भारतीय लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Shadowfax ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) फाइल कर दिया है। यह फाइलिंग 1 जुलाई 2025 को समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से सामने आई है। दिलचस्प बात यह है कि Shadowfax ने यह प्रक्रिया गोपनीय मार्ग (confidential route) से अपनाई है, जो अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
💰 IPO से ₹2,000–2,500 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, Shadowfax इस IPO के माध्यम से ₹2,000 से ₹2,500 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह रकम नई इक्विटी इश्यू (Fresh Issue) और मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में जुटाई जाएगी। OFS में जो निवेशक हिस्सेदारी बेच सकते हैं उनमें शामिल हैं:
- Flipkart
- Eight Roads Ventures
- NGP Capital
इस पब्लिक इश्यू में ICICI Securities, JM Financial और Morgan Stanley प्रमुख एडवाइजरी पार्टनर की भूमिका निभा रहे हैं।
📊 पोस्ट-IPO वैल्यूएशन ₹6,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद
Shadowfax अपने IPO के बाद लगभग ₹5,500 से ₹6,000 करोड़ की वैल्यूएशन टार्गेट कर रहा है। यह आंकड़ा इस साल फरवरी में कंपनी द्वारा किए गए Series F फंडिंग राउंड की वैल्यूएशन से मेल खाता है, जिसमें कंपनी को करीब ₹5,981 करोड़ ($712 मिलियन) की वैल्यू प्राप्त हुई थी।
🚚 Shadowfax: एक नज़र में
स्थापना वर्ष: 2015
संस्थापक: अभिषेक बंसल, वैभव खंडेलवाल, प्रहर्ष चंद्रा और गौरव जैथलिया
मुख्यालय: बेंगलुरु
सेवाएं: लास्ट-माइल डिलीवरी, खासतौर पर ई-कॉमर्स, ग्रॉसरी, फूड और मेडिसिन सेगमेंट में
Shadowfax का नेटवर्क भारत भर में फैला हुआ है और कंपनी का दावा है कि इसके पास 1.25 लाख से अधिक एक्टिव डिलीवरी पार्टनर हर महीने काम करते हैं।
📈 वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में भारी ग्रोथ और घाटे में गिरावट
TheKredible के डेटा के अनुसार, Shadowfax ने अब तक करीब $246 मिलियन (लगभग ₹2,000 करोड़) का निवेश जुटाया है। इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:
- Eight Roads Ventures (सबसे बड़ा बाहरी शेयरहोल्डर)
- Flipkart
- NewQuest Asia
- Nokia Growth Partners
FY24 (वित्त वर्ष 2023-24) में कंपनी ने ₹1,885 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33.2% अधिक है।
और सबसे अहम बात — कंपनी ने अपने घाटे में 91% की गिरावट दर्ज की।
- FY23 का घाटा: ₹142 करोड़
- FY24 का घाटा: केवल ₹11.8 करोड़
यह कंपनी के ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार और यूनिट इकनॉमिक्स के मजबूत होने का संकेत है।
📈 Shadowfax सहित कई स्टार्टअप्स IPO की कतार में
Shadowfax के साथ-साथ भारत में कई और प्रमुख स्टार्टअप्स IPO लाने की तैयारी में हैं। इनमें से कई ने DRHP फाइल कर दिया है, कुछ गोपनीय और कुछ सार्वजनिक तरीके से। इन स्टार्टअप्स में शामिल हैं:
- Physics Wallah
- boAt
- Urban Company
- Shiprocket
- Groww
- Pine Labs
- Capillary Technologies
- Wakefit
- Curefoods
गोपनीय DRHP फाइलिंग का रास्ता चुनने वाले अन्य स्टार्टअप्स में boAt, Groww, Shiprocket, Physics Wallah और Aequs शामिल हैं। यह तरीका कंपनियों को बाजार की प्रतिक्रिया समझने और डेटा साझा करने में अधिक नियंत्रण प्रदान करता है।
🔍 गोपनीय DRHP क्या है?
गोपनीय DRHP वह प्रक्रिया है जिसमें कंपनी SEBI को प्रारंभिक दस्तावेज जमा करती है, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया जाता जब तक कि SEBI इसे मंजूरी नहीं दे देता। इससे स्टार्टअप्स को बाजार की प्रतिक्रिया देखने, प्रतिस्पर्धी डेटा छिपाने और IPO टालने के विकल्प खुला रखने में मदद मिलती है।
🔮 आगे की राह: Shadowfax का सार्वजनिक बाजार में प्रवेश
Shadowfax जैसे लास्ट माइल डिलीवरी पर केंद्रित स्टार्टअप का IPO में जाना, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेशकों की रुचि को दर्शाता है। महामारी के बाद से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में तकनीकी स्टार्टअप्स की मांग काफी बढ़ी है, और Shadowfax इस बदलाव का लाभ उठा रहा है।
अगर यह IPO सफल रहता है, तो यह अन्य लॉजिस्टिक्स और हाइपरलोकल डिलीवरी स्टार्टअप्स के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
🔚 निष्कर्ष
Shadowfax का IPO भारत के लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। फंडिंग में मजबूती, घाटे में कमी और मजबूत ऑपरेशनल नेटवर्क के साथ यह कंपनी अब सार्वजनिक निवेशकों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है। आने वाले महीनों में Shadowfax का IPO लॉन्च निवेशकों, बाजार विशेषज्ञों और स्टार्टअप जगत के लिए बेहद दिलचस्प रहने वाला है।
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