Figr ने सीड फंडिंग में जुटाए $2.25 मिलियन

Figr has raised $2.25 million

बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Figr ने हाल ही में $2.25 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग दौर का नेतृत्व Kalaari Capital ने किया, जबकि Antler, Golden Sparrow, और अन्य एंजल निवेशकों ने भी भाग लिया। इस निवेश का उपयोग कंपनी अपनी कोर तकनीक को और उन्नत बनाने और विशेष रूप से अपने कस्टम AI मॉडल्स को बेहतर करने में करेगी, जो यूजर इंटरफेस (UI) और यूजर एक्सपीरियंस (UX) डिजाइन के लिए उपयोग किए जाते हैं। इसके साथ ही, कंपनी अपने प्रोडक्ट और ग्रोथ टीम्स को भी विस्तार देने की योजना बना रही है।

Figr का परिचय

Figr एक AI-आधारित डिज़ाइन प्लेटफ़ॉर्म है, जो प्रोडक्ट टीम्स के लिए यूजर इंटरफेस डिज़ाइन की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदलने पर केंद्रित है। यह स्टार्टअप अपने उपयोगकर्ताओं को एआई-संचालित डिज़ाइन समाधान प्रदान करता है, जिससे वे अपने आइडियाज को तेजी से और कुशलता से शानदार UI डिजाइनों में बदल सकते हैं। कंपनी के अनुसार, Figr के पास अब तक 75,000 से अधिक साइनअप हो चुके हैं और 500,000 से ज्यादा क्वेरीज प्रोसेस की जा चुकी हैं।

संस्थापकों के बारे में

Figr की स्थापना मोक्श गर्ग और चिराग सिंघला ने की है। मोक्श और चिराग दोनों ने डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में गहरा अनुभव हासिल किया है, जिससे उन्होंने Figr को एक प्रभावी और उन्नत एआई प्लेटफार्म के रूप में विकसित किया है। दोनों संस्थापक उपयोगकर्ताओं की समस्याओं को समझते हुए एक समाधान विकसित करना चाहते थे, जो डिज़ाइन प्रक्रिया को आसान और तेज़ बना सके। उनके नेतृत्व में, Figr ने उपयोगकर्ताओं के बीच एक मजबूत पहचान बनाई है।

फंडिंग का उपयोग

इस नई फंडिंग का उपयोग Figr मुख्य रूप से अपने AI मॉडल्स को और उन्नत करने और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने के लिए करेगा। कंपनी का लक्ष्य है कि वह अपने उत्पाद के माध्यम से डिजाइन प्रक्रिया को और अधिक स्वचालित और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाए। इसके साथ ही, Figr अपने प्रोडक्ट और ग्रोथ टीम्स में भी निवेश करेगा ताकि वह अपनी बाजार उपस्थिति को और बढ़ा सके और अपने उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बना सके।

कंपनी की वृद्धि और वैश्विक पहुंच

Figr के उपयोगकर्ताओं में से लगभग 80% भारत के बाहर से हैं, जो यह दर्शाता है कि कंपनी की सेवाओं की वैश्विक अपील बढ़ रही है। Figr ने कुछ ही समय में 75,000 से अधिक साइनअप और 500,000 से ज्यादा क्वेरीज प्रोसेस की हैं, जिससे यह साफ हो जाता है कि यह प्लेटफ़ॉर्म यूजर इंटरफेस डिज़ाइन के क्षेत्र में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी अपने उत्पाद के साथ वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्थिति बना रही है और डिज़ाइन प्रक्रिया को और सरल बना रही है।

तकनीकी दृष्टिकोण

Figr का मुख्य फोकस AI-संचालित डिज़ाइन समाधान पर है। यह प्लेटफ़ॉर्म डिजाइन टीमों को अपने विचारों को कागज से डिजिटल फॉर्मेट में लाने में मदद करता है, जिससे उनके लिए डिज़ाइनिंग की प्रक्रिया तेज और सटीक हो जाती है। प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने वाले उत्पादक टीमों को अब मैन्युअल डिज़ाइन प्रोसेस पर अधिक समय खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे उनके काम की गति और गुणवत्ता में सुधार आता है। AI के उपयोग से, Figr डिज़ाइनरों को अधिक क्रिएटिव और प्रभावी ढंग से काम करने का अवसर प्रदान करता है।

भविष्य की योजनाएँ

Figr की भविष्य की योजना है कि वह अपने AI मॉडल्स को और उन्नत बनाए और अपनी सेवाओं को विभिन्न उद्योगों में विस्तार दे। स्टार्टअप अपने यूजर्स को और अधिक प्रोडक्टिव और क्रिएटिव बनाने के लिए नई तकनीकों का विकास कर रहा है। कंपनी अपने इंटरनेशनल यूजर बेस को और बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है और जल्द ही नए प्रोडक्ट्स और फीचर्स लॉन्च करने की योजना बना रही है, जो डिज़ाइन प्रक्रिया को और आसान और प्रभावी बना सकेंगे।

कंपनी की वित्तीय स्थिति

हालांकि Figr ने अब तक केवल सीड राउंड में $2.25 मिलियन जुटाए हैं, कंपनी का फोकस अपने बिजनेस मॉडल को और मजबूत करने और लगातार विकास करने पर है। फंडिंग से प्राप्त संसाधनों का उपयोग कंपनी के टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और टीमों के विस्तार में किया जाएगा। इसके अलावा, Figr की योजना है कि वह और भी निवेशकों के साथ साझेदारी कर अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाए।

डिज़ाइन इंडस्ट्री पर प्रभाव

Figr की AI-संचालित डिज़ाइन प्रक्रिया ने डिज़ाइन इंडस्ट्री में एक नया आयाम जोड़ा है। जहां पहले मैन्युअल डिज़ाइन प्रक्रिया में काफी समय लगता था, वहीं Figr के एआई समाधान ने इसे बहुत हद तक स्वचालित और सरल बना दिया है। इससे न केवल डिज़ाइनिंग की गुणवत्ता में सुधार आया है, बल्कि प्रोडक्टिविटी भी बढ़ी है। डिज़ाइन टीम्स अब और अधिक क्रिएटिव और नए आइडियाज पर काम कर सकती हैं, जबकि AI उनके बाकी कार्यों को संभालता है।

निष्कर्ष

Figr ने अपनी उन्नत AI तकनीक और समर्पित संस्थापकों के नेतृत्व में डिज़ाइन प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया है। इस फंडिंग से प्राप्त संसाधनों का उपयोग करके कंपनी अपने उत्पाद को और बेहतर बनाने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी के संगम पर खड़ी यह कंपनी भविष्य में डिज़ाइन इंडस्ट्री को नए आयाम देने के लिए तैयार है।

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ZenStatement ने जुटाए $1.62 मिलियन सीड फंडिंग -2024

