भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की रीढ़ बन चुके यूपीआई (UPI) नेटवर्क ने जून 2025 में कुल 18.4 अरब ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस किया, जिसकी कुल वैल्यू ₹24.04 लाख करोड़ रही। यह मई 2025 के मुकाबले थोड़ी गिरावट दर्शाता है, जब रिकॉर्ड 18.68 अरब ट्रांजैक्शंस और ₹25.14 लाख करोड़ वैल्यू दर्ज की गई थी।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भले ही ट्रांजैक्शंस की संख्या में हल्की कमी आई हो, लेकिन PhonePe और Google Pay का UPI ट्रांजैक्शंस में प्रभुत्व अभी भी अटूट बना हुआ है।
📊 टॉप पर कौन रहा?
🔹 PhonePe – नंबर 1
- ट्रांजैक्शन वॉल्यूम: 8.55 अरब
- वैल्यू: ₹11.99 लाख करोड़
- मार्केट शेयर: कुल वॉल्यूम का 46.5% और वैल्यू का लगभग 50%
PhonePe लगातार UPI की दुनिया का निर्विवाद लीडर बना हुआ है। कंपनी ने जून में लगभग हर दो में से एक ट्रांजैक्शन प्रोसेस किया।
🔹 Google Pay – दूसरा स्थान
- ट्रांजैक्शन वॉल्यूम: 6.54 अरब
- वैल्यू: ₹8.41 लाख करोड़
- मार्केट शेयर: वॉल्यूम में 35.6% और वैल्यू में 35%
Google Pay भी UPI के उपयोग में मजबूती से बना हुआ है, खासकर मिड और टियर I शहरों में।
🔹 Paytm – तीसरा स्थान
- ट्रांजैक्शन वॉल्यूम: 1.27 अरब
- वैल्यू: ₹1.34 लाख करोड़
- मार्केट शेयर: वॉल्यूम का 6.9%, वैल्यू का 5.6%
हालांकि Paytm कुछ नियामकीय चुनौतियों से जूझ रहा है, फिर भी इसकी उपस्थिति मजबूत बनी हुई है।
🌱 उभरते खिलाड़ी भी कर रहे हैं कमाल
🟢 super.money बनाम CRED
- Super.money ने वॉल्यूम में CRED को पछाड़ा, लेकिन ट्रांजैक्शन वैल्यू में पीछे रहा।
- Navi और FamApp जैसे नए प्लेटफॉर्म्स ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया:
- Navi: 406 मिलियन ट्रांजैक्शन | ₹21,815 करोड़ वैल्यू
- FamApp: 113 मिलियन ट्रांजैक्शन | ₹1,440 करोड़ वैल्यू
🟠 Amazon Pay और BHIM
- Amazon Pay: 93 मिलियन ट्रांजैक्शन | ₹9,942 करोड़
- BHIM: 73 मिलियन ट्रांजैक्शन | ₹11,726 करोड़
- BHIM ऐप, जो सरकार द्वारा प्रमोटेड है, 17 महीनों के बाद फिर से टॉप 10 UPI ऐप्स में शामिल हुआ।
🏦 बैंक-समर्थित ऐप्स का योगदान
- Axis Bank UPI ऐप्स: 24 मिलियन ट्रांजैक्शन | ₹5,231 करोड़
- B2C UPI ट्रांजैक्शंस में Axis Bank अग्रणी रहा, जहां उसने 102 मिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए जिसकी वैल्यू ₹4,155 करोड़ रही।
🌍 भारत से बाहर भी UPI का विस्तार
UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। वर्तमान में यह 8 देशों में ऑपरेशनल है:
- भूटान, नेपाल, मॉरीशस, श्रीलंका, सिंगापुर, फ्रांस, ओमान, UAE
🗺️ आगामी विस्तार की योजनाएं:
- Qatar, Thailand, Malaysia और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में जल्द लॉन्च की तैयारी
- UK, ओमान, मालदीव UPI इंटीग्रेशन की शुरुआती प्रक्रिया में हैं
- नामीबिया भी 2025 के अंत तक UPI लॉन्च करने की योजना बना रहा है
NPCI ग्लोबल पेमेंट इकोसिस्टम में भारत की भागीदारी को मज़बूत बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
📉 ट्रेंड: क्यों घटे ट्रांजैक्शंस?
UPI ट्रांजैक्शन में आई गिरावट के संभावित कारण:
- महीने के अंत में छुट्टियां और वेतन नहीं आना
- ऑफर और कैशबैक की कमी
- ई-कॉमर्स या ऑनलाइन रिटेल में गिरावट
हालांकि यह एक सामान्य मासिक उतार-चढ़ाव माना जा रहा है, विशेषज्ञों का मानना है कि कुल मिलाकर UPI की ग्रोथ स्थिर और विश्वसनीय बनी हुई है।
📈 भविष्य की दिशा
- रिटेल पेमेंट्स में UPI की हिस्सेदारी अब 80% से अधिक पहुंच चुकी है
- रूरल क्षेत्रों में UPI अपनाने की दर तेजी से बढ़ रही है, खासकर फीचर फोन पर आधारित UPI Lite और Voice-based UPI विकल्पों के ज़रिए
- सरकार और RBI भी जल्द ही क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने वाले हैं, जिससे बड़ी वैल्यू के ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा मिलेगा
✅ निष्कर्ष
UPI ने डिजिटल भुगतान का चेहरा बदल दिया है। जून 2025 में आई मामूली गिरावट कोई चिंता की बात नहीं बल्कि एक सामान्य रुझान है। PhonePe और Google Pay का वर्चस्व जारी है, जबकि Paytm, Amazon Pay, BHIM और नए खिलाड़ियों की स्थिति भी मज़बूत हो रही है।
भारत से बाहर UPI के विस्तार और नई तकनीकी पहल, जैसे वॉयस पेमेंट्स, इसे आने वाले वर्षों में और भी प्रभावशाली बनाएंगे।
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