Swiggy के बोर्ड से हटने वाले दो नामचीन निवेशक हैं:

  • Sumer Juneja (SoftBank)
  • Anand Daniel (Accel)

इन दोनों निवेशकों ने शुरुआती चरण में Swiggy में महत्वपूर्ण निवेश किया था और यह इस्तीफे इस बात का संकेत हैं कि कंपनी अब अपने पब्लिक मार्केट अवतार की ओर बढ़ रही है।


📊 Swiggy बनाम Zomato: तगड़ी टक्कर जारी

हालांकि Swiggy ने अब तक Q1 FY26 के परिणाम दाखिल नहीं किए हैं, लेकिन पिछली तिमाही में कंपनी ने 45% की साल-दर-साल ग्रोथ के साथ Rs 4,410 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था। वहीं, कंपनी का घाटा बढ़कर Rs 1,081 करोड़ तक पहुँच गया।

दूसरी ओर, प्रतियोगी Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal ने Q1 FY26 में Rs 7,167 करोड़ का राजस्व दर्ज किया है, जिससे साफ है कि प्रतिस्पर्धा बहुत मजबूत बनी हुई है।


📈 शेयर बाज़ार में Swiggy की स्थिति

बाजार बंद होने के समय Swiggy के शेयर का मूल्य Rs 408.3 रहा और कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन Rs 1,01,815.6 करोड़ (लगभग $11.9 बिलियन) तक पहुंच गई है।


🧠 विश्लेषण: क्या संकेत देता है यह बदलाव?

Swiggy के बोर्ड में यह बदलाव दिखाता है कि कंपनी कॉर्पोरेट गवर्नेंस, स्वतंत्र निर्णयों और दीर्घकालिक विज़न पर जोर दे रही है। IPO के बाद, भारतीय स्टार्टअप्स में अक्सर बोर्ड संरचना में ऐसे बदलाव देखने को मिलते हैं जिससे कि कंपनी का प्रोफेशनल और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित हो सके।


🧾 निष्कर्ष

Swiggy का यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी अब पब्लिक इन्वेस्टर्स के लिए जवाबदेह, और व्यवस्थित कॉर्पोरेट गवर्नेंस मॉडल को अपनाने की दिशा में अग्रसर है। Faraz Khalid और Shailesh Haribhakti जैसे प्रोफेशनल्स की नियुक्ति, Swiggy को भारत के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स स्पेस में लंबी रेस का घोड़ा बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

अब देखना होगा कि Swiggy आने वाले महीनों में बिज़नेस प्रदर्शन, लाभप्रदता और शेयर बाज़ार में स्थिरता को कैसे संभालता है।

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📦 Swiggy ने कर्मचारियों को दिया ₹150 करोड़ का ESOP बोनस,

Swiggy

भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी Swiggy ने अपने कर्मचारियों के लिए ₹150 करोड़ ($17.5 मिलियन) के नए ESOP (Employee Stock Option Plan) की घोषणा की है। इस कदम को कंपनी द्वारा अपने टैलेंट को बनाए रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब यह IPO और नए बिजनेस वर्टिकल्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है।


💼 क्या है ESOP योजना?

Swiggy ने ESOP 2024 योजना के तहत 38.86 लाख स्टॉक ऑप्शन ग्रांट किए हैं। NSE में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, इन स्टॉक्स की मौजूदा बाजार कीमत ₹385.3 प्रति शेयर है, जिससे इस ग्रांट की कुल वैल्यू करीब ₹150 करोड़ बैठती है।

📌 ये स्टॉक ऑप्शन्स ₹1 की एक्सरसाइज़ प्राइस पर दिए गए हैं और वेस्टिंग पीरियड के बाद इन्हें फुली पेड इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है। कर्मचारी इन्हें वेस्टिंग के बाद कभी भी एक्सरसाइज़ कर सकते हैं—बशर्ते कंपनी का लिक्विडेशन न हो।


🧑‍💻 कर्मचारियों के लिए क्या मायने रखता है ये?