ZenStatement

AI-आधारित फाइनेंस ऑटोमेशन और कैशफ्लो मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म ZenStatement ने हाल ही में $1.62 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग दौर का नेतृत्व 3One4 Capital और Boldcap VC ने किया, जबकि Dynamis Ventures और Atrium Angels जैसे निवेशकों ने भी भाग लिया। इस स्टार्टअप को कई प्रमुख एंजल निवेशकों और बिजनेस लीडर्स का भी समर्थन प्राप्त है, जिनमें एप्पल के पूर्व ग्लोबल ट्रेजरी हेड माइकल बॉयड, EatFit के संस्थापक अंकित नागोरी, और Onsurity के संस्थापक कुलिन शाह शामिल हैं।

फंडिंग का उद्देश्य

इस फंडिंग से ZenStatement का लक्ष्य अपने प्रोडक्ट ऑफरिंग्स को और बढ़ाना और भारत व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना है। इसके साथ ही कंपनी एक मजबूत सेल्स और मार्केटिंग इंजन बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे उसका वैश्विक विस्तार संभव हो सके।

कंपनी की स्थापना और उत्पाद

ZenStatement की स्थापना सौरभ नोलखा और अंकित नरसारिया ने 2023 में की थी। पहले यह कंपनी SimpliFin के नाम से जानी जाती थी, लेकिन अब इसे ZenStatement के रूप में रीब्रांड किया गया है। यह प्लेटफॉर्म व्यवसायों को उनके कैश फ्लो को मॉनिटर करने, ऑप्टिमाइज़ करने, रीकॉन्साइल करने और पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है। इसके अलावा, AI-चालित प्राकृतिक भाषा प्रश्नों के जरिए वित्तीय अंतर्दृष्टि भी प्रदान करता है, जो व्यवसायों के लिए अत्यधिक उपयोगी साबित हो सकता है।

ZenStatement के उत्पाद की खासियत

ZenStatement का प्रमुख उत्पाद वित्तीय प्रबंधन के कई जटिल कार्यों को सरल बनाता है। यह व्यवसायों को कैशफ्लो की जानकारी आसानी से समझने और वास्तविक समय में डेटा विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करता है। इसके AI-संचालित उपकरण उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक भाषा के प्रश्नों के माध्यम से वित्तीय जानकारी तक पहुंच प्रदान करते हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर और सटीक बनाया जा सकता है।

संस्थापकों के बारे में

ZenStatement के संस्थापक सौरभ नोलखा और अंकित नरसारिया ने फाइनेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी अनुभव प्राप्त किया है। सौरभ नोलखा ने पूर्व में कई प्रौद्योगिकी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, जबकि अंकित नरसारिया वित्तीय क्षेत्र में अपने गहरे अनुभव के साथ स्टार्टअप के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इन दोनों के नेतृत्व में ZenStatement ने बाजार में अपनी पहचान बनाई है और अपने उत्पादों को लगातार उन्नत कर रहा है।

वित्तीय स्थिति और फंडिंग की रणनीति

ZenStatement ने अपनी फंडिंग का उपयोग अपने उत्पादों को बेहतर बनाने और अपने संचालन को बढ़ाने के लिए किया है। कंपनी ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में कई बड़े निवेशकों और प्रमुख बिजनेस लीडर्स का समर्थन प्राप्त किया है, जो इसके भविष्य के विकास की संभावनाओं को दर्शाता है। कंपनी ने पहले दौर में $1.62 मिलियन की राशि जुटाई है, जो इसके उत्पाद विकास और बाजार में विस्तार के लिए उपयोग की जाएगी।

बाजार में प्रतिस्पर्धा और विस्तार

ZenStatement का प्रमुख ध्यान भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पाद की पहुंच को बढ़ाने पर है। वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, ZenStatement अपनी उन्नत AI-आधारित तकनीक के जरिए व्यवसायों के लिए एक अभिनव समाधान प्रस्तुत कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से उन व्यवसायों के लिए फायदेमंद है जो अपने कैशफ्लो को बेहतर तरीके से समझने और उसका प्रबंधन करने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

चुनौतियाँ और संभावनाएँ

हालांकि, ZenStatement के सामने बाजार में कई प्रतिस्पर्धी चुनौतियाँ हैं, फिर भी इसका अनूठा AI-आधारित समाधान और संस्थापकों का मजबूत नेतृत्व इसे तेजी से विकास के लिए प्रेरित कर रहा है। कंपनी की दीर्घकालिक योजना नए वित्तीय उत्पादों को लॉन्च करने और अपनी सेवा को व्यापक बनाने की है, जिससे अधिक से अधिक व्यवसाय इस प्लेटफॉर्म का लाभ उठा सकें।

भविष्य की योजना

ZenStatement ने अपने मौजूदा ग्राहकों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं प्राप्त की हैं और अब इसका लक्ष्य और अधिक व्यवसायों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। कंपनी की दीर्घकालिक योजना वित्तीय स्वचालन के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की है, जिससे यह अपने उपयोगकर्ताओं को और अधिक मूल्यवान सेवाएँ प्रदान कर सके।

निष्कर्ष

ZenStatement का यह नवीनतम फंडिंग दौर कंपनी की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। अपनी अनूठी तकनीक और समर्पित संस्थापकों के नेतृत्व में, ZenStatement आने वाले समय में वित्तीय प्रबंधन और कैशफ्लो ऑप्टिमाइजेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

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iRasus Technologies: ऊर्जा विश्लेषण कंपनी ने जुटाए 4 करोड़ रुपये, भारत में विस्तार की योजना

iRasus Technologies

नई दिल्ली – एनर्जी एनालिटिक्स क्षेत्र की स्टार्टअप कंपनी iRasus Technologies ने अपने सीड फंडिंग राउंड में 4 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस निवेश दौर का नेतृत्व IAN Angel के रोहित राजपूत और श्रीकर रेड्डी ने किया, जिसमें DFAN और अन्य एंजेल निवेशकों ने भी भाग लिया। कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह फंडिंग उसके उत्पाद और इंजीनियरिंग टीम के विस्तार और भारत में व्यवसायिक वृद्धि को तेज करने के लिए उपयोग की जाएगी।

कंपनी की स्थापना और उद्देश्य

Irasus Technologies की स्थापना 2019 में अर्जुन सिन्हा रॉय और अनिरुद्ध रमेश ने की थी। कंपनी का मुख्य उद्देश्य बैटरी डेटा का विश्लेषण और इंटेलिजेंस प्रदान करना है, खासकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्टेशनेरी बैटरी स्टोरेज समाधानों के लिए। iRasus उन यूजर्स को डेटा इंटेलिजेंस प्रदान करने पर केंद्रित है जो जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा समाधानों से दूर हो रहे हैं और नवीकरणीय ऊर्जा के रास्ते पर बढ़ रहे हैं।

उत्पाद और सेवाएं

कंपनी का प्रमुख उत्पाद Preksha एक उन्नत बैटरी प्रबंधन प्लेटफार्म है, जो वास्तविक समय में बैटरी की निगरानी और भविष्यवाणी आधारित मेंटेनेंस की सुविधा प्रदान करता है। यह प्लेटफार्म उपयोगकर्ताओं को उनकी बैटरी की स्थिति का सही आकलन करने, लागत को कम करने, सुरक्षा बढ़ाने और बैटरी के उपयोग को अनुकूलित करने में मदद करता है। यह सेवा विशेष रूप से इलेक्ट्रिक बसों, फ्लीट ऑपरेटरों और स्टेशनेरी बैटरी उपयोगकर्ताओं के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है।

