चश्मों और आईवियर रिटेलिंग की दिग्गज कंपनी Lenskart ने आज शेयर बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग की, लेकिन नतीजा उम्मीदों से काफी फीका रहा।
जहाँ कंपनी का IPO लगभग 28 गुना सब्सक्राइब हुआ था, वहीं लिस्टिंग 1.7% डिस्काउंट पर हुई।
🟦 📉 डिस्काउंट पर शुरुआत — निवेशकों की उम्मीद टूटी
आज NSE पर Lenskart के शेयर ₹395 प्रति शेयर पर खुले, जो ₹402 के IPO प्राइस से लगभग 1.7% नीचे था।
BSE पर शुरुआत और भी कमजोर रही, जहाँ शेयर ₹390 पर सूचीबद्ध हुआ—लगभग 3% का डिस्काउंट।
लिस्टिंग के कुछ मिनट बाद, स्टॉक 10% से ज्यादा गिरकर और नीचे गया, हालांकि दिन के बाद के हिस्से में कुछ रिकवरी दर्ज हुई।
📊 IPO को मिली थी जबरदस्त मांग — फिर लिस्टिंग कमजोर क्यों?
Lenskart का ₹7,278 करोड़ का IPO भारत के सबसे बड़े उपभोक्ता-टेक इश्यूज़ में से एक था। सब्सक्रिप्शन के आँकड़े बेहद मजबूत थे:
✅ कुल सब्सक्रिप्शन — 28.26X
✅ रिटेल इनवेस्टर्स — 7.53X
✅ QIBs (ex-anchors) — 40.35X
✅ NIIs — 18.2X
✅ कर्मचारी कोटा — 4.96X
IPO की मजबूत मांग, ब्रांड की भारी पहचान और पिछले वर्षों की ग्रोथ के बावजूद, लिस्टिंग ने वैसी बढ़त नहीं दिखाई जिसकी बाजार को उम्मीद थी।
मुख्य कारण विश्लेषकों के अनुसार यह हो सकता है कि:
- कंपनी की वैल्यूएशन काफी ऊँची थी
- 10x FY25 Sales और लगभग 69x EBITDA पर लिस्टिंग
- हाल ही में मार्केट की वोलैटिलिटी
- प्रॉफिटेबिलिटी की स्टेबिलिटी पर निवेशकों की सतर्कता
🏦 🪙 एंकर निवेशकों से जुटाए ₹3,268 करोड़
IPO से ठीक पहले, Lenskart ने 147 एंकर निवेशकों से ₹3,268 करोड़ जुटाए थे। इनमें शामिल थे:
- GIC
- Fidelity
- Goldman Sachs
- SBI MF
- HDFC MF
- Kotak MF
- और कई अन्य वैश्विक और घरेलू दिग्गज
ऐसा माना जा रहा था कि एंकर राउंड की मजबूती लिस्टिंग डे पर बेहतरीन प्रदर्शन की नींव रखेगी, लेकिन रिटेल और HNI माँग के मुकाबले संस्थागत सेलिंग प्रेशर ज्यादा दिखा।
📅 IPO की प्रमुख जानकारी
- ओपनिंग: 31 अक्टूबर 2025
- क्लोज़िंग: 4 नवंबर 2025
- प्राइस बैंड: ₹382–₹402
- लॉट साइज: 37 शेयर
- न्यूनतम निवेश: ₹14,874
🧾 📈 वित्तीय प्रदर्शन: Lenskart की ग्रोथ मजबूत बनी हुई
लिस्टिंग भले कमजोर रही, लेकिन कंपनी के बिजनेस नंबर बेहद मजबूत दिख रहे हैं।
✅ FY25 प्रदर्शन
- राजस्व (Revenue): ₹6,653 करोड़
(FY24 के ₹5,428 करोड़ से 22.6% YoY ग्रोथ) - नेट प्रॉफिट: ₹297 करोड़
(FY24 में ₹10 करोड़ का नुकसान → एक साल में मजबूत टर्नअराउंड)
✅ Q1 FY26 प्रदर्शन
- नेट प्रॉफिट: ₹61 करोड़
(Q1 FY25 में ₹10.9 करोड़ का नुकसान) - ऑपरेटिंग रेवेन्यू: ₹1,894.4 करोड़
(25% YoY वृद्धि)
SoftBank-backed Lenskart मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर आक्रामक तरीके से काम कर रही है। कंपनी भारत, मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया में तेजी से स्टोर्स और सप्लाई चेन बढ़ा रही है।
🌍 बाजार की प्रतिक्रिया: निवेशकों में मिश्रित भावनाएँ
लिस्टिंग के बाद बाजार में दो तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली:
✅ सकारात्मक संकेत
- लंबी अवधि में बिजनेस का स्केल, ब्रांड इक्विटी और अंतरराष्ट्रीय विस्तार
- मजबूत यूनिट इकोनॉमिक्स
- पिछले दो वर्षों में प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार
❌ नकारात्मक संकेत
- हाई वैल्यूएशन पर इश्यू प्राइस
- हालिया IPOs का कमजोर रिटर्न
- प्रॉफिटेबिलिटी की निरंतरता को लेकर निवेशकों की चिंता
🔍 क्या Lenskart आगे रिकवर करेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- लंबी अवधि में स्टॉक को कंपनी के तेज़ विस्तार, हाई रिटेंशन और ब्रांड लीडरशिप से फायदा मिलेगा
- लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी जारी रह सकती है, क्योंकि वैल्यूएशन ऊँची है और बाजार की भावना दबाव में है
कंपनी की ओम्नी-चैनल रणनीति, सप्लाई चेन इन-हाउस कंट्रोल और तेजी से ग्लोबल एक्पैंशन इसे अगले 3–5 वर्षों में प्रीमियम कंज्यूमर टेक प्ले बना सकते हैं।
✅ निष्कर्ष
Lenskart का IPO अपनी सब्सक्रिप्शन सफलता के विपरीत एक ठंडी, उम्मीद से कमजोर लिस्टिंग के साथ शुरू हुआ।
हालांकि, कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स, प्रॉफिट टर्नअराउंड और ग्रोथ फोकस इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकते हैं।
IPO भले फीका रहा हो—
लेकिन Lenskart का बिजनेस मॉडल उतना ही मजबूत खड़ा है जितना उसकी ब्रांड पहचान।
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