यह कदम Swiggy के कर्मचारियों को कंपनी की ग्रोथ का भागीदार बनाता है। इससे न केवल नौकरी में स्थायित्व बढ़ता है, बल्कि कर्मचारियों को कंपनी के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता बनाए रखने की भी प्रेरणा मिलती है।

“हम अपने लोगों को केवल संसाधन नहीं, बल्कि ग्रोथ पार्टनर मानते हैं। ESOP ग्रांट उसी सोच की झलक है,” कंपनी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा।


🆕 नए क्षेत्रों में विस्तार

Swiggy ने हाल ही में एक नया ऐप ‘Crew’ लॉन्च किया है, जो ट्रैवल कंसीयर्ज और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट सेवाओं की पेशकश करता है। यह कंपनी की मुख्य डिलीवरी सेवाओं से हटकर एक नया प्रयोग है, जो इसके वर्टिकल डाइवर्सिफिकेशन की रणनीति को दर्शाता है।


📈 Swiggy का वित्तीय प्रदर्शन: FY25 की झलक

वित्तीय आंकड़ेतिमाहीआंकड़े
राजस्वQ4 FY25₹4,410 करोड़
वार्षिक राजस्वFY25₹15,227 करोड़
घाटाQ4 FY25₹1,081 करोड़ (95% की वृद्धि)

Swiggy की राजस्व वृद्धि जहां सराहनीय रही, वहीं घाटे में भारी उछाल भी देखा गया। यह खर्च कंपनी के लॉजिस्टिक्स, डिस्काउंट्स और नए इनोवेशन में निवेश के कारण हुआ है।


🤝 प्रतिस्पर्धा की स्थिति

Swiggy को भारत में मुख्य रूप से Zomato और Zepto जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।

  • Zomato ने Q4 FY25 में ₹39 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।
  • Zepto ने FY24 में अपने घाटे को घटाकर ₹1,248 करोड़ कर दिया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि Swiggy को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए न केवल ग्रोथ, बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी पर भी ध्यान देना होगा।


📊 शेयर बाजार की स्थिति

  • Swiggy का शेयर मूल्य (11 जुलाई 2025): ₹385.3
  • कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन: ₹96,080 करोड़ (~$11.3 बिलियन)

ESOP की यह ग्रांट कंपनी के शेयरहोल्डर्स और कर्मचारियों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत देती है कि कंपनी भविष्य को लेकर आशावादी और तैयार है।


🗓️ हाल की दूसरी ESOP गतिविधियां

यह पहली बार नहीं है जब Swiggy ने बड़ा ESOP प्लान लॉन्च किया हो। अप्रैल 2025 में, कंपनी ने अपने ESOP 2024 प्लान के तहत ₹443.4 करोड़ ($52 मिलियन) के स्टॉक ऑप्शन की घोषणा की थी।

इससे साफ है कि कंपनी अपने टैलेंट पूल को बनाए रखने और प्रोत्साहित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।


🔍 निष्कर्ष: क्या कहता है यह निर्णय?

Swiggy का ₹150 करोड़ का यह ESOP ग्रांट दर्शाता है कि कंपनी:

  • कर्मचारियों को दीर्घकालिक सफलता में भागीदार बनाना चाहती है।
  • IPO से पहले प्रतिभाओं को बनाए रखने की रणनीति अपना रही है।
  • फिनटेक और लाइफस्टाइल सॉल्यूशंस जैसे नए क्षेत्रों में निवेश कर रही है।
  • वित्तीय घाटों को संतुलित करते हुए ग्रोथ बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है।

📢 अंतिम शब्द

Swiggy आज केवल एक फूड डिलीवरी ऐप नहीं, बल्कि एक विस्तृत डिजिटल उपभोक्ता ब्रांड बनने की दिशा में बढ़ रहा है। चाहे वो ESOP ग्रांट हो या नए ऐप्स का लॉन्च, कंपनी अपने भविष्य को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।