प्रोडक्ट विस्तार और इंजीनियरिंग

iRasus ने हाल ही में जो फंड जुटाए हैं, उसे कंपनी अपने प्रोडक्ट को और उन्नत बनाने और इंजीनियरिंग टीम को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करेगी। कंपनी का ध्यान अब भारतीय बाजार में अपने कारोबार को बढ़ाने पर केंद्रित है। फंडिंग से iRasus को अपने एनालिटिक्स समाधान को और विस्तार देने, बड़े पैमाने पर डाटा इंटेलिजेंस प्रदान करने और बैटरी प्रबंधन क्षेत्र में प्रमुखता से उभरने में मदद मिलेगी।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी स्टोरेज समाधान

iRasus का बैटरी डेटा एनालिटिक्स प्लेटफार्म बैटरी प्रबंधन के लिए एक आवश्यक उपकरण बन गया है। इसकी खासियत यह है कि यह यूजर्स को बैटरी लाइफ बढ़ाने, परफॉर्मेंस में सुधार लाने और सुरक्षा के उपायों को बेहतर करने में सहायता करता है। यह सेवा विशेष रूप से उन संगठनों के लिए महत्वपूर्ण है जो इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों के बड़े फ्लीट का संचालन कर रहे हैं। इसके अलावा, स्टेशनेरी बैटरी उपयोगकर्ताओं के लिए भी यह तकनीक बेहद उपयोगी है।

संस्थापकों के बारे में

अर्जुन सिन्हा रॉय और अनिरुद्ध रमेश, iRasus के सह-संस्थापक, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गहरा अनुभव रखते हैं। अर्जुन सिन्हा रॉय का कहना है कि उनका लक्ष्य जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा समाधानों को नवीकरणीय ऊर्जा से बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। अनिरुद्ध रमेश, जो प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ हैं, ने बैटरी प्रबंधन और डाटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में कई नवाचार किए हैं, जो iRasus की सफलता का आधार है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति

हालांकि iRasus अभी एक उभरती हुई स्टार्टअप है, लेकिन यह कंपनी तेजी से विकास कर रही है। हाल ही में जुटाई गई 4 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग कंपनी को विस्तार और विकास के लिए नई दिशा देगी। इससे पहले भी कंपनी को निवेशकों का समर्थन मिला है, और अब यह फंडिंग इसके उत्पादों और सेवाओं को और अधिक उन्नत बनाने में मदद करेगी।

iRasus का भविष्य

कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में बैटरी डेटा एनालिटिक्स क्षेत्र में अग्रणी बनना है। iRasus का भविष्य काफी उज्ज्वल दिखता है क्योंकि यह न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपने कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रही है। कंपनी ने अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है और इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी प्रबंधन को सस्ता, सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।

निष्कर्ष

iRasus Technologies ने एनर्जी एनालिटिक्स के क्षेत्र में अपनी जगह बना ली है और इसकी नवीनतम फंडिंग इसे और भी सशक्त बनाएगी। कंपनी का बैटरी प्रबंधन प्लेटफार्म और डाटा इंटेलिजेंस समाधान आने वाले समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। संस्थापकों की मजबूत नेतृत्व क्षमता और निवेशकों का विश्वास iRasus को एक अग्रणी कंपनी बनने की ओर ले जा रहा है।

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UrjaMobility: बैटरी लीजिंग स्टार्टअप ने जुटाए 100 करोड़ रुपये, ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में विस्तार की योजना

UrjaMobility

नई दिल्ली – उर्जा सेक्टर में नई क्रांति लाने वाली स्टार्टअप UrjaMobility ने अपने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में 100 करोड़ रुपये (12 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं। इस राउंड में Mufin Green Finance और Hindon Mercantil ने मुख्य निवेशक की भूमिका निभाई। कंपनी इस फंडिंग से अपने बैटरी लीजिंग मॉडल का विस्तार करने और ई-मोबिलिटी क्षेत्र में अपनी सेवाओं को बढ़ाने की योजना बना रही है।

कंपनी की स्थापना और उद्देश्य

Urja Mobility की स्थापना 2022 में पंकज चोपड़ा द्वारा की गई थी, जिनका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए बैटरी लीजिंग सेवाएं प्रदान करना है। कंपनी विशेष रूप से L3, L5 वाहनों और लिथियम-आयन बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक L2 वाहनों के लिए बैटरी लीजिंग विकल्प देती है। इसके तहत कंपनी ने एक अनूठा पे-पर-यूज़ लीजिंग मॉडल विकसित किया है, जो ग्राहकों को उनके द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर बैटरी किराए पर लेने की सुविधा देता है। यह मॉडल पारंपरिक पूंजीगत खर्च (CapEx) को स्मार्ट संचालन खर्च (OpEx) में बदलकर ग्राहकों को आर्थिक और आसान समाधान प्रदान करता है।

उर्जा समाधान और विस्तार योजनाएं

UrjaMobility ने अपनी शुरुआत के पहले महीने में अपने Energy-as-a-Service (EaaS) मॉडल के तहत 150 kWh ऊर्जा की आपूर्ति की। वर्तमान में, कंपनी हर दिन 45 MWh ऊर्जा प्रदान कर रही है। नए जुटाए गए फंड का उपयोग कंपनी अपने ऊर्जा खपत और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन समाधानों को विस्तार देने, ई-मोबिलिटी क्षेत्र में ध्यान केंद्रित करने और अपने संचालन को बढ़ाने के लिए करेगी।

फंडिंग का उपयोग और भविष्य की योजना

कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह नया फंड कंपनी को अपनी सेवाओं के विस्तार में मदद करेगा। UrjaMobility अपने पे-पर-यूज़ मॉडल को और भी व्यापक रूप से लागू करना चाहती है, जिससे अधिक से अधिक व्यवसाय और उपभोक्ता इसकी सेवाओं का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही, कंपनी ई-मोबिलिटी सेक्टर में अपने परिचालन का भी विस्तार करेगी, जिससे यह क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति को मजबूत बना सकेगी।

अनोखा लीजिंग मॉडल

UrjaMobility का पे-पर-यूज़ लीजिंग मॉडल इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह मॉडल उपयोगकर्ताओं को बैटरी की दूरी के आधार पर लीजिंग करने की सुविधा देता है, जिससे वे अपने परिचालन खर्चों को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं। पारंपरिक बैटरी लीजिंग मॉडल के मुकाबले, यह मॉडल उपभोक्ताओं को अधिक लचीलापन और लागत-प्रभावी समाधान प्रदान करता है।

कंपनी के संस्थापक: पंकज चोपड़ा

कंपनी के संस्थापक पंकज चोपड़ा का कहना है कि उनकी इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की अग्रिम लागत को कम करके इसे एक प्रबंधनीय मासिक लीज़ वैल्यू (Monthly Lease Value – MLV) में बदलना है। इससे न केवल EV अपनाने में आसानी होगी, बल्कि कंपनियों को अपनी परिचालन लागतों को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने में भी मदद मिलेगी। चोपड़ा की नेतृत्व क्षमता और नवाचार के प्रति उनकी दृष्टि ने UrjaMobility को एक अग्रणी ई-मोबिलिटी समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित किया है।

