नई दिल्ली, 26 मई 2025: बच्चों पर केंद्रित ओम्नीचैनल रिटेलर FirstCry की पैरेंट कंपनी BrainBees Solutions ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) की चौथी तिमाही (Q4) की रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट से पता चलता है कि कंपनी ने मध्यम स्तर की ग्रोथ तो दर्ज की है, लेकिन साथ ही घाटा भी 74% बढ़कर ₹75 करोड़ पर पहुंच गया है।
📈 FirstCry रेवेन्यू में 16% की सालाना वृद्धि
National Stock Exchange (NSE) से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, FirstCry का ऑपरेटिंग रेवेन्यू Q4 FY25 में ₹1,930 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही Q4 FY24 के ₹1,667 करोड़ से करीब 16% अधिक है।
वहीं पूरे वित्तीय वर्ष की बात करें तो, BrainBees का कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹7,660 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹6,481 करोड़ से 18% ज्यादा है।
🛒 कहां से आई कमाई?
FirstCry की आमदनी मुख्य रूप से ऑफलाइन स्टोर्स, वेबसाइट और इंटरनेशनल मार्केट में प्रोडक्ट्स की बिक्री से हुई, जो कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 69% हिस्सा है।
वहीं इसकी सब्सिडियरी कंपनी GlobalBees ने Q4 FY25 में ₹398 करोड़ की कमाई की। इसके अलावा, BrainBees को ₹48 करोड़ का ब्याज से प्राप्त हुआ, जिससे इसका कुल रेवेन्यू Q4 FY25 में ₹1,979 करोड़ रहा, जबकि Q4 FY24 में यह ₹1,685 करोड़ था।
💸 खर्च भी बढ़े, खासतौर पर रॉ मटेरियल्स और कर्मचारी सैलरी में
कंपनी का खर्च भी रेवेन्यू के साथ-साथ बढ़ा है। रॉ मटेरियल की खरीद पर सबसे ज्यादा खर्च हुआ, जो कुल खर्च का 58% था। यह खर्च Q4 FY24 में ₹1,055 करोड़ से बढ़कर Q4 FY25 में ₹1,206 करोड़ हो गया — यानी 14% की बढ़ोतरी।
कर्मचारी लाभ (employee benefits) के तहत Q4 FY25 में ₹229 करोड़ खर्च हुए, जिसमें ₹82 करोड़ केवल ESOP (Employee Stock Ownership Plan) के रूप में शामिल हैं।
📊 कुल खर्च और घाटा
Q4 FY25 में कुल खर्च ₹2,060 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही Q4 FY24 में ₹1,737 करोड़ था। पूरे FY25 में कंपनी का कुल खर्च ₹7,992 करोड़ रहा।
घाटे की बात करें तो, BrainBees का Q4 FY25 में घाटा ₹75 करोड़ रहा — यह पिछले साल की तुलना में 74% ज्यादा है।
हालांकि, पूरे वित्तीय वर्ष के स्तर पर FY25 में कंपनी का घाटा ₹215 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹321 करोड़ से कम है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस आंकड़े में ₹37 करोड़ के exceptional items को शामिल नहीं किया गया है।
📉 स्टॉक मार्केट पर असर
BrainBees ने स्टॉक एक्सचेंज पर ₹446 के इश्यू प्राइस पर लिस्टिंग की थी। लेकिन 26 मई 2025 को इसका शेयर ₹376.5 पर ट्रेड कर रहा है, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹19,631 करोड़ पर आ गया है।
यह गिरावट निवेशकों के लिए थोड़ा निराशाजनक हो सकती है, खासकर तब जब घाटा बढ़ रहा हो और लाभप्रदता (profitability) की कोई स्पष्ट समयरेखा सामने न हो।
📌 क्या कहता है यह डेटा?
FirstCry का बिज़नेस मॉडल ओम्नीचैनल रिटेल पर आधारित है — यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म से बिक्री करना। भारत जैसे विविधता वाले देश में यह मॉडल काफी सफल रहा है, खासकर बच्चों की जरूरतों पर केंद्रित ब्रांड के लिए।
हालांकि, बढ़ते खर्च और लाभ में कमी इस बात की ओर इशारा करते हैं कि लॉन्ग टर्म स्केलेबिलिटी के लिए कंपनी को खर्चों पर नियंत्रण और प्रॉफिटेबल ग्रोथ पर ध्यान देना होगा।
🤔 आगे की राह
BrainBees ने अभी तक FY26 के लिए कोई भविष्यवाणी नहीं की है, लेकिन मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए यह स्पष्ट है कि:
- कंपनी को ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर काम करना होगा।
- मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी खर्च को ऑप्टिमाइज़ करना ज़रूरी होगा।
- GlobalBees जैसे सब्सिडियरी मॉडल्स से नए रेवेन्यू चैनल्स को और बेहतर बनाना होगा।
🧠 निष्कर्ष
FirstCry और उसकी पैरेंट कंपनी BrainBees ने बच्चों के रिटेल मार्केट में अपनी जगह पक्की की है, लेकिन अब अगला फोकस होना चाहिए — प्रॉफिटेबल ग्रोथ।
एक तरफ रेवेन्यू लगातार बढ़ रहा है, दूसरी तरफ बढ़ते खर्च और घाटा कंपनी के सामने चुनौती के रूप में खड़े हैं।
क्या BrainBees आने वाले वर्षों में लाभ में बदलाव ला पाएगी? निवेशक और इंडस्ट्री दोनों की नजर इस पर टिकी है।
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