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🍔 Swiggy में हलचल: Citi ने बेचे ₹12.2 करोड़ के शेयर,

Swiggy

अमेरिका की बैंकिंग दिग्गज Citigroup Inc. की ब्रोकरेज इकाई Citigroup Global Markets ने भारतीय फूड डिलीवरी यूनिकॉर्न Swiggy में अपनी कुछ हिस्सेदारी फ्रांस की बैंकिंग दिग्गज BNP Paribas Financial Markets को बेच दी है।

यह ट्रांजैक्शन ब्लॉक डील के ज़रिए हुआ, जिसमें Citi ने Swiggy के 3.2 लाख शेयर ₹381 प्रति शेयर की दर पर BNP Paribas को बेचे, जिसकी कुल वैल्यू ₹12.2 करोड़ रही।

यह डील उस समय सामने आई है जब Swiggy अपने ‘Minis’ डिजिटल स्टोरफ्रंट प्लेटफॉर्म को बंद करने की तैयारी कर रहा है।


🧾 Citi और BNP Paribas के बीच सौदा: क्या है डील की अहमियत?

  • 💼 बेचे गए शेयर: 3.2 लाख
  • 💰 प्रति शेयर कीमत: ₹381
  • 📈 कुल डील वैल्यू: ₹12.2 करोड़
  • 🏦 खरीदार: BNP Paribas Financial Markets
  • 🏛️ बिक्रीकर्ता: Citigroup Global Markets

यह सौदा भारतीय शेयर बाजार के बुल्क डील सेगमेंट में रिकॉर्ड किया गया है, जो आमतौर पर तब होता है जब एक निवेशक बड़ी मात्रा में शेयर दूसरी फर्म को ट्रांसफर करता है।


🛑 Swiggy Minis: बंद होने की ओर

Swiggy अपने ‘Minis’ प्लेटफॉर्म को 10 अगस्त 2025 तक पूरी तरह से बंद कर देगा। यह प्लेटफॉर्म पिछले एक साल से Swiggy ऐप में एक्टिव नहीं था, जिससे संकेत मिल रहे थे कि यह एक फेज़्ड शटडाउन की प्रक्रिया में था।

Minis ने यूज़र्स को छोटे विक्रेताओं से घरेलू खाने, गिफ्ट्स, बेकिंग मटेरियल्स और अन्य ‘नॉन-फूड’ प्रोडक्ट्स खरीदने की सुविधा दी थी। हालांकि, Swiggy की मुख्य प्राथमिकता अब दो क्षेत्रोंफूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स — पर केंद्रित होती जा रही है।


📊 Swiggy के ताज़ा वित्तीय आंकड़े

Swiggy ने FY25 की अंतिम तिमाही (जनवरी–मार्च) में निम्नलिखित वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया:

  • 💸 कुल रेवेन्यू: ₹4,410 करोड़
  • 📉 कुल घाटा: ₹1,081 करोड़
  • 🍽️ फूड डिलीवरी का योगदान: 37%
  • क्विक कॉमर्स का योगदान: शेष प्रमुख हिस्सा

Swiggy की फूड डिलीवरी सेवाएं अभी भी उसकी राजस्व की सबसे बड़ी धुरी हैं, जबकि क्विक कॉमर्स (Instamart जैसी सेवाएं) ने भी तेज़ी से ग्रोथ दर्ज की है।


💹 शेयर बाज़ार में Swiggy की स्थिति

  • 📍 वर्तमान शेयर मूल्य: ₹392.2 (11:42 AM, 4 जुलाई 2025 तक)
  • 🧮 मार्केट कैप: ₹96,030 करोड़

हालांकि Swiggy अभी भी लॉस मेकिंग कंपनी बनी हुई है, लेकिन कंपनी का वैल्यूएशन और बाजार में भरोसा कायम है। BNP Paribas जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की दिलचस्पी इसी ट्रस्ट को दर्शाती है।