वित्तीय स्थिति और उपलब्धियाँ

UrjaMobility ने अपने पहले वर्ष में ही उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने 2022 में अपनी यात्रा की शुरुआत की और कुछ ही समय में 100 करोड़ रुपये जुटाने में कामयाब रही। इस फंडिंग का मुख्य उद्देश्य कंपनी के लीजिंग मॉडल को और मजबूत करना और उसके विस्तार को बढ़ावा देना है। कंपनी ने अपने पहले महीने में 150 kWh ऊर्जा प्रतिदिन की आपूर्ति की थी, जो अब बढ़कर 45 MWh हो गई है, जिससे कंपनी की सफलता और बढ़ते ऑपरेशन्स का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ई-मोबिलिटी सेक्टर में संभावनाएँ

UrjaMobility का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में अपनी पकड़ को और मजबूत करना है। बैटरी लीजिंग के क्षेत्र में इसका अनोखा पे-पर-यूज़ मॉडल कंपनियों और व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। इस मॉडल के ज़रिए उपभोक्ता अधिक फ्लेक्सिबल तरीके से बैटरी का उपयोग कर सकते हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ जुड़ी बड़ी शुरुआती लागत से बच सकते हैं।

निष्कर्ष

UrjaMobility ने अपने अनूठे बैटरी लीजिंग मॉडल के साथ ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। कंपनी का पे-पर-यूज़ लीजिंग मॉडल और ऊर्जा-सेवा समाधान इसे अन्य कंपनियों से अलग बनाते हैं। 100 करोड़ रुपये की इस ताजा फंडिंग से UrjaMobility को अपने व्यवसाय का विस्तार करने और ई-मोबिलिटी सेक्टर में अपनी पहचान को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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SPRY Therapeutics ने $15 मिलियन का फंड जुटाया, यूएस में विस्तार की योजना

SPRY Therapeutics

नई दिल्ली – फिजिकल थेरेपी प्रोफेशनल्स के लिए एक SaaS प्लेटफ़ॉर्म, Spry Therapeutics ने प्रमुख निवेशकों Flourish Ventures, Together Fund, Fidelity’s Eight Roads और F-prime Capital के नेतृत्व में $15 मिलियन का फंडिंग राउंड पूरा किया है। इस नवीनतम फंडिंग के साथ SPRY की कुल फंडिंग $25 मिलियन हो गई है, जो कंपनी की शुरुआत के बाद से लगातार बढ़ती रही है।

कंपनी ने इससे पहले जून 2022 में Eight Roads Ventures और F-Prime Capital के नेतृत्व में $7 मिलियन जुटाए थे, जिसमें मौजूदा निवेशकों ने भी हिस्सा लिया था। इस फंड का उपयोग SPRY के यूएस बाजार में विस्तार के लिए किया जाएगा, जहां कंपनी पहले से ही तेजी से बढ़ रही है।

कंपनी की स्थापना और उद्देश्य

SPRY Therapeutics की स्थापना बृजराज भुप्तानी, जो पहले Ola के CTO रह चुके हैं, और रियाज़ रहमान ने मिलकर 2021 में की थी। कंपनी का उद्देश्य फिजिकल थेरेपी क्लीनिक्स के लिए एक व्यापक समाधान प्रदान करना है, जो जटिल बिलिंग प्रक्रियाओं को स्वचालित करता है और मरीजों के साथ बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करता है। SPRY ने पारंपरिक क्लाउड समाधानों और बेसिक मशीन लर्निंग आधारित बिलिंग सिस्टम्स से आगे बढ़ते हुए एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया है जो न केवल क्लिनिकल आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि जटिल बिलिंग प्रक्रियाओं को भी आसान बनाता है।

प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताएँ और सेवाएँ

SPRY एक ऑल-इन-वन क्लिनिक मैनेजमेंट सॉल्यूशन है, जो फिजिकल थेरेपी प्रोफेशनल्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म छोटे सोलो प्रैक्टिशनर्स से लेकर बड़े क्लिनिक्स तक की ज़रूरतों को पूरा करता है। इसका मुख्य फोकस बीमा भुगतान (insurance reimbursements) और नकदी प्रवाह प्रबंधन (cash flow management) जैसे प्रमुख मुद्दों पर है, जो कई चिकित्सकों के लिए बड़ी चुनौतियां साबित होती हैं। इसके अलावा, SPRY का सॉफ़्टवेयर डेटा एंट्री और रिपोर्ट जेनरेशन को भी आसान बनाता है, जिससे चिकित्सक अधिक समय अपने मरीजों पर केंद्रित कर सकते हैं।

कंपनी का विकास और विस्तार

SPRY Therapeutics ने बेहद कम समय में अपनी जगह बनाई है। कंपनी के अनुसार, पिछले 18 महीनों में उसने 105 से अधिक क्लिनिक्स के साथ साझेदारी की है, जो 30 अमेरिकी राज्यों में फैले हुए हैं। इस प्लेटफ़ॉर्म ने फिजिकल थेरेपी सॉफ़्टवेयर समाधान के क्षेत्र में काफी मान्यता प्राप्त की है। G2 की समर और फॉल एडिशन रिपोर्ट्स में इसे टॉप फिजिकल थेरेपी सॉफ़्टवेयर सॉल्यूशन का दर्जा दिया गया है, जो इसके प्रभावी उत्पाद और सेवाओं को दर्शाता है।

संस्थापकों के बारे में

SPRY Therapeutics के सह-संस्थापक बृजराज भुप्तानी के पास टेक्नोलॉजी और प्रबंधन के क्षेत्र में गहरा अनुभव है। Ola के CTO के रूप में, उन्होंने जटिल समस्याओं का हल ढूंढने और बड़े पैमाने पर संचालन का प्रबंधन करने का अनुभव प्राप्त किया। उनके साथी, रियाज़ रहमान, भी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कुशल हैं और उन्होंने क्लिनिक प्रबंधन के क्षेत्र में SPRY की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति

SPRY ने 2021 में लॉन्च होने के बाद अब तक कुल $25 मिलियन का फंड जुटाया है। इसकी नवीनतम फंडिंग $15 मिलियन की है, जो यूएस बाजार में इसके विस्तार को गति देगी। इससे पहले 2022 में, कंपनी ने Eight Roads Ventures और F-prime Capital से $7 मिलियन जुटाए थे।

फंडिंग का उपयोग और भविष्य की योजनाएँ

इस ताजा फंडिंग से SPRY Therapeutics अपने प्लेटफ़ॉर्म को और उन्नत बनाने और अमेरिकी बाजार में विस्तार करने की योजना बना रहा है। कंपनी का उद्देश्य फिजिकल थेरेपी प्रोफेशनल्स के लिए और भी बेहतर सेवाएं प्रदान करना है, जिससे उनकी प्रक्रियाएं और अधिक स्वचालित और कुशल हो सकें। इसके साथ ही, कंपनी नए फीचर्स और टेक्नोलॉजी के माध्यम से अपने प्लेटफ़ॉर्म को और बेहतर बनाएगी, जिससे उसके ग्राहक लाभान्वित हो सकें।

