भारत का उभरता हुआ Quick Commerce प्लेटफॉर्म Zepto अब अपने अगले बड़े फाइनेंशियल मूव के बिल्कुल करीब है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Zepto जल्द ही ₹1,500 करोड़ (करीब $175 मिलियन) की एक स्ट्रक्चर्ड डेट डील फाइनल करने वाला है। इस डील में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं Edelweiss Alternative Asset और कुछ अन्य निवेशक।
🎯 विदेशी निवेशकों से शेयर खरीदने के लिए होगा फंड का इस्तेमाल
Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, Zepto इस फंड का इस्तेमाल अपने कुछ विदेशी निवेशकों से शेयर वापस खरीदने (Buyback) में करेगा। इसका मकसद है Zepto में भारतीय हिस्सेदारी बढ़ाना, ताकि कंपनी के प्रस्तावित IPO से पहले इसकी स्ट्रक्चरिंग भारतीय नियमों के अनुसार हो सके।
बताया जा रहा है कि Zepto 2025 के मध्य में अपना IPO ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर सकता है। कंपनी ने पहले ही अपनी रजिस्ट्री सिंगापुर से भारत में शिफ्ट करने के लिए जरूरी मंजूरी हासिल कर ली है। यानी Zepto अब पूरी तरह भारतीय कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
💰 Edelweiss और अन्य भारतीय निवेशक होंगे मुख्य फाइनेंसर
डील से जुड़े सूत्रों के अनुसार, Edelweiss इस पूरे लोन का लगभग आधा हिस्सा अंडरराइट करेगा, यानी करीब ₹750 करोड़। बाकी का फंड भारत के कुछ घरेलू फैमिली ऑफिसेज और क्रेडिट फंड्स द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
इस स्ट्रक्चर्ड डेट डील के बाद Zepto की वैल्यूएशन करीब $5 बिलियन के आस-पास रहने की उम्मीद है — जो कि पिछले साल नवंबर में हुए इसके आखिरी इक्विटी फंडिंग राउंड के समान है। उस समय Motilal Oswal Private Wealth के नेतृत्व में Zepto ने $350 मिलियन जुटाए थे।
🧑💼 फाउंडर्स की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस डील के बाद Zepto के फाउंडर्स — आदित पलीचा और कैवल्य वोहरा — की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 18% से करीब 20% तक पहुँच जाएगी। इसके साथ ही Zepto में भारतीय निवेशकों की कुल हिस्सेदारी 30% से अधिक हो सकती है, जो भारत के Foreign Direct Investment (FDI) नियमों के हिसाब से एक सकारात्मक कदम होगा।
इस बढ़ी हुई घरेलू हिस्सेदारी से Zepto को अपने आगामी IPO में निवेशकों के बीच और भी मजबूत भरोसा बनाने में मदद मिलेगी।
📈 Zepto का नया सेकंडरी शेयर सेल डील भी अंतिम चरण में
Zepto केवल डेट डील तक ही सीमित नहीं है। खबरों के मुताबिक, कंपनी लगभग $250 मिलियन के सेकंडरी शेयर सेल को भी अंतिम रूप देने के करीब है। इस डील में भी प्राइवेट इक्विटी फर्म्स जैसे Motilal Oswal मुख्य भूमिका निभा रही हैं।
इस सेकंडरी डील का मकसद है — कुछ पुराने निवेशकों को एग्जिट का मौका देना और कंपनी के कैप टेबल को IPO के लिहाज से और अधिक मजबूत बनाना।
🔥 ग्रोथ ट्रैक पर Zepto: $4 बिलियन का Gross Order Value
Zepto की ग्रोथ भी शानदार दिख रही है। हाल ही में एक इंटरव्यू में CEO आदित पलीचा ने खुलासा किया कि Zepto अब सालाना आधार पर लगभग $4 बिलियन के Gross Order Value (GOV) को छूने के बेहद करीब है।
GOV यानी कि कंपनी के प्लेटफॉर्म पर होने वाले कुल ऑर्डर का मूल्य — जो किसी भी ई-कॉमर्स या क्विक कॉमर्स कंपनी के स्केल का महत्वपूर्ण संकेतक होता है।
इस तेज़ी से बढ़ती ग्रोथ और स्ट्रॉन्ग फाइनेंशियल स्ट्रक्चर के चलते, Zepto ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी अलग पहचान बना ली है।
🛒 Zepto: भारत के Quick Commerce का भविष्य?
Zepto अपनी तेज डिलीवरी सर्विस, मजबूत टेक्नोलॉजी बैकबोन और अब IPO की दिशा में बढ़ते कदमों के चलते भारतीय बाजार में तेजी से एक भरोसेमंद नाम बनता जा रहा है।
कंपनी का फोकस सिर्फ ग्रोथ पर नहीं, बल्कि सही निवेशकों, मजबूत हिस्सेदारी ढांचे और लॉन्ग-टर्म बिजनेस सस्टेनेबिलिटी पर भी है।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 2025 का साल Zepto के लिए एक बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकता है — जब यह स्टार्टअप भारत के स्टॉक मार्केट में अपने IPO के ज़रिए एंट्री करेगा।
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