🧐 BNP Paribas का रणनीतिक मूव

BNP Paribas Financial Markets की ओर से Swiggy में यह निवेश दर्शाता है कि फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में अभी भी ग्रोथ की उम्मीद है। इस सौदे से BNP को Swiggy जैसे अग्रणी ब्रांड में हिस्सेदारी मिली, जो आने वाले IPO की तैयारी कर रहा है।

यह डील Citi की रणनीतिक एग्ज़िट को भी दर्शाती है, जो Swiggy में अपने निवेश से लाभ लेकर बाहर निकलने का संकेत हो सकता है।


🔮 Swiggy का आगे का रोडमैप

Swiggy आने वाले समय में इन पहलुओं पर फोकस कर सकता है:

  1. 📈 लाभप्रदता (Profitability) की दिशा में काम
  2. 🛒 Instamart और क्विक कॉमर्स सेगमेंट का विस्तार
  3. 📲 टेक्नोलॉजी और डिलीवरी ऑप्टिमाइज़ेशन
  4. 🧾 IPO की ओर कदम — Swiggy के IPO की अफवाहें पहले से ही चल रही हैं

हाल ही में, Swiggy ने अपने IPO के लिए DRHP दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस डील से पहले ही निवेशकों का मूड सकारात्मक दिख रहा है।


📣 निष्कर्ष

Citi द्वारा BNP Paribas को Swiggy के शेयर बेचना और Minis प्लेटफॉर्म का बंद होना, दोनों घटनाएं इस बात के संकेत हैं कि Swiggy अब अपने कोर बिज़नेस – फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स – पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा है।

🔍 BNP Paribas का निवेश यह दिखाता है कि विदेशी निवेशक भारतीय उपभोक्ता इंटरनेट कंपनियों पर भरोसा बनाए हुए हैं, खासकर उन पर जो स्केलेबल और टेक-ड्रिवन हों।

💡 Swiggy जैसे यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के लिए अब लाभप्रदता की दिशा में बढ़ना और IPO की ओर सफर तय करना प्राथमिक लक्ष्य बनता जा रहा है। आने वाले महीनों में Swiggy के कदम भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए दिशा तय कर सकते हैं।

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Swiggy की जबरदस्त ग्रोथ: Q3 FY25 में 31% की सालाना वृद्धि,

Swiggy

भारत की अग्रणी फूडटेक और क्विक कॉमर्स कंपनी Swiggy ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में शानदार 31% सालाना वृद्धि दर्ज की है। Swiggy का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹3,993 करोड़ तक पहुंच गया, जो Q3 FY24 में ₹3,048 करोड़ था।

इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान फूड डिलीवरी बिजनेस और Instamart (क्विक ग्रोसरी डिलीवरी) का रहा। खासकर, Swiggy Instamart ने 113% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की, जिससे कंपनी का कुल रेवेन्यू तेजी से बढ़ा।


Swiggy की ग्रोथ: आंकड़ों पर एक नजर

तिमाहीकुल ऑपरेटिंग रेवेन्यूफूड डिलीवरी रेवेन्यूक्विक कॉमर्स रेवेन्यू
Q3 FY24₹3,048 करोड़₹1,326 करोड़₹270 करोड़
Q3 FY25₹3,993 करोड़₹1,367 करोड़₹576 करोड़
वृद्धि31%3%113%

Swiggy का फूड डिलीवरी सेगमेंट अभी भी कंपनी के कुल रेवेन्यू का 34.23% योगदान देता है, लेकिन क्विक कॉमर्स (Instamart) सेगमेंट में जबरदस्त 113% ग्रोथ देखी गई।


फूड डिलीवरी बिजनेस में स्थिर वृद्धि

Swiggy का फूड डिलीवरी सेगमेंट Q3 FY25 में ₹1,367 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1,326 करोड़ से 3% अधिक है।