बाजार में प्रतिस्पर्धा और संभावनाएँ

फिजिकल थेरेपी सॉफ़्टवेयर सॉल्यूशन के क्षेत्र में SPRY की तेज़ी से बढ़ती पहचान ने इसे प्रमुख खिलाड़ियों में से एक बना दिया है। हालांकि, यह एक प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र है, जिसमें अन्य कंपनियाँ भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। SPRY की तकनीकी उत्कृष्टता और मजबूत ग्राहक संबंध इसके प्रतिस्पर्धियों पर इसे बढ़त दिला सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में अपनी जड़ें जमाने और नए क्लिनिक्स के साथ साझेदारी करने से कंपनी की स्थिति और भी मजबूत हो सकती है।

निष्कर्ष

SPRY Therapeutics ने अपने अभिनव समाधान और तेज़ी से बढ़ते क्लाइंट बेस के माध्यम से फिजिकल थेरेपी सॉफ़्टवेयर सॉल्यूशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। इसके संस्थापक बृजराज भुप्तानी और रियाज़ रहमान के नेतृत्व में, कंपनी ने तेजी से विकास किया है और आने वाले समय में भी अपनी स्थिति को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है। $15 मिलियन की नई फंडिंग से कंपनी को अमेरिकी बाजार में और विस्तार करने में मदद मिलेगी, जिससे यह अपने ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेगी।

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B2B पैकेजिंग समाधान प्लेटफार्म DCGpac ने FY24 में 100 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य हासिल किया

DCGpac

गुरुग्राम स्थित B2B पैकेजिंग समाधान कंपनी DCGpac ने वित्तीय वर्ष 2024 में अपने राजस्व को करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाया, जो कि 2023 के 79.5 करोड़ रुपये के मुकाबले 21.4% की वृद्धि है। कंपनी ने केवल 20 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने के बावजूद इस वर्ष मुनाफा भी कमाया है। इस वित्तीय वर्ष में कंपनी का संचालन राजस्व 96.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो इसकी निरंतर विकास दर को दर्शाता है।

कंपनी का परिचय और सेवाएं

DCGpac मुख्य रूप से पैकेजिंग सामग्रियों की आपूर्ति करता है और इसके उत्पादों में कॉरुगेटेड बॉक्सेस, कूरियर बैग्स, बबल फिल्म्स, डिजाइनर बॉक्सेस शामिल हैं। इसके साथ ही कंपनी “डिजाइन टू डिस्ट्रीब्यूशन” सेवाएं भी प्रदान करती है। इसके प्रमुख ग्राहक मिंत्रा, डेल्हीवरी, ब्लिंकिट, शिपरॉकेट, DHL और शैडोफैक्स जैसे बड़े ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स प्लेटफार्म हैं। कंपनी का दावा है कि इसके पास 50,000 से अधिक ग्राहक हैं, जो इसके उत्पादों और सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

वित्तीय वृद्धि और खर्च

DCGpac ने FY24 में मुख्य रूप से पैकेजिंग सामग्रियों की बिक्री से राजस्व अर्जित किया। वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी का कुल खर्च 96.7 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सबसे अधिक 80.4 करोड़ रुपये का खर्च सामग्री की लागत पर हुआ। FY23 के मुकाबले इसमें 19% की वृद्धि हुई है, जिससे कंपनी की कुल लागत में भी इजाफा हुआ।

कंपनी के अन्य खर्चों में विज्ञापन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रिंटिंग और अन्य ऑपरेटिंग ओवरहेड्स शामिल हैं, जो कंपनी के कुल खर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं। कर्मचारी लाभों पर FY24 में 8 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो कंपनी की संचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा रहा।

मुनाफा और लागत प्रबंधन

DCGpac ने वित्तीय वर्ष 2024 में मुनाफा कमाने में सफलता हासिल की। FY23 में 1.67 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले FY24 में कंपनी ने 19 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। यह वृद्धि मुख्य रूप से इसके मजबूत लागत प्रबंधन और स्थिर राजस्व वृद्धि के कारण संभव हो पाई। कंपनी का ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड) 3.34% और EBITDA मार्जिन 1.19% रहा।

कंपनी ने हर एक रुपये के ऑपरेटिंग राजस्व के लिए FY24 में 1 रुपये खर्च किए, जो उसके कुशल लागत प्रबंधन को दर्शाता है।

संस्थापक और कंपनी की यात्रा

DCGpac की स्थापना कुछ साल पहले पैकेजिंग उद्योग में एक व्यवस्थित समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। संस्थापकों ने इस प्लेटफ़ॉर्म को इस तरह से डिज़ाइन किया है कि यह न केवल बड़े ग्राहकों के लिए, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए भी किफायती और प्रभावी पैकेजिंग समाधान उपलब्ध करा सके।

बाजार में स्थिति

पैकेजिंग उद्योग में DCGpac की स्थिति को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि कंपनी ने ग्राहकों की बदलती जरूरतों को समझते हुए अपने उत्पाद और सेवाओं को लगातार अपडेट किया है। जहां ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए पैकेजिंग की मांग लगातार बढ़ रही है, DCGpac जैसे प्लेटफार्म इन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सकारात्मक और नकारात्मक पहलू

DCGpac की सकारात्मकता उसकी लगातार बढ़ती राजस्व दर और लागत प्रबंधन की रणनीति में झलकती है, जिसने उसे वित्तीय वर्ष 2024 में मुनाफा कमाने में मदद की। कंपनी की मुनाफा दर भले ही कम हो, लेकिन यह उसके लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

नकारात्मक पक्ष यह है कि कंपनी की खर्च वृद्धि भी इसके राजस्व वृद्धि के साथ-साथ बढ़ी है, जो भविष्य में एक चुनौती बन सकती है। इसके अलावा, 83% खर्च केवल सामग्री की लागत में जाना दर्शाता है कि कंपनी को लागत कम करने के नए उपायों पर ध्यान देना होगा।

भविष्य की संभावनाएं

DCGpac ने FY24 में अपनी वृद्धि और मुनाफा दर को स्थिर किया है। भविष्य में कंपनी का लक्ष्य अपनी सेवाओं और उत्पादों की रेंज को और विस्तारित करना है। कंपनी के पास पैकेजिंग उद्योग में और भी ऊंचाइयों को छूने की अपार संभावनाएं हैं, विशेष रूप से ऐसे समय में जब ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

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ओला इलेक्ट्रिक को उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन पर मिला CCPA का नोटिस

ओला इलेक्ट्रिक CCPA नोटिस

ओला इलेक्ट्रिक को उपभोक्ताओं के अधिकारों के उल्लंघन, भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के आरोपों के कारण केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) से शो-कॉज नोटिस प्राप्त हुआ है। यह नोटिस उन उपभोक्ता शिकायतों में बढ़ोतरी के बाद जारी किया गया है, जिनमें उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन की शिकायतें प्रमुख थीं।

