नई दिल्ली, 26 मई 2025: भारत की अग्रणी को-वर्किंग स्पेस प्रोवाइडर कंपनी Awfis ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (Q4 FY25) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने 47% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ और 8 गुना मुनाफे के साथ एक मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है।
📈 रेवेन्यू में ज़बरदस्त उछाल
National Stock Exchange (NSE) पर दायर अनऑडिटेड कंसोलिडेटेड वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, Awfis का ऑपरेटिंग रेवेन्यू Q4 FY25 में ₹340 करोड़ रहा, जो Q4 FY24 में ₹232 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर 47% की बढ़ोतरी हुई है।
पूरे वित्तीय वर्ष (FY25) की बात करें तो कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,208 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 40% ज्यादा है।
💰 मुनाफे में 8 गुना उछाल
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी ने इस बार मुनाफे में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। Q4 FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹11.2 करोड़ रहा, जो Q4 FY24 में मात्र ₹1.4 करोड़ था — यानी 8 गुना से ज्यादा की बढ़त।
पूरे साल के स्तर पर Awfis ने ₹68 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया है, जो इसे पहली बार सालाना आधार पर लाभ में ले आया है।
🏬 को-वर्किंग से सबसे ज्यादा कमाई
Awfis की कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 79% हिस्सा को-वर्किंग स्पेस रेंटल्स और उससे जुड़े सर्विसेस से आया है। इस सेगमेंट की कमाई 60% सालाना वृद्धि के साथ Q4 FY25 में ₹269 करोड़ रही, जबकि Q4 FY24 में यह ₹168 करोड़ थी।
अन्य स्रोतों से कंपनी ने निर्माण कार्य (construction & fit-outs), फैसिलिटी मैनेजमेंट, और खाने-पीने की चीज़ों की बिक्री से भी आय अर्जित की।
कंपनी ने इस तिमाही में ₹19.7 करोड़ की अन्य आय भी अर्जित की, जिससे कुल रेवेन्यू Q4 FY25 में ₹359.4 करोड़ तक पहुंच गया।
🧾 खर्चों में भी इजाफा
जहाँ आय में भारी वृद्धि हुई है, वहीं खर्च भी बढ़े हैं। Awfis का कुल खर्च Q4 FY25 में ₹347.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹240 करोड़ था — यानी 45% की वृद्धि।
- डिप्रिशिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन सबसे बड़ा खर्च रहा, जो कुल खर्च का 23% था और ₹82 करोड़ तक पहुंच गया।
- सब-कॉन्ट्रैक्टिंग और ट्रेडेड गुड्स की खरीदारी में 27% की बढ़त के साथ यह खर्च ₹66 करोड़ रहा।
- फाइनेंस कॉस्ट में 79% की वृद्धि हुई और यह ₹42.6 करोड़ रहा।
- कर्मचारी लाभ खर्च में उल्टा 19% की गिरावट आई और यह ₹29.5 करोड़ रहा।
📊 मजबूत फाइनेंशियल स्थिति और शेयर प्रदर्शन
Awfis ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ शेयर बाजार में भी स्थिर प्रदर्शन किया है। 26 मई 2025 को कंपनी का शेयर ₹648.10 पर बंद हुआ, जिससे उसकी कुल मार्केट कैप ₹4,599 करोड़ (लगभग $541 मिलियन) हो गई है।
👨💼 नया CEO नियुक्त
Q4 FY25 के नतीजों के साथ-साथ Awfis ने अपने नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव भी किया है। कंपनी ने Sumit Lakhani को Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया है।
Sumit इससे पहले कंपनी में Deputy CEO थे और उन्होंने 2015 में Chief Marketing Officer (CMO) के रूप में Awfis में जॉइन किया था।
Sumit की लीडरशिप में कंपनी ने ब्रांडिंग और ग्रोथ में कई मील के पत्थर हासिल किए हैं।
🧠 Awfis की रणनीति क्या है?
Awfis की स्थापना 2015 में की गई थी और तब से यह भारत के स्टार्टअप्स, SMEs और बड़े कॉर्पोरेशनों के लिए कस्टमाइज़्ड ऑफिस स्पेस और ancillary services (जैसे F&B, IT support, इंटरनेट, फर्नीचर आदि) प्रदान करती आ रही है।
कंपनी का उद्देश्य सिर्फ एक को-वर्किंग स्पेस प्रोवाइडर बनना नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण ऑफिस सॉल्यूशन इकोसिस्टम बनाना है जो स्केलेबल हो, टेक-सक्षम हो, और क्लाइंट्स की विविध ज़रूरतों को पूरा कर सके।
🔮 आगे की दिशा
इस मजबूत वित्तीय प्रदर्शन से Awfis ने यह संकेत दे दिया है कि वह आने वाले समय में भी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने में सक्षम है।
- तेजी से बढ़ता को-वर्किंग कल्चर और हाइब्रिड वर्क मॉडल आने वाले वर्षों में कंपनी की ग्रोथ को और रफ्तार दे सकते हैं।
- कंपनी को कॉस्ट मैनेजमेंट और मार्जिन सुधार पर ध्यान देना होगा ताकि यह लाभप्रदता बनाए रख सके।
📌 निष्कर्ष
Awfis ने FY25 में राजस्व और मुनाफे दोनों में शानदार छलांग लगाकर खुद को एक सस्टेनेबल और प्रॉफिटेबल बिज़नेस मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
जहाँ दूसरी को-वर्किंग कंपनियाँ अभी भी घाटे से जूझ रही हैं, वहीं Awfis ने न सिर्फ लाभ कमाया है बल्कि खुद को मार्केट लीडरशिप की दिशा में आगे बढ़ते हुए दिखाया है।
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