🔹 Swiggy One में सब्सक्राइबर ग्रोथ
Swiggy One सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत, यूजर्स को फ्री डिलीवरी, एक्सक्लूसिव डील्स और कैशबैक मिलते हैं। Swiggy One में नए सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ी है, जिससे फूड डिलीवरी रेवेन्यू को सपोर्ट मिला है।

🔹 लॉयल कस्टमर बेस और हाई-ऑर्डर वैल्यू
Swiggy के प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ी है, और औसत ऑर्डर वैल्यू (AOV) भी स्थिर बनी हुई है।


क्विक कॉमर्स (Instamart) सेगमेंट की जबरदस्त ग्रोथ – 113% की बढ़ोतरी!

Swiggy का Instamart (क्विक ग्रोसरी डिलीवरी बिजनेस) कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बन रहा है। Q3 FY25 में इस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹576 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹270 करोड़ था।

🔹 क्विक डिलीवरी की बढ़ती मांग
शहरी क्षेत्रों में 10-30 मिनट की ग्रोसरी डिलीवरी की बढ़ती डिमांड ने Instamart के ग्रोथ को बढ़ावा दिया है।

🔹 नए ‘डार्क स्टोर्स’ की ओपनिंग
Swiggy ने कई नए डार्क स्टोर्स (स्टोरहाउस) खोले हैं, जिससे डिलीवरी टाइम में सुधार हुआ है और ज्यादा ऑर्डर पूरे किए जा रहे हैं।

🔹 बार-बार ऑर्डर करने वाले ग्राहक बढ़े
Instamart से नियमित रूप से ग्रोसरी ऑर्डर करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ी है, जिससे Gross Order Value (GOV) ग्रोथ मजबूत हुई है।

Swiggy vs Zomato: कौन आगे?

Swiggy और Zomato के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा जारी है, लेकिन Instamart की ग्रोथ Swiggy को एक अलग पहचान दिला रही है।

कंपनीकुल रेवेन्यू (Q3 FY25)क्विक कॉमर्स रेवेन्यूफूड डिलीवरी रेवेन्यू
Swiggy₹3,993 करोड़₹576 करोड़₹1,367 करोड़
Zomato₹3,288 करोड़₹478 करोड़₹1,512 करोड़

Zomato अभी भी फूड डिलीवरी में आगे है, लेकिन Swiggy Instamart के दम पर बाज़ी मार सकता है।


Swiggy के भविष्य की योजनाएं

Swiggy अपनी ग्रोथ को बनाए रखने के लिए नए इनोवेशन और मार्केट विस्तार पर ध्यान दे रहा है।

📌 Swiggy One का विस्तार: लॉयल्टी प्रोग्राम को और अधिक शहरों में लॉन्च करना।
📌 Instamart की मजबूत पकड़: और अधिक डार्क स्टोर्स खोलकर तेजी से डिलीवरी प्रदान करना।
📌 कस्टमर एक्सपीरियंस में सुधार: AI-आधारित सिफारिशें और परसोनलाइज्ड डील्स देना।
📌 ई-कॉमर्स और नए प्रोडक्ट्स: Swiggy अपने प्लेटफॉर्म पर अन्य ऑन-डिमांड सर्विसेज भी जोड़ सकता है।


निष्कर्ष

Swiggy की Q3 FY25 में 31% ग्रोथ और Instamart की 113% वृद्धि यह दिखाती है कि कंपनी भारतीय फूडटेक और क्विक कॉमर्स स्पेस में तेजी से आगे बढ़ रही है।

फूड डिलीवरी से स्थिर रेवेन्यू
Instamart से रिकॉर्ड ग्रोथ
नई टेक्नोलॉजी और मार्केट विस्तार पर फोकस

Swiggy आने वाले समय में और भी इनोवेटिव सर्विसेज लाकर भारत में ऑनलाइन फूड और ग्रोसरी मार्केट को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है! 🚀