शेयर मूल्य में गिरावट और विवाद

यह खबर तब आई जब ओला इलेक्ट्रिक के शेयर मूल्य में 9% की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल और कॉमेडियन कुनाल कामरा के बीच ग्राहक समस्याओं पर सोशल मीडिया पर हुए विवाद को माना जा रहा है। इस गिरावट के साथ ही कंपनी का बाजार हिस्सेदारी भी सितंबर में घटकर 27% रह गई, जबकि जुलाई में यह 39% थी।

CCPA का नोटिस और जवाब

ओला इलेक्ट्रिक CCPA नोटिस

ओला इलेक्ट्रिक के अनुसार, CCPA ने उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के आरोपों के चलते यह नोटिस जारी किया है। कंपनी को इस नोटिस का जवाब 15 दिनों के भीतर देना है। ओला इलेक्ट्रिक ने इस मामले में कहा है कि नोटिस से कंपनी के वित्तीय या परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है, और वे सभी आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि उपभोक्ता शिकायतों का समाधान हो सके।

उपभोक्ता शिकायतों की बढ़ती संख्या

हाल के एक रिपोर्ट के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक को प्रति माह लगभग 80,000 उपभोक्ता शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इन शिकायतों में ग्राहकों की असंतुष्टि और उनकी समस्याओं का समाधान न होने जैसी समस्याएँ शामिल हैं। इस प्रकार की शिकायतों में वृद्धि कंपनी की प्रतिष्ठा और ब्रांड मूल्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

सीक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर का इस्तीफा

सोमवार को ओला इलेक्ट्रिक के सीक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर ने निजी कारणों और प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कंपनी पहले से ही कानूनी और ग्राहक समस्याओं का सामना कर रही है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति

हालांकि कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ता नोटिस से उनकी वित्तीय स्थिति पर कोई नकारात्मक असर नहीं हुआ है, लेकिन शेयर बाजार में इसकी गिरावट जारी है। सोमवार को ओला इलेक्ट्रिक के शेयर की कीमत 89.01 रुपये थी और कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 39,256 करोड़ रुपये (लगभग $4.6 बिलियन) रहा।

ओला इलेक्ट्रिक के संस्थापक और वित्तीय संरचना

ओला इलेक्ट्रिक की स्थापना 2017 में ओला के सह-संस्थापक भाविश अग्रवाल द्वारा की गई थी। कंपनी का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में नई क्रांति लाना और भारत को ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्षेत्र में अग्रणी बनाना था। ओला इलेक्ट्रिक ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के माध्यम से बाजार में काफी लोकप्रियता हासिल की है, लेकिन हाल ही में ग्राहक शिकायतों और सेवा की गुणवत्ता को लेकर कंपनी विवादों में घिरी हुई है।

कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में काफी धनराशि जुटाई है, जिसमें प्रमुख निवेशकों से $300 मिलियन की फंडिंग शामिल है। हालांकि, वर्तमान चुनौतियों को देखते हुए कंपनी को अपने संचालन और ग्राहक सेवा को सुधारने पर ध्यान देना होगा, ताकि निवेशकों का विश्वास बना रहे।

भविष्य की चुनौतियाँ

ओला इलेक्ट्रिक के सामने आने वाले समय में कई चुनौतियाँ हैं, जिनमें उपभोक्ताओं की शिकायतों को ठीक तरह से संभालना, बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखना, और कानूनी परेशानियों का हल निकालना प्रमुख है। इसके अलावा, कंपनी को नए निवेशकों का विश्वास जीतने और अपने ऑपरेशनों को सुचारू रूप से चलाने के लिए भी काम करना होगा।

निष्कर्ष

ओला इलेक्ट्रिक के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, लेकिन कंपनी के पास अभी भी अपने ग्राहकों और निवेशकों का विश्वास वापस पाने का मौका है। CCPA के नोटिस का जवाब देते हुए, कंपनी को अपनी उपभोक्ता सेवाओं में सुधार करने की आवश्यकता है ताकि वे भविष्य में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें।

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Whatfix ने कर्मचारियों और निवेशकों के लिए $58 मिलियन का लिक्विडिटी प्रोग्राम लॉन्च किया

whatfix

बेंगलुरु स्थित डिजिटल एडॉप्शन प्लेटफॉर्म Whatfix ने अपने कर्मचारियों और निवेशकों के लिए $58 मिलियन का लिक्विडिटी प्रोग्राम शुरू किया है। यह कंपनी द्वारा चौथा Employee Stock Option (ESOP) बायबैक है, जिससे मौजूदा और पूर्व कर्मचारी अपनी वेस्टेड यूनिट्स को बेहतरीन मूल्यांकन पर बेच सकते हैं। इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों को अपने निवेश पर लाभ प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

कर्मचारियों के लिए लाभकारी पहल

Whatfix के इस नवीनतम लिक्विडिटी प्रोग्राम का उद्देश्य कर्मचारियों और निवेशकों को अधिक वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना है। कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि वे इस बायबैक प्रोग्राम के तहत कर्मचारियों के लिए प्रीमियम मूल्यांकन की पेशकश करेंगे, जो उनके Series D के मूल्यांकन से कहीं अधिक है। इसके अंतर्गत मौजूदा और पूर्व कर्मचारी अपनी वेस्टेड यूनिट्स का एक हिस्सा बेच सकेंगे, जिससे उन्हें वित्तीय लाभ होगा।

Series E फंडिंग राउंड और कंपनी का मूल्यांकन

Whatfix के इस लिक्विडिटी प्रोग्राम की घोषणा ऐसे समय में आई है, जब कंपनी ने हाल ही में $125 मिलियन का Series E फंडिंग राउंड पूरा किया है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Warburg Pincus ने किया, जिसमें SoftBank Vision Fund 2 जैसे मौजूदा निवेशकों ने भी योगदान दिया। इस नई फंडिंग के बाद कंपनी का मूल्यांकन $600 मिलियन से बढ़कर $900 मिलियन हो गया।

Whatfix का ESOP बायबैक इतिहास

यह चौथा मौका है जब Whatfix ने ESOP बायबैक की पेशकश की है। कंपनी ने पहली बार जुलाई 2021 में $4.3 मिलियन का ESOP बायबैक स्कीम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके योगदान का वित्तीय लाभ प्रदान करना था। हालांकि, कंपनी ने दूसरे और तीसरे बायबैक की घोषणा मीडिया में नहीं की थी। इस बार, बायबैक का आकार और भी बड़ा है, जो कंपनी के वित्तीय स्थायित्व और विकास की ओर इशारा करता है।

