भारत की तेजी से बढ़ती लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन प्लेटफ़ॉर्म कंपनी Shiprocket ने एक बड़ा मील का पत्थर हासिल कर लिया है। कंपनी को Securities and Exchange Board of India (SEBI) से अपने Initial Public Offering (IPO) के लिए मंजूरी मिल गई है। 📜✨
🏁 SEBI से हरी झंडी मिलते ही बढ़ी IPO की तैयारी
SEBI ने Shiprocket को 31 अक्टूबर 2025 को “ऑब्ज़र्वेशन लेटर” जारी किया, जो कि IPO के लिए फाइनल अप्रूवल होता है। यानी अब कंपनी जल्द ही स्टॉक मार्केट में अपनी एंट्री करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने मई 2025 में Draft Red Herring Prospectus (DRHP) को confidential route के ज़रिए दाखिल किया था। इस गोपनीय रूट के तहत कंपनी अपनी फाइलिंग को पब्लिक किए बिना नियामक प्रक्रिया पूरी कर सकती है।
💸 ₹2,500 करोड़ का IPO — बड़ा इश्यू, बड़ा इम्पैक्ट!
Shiprocket लगभग ₹2,500 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
इसमें से:
- ₹1,200–1,400 करोड़ का हिस्सा fresh issue के रूप में होगा 💰
- बाकी हिस्सा Offer for Sale (OFS) के ज़रिए मौजूदा निवेशकों द्वारा बेचा जाएगा 📊
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के कुछ बड़े निवेशक जैसे Temasek, Zomato और Info Edge इस बार OFS में हिस्सा नहीं लेंगे। इसका मतलब है कि कंपनी के शुरुआती निवेशक और संस्थापक इस इश्यू के ज़रिए आंशिक हिस्सेदारी बेचेंगे।
🏦 इन्वेस्टमेंट बैंकर्स की बड़ी टीम
IPO को सफल बनाने के लिए Shiprocket ने देश की टॉप इन्वेस्टमेंट बैंकों को अपने साथ जोड़ा है:
- Axis Capital
- Kotak Mahindra Capital
- JM Financial
- BofA Securities
इनकी मदद से कंपनी अपने IPO को घरेलू और विदेशी निवेशकों के सामने आकर्षक तरीके से पेश करेगी। 🌏📈
👨💼 Shiprocket की कहानी — छोटे बिज़नेस का सबसे बड़ा साथी
2017 में स्थापित, Shiprocket के संस्थापक हैं —
- साहिल गोयल (Saahil Goel)
- गौरव कपूर (Gautam Kapoor)
- विशेष खुराना (Vishesh Khurana)
कंपनी ई-कॉमर्स और D2C बिज़नेस के लिए एक टेक-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म है, जो
- मल्टी-कूरियर इंटीग्रेशन,
- रियल-टाइम ट्रैकिंग,
- और ऑटोमेटेड शिपिंग सॉल्यूशंस
के ज़रिए ब्रांड्स और सेलर्स को उनकी डिलीवरीज़ आसान बनाती है। 🚚💨
आज Shiprocket पर लाखों ई-कॉमर्स व्यापारी निर्भर हैं — छोटे ऑनलाइन स्टोर से लेकर बड़े D2C ब्रांड तक।
💼 अब तक का फंडिंग ट्रैक रिकॉर्ड
Shiprocket ने अब तक कुल $320 मिलियन (लगभग ₹2,600 करोड़) से ज़्यादा की फंडिंग जुटाई है और इसका वैल्यूएशन अब $1.21 बिलियन (लगभग ₹10,000 करोड़) पहुंच चुका है।
TheKredible के अनुसार, कंपनी में सबसे बड़ा बाहरी निवेशक है:
- Bertelsmann Nederland B.V.,
इसके बाद Tribe Capital, Zomato, Temasek, LightRock, और PayPal जैसे नामी निवेशक शामिल हैं। 💼🌍
📊 FY25 में Shiprocket की शानदार परफॉर्मेंस
वित्त वर्ष FY25 में Shiprocket ने बेहतरीन प्रदर्शन किया —
- कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू 24% साल-दर-साल बढ़ी 📈
- कंपनी ने पहली बार EBITDA कैश पॉज़िटिव होकर ₹7 करोड़ का मुनाफ़ा दर्ज किया 💰
- FY24 में ₹128 करोड़ का घाटा था, जो FY25 में घटकर सिर्फ ₹74 करोड़ रह गया 🔻
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी लॉस से प्रॉफिट की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही है।
🌐 IPO से क्या मिलेगा फायदा?
Shiprocket का IPO न सिर्फ़ निवेशकों के लिए आकर्षक मौका होगा, बल्कि यह भारत के लॉजिस्टिक्स टेक सेक्टर को भी एक बड़ा बूस्ट देगा।
यह IPO देश के उन स्टार्टअप्स के लिए प्रेरणा बनेगा जो सस्टेनेबल ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस कर रहे हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Shiprocket की लिस्टिंग भारत के टेक और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को नई दिशा दे सकती है — जैसे Zomato और Nykaa ने किया था। 🌟
🧭 आगे की राह
IPO के बाद कंपनी अपनी पूंजी का इस्तेमाल करेगी —
- टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स 💻
- इंटरनेशनल एक्सपेंशन 🌍
- वर्किंग कैपिटल स्ट्रेंथनिंग 💪
के लिए।
Shiprocket का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में वह भारत से बाहर भी लॉजिस्टिक्स इनोवेशन का चेहरा बने।
✨ निष्कर्ष
Shiprocket की SEBI मंजूरी यह साबित करती है कि भारत का लॉजिस्टिक्स टेक सेक्टर अब IPO-ready है।
जहां पहले ई-कॉमर्स कंपनियाँ ही मार्केट का चेहरा थीं, अब लॉजिस्टिक्स प्लेटफ़ॉर्म्स भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
📦🚀 Shiprocket का IPO आने वाले महीनों में निवेशकों और मार्केट दोनों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
अब सबकी नज़रें इस पर होंगी कि जब Shiprocket शेयर मार्केट में कदम रखेगा, तो क्या ये “Next Big Delivery” साबित होगा? 😉📈