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Swiggy ने launched किया SNACC ऐप, 15 मिनट में मिलेगा खाना

Swiggy

फूडटेक दिग्गज Swiggy ने 15 मिनट में खाना डिलीवर करने के लिए अपना नया ऐप SNACC लॉन्च किया है। यह ऐप स्विगी की तेजी से बढ़ती डिलीवरी सेवाओं का हिस्सा है, जो ग्राहकों को जल्द से जल्द उनका ऑर्डर पहुंचाने पर केंद्रित है।


Swiggy का त्वरित डिलीवरी सफर: Bolt से SNACC तक

Bolt की शुरुआत

पिछले साल अक्टूबर में, Swiggy ने चुनिंदा शहरों में 10 मिनट की फूड डिलीवरी सेवा Bolt लॉन्च की थी।

  • Bolt का उद्देश्य ग्राहकों को लोकप्रिय रेस्टोरेंट्स और क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट्स (QSR) से जल्दी तैयार होने वाले भोजन की डिलीवरी करना था।
  • यह सेवा ग्राहक के 2-किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध रेस्टोरेंट्स से भोजन प्रदान करती थी।

SNACC का आगमन

SNACC Bolt के ही विस्तारित वर्शन के रूप में सामने आया है, जो 15 मिनट में फूड डिलीवरी की सुविधा देता है।

  • यह ऐप ब्रेकफास्ट, कॉफी, बेकरी आइटम, कोल्ड बेवरेज, अंडे और प्रोटीन जैसे उत्पादों की डिलीवरी करता है।
  • SNACC पर मौजूद भोजन को थर्ड-पार्टी फूड प्रोवाइडर्स और Blue Tokai तथा The Whole Truth जैसे ब्रांड्स से मंगवाया जाता है।

SNACC की विशेषताएं और रणनीति

तेज और कुशल सेवा

SNACC ऐप का मुख्य फोकस ग्राहकों को तेज और कुशल डिलीवरी सेवा प्रदान करना है।

  • 15 मिनट की समय सीमा ग्राहकों की सुविधा और त्वरित जरूरतों को पूरा करने के लिए तय की गई है।
  • SNACC का मॉडल उन उत्पादों पर आधारित है, जिन्हें जल्दी तैयार किया जा सकता है और ग्राहकों तक तेजी से पहुंचाया जा सकता है।

डेडिकेटेड ऐप का लाभ

स्विगी का SNACC ऐप Zepto और Blinkit जैसे प्रतिस्पर्धियों की रणनीति का अनुसरण करता है, जिन्होंने फूड डिलीवरी के लिए अलग-अलग ऐप्स लॉन्च किए हैं।

  • यह कदम ग्राहकों को अधिक केंद्रित अनुभव देने और स्पेशलाइज्ड मार्केट में प्रवेश करने की दिशा में है।

ग्राहकों के लिए नए अवसर

विविधता और गुणवत्ता

SNACC ग्राहकों को न केवल त्वरित डिलीवरी की सुविधा देता है, बल्कि वह गुणवत्ता और विविधता के लिए भी जाना जाएगा।

  • लोकप्रिय ब्रांड्स और उत्पादों की उपस्थिति SNACC को प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाती है।
  • Blue Tokai की कॉफी और The Whole Truth के हेल्दी स्नैक्स जैसे ब्रांड्स ग्राहकों के बीच SNACC की लोकप्रियता बढ़ाने में मदद करेंगे।

लघु दूरी पर डिलीवरी

SNACC केवल 2 किलोमीटर के दायरे में सेवाएं प्रदान करता है, जिससे डिलीवरी समय कम हो जाता है और भोजन की ताजगी बरकरार रहती है।


स्विगी की बढ़ती बाजार हिस्सेदारी

फूडटेक इंडस्ट्री में अग्रणी

SNACC ऐप लॉन्च करना स्विगी की फूडटेक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