Whatfix की स्थापना और कंपनी का विकास

Whatfix की स्थापना ख़ादिम बट्टी और वारा कुमार ने की थी। यह कंपनी एक डिजिटल एडॉप्शन प्लेटफॉर्म (DAP) प्रदान करती है, जो वेब एप्लिकेशंस और सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स के लिए इन-ऐप गाइडेंस और परफॉर्मेंस सपोर्ट प्रदान करता है। इसके उपकरणों का उपयोग बड़ी कंपनियां अपनी उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के लिए करती हैं। Whatfix के इन टूल्स का उपयोग दुनियाभर की कई बड़ी कंपनियों द्वारा किया जा रहा है, जिससे यह एक अग्रणी डिजिटल एडॉप्शन प्लेटफार्म बन चुका है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेश

Whatfix ने अब तक $265 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई है। कंपनी के पिछले फंडिंग राउंड्स में Series D राउंड शामिल था, जिसमें कंपनी का मूल्यांकन $600 मिलियन था। इसके बाद, Series E फंडिंग राउंड के माध्यम से कंपनी ने अपनी विकास यात्रा को और गति दी। Whatfix के निवेशकों में Warburg Pincus और SoftBank Vision Fund 2 जैसे प्रमुख निवेशक शामिल हैं, जो इसके भविष्य की संभावनाओं पर विश्वास रखते हैं।

Whatfix के उत्पाद और सेवाएं

Whatfix के उत्पाद मुख्य रूप से वेब एप्लिकेशंस और सॉफ्टवेयर के उपयोगकर्ताओं के लिए बनाए गए हैं। यह प्लेटफॉर्म कंपनियों को उनके डिजिटल टूल्स को तेजी से अपनाने और कार्यक्षमता में सुधार करने में मदद करता है। इसके इन-ऐप गाइडेंस फीचर के माध्यम से उपयोगकर्ता बिना किसी प्रशिक्षण के आसानी से सॉफ़्टवेयर का उपयोग कर सकते हैं, जिससे कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ती है और समय की बचत होती है।

Whatfix के क्लाइंट्स में बड़ी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं, जो अपनी प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करती हैं।

कर्मचारियों के लिए ESOP योजना का महत्व

कर्मचारियों के लिए ESOP (Employee Stock Option Plan) न केवल उन्हें कंपनी की सफलता में हिस्सा लेने का मौका देता है, बल्कि इससे उन्हें आर्थिक रूप से भी फायदा होता है। Whatfix के इस चौथे ESOP बायबैक से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी अपने कर्मचारियों को उनकी मेहनत और योगदान के लिए पुरस्कृत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की योजनाएं कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाती हैं और उन्हें कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने के लिए प्रेरित करती हैं।

निष्कर्ष

Whatfix का $58 मिलियन का लिक्विडिटी प्रोग्राम कंपनी के विकास और वित्तीय स्थायित्व का प्रतीक है। यह पहल न केवल कर्मचारियों को आर्थिक लाभ प्रदान करती है, बल्कि यह कंपनी के भविष्य के प्रति निवेशकों का विश्वास भी दिखाती है। Whatfix की फंडिंग और बायबैक की यह रणनीति कंपनी को एक मजबूत और स्थायी भविष्य की ओर ले जाने में मदद कर रही है।

Whatfix के संस्थापक ख़ादिम बट्टी और वारा कुमार ने अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिस तरह से कंपनियों की कार्यक्षमता में सुधार किया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि Whatfix का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। ESOP बायबैक के माध्यम से कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने की यह पहल एक प्रेरणादायक कदम है, जो इसे अन्य स्टार्टअप्स के लिए एक आदर्श उदाहरण बनाती है।

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Your-Space: स्टूडेंट हाउसिंग स्टार्टअप की राजस्व वृद्धि के साथ बढ़ा घाटा

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स्टूडेंट हाउसिंग स्टार्टअप your-space ने वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, लेकिन इसी दौरान कंपनी के घाटे में भी हल्की वृद्धि हुई। दिल्ली स्थित इस कंपनी का राजस्व मार्च 2024 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में Rs 142.7 करोड़ को पार कर गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2023 में Rs 117.2 करोड़ था। राजस्व में यह वृद्धि 21.8% रही, जो कंपनी की बाजार में पकड़ और छात्रों के बीच लोकप्रियता को दर्शाता है।

कंपनी का परिचय और सेवाएं

Your-Space एक स्टूडेंट हाउसिंग स्टार्टअप है जो छात्रों के लिए सस्ते और सुरक्षित आवास प्रदान करता है। यह कंपनी लड़के और लड़कियों के लिए पीजी (पेयिंग गेस्ट), हॉस्टल और को-लिविंग स्पेस उपलब्ध कराती है। कंपनी के पास देश भर में 60 से अधिक स्मार्ट स्पेस हैं, जो तकनीकी रूप से सुसज्जित हैं और फेशियल रिकग्निशन, बायोमेट्रिक्स, और डिजिटल लॉक्स जैसी सुरक्षा सुविधाओं से लैस हैं।

कंपनी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक आवास प्रदान करना है। Your-Space उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो अपने शिक्षा संस्थानों के पास रहने की जगह तलाशते हैं। कंपनी का ध्यान न केवल रहने की जगह प्रदान करने पर है, बल्कि छात्रों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने पर भी है।

वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी का प्रदर्शन

Your-Space की आय का मुख्य स्रोत इसके आवासीय सेवाएं हैं। FY24 में कंपनी की 99.5% आय आवासीय सेवाओं से हुई, जो Rs 142.96 करोड़ रही। यह पिछले वित्तीय वर्ष FY23 में Rs 109 करोड़ थी, जो कि 30% की वृद्धि को दर्शाती है।

कंपनी की शेष आय भोजन, बिजली, और अन्य संबंधित सेवाओं से आई, जो छात्रों के जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाती हैं। इस प्रकार, Your-Space न केवल आवासीय सेवाएं प्रदान करता है, बल्कि छात्रों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करता है।

कंपनी के खर्चे और घाटा

हालांकि कंपनी ने FY24 में अच्छी राजस्व वृद्धि दर्ज की, इसके बावजूद इसके खर्चों में भी वृद्धि हुई, जो कंपनी के घाटे में बढ़ोतरी का कारण बनी। रेंटल खर्च (किराए का खर्च) FY24 में कंपनी के कुल खर्चों का 52.6% रहा, जो कि Rs 92.2 करोड़ था। यह FY23 के Rs 68.9 करोड़ से 34% की वृद्धि को दर्शाता है।

कर्मचारी लाभ FY24 में Rs 21.1 करोड़ रहा, जो कंपनी के कुल खर्चों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा, फैसिलिटी की मरम्मत और रखरखाव, विज्ञापन, और परिवहन जैसे अन्य खर्चों ने कंपनी के कुल खर्चों में योगदान दिया, जो FY24 में Rs 175.3 करोड़ रहा। यह FY23 की तुलना में 20% की वृद्धि है।

Your-Space के संस्थापक और उनके विजन

Your-Space की स्थापना निधि कुंता और सव्या मोर ने की थी, जिनका उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना था। उन्होंने छात्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया, जो न केवल आवासीय सेवाएं प्रदान करता है, बल्कि छात्रों के सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता देता है।

कंपनी ने समय के साथ अपने आवासीय स्पेस को तकनीकी रूप से उन्नत बनाया है, ताकि छात्रों को एक सुरक्षित और स्मार्ट जीवनशैली प्रदान की जा सके। संस्थापकों का मानना है कि छात्रों के लिए घर से दूर एक सुरक्षित और आरामदायक माहौल बनाना उनकी शिक्षा और समग्र विकास में सहायक होता है।

Your-Space की वित्तीय स्थिति

हालांकि कंपनी ने FY24 में Rs 142.7 करोड़ की राजस्व वृद्धि दर्ज की, इसके बावजूद कंपनी को FY24 में घाटे का सामना करना पड़ा। कंपनी के कुल खर्चों में तेजी से बढ़ोतरी होने के कारण इसका घाटा बढ़ गया है।

कंपनी के पास फंडिंग के विभिन्न स्रोत हैं, और यह प्रमुख निवेशकों से पूंजी जुटा चुकी है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेशनल खर्च और अन्य ओवरहेड्स (जैसे कि किराया, कर्मचारी लाभ, और अन्य खर्चे) के चलते कंपनी को घाटे का सामना करना पड़ा है।

भविष्य की योजनाएं

Your-Space का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अपने मौजूदा आवासीय स्पेस को और अधिक विस्तार देना है। कंपनी उन शहरों में अपने स्मार्ट स्पेस की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है, जहां छात्रों की आवासीय मांग अधिक है।

इसके साथ ही, कंपनी का ध्यान अपने खर्चों को नियंत्रित करने और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार करने पर है, ताकि भविष्य में अपने घाटे को कम किया जा सके और लाभप्रदता प्राप्त की जा सके।

निष्कर्ष

Your-Space ने FY24 में उल्लेखनीय वित्तीय वृद्धि दिखाई है, लेकिन इसके साथ ही इसे बढ़ते खर्चों के कारण घाटे का भी सामना करना पड़ा है। कंपनी का ध्यान छात्रों के लिए स्मार्ट और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने पर है, और इसके तकनीकी रूप से सक्षम स्मार्ट स्पेस इसे प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाते हैं।

भविष्य में कंपनी की योजनाएं और विस्तार की रणनीतियां इसे भारतीय छात्र आवास बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।

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Trillion Dollar Ventures (TDV) ने 50 करोड़ रुपये के दूसरे फंड की घोषणा की

1. परिचय:
भारत के उभरते टेक स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ी खबर आई है, जहां Trillion Dollar Ventures (TDV) ने अपने दूसरे फंड के लॉन्च की घोषणा की है। यह नया फंड कुल 50 करोड़ रुपये का है, जो TDV के पहले फंड से दोगुना है। TDV का यह कदम भारतीय टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स को मजबूत आर्थिक समर्थन देने और उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में उठाया गया है।

2. निवेश का लक्ष्य:
TDV का यह नया फंड विशेष रूप से अर्ली-स्टेज टेक स्टार्टअप्स के लिए बनाया गया है, जिसका उद्देश्य इनोवेटिव और महत्वाकांक्षी संस्थापकों को समर्थन प्रदान करना है। यह फंड प्री-सीड और सीड स्टेज की कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिनके लिए TDV 1 से 2 करोड़ रुपये के चेक साइज के माध्यम से निवेश करेगा।

3. TDV का परिचय:
Trillion Dollar Ventures (TDV) एक प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्म है, जिसका मुख्य उद्देश्य शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग प्रदान करना है। TDV ने पिछले कुछ वर्षों में भारत के उभरते हुए टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद की है। TDV के पहले फंड ने भी कुछ सफल स्टार्टअप्स को आर्थिक सहयोग प्रदान किया था, जिससे उनकी कंपनियों को तेज़ी से आगे बढ़ने का अवसर मिला।

4. संस्थापक और नेतृत्व टीम:
TDV की स्थापना अनुभवी निवेशकों और उद्यमियों द्वारा की गई थी, जिनके पास वेंचर कैपिटल और स्टार्टअप इकोसिस्टम का गहरा अनुभव है। TDV की टीम भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को गहराई से समझती है और नए उद्यमियों के लिए एक मजबूत सहयोगी के रूप में काम करती है। TDV की इस दृष्टि के पीछे एक मजबूत नेतृत्व टीम है, जो स्टार्टअप्स की जरूरतों को समझकर उन्हें आर्थिक और रणनीतिक सहयोग प्रदान करती है।

5. फंडिंग प्रक्रिया:
TDV का यह फंड उन स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करेगा जो अपने शुरुआती चरण में हैं और जिन्हें प्री-सीड और सीड स्टेज पर वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। 1-2 करोड़ रुपये के निवेश से TDV उन्हें शुरुआती पूंजी प्रदान करेगा, जिससे ये स्टार्टअप्स अपने उत्पाद, टेक्नोलॉजी, और टीम को बेहतर बना सकें। इसके अलावा, TDV इन स्टार्टअप्स के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेगा।

6. वित्तीय स्थिति और पहला फंड:
TDV का पहला फंड, जो इससे पहले लॉन्च किया गया था, काफी सफल रहा था। पहले फंड की तुलना में, यह नया फंड दोगुना बड़ा है, जो TDV के बढ़ते निवेश क्षमताओं और वेंचर कैपिटल स्पेस में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। TDV का उद्देश्य अपने इस दूसरे फंड के माध्यम से अधिक से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करना है।

7. भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर प्रभाव:
TDV का यह फंड भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर गहरा प्रभाव डालेगा, क्योंकि यह न केवल नई कंपनियों को शुरुआती पूंजी प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें बेहतर तकनीकी विकास और रणनीतिक मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा। इसके परिणामस्वरूप, अधिक इनोवेटिव स्टार्टअप्स का उदय होगा, जो भारतीय टेक्नोलॉजी सेक्टर को और अधिक विकसित करेगा।

8. TDV की दीर्घकालिक रणनीति:
TDV की दीर्घकालिक रणनीति उन स्टार्टअप्स को समर्थन देना है, जो तकनीकी नवाचार और भविष्य के समाधानों पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, TDV अपने पोर्टफोलियो कंपनियों के साथ लंबे समय तक साझेदारी बनाए रखना चाहता है, जिससे उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग बल्कि नेटवर्किंग और अनुभव साझा करने का भी मौका मिले।

9. चुनौतियाँ और अवसर:
हालांकि, शुरुआती स्टेज स्टार्टअप्स में निवेश करना हमेशा चुनौतियों से भरा रहता है, क्योंकि कई कंपनियाँ असफल हो सकती हैं। फिर भी, TDV इन जोखिमों को समझते हुए, सही संस्थापकों और कंपनियों की पहचान करने में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग कर रहा है। इसके अलावा, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में बढ़ते अवसर TDV को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद करेंगे।

10. निष्कर्ष:
Trillion Dollar Ventures का नया फंड भारतीय टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा अवसर है। इसके माध्यम से, कंपनी भारतीय उद्यमशीलता इकोसिस्टम को और भी मजबूत बनाएगी और नई पीढ़ी के उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका देगी। TDV का यह कदम निवेश और स्टार्टअप्स के विकास के क्षेत्र में एक नया अध्याय खोलने की दिशा में है।