  • त्वरित डिलीवरी सेवाओं की मांग में वृद्धि के साथ, स्विगी ने ग्राहकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है।
  • SNACC का लॉन्च प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाए रखने का प्रयास है।

प्रतिस्पर्धियों को चुनौती

SNACC सीधे तौर पर Zepto और Blinkit जैसे ब्रांड्स को चुनौती देता है, जो पहले ही क्विक फूड डिलीवरी मार्केट में सक्रिय हैं।

  • स्विगी का बड़ा नेटवर्क और ग्राहकों का भरोसा SNACC को प्रतिस्पर्धा में लाभ देगा।

स्विगी की भविष्य की योजनाएं

नई श्रेणियों में विस्तार

SNACC की लॉन्चिंग के साथ, स्विगी अन्य नई श्रेणियों में भी विस्तार कर सकता है।

  • ब्रेकफास्ट और स्नैक्स के अलावा, मुख्य भोजन और विशेष रेस्टोरेंट्स से साझेदारी SNACC की अपील को और बढ़ा सकती है।

टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स में निवेश

  • स्विगी अपने लॉजिस्टिक्स और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निवेश कर रहा है।
  • तेजी से बढ़ती मांग को संभालने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए AI और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जाएगा।

ग्राहकों के लिए क्या है नया?

बेहतर सुविधा और समय की बचत

SNACC ग्राहकों को समय की बचत और आसान पहुंच प्रदान करता है।

  • ऑफिस गोअर्स और कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए यह सेवा विशेष रूप से लाभदायक होगी।
  • सुबह का नाश्ता, कॉफी ब्रेक, या काम के बीच स्नैक्स, SNACC हर जरूरत के लिए तैयार है।

विशेष ऑफर्स और डिस्काउंट

  • SNACC ऐप पर विशेष छूट और ऑफर्स ग्राहकों को आकर्षित करेंगे।
  • नए लॉन्च के साथ, स्विगी ग्राहकों को लुभाने के लिए शुरुआती प्रमोशन भी कर सकता है।

निष्कर्ष

SNACC ऐप का लॉन्च स्विगी के फूडटेक इकोसिस्टम में एक बड़ा कदम है।

  • 15 मिनट की डिलीवरी सेवा के साथ, स्विगी ग्राहकों को तेज, गुणवत्ता-पूर्ण और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करने का वादा करता है।
  • बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, SNACC स्विगी की बाजार हिस्सेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भविष्य में, SNACC और स्विगी का यह कदम फूडटेक इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित कर सकता है।

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Swiggy का शानदार आईपीओ डेब्यू: पहले ही दिन शेयर में उछाल

Swiggy IPO

फूडटेक कंपनी Swiggy ने आज स्टॉक मार्केट में धमाकेदार एंट्री की, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 420 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट होकर 7.69% की बढ़त दर्ज की। Swiggy के आईपीओ का प्राइस बैंड 371-390 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था और इसकी कीमत 390 रुपये थी। शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद पहले ही दिन 7.69% का प्रीमियम देखने को मिला।

IPO के जरिए Swiggy ने जुटाए 4,499 करोड़ रुपये

Swiggy के आईपीओ को निवेशकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। IPO को 3.6 गुना अधिक सब्सक्राइब किया गया, जिसमें 4,499 करोड़ रुपये की नई इश्यू और 17.51 करोड़ शेयरों की ओएफएस (ऑफर फॉर सेल) शामिल थी। ओएफएस के जरिए 6,828 करोड़ रुपये की रकम जुटाई गई।

Swiggy में निवेशकों का भारी मुनाफा

Swiggy का आईपीओ कई बड़े निवेशकों के लिए एक मजबूत निवेश साबित हुआ। Prosus, Accel, Elevation, Tencent, और SoftBank जैसे निवेशकों ने Swiggy में निवेश किया था। स्विग्गी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, Prosus ने 9,055 करोड़ रुपये (लगभग 1.07 बिलियन डॉलर) का निवेश किया था और आईपीओ में 26,927 करोड़ रुपये (3.2 बिलियन डॉलर) का मुनाफा कमाया। इस तरह Prosus ने अपने निवेश पर 2.12 बिलियन डॉलर का लाभ हासिल किया है।

Tencent और SoftBank को भी हुआ अच्छा रिटर्न

Tencent ने Swiggy में लगभग 1,343 करोड़ रुपये का निवेश किया और आईपीओ में 3,166 करोड़ रुपये कमाए, यानी 2.35X रिटर्न मिला। इसी तरह, SoftBank और Tencent का निवेश क्रमशः 6,743 करोड़ रुपये ($800 मिलियन) और 3,165 करोड़ रुपये ($377 मिलियन) था, जो एक महत्वपूर्ण रिटर्न साबित हुआ। ये आंकड़े 390 रुपये के इश्यू प्राइस पर आधारित हैं, लेकिन स्टॉक की कीमत में बदलाव के साथ ये संख्या बदल सकती है।

Swiggy के IPO से कर्मचारियों को भी होगा बड़ा लाभ

Swiggy के IPO से कंपनी के लगभग 500 कर्मचारियों को भी बड़ा फायदा होगा। ESOP (Employee Stock Ownership Plan) के माध्यम से कर्मचारियों को लगभग 9,000 करोड़ रुपये का लाभ मिलने की संभावना है। यह उनके लिए एक बड़ी आर्थिक उपलब्धि साबित हो सकती है, जो उन्हें दीर्घकालिक विकास में मदद करेगी।

Swiggy का शेयर मार्केट में मजबूत प्रदर्शन

Swiggy का शेयर इस समय 445.45 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 99,745 करोड़ रुपये ($11.87 बिलियन) हो गया है। यह पिछली $10 बिलियन की वैल्यूएशन से 18.4% अधिक है, जो कंपनी ने अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइलिंग के समय हासिल की थी।

CEO श्रीहर्ष माजेटी ने जताई Swiggy के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद

Swiggy के CEO श्रीहर्ष माजेटी ने कंपनी के भविष्य को लेकर आशावाद व्यक्त किया। लिस्टिंग सेरेमनी के दौरान माजेटी ने कहा, “हम अगले 3-5 वर्षों में बहुत मजबूत विकास की उम्मीद कर रहे हैं। हम अपने Instamart व्यवसाय के लिए भौगोलिक विस्तार और स्टोर नेटवर्क में वृद्धि कर रहे हैं।” कंपनी का इरादा है कि वह अपनी सेवाओं को और अधिक स्थानों तक पहुंचाए और Instamart के जरिए किराना डिलीवरी को नए स्तर तक ले जाए।

लिस्टिंग से पहले Swiggy ने जुटाए 600 मिलियन डॉलर

Swiggy की लिस्टिंग से पहले कंपनी ने कुछ बड़े एंकर निवेशकों से 600 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि जुटाई थी। इनमें BlackRock, Fidelity, SBI Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, HSBC, Nomura, BNP Paribas, और Allianz Global जैसे प्रमुख संस्थागत निवेशक शामिल थे। इन निवेशकों का समर्थन Swiggy के मजबूत बिजनेस मॉडल और उसके विकास की संभावनाओं पर भरोसे को दर्शाता है।

प्रतिद्वंद्वी Zomato से मार्केट कैप में पीछे

Swiggy का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी Zomato है, जिसका बाजार पूंजीकरण इस समय 27.23 बिलियन डॉलर है, जो Swiggy की वर्तमान मार्केट कैप से लगभग दोगुना है। Swiggy और Zomato के बीच यह मुकाबला भारतीय फूड डिलीवरी बाजार में ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

Swiggy का आईपीओ भारत के टेक और फूड डिलीवरी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। यह न केवल कंपनी के निवेशकों के लिए लाभदायक रहा, बल्कि कंपनी के कर्मचारियों और इसके बिजनेस विस्तार के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

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